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Bihar Land Mutation: दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी, DCLR के पास पहुंचा लेटर; DM करेंगे निगरानी

Dainik Jagran - March 1, 2025 - 6:00am

राज्य ब्यूरो, पटना। बिना ठोस कारण के अस्वीकृत किए गए दाखिल-खारिज (Bihar Jamin Dakhil Kharij) के मामलों के निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। इसके लिए विभाग ने एक पत्र भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) को दिया है। जिलाधिकारियों को कहा गया है वे इस पर निगरानी रखें।

पत्र में कहा गया है कि अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के जिन मामलों को मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचल अधिकारी को पुनः सुनवाई का आदेश दें।

आवेदन पत्र के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकबा घटाया जाना है, उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होते हैं। ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के न्यायालय में अपील का प्रविधान है।

बिना मेरिट के पेंडिंग हैं मामले

विभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा ऐसे मामले में बिना मेरिट पर विचार किए अधिक समय तक लंबित रखा जाता है। इससे रैयतों को अनावश्यक परेशानी होती है। विभाग की बदनामी भी होती है। ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर मार्च, 2025 तक निष्पादन करने का आदेश पत्र में दिया गया है।

पदभार ग्रहण करने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को अस्वीकृत करने और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा उन्हें स्वीकृत करने के मामले पर चिंता जताई।

उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस प्रकार के मामलों की विभाग जांच कराए और इस प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाए। पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री को विभाग की विभिन्न सेवाओं के बारे में संक्षेप में जानकारी दी।

मिशन मोड में काम करें अधिकारी-कर्मचारी: संजय सरावगी

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि वे इस विभाग की कार्य प्रणाली को पूर्ण पादर्शी बनाएंगे।शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियाें से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग की सेवाओं का समय-सीमा के भीतर निष्पादन हो, क्योंकि यह विभाग आम लोगों से जुड़ा है। हर वर्ग के लोग इस विभाग की गतिविधियों से प्रभावित होते हैं।

सरावगी ने मंत्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय नेतृत्व सहित सहित प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मंत्री पद मेरे जैसे पार्टी के कार्यकर्ता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी, चुनौती और सम्मान है। पार्टी ने मुझपर जितना भरोसा करके यह जिम्मेदारी सौंपी है, मेरा पूर्ण प्रयास होगा कि मैं अपनी पूरी क्षमता और अनुभव से अपने विभाग को माध्यम बनाकर बिहार की जनता की सेवा कर सकूं।

ऐसा करने में मैं प्रधानमंत्री की नीतियों, विजन और मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेवा के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा। राज्य में चल रहे भूमि सुधारों के साथ साथ विभाग के काम में पारदर्शिता लाने का प्रयास करूंगा, ताकि जनता का जीवन सरल सुगम और सुलभ बन सके।

उन्होंने कहा कि वे पार्टी के विश्वास और जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विभाग के सभी पदाधिकारी और कर्मियों को मिशन मोड में पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करना होगा।

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Bihar News: फतुहा में घर में लगी आग, युवक को बचाने में 8 लोग झुलसे; घर से आ रही थी केरोसिन की गंध

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 11:45pm

संवाद सूत्र, फतुहा। नदी थाना अंतर्गत सबलपुर फतेहजामपुर गांव के एक घर में आग लगने से महिला समेत आठ लोग झुलसकर घायल हो गए। मौके पर पहुंची नदी थाने की पुलिस ने घायलों को पीएमसीएच भेज दिया, जहां चार लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।

घायलों में चार लोग एक ही परिवार के हैं। बताया जा रहा है कि रसोई गैस के सिलेंडर विस्फोट से आग लगी। घायल आठ मरीजों को पीएमसीएच में शुक्रवार की दोपहर इमरजेंसी स्थित बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया।

इनमें सात लोगों की हालत गंभीर है, जबकि एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों की उम्र 25 से 40 साल के बीच है।

कोई 100 तो कोई 85 प्रतिशत तक जला 

घायलों में दो 100, दो 98, दो 95, एक 85 फीसदी जला है। घायलों में दो महिला और छह पुरुष हैं। घायल भर्ती मरीजों में गुड़िया देवी, मुकेश चौधरी, प्रमोद ठाकुर, जे कुमार, अर्जुन चौधरी, शांति देवी, राकेश कुमार, राजेश कुमार शामिल हैं।

घायल महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुड़िया 98 तो शांति देवी 100 फीसदी जल गई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक जल जाने से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। उपचार चल रहा है। 

आसपास के लोगों ने बताया कि अर्जुन चौधरी के पुत्र ने शोर मचाया। युवक के चिल्लाने की आवाज सुनकर घर के साथ-साथ आसपास के लोग पहुंचे तो देखा कि राकेश चौधरी चारों तरफ आग की लपेट से घिरा हुआ है। 

उसे बचाने के लिए उसके पिता अर्जुन चौधरी, मां शांति देवी, भाई मिथलेश चौधरी तथा पास के राजेश चौधरी, प्रमोद ठाकुर, गुड़िया देवी, तन्नू कुमारी सभी आग की चपेट में आ गये और झुलसकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल आगलगी की सूचना फायर बिग्रेड को दी।

आग पर पा लिया गया काबू

सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। फतुहा डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि फतेहजामपुर गांव में एक घर में आग लगी है, जिसमें सात से आठ लोग झुलस गये हैं। सभी घायलों को पीएमसीएच भेजा गया।

आग घर में कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। इस आगलगी से घर का हजारों का सामान भी जलकर नष्ट हो गया। घर से केरोसिन की दुर्गंध निकल रही थी। जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। घटना की जांच की जा रही है।

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बिहार का सबसे अमीर और सबसे गरीब जिला कौन-सा है? सामने आई नीतीश सरकार की चौंकाने वाली रिपोर्ट

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 10:06pm

राज्य ब्यूरो, पटना। पूरे बिहार में अर्थव्यवस्था की गति एक समान नहीं है। ऐसा होता भी नहीं है। बिहार तो वैसे भी उपभोक्ता प्रदेश है। ऐसे में उपभोग की कमोबेश मात्रा गरीबी-अमीरी के अंतर को और बढ़ा देती है।

इसी कारण कुछ जिले विकास की राह पर तेज दौड़ रहे तो कुछ पिछड़ जा रहे हैं। जैसे कि पटना और शिवहर। पटना बिहार का सबसे अमीर जिला है, लेकिन शिवहर को यह सौभाग्य नहीं। शिवहर सबसे गरीब जिला है।

राज्य के भीतर आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विषमता का आकलन सकल जिला घरेलू उत्पाद व निवल जिला घरेलू उत्पाद के आधार पर होता है। इस आंकड़े में आगे रहने वाले जिले संपन्न माने जाते हैं और पिछड़ जाने वाले विपन्न।संपन्नता का यह पैमाना पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की खपत और लघु बचत से निर्धारित होता है।

अमीर और गरीब जिले

इन सारे सूचकांकों के आधार पर पटना सबसे समृद्ध जिला है। अमीरी में बेगूसराय और मुंगेर जिला क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। गरीबी के संदर्भ में क्रमश: यही क्रमांक सीतामढ़ी और अररिया का है।

पटना की प्रति व्यक्ति आय 121396 रुपये हैं। बेगूसराय और मुंगेर की क्रमश: 49064 और 46795 रुपये। शिवहर के संदर्भ में यह 19561 रुपये है। सीतामढ़ी की प्रति व्यक्ति आय 21931 रुपये है तो अररिया की 22204 रुपये।

  • अमीर जिले : पटना, बेगूसराय, मुंगेर क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर
  • गरीब जिले : शिवहर, सीतामढ़ी, अररिया क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर
  • पेट्रोल की खपत : पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया आगे, लखीसराय, बांका, जहानाबाद पीछे
  • डीजल की खपत : पटना, शेखपुरा, औरंगाबाद आगे, शिवहर, सिवान, गोपालगंज पीछे
  • एलपीजी की खपत : पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज आगे, अररिया, बांका, किशनगंज पीछे
आर्थिक समीक्षा की मुख्य रिपोर्ट : एक दशक में 3.5 गुना बढ़ी बिहार की अर्थव्यवस्था

कई तरह के उतार-चढ़ाव को झेलते हुए भी बिहार की विकास दर लगातार दोहरे अंक में बनी हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट ऐसा बता रही। बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विधान मंडल में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। उसके उपरांत प्रेस-वार्ता में उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ से साढ़े तीन गुना बढ़कर 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय वृद्धि दर की तुलना में बिहार के विकास की दर अधिक रही है।

दूसरी बार आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले सम्राट के पास वित्त विभाग का दायित्व भी है। विकास दर में वृद्धि को उन्होंने केंद्रीय सहायता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व का प्रतिफल बताया। दावा किया कि बिहार विकास दर के मामले में देश में तेलंगाना के बाद दूसरे स्थान पर है। वह भी 0.3 प्रतिशत के मामूली अंतर से। 2023-24 के लिए वर्तमान मूल्य पर बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 854429 करोड़ रुपये अनुमानित है।

पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह वृद्धि 14.5 प्रतिशत की होती है। इसी अवधि में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रति व्यक्ति आय 66828 रुपये अनुमानित है। यह अनुमान वर्तमान मूल्य पर है। स्थिर मूल्य पर यह राशि 7.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 36333 रुपये बनती है।

तृतीयक क्षेत्र का योगदान अधिक, दारोमदार कृषि पर:

अर्थव्यवस्था में तृतीयक क्षेत्र यानी व्यापार और सेवा क्षेत्र का योगदान 59 प्रतिशत के लगभग होगा, लेकिन आज भी सर्वाधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। कोरोना-काल में विकास दर में आई गिरावट के बीच इसी क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को संभाला था। अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है।

धान-गेहूं के साथ मक्का का उत्पादन लगातार बढ़ रहा और आम-लीची के बागानों का रकबा भी। कृषि क्षेत्र को सरकार का प्रश्रय है। इसका प्रमाण बिजली है। कुल खपत में कृषि में बिजली की खपत 2023-24 में 17.6 प्रतिशत रही, जो 2019-20 में 4.3 प्रतिशत थी।

सामाजिक सेवाओं पर खूब खर्च कर रही सरकार:

सम्राट ने बताया कि राजकोषीय संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन से कई विकासमूलक लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही। इसके साथ ही सरकार के राजस्व व पूंजीगत लेखों में भी बढ़ोतरी हो रही है। यानी कि इन मदों पर व्यय बढ़ रहा है। यह बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए सुखद संकेत है। वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच पूंजीगत व्यय मेंं तिगुना बढ़ोतरी हुई है।

इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार संसाधनों के निर्माण पर अधिक खर्च कर रही। भविष्य में रिटर्न इन्हीं संसाधनों के बूते मिलता है। बहरहाल बजट का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवाओं पर खर्च हो रहा, जो सरकार की जन-कल्याणकारी अवधारणा को स्पष्ट करता है। 2023-24 में यह खर्च बढ़कर 83225 करोड़ हो गया है, जो 2019-20 में 57816 करोड़ रुपये था।

एसजीडीपी (रुपये में) वित्तीय वर्ष वर्तमान मूल्य स्थिर मूल्य 2011-12 247144 247144 2012-13 282368 256851 2013-14 317101 269650 2014-15 343951 279482 2015-16 371602 296488 2016-17 421051 318797 2017-18 468746 344028 2018-19 527976 381383 2019-20 581855 398329 2020-21 567814 368970 2021-22 647394 387256 2022-23 746417 425384 2023-24 854429 464540

(नोट : 2022-23 का अनंतिम अनुमान है और 2023-24 का त्वरित अनुमान)

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Bihar Jobs 2025: चुनाव से पहले मेहरबान नीतीश सरकार, 12 लाख युवाओं को मिलेगी सरकारी नौकरी

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 9:30pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुक्रवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां के अभिभाषण के साथ आरंभ हो गया। दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नीतीश सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

सेंट्रल हॉल में आयोजित संयुक्त अधिवेशन में उन्होंने कहा कि इस वर्ष चुनाव की घोषणा के पहले राज्य में युवाओं को 10 लाख की जगह 12 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी।

इसी प्रकार से रोजगार सृजन के तहत अब तक 10 लाख की जगह 24 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले ही राज्य में 34 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, अभी तक नौ लाख 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।

लगभग आधे घंटे के अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि पहली फरवरी 2025 को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में बिहार के विकास में सहयोग के लिए मखाना बोर्ड का गठन, राज्य में नये हवाई अड्डों का निर्माण, पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक सहायता, पटना आईआईटी का विस्तार और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना की घोषणा की गई है।

केंद्र सरकार ने की थी विशेष आर्थिक मदद की घोषणा

बिहार के लिए केंद्र सरकार ने विशेष आर्थिक मदद की घोषणा की थी। इसमें बिहार की सड़क परियोजनाओं, विद्युत परियोजनाओं, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, खेल-कूद के विकास और पर्यटन स्थलों के विकसित करने के लिए विशेष सहायता की घोषणा की गई थी।

बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना और सिंचाई परियोजना के लिए भी मदद देने की घोषणा की गई थी।राज्यपाल ने बताया कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित है। साथ ही लगातार विकास का काम हो रहा है।

राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

राज्य सरकार ने सुशासन और न्याय के साथ विकास पर जोर दिया है। राज्य के सभी क्षेत्रों का विकास और सभी वर्गों का उत्थान इसमें शामिल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पेयजल के क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि राज्य में अब किसी तरह के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सरकार द्वारा अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्ता के संधारण के लिए हर थाने के कार्य को दो हिस्सों में जैसे पहला केसों के अनुसंधान और दूसरा विधि-व्यवस्था के संधारण में बांट दिया गया है। राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़कर 1 लाख 10 हजार हो गई है, जिसमें महिलाएं 30 हजार हैं।

पुलिस के 21 हजार 391 रिक्त पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। सरकार पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाने जा रही है। इसके लिए 2 लाख 27 हजार से भी अधिक नए पदों का सृजन कर तेजी से पुलिस की बहाली की जा रही है।

थानों की संख्या बढ़ाकर 1380 हो गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल 112 की इमरजेंसी सेवा प्रारंभ की गई है।

राज्यपाल के अभिभाषण के समय विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित सभी दलों के विधायक और विधान परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

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Earthquake: भारत में बार-बार क्यों आ रहा भूकंप? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह, आप भी हो जाएं अलर्ट

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 9:23pm

नीरज कुमार, पटना। भारत के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी देश नेपाल में बार-बार भूकंप आने की प्रवृति ने लोगों में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। बार-बार भूकंप आने का मुख्य कारण प्लेटों का खिसकना माना जा रहा है। वर्तमान में देश का प्रायद्विपीय भाग औसतन दो सेंटीमीटर की गति से प्रतिवर्ष हिमालय की ओर बढ़ रहा है।

इससे हिमालय पर्वतमाला धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठ रहा है। पिछले 50 वर्षों में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई में लगभग 0.7 मीटर की वृद्धि हुई है। 1970 के आसपास माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर मापी गई थी।

पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में हो रहा बदलाव

राजधानी के एएन कॉलेज के अवकाश प्राप्त शिक्षक एवं भूगोलवेता प्रो. नुपूर बाेस का कहना है कि पृथ्वी के चुबंकीय क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। इससे प्लेटों में काफी हलचल देखा जा रहा है। पृथ्वी के आंतरिक भाग में हलचल होने का प्रभाव सतह पर भूकंप के रूप में देखा जा रहा है। गनीमत है कि छोटे-छाेटे भूकंपों के माध्यम से पृथ्वी के आंतरिक भाग में दबाव कम हो जा रहा है।

अगर लंबे समय तक कोई भूकंप नहीं आता है तो कोई बड़ा भूकंप भी आ सकता है, जिसे काफी तबाही मच सकती है। 1934 में बिहार में बहुत बड़ा भूकंप आया था, इससे प्रदेश में काफी नुकसान हुआ था। उसके बाद से बिहार के उत्तरी भाग यानी नेपाल में अक्सर भूकंप का आगमन हो रहा है। उसकी तीव्रता सामान्यत: पांच से लेकर सात के आसपास देखी जा रही है।

घरों के आसपास खाली जगह रखना जरूरी

भूकंप की दृष्टि से शहरों में आवासीय परिसर के आसपास खाली जगह भरते जा रहे हैं। शहरों में अपार्टमेंट कल्चर का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ रहा है।

ऐसे में जरूरी है कि घरों के आसपास कुछ भाग खाली रखें, ताकि भूकंप आने पर घरों से बाहर निकलकर खाली जगह पर खड़ा हो सकें। तेज भूकंप आने पर सबसे ज्यादा खतरा अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को होता है।

सिंधू से लेकर ब्रह्मपुत्र तक मैदानी भाग
  • भारत में उत्तर में सिंधू नदी से लेकर गंगा एवं पूर्वोत्तर में ब्रह्मपुत्र नद तक के क्षेत्र को मैदानी भाग माना जाता है। यह भाग नदियों के गाद आदि से बना है, जबकि प्रायद्विपीय भाग अत्यंत कठोर है।
  • भूकंप आने पर सबसे ज्यादा खतरा देश के मैदानी भाग को ही है। इस इलाके में जब भी तेज गति का भूकंप आता है, इमारतें भरभराकर गिरने लगती है। इससे जान-माल के नुकसान होने का खतरा रहता है।

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Patna Airport: पटना एयरपोर्ट से कब मिलेगी इंटरनेशनल फ्लाइट, नए टर्मिनल पर भी आया लेटेस्ट अपडेट

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 8:20pm

जागरण संवाददाता, पटना। जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र, जिसे पटना एयरपोर्ट (Patna Airport) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। वर्ष 1999 तक काठमांडू (नेपाल) के लिए पटना एयरपोर्ट से विमान सेवा थी। दिल्ली-काठमांडू फ्लाइट के हाइजैक होने के बाद से पटना एयरपोर्ट से वहां के लिए विमान सेवा बंद कर दी गईं।

26 वर्षों से पटना एयरपोर्ट नाम का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन कर रह गया है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) एवं अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आइएटीए) ने अब तक दर्जा नहीं छीना। यही कारण है कि दो दशक बाद इसे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।

हालांकि, रनवे का विस्तार नहीं किए जाने की वजह से निकटतम भविष्य में पटना एयरपोर्ट से विदेशों के लिए फ्लाइट के उड़ान भरने की संभावना नजर नहीं आती। अलबत्ता, छोटे देश जैसे नेपाल के लिए विमान सेवा फिर से शुरू की जा सकती है। अब भी इस हवाईअड्डा की गिनती घरेलू (डोमेस्टिक) एयरपोर्ट में ही होती है। देशभर के व्यस्ततम हवाईअड्डे में पटना एयरपोर्ट 15वें स्थान पर है। यहां सीमा शुल्क विभाग के भी अधिकारी तैनात हैं।

क्षेत्रफल में किया गया विस्तार

वर्ष 2018 में पटना एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना तैयार की गई थी। कोरोनाकाल में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद काम में तेजी आई। पुराना टर्मिनल भवन 7,200 वर्ग मीटर में था। इसका क्षेत्रफल बढ़ा कर 57 हजार वर्ग मीटर हो जाएगा। इसके कंक्रीट पेव्ड उड़ान पट्टी की लंबाई 6,900 फीट है, जबकि रनवे सात हजार फीट लंबा है। इस वजह से यहां विमानों की सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो पाती।

सामान्य तौर पर विमान 2.5 डिग्री के क्षितिज पर लैंड कराए जाते हैं, लेकिन पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा होने के कारण तीन डिग्री क्षितिज पर लैंडिंग करानी पड़ती है। यह जोखिम भरा होता है। दूसरी ओर पटना एयरपोर्ट की बाउंड्री के बाद रेल पटरी है, जहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। मांस-मछली की भी दुकानें हैं। ऐसे में बर्ड-हिट की घटनाएं भी होती हैं।

बढ़ जाएगी विमानों की आवाजाही

नए टर्मिनल भवन से यात्रियों की आवाजाही के बाद पुराना टर्मिनल भवन तोड़ा जाएगा। जहां अभी पुराना टर्मिनल है, वहां विमानों की पार्किंग होगी। अभी सिर्फ चार विमान एक साथ खड़े हो सकते हैं। विस्तार के बाद 14 विमानों की पार्किंग संभव है। छह एरोब्रिज भी बनाए जाएंगे।

सबसे पहले नए एटीसी टावर का संचालन शुरू हुआ। यह बीआइसी परिसर से सटा है। इसके बाद कार्गो टर्मिनल की शुरुआत की गई। मल्टी लेवल पार्किंग बनकर तैयार है, लेकिन नए टर्मिनल भवन से संचालन शुरू होने पर उसका उपयोग किया जाएगा।

दस वर्षों में तीन गुना हुई यात्रियों की संख्या

आंकड़ों पर गौर करें तो दस वर्षों में पटना हवाईअड्डे से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या तीन गुना बढ़ गई। वर्ष 2011-12 में यात्रियों की वार्षिक संख्या 10 लाख 21 हजार 544 थी, जो वर्ष 2023-24 में 34 लाख 40 हजार 450 तक पहुंच गई। इसी तरह एयर ट्रैफिक मूवमेंट भी दो गुना बढ़ा है।

पांच वर्ष पहले तक गो-एयर की सबसे अधिक फ्लाइटें थीं। अब सर्वाधिक फ्लाइटें इंडिगो की हैं। हाल में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का परिचालन भी यहां से शुरू हुआ है। इससे माल लदान में भी बढ़ोतरी हुई है। दस वर्षों में सबसे अधिक माल ढुलाई 12 हजार 409 मैट्रिक टन दर्ज की गई है।

अभी 35 से 50 मिनट ही रुक पाते हैं विमान
  • पटना एयरपोर्ट पर कम सुविधाएं होने के कारण विमान 35 से 50 मिनट तक ही रुक पाते हैं। नया टर्मिनल शुरू होने के बाद इसका समय बढ़ जाएगा। इससे ट्रांजिट निरीक्षण, रखरखाव समेत अन्य आवश्यक काम आसान हो जाएंगे।
  • नए टर्मिनल में खास सुविधाएं होंगी, जैसे रात में विमानों का ठहराव, धुलाई और रखरखाव, पार्किंग आदि। विमानों के शौचालय की सफाई के लिए भूमिगत सीवरेज सिस्टम बन गया है।

अप्रैल में उद्घाटन की तैयारी

1,216 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अप्रैल में इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है। इलेक्ट्रिक का काम सुचारू रहने के साथ सेंट्रलाइज्ड एसी की टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है। हालांकि, लोकापर्ण के एक महीने बाद काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद एयरोब्रिज और पार्किंग बे का निर्माण होगा।

दीवारों पर पुट्टी का काम लगभग समाप्त कर लिया गया है। लकड़ी का भी चल रहा है। इसके बाद दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग की जाएगी। इस नए टर्मिनल में व्यस्त समय में 4,500 यात्रियों के एक साथ आवागमन की सुविधा होगी। अभी 1,300 यात्री एक साथ आ-जा सकते हैं।

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Bihar Politics: तेजस्वी ने नीतीश के बेटे निशांत को बताया अपना भाई, बोले- अगर वो राजनीति में आएं तो...

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 8:01pm

राज्य ब्यूरो, पटना। निशांत कुमार को अपना भाई बताते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि उनके (निशांत) राजनीति में आने से जदयू के जीवित रहने की संभावना बनेगी। हालांकि, यह संभावना इस पर निर्भर करेगी कि निशांत पार्टी के लिए कैसे काम करते हैं।

तेजस्वी यादव ने कहा, मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि वे अविलंब राजनीति में आएं, अन्यथा शरद यादव द्वारा बनाए गई जदयू को भाजपा समाप्त कर देगी। तेजस्वी के इस उल्लेख में भी एक राजनीतिक कटाक्ष है। राजनीति के अंतिम दिनों में शरद अपनी पार्टी के साथ राजद में मिल गए थे।

नीतीश की इकलौती संतान हैं निशांत

50 वर्षीय निशांत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इकलौती संतान हैं। जदयू के भीतर का एक वर्ग चाहता है कि वे सक्रिय राजनीति में आएं। इस उद्देश्य से पिछले दिनों पटना में जहां-तहां पोस्टर-होर्डिंग्स भी लगाए गए थे।

तेजस्वी राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के अघोषित नेता हैं, जो निशांत के प्रकरण में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए स्वयं को तुलना से रोक नहीं पाए।

'मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया...'

तेजस्वी ने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया, क्योंकि मेरे माता-पिता ने ऐसा करने के लिए कहा था, बल्कि इसलिए कि बिहार के लोगों और राजद कार्यकर्ताओं को मेरी आवश्यकता थी।

'JDU पर कब्जा करना चाहता है RSS'

इसी के साथ उन्होंने भाजपा पर अंगुली भी उठा दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के कुछ नेता गोपनीय बैठक कर यह रणनीति बना रहे कि किसी भी हालत में निशांत राजनीति में न आएं, ऐसा इसलिए, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि जदयू पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया जाए।

'हमारे पास विजन भी और रीजन भी'

इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया और विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दंभ भी भर दिया।

तेजस्वी ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आएं, योगी आदित्यनाथ या कोई और, बिहार की जनता जागरूक हो चुकी है। हमें जनता से एक अवसर चाहिए। हमारे पास विजन भी है और रीजन भी।

नौकरी के बदले भूमि घोटाला के मामले में कोर्ट के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा, इसे कोर्ट में रहने दीजिए। जब चुनाव आयोग भाजपा का ''चीयरलीडर'' बन गया है, तो हम ईडी और आयकर के बारे में क्या कह सकते हैं!

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Holi 2025 Date: 14 या 15 मार्च... किस दिन खेली जाएगी होली? एक क्लिक में दूर करें कन्फ्यूजन

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 7:31pm

जागरण संवाददाता, पटना। होली को लेकर (Holi 2025 Date) लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। मिथिला व बनारस पंचांग के अनुसार, 13 मार्च गुरुवार को होलिका दहन है। फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा दो दिन होने से हो होलिका दहन के एक दिन बाद होली का पर्व मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत 13 मार्च गुरुवार को तथा स्नान-दान की पूर्णिमा 14 मार्च शुक्रवार को होगी।

फाल्गुन की पूर्णिमा गुरुवार की सुबह 10.11 बजे से आरंभ हो रही है और भद्रा भी उसी समय से आरंभ हो रहा है। भद्रा गुरुवार की रात 10.47 बजे तक रहेगा। 14 मार्च शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि दोपहर 11.22 बजे तक ही है।

रंगोत्सव का पर्व होली उदय व्यापिनी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में मनेगा। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 15 मार्च शनिवार को होली का पर्व मनेगा। होली के दिन सुबह 7.46 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र इसके बाद हस्त नक्षत्र पूरे दिन रहेगा।

ज्योतिष आचार्य ने बताया होली का मुहूर्त

ज्योतिष आचार्य राकेश झा ने ज्योतिष शास्त्र के हवाले से बताया कि होलिका दहन को लेकर शास्त्रों में तीन नियम बताए गए हैं। पहला पूर्णिमा तिथि, दूसरा भद्रा मुक्त काल व तीसरा रात्रि का समय होना चाहिए। भद्रा में होलिका दहन करना वर्जित है। 13 मार्च की रात में पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी तथा भद्रा की रात्रि 10.47 बजे खत्म होगा।

भद्रा समापन के बाद गुरुवार 13 मार्च को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन होगा। होलिका के अगले दिन 14 मार्च को सूर्योदय कालीन पूर्णिमा, स्नान दान की पूर्णिमा के साथ कुल देवता को सिंदूर अर्पण किया जाएगा।

कैसे होगी होलिका की पूजा?

होलिका दहन के दिन होलिका की पूजा में अक्षत, गंगाजल, रोली, चंदन, मौली, हल्दी, दीपक, मिष्ठान आदि से पूजन करने के बाद उसमें कर्पूर, तिल, धूप, गुगुल, जौ, घी, आम की लकड़ी, गाय के गोबर से बने उपले (गोइठा) डाल कर सात बार परिक्रमा करने से परिवार की सुख शांति, समृद्धि में वृद्धि, नकारात्मकता का ह्रास, रोग-शोक से मुक्ति व मनोकामना की पूर्ति होती है।

होलिका जलने के बाद उसमें चना या गेहूं की बाली को पका कर प्रसाद स्वरूप ग्रहण करने से स्वास्थ्य अनुकूल, दीर्घायु, एश्वर्य में वृद्धि होती है। होलिका दहन की भस्म को पवित्र माना गया है।

होली के दिन यह काम जरूर करें

होली के दिन संध्या बेला में भस्म लगाने से सुख-समृद्धि और आयु में वृद्धि होती है। शास्त्रोचित मत से होली में लाल, पीला व गुलाबी रंग का ही प्रयोग करना चाहिए। रंगों का पर्व होली भारतीय सनातन संस्कृति में अनुपम और अद्वितीय है। यह पर्व प्रेम तथा सौहार्द का संचार करता है।

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'चाबी लेंगे तभी ताला खुलेगा', मांझी ने नीतीश के सामने रख दी डिमांड; सम्राट बोले- खून भी देना पड़ा...

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 7:13pm

राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गांधी मैदान में आयोजित दलित समागम रैली में कहा कि दलितों को शैक्षणिक आधार पर वर्गीकृत कर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। अनुसूचित समाज में कई ऐसी उपजातियां हैं जिनकी साक्षरता दर महज सात से आठ प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि 20% से कम साक्षर लोगों को अलग वर्गीकृत कर आरक्षण दिया जाए और 20% से अधिक साक्षर लोगों को अलग आरक्षण मिले। मांझी ने कहा कि राजनीति चाभी है और विकास ताला। चाबी लीजिएगा तभी ताला खुलेगा।

मांझी ने कहा, हमारी एससी-एसटी की आबादी सबसे अधिक 30 प्रतिशत है। यह 30 प्रतिशत आबादी एक हो गई तो 2025 के चुनाव में अपने मन की सरकारी बनेगी। देखिए, कौन आगे बढ़ा रहा है, उसे एकजुट होकर वोट दीजिए।

'मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में...'

मांझी ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कई निर्णय लिए मगर वह लागू नहीं हुए। मेट्रो का विचार मेरी सरकार में ही मंत्री रहे सम्राट चौधरी ने दिया। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन हो, मेरी सरकार में मसौदा आया मगर न जाने कहां चला गया। भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने का निर्णय लिया गया मगर तीन डिसमिल जमीन ही मिल रही, उसमें भी 80 प्रतिशत पर दबंगों का कब्जा है।

उन्होंने कहा कि बिहार में भूमि सुधार का काम नहीं हुआ अगर होता तो करीब 11 लाख भूमिहीन हैं, सभी के पास एक-एक एकड़ जमीन मिल जाएगी।लड़कियों को मुफ्त व्यावसायिक पढ़ाई की सुविधा मिले। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग बनाया जाए। राजनीति में दलित समाज को एक होने की जरूरत है। 2025 में एकजुट होकर निर्णय लीजिए।

दलित समागम पहुंचे नीतीश, कहा- बधाई देने आया हूं

दलित समागम रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ थोड़ी देर के लिए पहुंचे। करीब एक बजे रैली के मंच पर उनके पहुंचते ही भीड़ ने नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान जीतन राम मांझी ने खड़े होकर नीतीश का स्वागत किया तो संतोष सुमन ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

उन्होंने मंच से कहा कि मैं आप सभी को नमन करता हूं। आज पार्टी की मीटिंग हो रही है, यह जानकारी मिली तो हम आप सभी को बधाई देने के लिए आए हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री वापस चले गए। बाद में जीतन राम मांझी ने अपने भाषण के दौरान कहा भी कि चूंकि यह एनडीए की बैठक नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री आए और आकर चले गए।

अब दलित बच्चों को मिलेगी दोगुनी राशि: सम्राट चौधरी

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दलित समागम रैली में करीब एक घंटे तक रहे। इस दौरान उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि अभी तक दलित बच्चों को जितनी राशि दी जाती है, अब उससे दोगुनी राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से आने वाले बजट में इसका प्रविधान किया गया है।

सम्राट ने कहा कि अभी 36 सीटों पर दलित समाज के लोग चुनाव लड़ते हैं। आरक्षण बढ़ा तो 2029 में 70 लोग दलित समाज से आएंगे। उन्होंने कहा कि दलित समाज के लिए खून भी देना पड़े तो सम्राट चौधरी पीछे नहीं हटेगा।

इसके पूर्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि दलित-महादलित सभी एक हैं। यहां कोई जाति-उपजाति नहीं है। दलित एकजुट होकर एनडीए को मजबूत करेंगे और 225 से ज्यादा सीट लाएंगे।

रैली को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक ज्योति मांझी, दीपा मांझी, प्रफुल्ल मांझी, मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण आदि ने भी संबोधित किया।

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Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर, विभाग ने जारी की दूसरी लिस्ट; 187 नाम शामिल

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 5:17pm

जागरण संवाददाता, पटना। बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने शिक्षकों के ट्रांसफर पर बड़ा फैसला किया है। विभाग ने ट्रांसफर की दूसरी लिस्ट जारी कर दी गई है। दूसरी लिस्ट में 187 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है। बता दें कि राज्य के 1 लाख 90 हजार से अधिक शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए विभाग को आवेदन दिया था।

बता दें कि हाल ही में शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में विभागीय स्थापना समिति की बैठक में शिक्षकों के ट्रांसफर पर फैसला लिया गया।

इस बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक पंकज कुमार, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक योगेन्द्र सिंह, प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक संजय कुमार चौधरी और माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी मौजूद थे।

आप शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट नीचे देख सकते हैं-

नोट- इस खबर को लगातार अपडेट किया जा रहा है। हम अपने सभी पाठकों को पल-पल की खबरों से अपडेट करते हैं। हम लेटेस्ट और ब्रेकिंग न्यूज को तुरंत ही आप तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रारंभिक रूप से प्राप्त जानकारी के माध्यम से हम इस समाचार को निरंतर अपडेट कर रहे हैं। ताजा ब्रेकिंग न्यूज़ और अपडेट्स के लिए जुड़े रहिए जागरण के साथ।

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Bihar Budget: बिहार का बजट सत्र आज से शुरू, इन विधेयकों को मिली राज्यपाल की मंजूरी

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 5:14pm

राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से आरंभ हो गया है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने विधायकों से कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति को तर्कसंगत और मर्यादित भाषा में प्रस्तुत किया जाए, जिससे सदन की गरिमा बनी रहे। सभी सदन की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखें।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वस्थ बहस और तर्क- वितर्क लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन यह आवश्यक है कि चर्चा मर्यादित और परिणामपरक हो।

उन्होंने कहा कि वह सभी सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे सदन में अनुशासन और शिष्टाचार बनाए रखें। हमारी जिम्मेदारी है कि इस सत्र को सार्थक और उपयोगी बनाएं, ताकि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके।

नंदकिशोर ने कहा कि पिछले दिनों बिहार में विधायी निकायों का सबसे बड़ा सम्मेलन यहां सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संवैधानिक मूल्यों और उन्हें आम जन तक पहुंचाने में विधानसभा की भूमिका पर विमर्श हुए। विधायी संस्थाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सर्वसम्मति बनी।

सात नए मंत्रियों का किया अभिनंदन

राज्यों के प्रतिनिधियाें ने अपने-अपने राज्यों की संसदीय प्रक्रियाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री के सहयोग से आयोजन बिना किसी बाधा के पूर्ण हुआ। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सात नए मंत्रियों का भी अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि सदन में प्रक्रिया नियमावली के तहत अपनी बात को उठाएं।

इन विधेयकों को मिली राज्यपाल की मंजूरी

बिहार विधान मंडल के पिछले सत्र में दोनों सदनों से पारित पांच विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिल गयी है। जिन विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिली है, उनमें बिहार विनियोग (संख्या-4) विधेयक 2024, बिहार खेल विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2024 शामिल है।

वहीं, बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2024, बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला विधेयक 2024, तथा बिहार सरकारी परिसर (आवंटन, किराया, वसूली और बेदखली) संशोधन विधेयक 2024 को भी राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।

विधानसभा के बजट सत्र के लिए अध्यासी सदस्यों का मनोनयन

विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के लिए अध्यासी सदस्यों का मनोनयन किया। अमरेंद्र प्रताप सिंह, दामोदर रावत, भूदेव चौधरी, विजय शंकर मिश्रा व ज्योति देवी को अध्याशी सदस्य बनाया गया है।

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Bihar Politics: ...तो तेजस्वी यादव नहीं बनेंगे CM? अपने छोटे बेटे के बारे में ये क्या बोल गईं राबड़ी देवी

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 4:36pm

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। आगामी चुनाव होने से पहले यह 17वीं विधानसभा का अंतिम बजट सत्र है।

नीतीश सरकार इस बजट को आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश करेगी। वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था, बीपीएससी, नौकरी-रोजगार समेत कई अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

राज्यपाल के भाषण में कोई तथ्य नहीं

पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। वहीं, पटना में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्यपाल का जो अभिभाषण हुआ है, उसमें कोई तथ्य नहीं है।

राज्यपाल सिर्फ सरकार का गुणगान कर रहे हैं। बिहार में जितने भी राज्यपाल आए हैं, सभी एक ही तरह का भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि, राज्यपाल ने जो संबोधन किया है उसमें सभी चीजें पुरानी हैं।

बिहार की जनता तय करेगी कौन बनेगा मुख्यमंत्री

वहीं, 2025 में तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा कि जनता तय करेगी कि बिहार का नेतृत्व कौन करेगा? हमारे चाहने से तेजस्वी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।

वहीं, पत्रकारों ने राबड़ी देवी से पूछा कि बीजेपी कह रही है कि तेजस्वी यादव चुनाव से पहले जेल में होंगे। इस पर राबड़ी देवी ने कहा कि भेज दें तेजस्वी यादव को जेल। हम लोग डरने वाले नहीं है। लालू जी भी बेकसूर है। हमारा पूरा परिवार बेकसूर है।

भाजपा सिर्फ हम लोगों को परेशान करती है और फंसाने का काम कर रही है, लेकिन हम लोग डरने वाले नहीं हैं। हम कभी भी जेल जाने से नहीं डरते हैं।

बिहार में अपराधियों का बोलबाला

उन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों का बोलबाला है। हर तरफ चोरी, दुष्कर्म, लूट, हत्या की घटना हो रही है। अपराधियों को जेल में नहीं डाला जा रहा है। इसमें सरकार पूरी तरह फेल हो गई है।

वहीं, बीजेपी द्वारा नीतीश कुमार को सीएम चेहरा से हटाने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा कि वो उनको रखे चाहे हटाएं, यह हमारा मामला नहीं है, यह विपक्ष का मामला है। हमारे लिए बिहार की जनता मुद्दा है।

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PM Awas Yojana: 31 मार्च तक चलेगा पीएम आवास योजना का सर्वे, वेटिंग लिस्ट में शामिल करवाएं अपना नाम

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 3:49pm

जागरण टीम, पटना/गोपालगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रतीक्षा सूची (PM Awas Yojana Waiting List) से छूटे हुए योग्य लाभुकों के सर्वेक्षण का कार्य 10 जनवरी से प्रारंभ है। यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक चलेगा। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। यह पूर्णतः निश्शुल्क है।

उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी के बहकावे में नहीं आएं। निर्धारित मापदंडों के आधार पर योग्य परिवार अपना नाम आवास प्लस सूची (PM Awas Plus List) में शामिल करवा सकते हैं। विशेष जानकारी हेतु अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी या पंचायत-स्तरीय प्राधिकृत कर्मी से संपर्क कर सकते हैं।

पटना में तेजी से हो रहा पीएम आवास सर्वे

जिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया गया कि पटना जिले में आवास योजना के सभी इंडिकेटर्स में अच्छी प्रगति है। द्वितीय किस्त एवं तृतीय किस्त की राशि उपलब्ध कराने में तेजी लाने का निर्देश दिया।

DM ने उपविकास आयुक्त को दिए निर्देश

उपविकास आयुक्त को इसका लगातार अनुश्रवण करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सभी पदाधिकारियों का मुख्य दायित्व है।

डीएम ने कहा कि योजनाओं को अच्छे ढंग से धरातल पर उतारें। आम जनता को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अगर उन्हें कोई शिकायत है तो उसका मेरिट के आधार पर तर्कसंगत ढंग से उचित निष्पादन करें।

पीएम आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने पर होगी प्राथमिकी

प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने पर सीधे प्राथमिकी कराई जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को आदेश दिया है। इसमें जिले में कहीं भी पीएम आवास में चल रहे सर्वेक्षण तथा उसके नाम पर यदि अवैध वसूली किसी भी व्यक्ति की ओर से की जाती है तो उस पर अविलंब प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया है।

बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने बुधवार को पत्र जारी करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत परिवारों के चल रहे सर्वेक्षण आदि में अवैध वसूली का मामला गंभीरता से लिया है।

पत्र में बताया गया है कि सर्वेक्षण कार्य में सर्वेयर यानी सर्वेक्षण कर्ताओं व बिचौलियों की ओर से गरीब परिवार से अनधिकृत तौर पर राशि वसूली की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि यह विभाग के नियमानुकूल नहीं है। विभाग ने इस पर सख्ती जताते हुए मामले को गंभीर बताया है।

साथ ही इस पर कड़ाई बरतने के साथ-साथ दोषी व्यक्तियों पर अनुशासनिक कार्रवाई का भी निर्देश दिया है। पत्र में सर्वेक्षण के नाम पर राशि लेने के रूप में मामले को चिह्नित करते हुए प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारी को किसी भी परिस्थिति में इस कार्य में निष्पक्षता बरतने का निर्देश दिया गया है।

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Bihar RERA: पटना में बिल्डरों के खिलाफ सख्त हुआ रेरा, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 9:29am

राज्य ब्यूरो, पटना। अब फ्लैट, प्लॉट, दुकान समेत किसी भी तरह के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की खरीद-बिक्री के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य होगा। इसके लिए बिहार रेरा ने सभी निबंधित रियल एस्टेट परियोजनाओं को एक यूनिक क्यूआर कोड प्रदान किया है।

प्रदर्शित करना होगा क्यूआर कोड
  • सभी बिल्डरों और प्रमोटरों को प्राधिकरण को अपनी परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों में इस क्यूआर कोड को प्रदर्शित करना होगा।
  • इसके साथ ही परियोजना से जुड़े दस्तावेजों जैसे ब्रोशर, बुकिंग पत्र, वेबपेज आदि पर भी अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा।
  • इस क्यूआर कोड में रेरा निबंधित उस परियोजना से जुड़ी सभी जानकारी होगी।

बिहार रेरा ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों के द्वारा क्यूआर कोड का उपयोग एक मार्च, 2025 से अनिवार्य हो जाएगा।

रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि क्यूआर कोड का अनुपालन होने से किसी निबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी आसानी से उपलब्ध रहने पर घर, प्लॉट या दुकान खरीदने वालों को किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले सूचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

डिस्प्ले बोर्ड पर भी दिखेगा क्यूआर कोड

बिहार रेरा के आदेश के अनुसार, प्रमोटरों को निबंधित परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों में, जिसमें समाचार पत्र विज्ञापन और सोशल मीडिया विज्ञापन भी शामिल हैं, क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा। परियोजना स्थल पर लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड पर भी यह आवंटित क्यूआर कोड प्रदान करना होगा।

नियम का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई

इस क्यूआर कोड की स्कैनिंग मोबाइल फोन से बहुत आसानी से की जा सकती है। इसका अनुपालन न करने वाले प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस आदेश की एक प्रति रेरा बिहार की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है।

अरवल : संयुक्त श्रम भवन निर्माण के लिए डीएम ने किया जमीन का निरीक्षण

जिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा अरवल अंचल अन्तर्गत मौजा चिरैयॉटाड़ में संयुक्त श्रम भवन निर्माण हेतु चिन्हित भूमि का निरीक्षण भूमि सुधार उप समाहर्ता, अरवल, अंचलाधिकारी, अरवल एवं कनीय अभियंता, भवन निर्माण विभाग के साथ किया गया।

कनीय अभियंता, भवन निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मानक के अनुसार उक्त भवन के निर्माण हेतु 24 हजार वर्ग फीट भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि का माप 10 हजार 800 वर्ग फीट है।

इसलिए जी-1 के भवन के स्थान पर जी-3 या जी-4 भवन का निर्माण किया जा सकता है। जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि उक्त भवन के निर्माण से संबंधित सभी अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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Bihar News: सनातन पर कटाक्ष करने पर चंद्रशेखर खुद निकले भोले बाबा के भक्त, शिवलिंग पर अर्पित करते हैं जल

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 8:50am

राज्य ब्यूरो, पटना। सनातन संस्कृति और देवी-देवताओं के विरुद्ध टिप्पणियां कर पूर्व मंत्री चंद्रशेखर जब-तब सुर्खियां बटोरने का उपक्रम करते रहते हैं। हालांकि, जब अपनी बारी आती है तो वे पूजा-पाठ भी करते हैं। शिवलिंग पर जल चढ़ाते उनका एक वीडियो जारी कर जदयू नेता निखिल मंडल ने राजद के विधायक चंद्रशेखर की कलई खोल दी है।

जदयू नेता ने शेयर किया वीडियो

राजद विधायक चंद्रशेखर जी सही कह रहे है कि ये राजद का मिशन है, क्योंकि इनका मिशन होता तो ये ख़ुद पूजा पाठ करते नहीं दिखते।

दोनों वीडियो को देख आप ख़ुद तय करें कि राजद क्या करना चाह रही है।#MissionRJD pic.twitter.com/Q3WvS5rI7R

— Nikhil Mandal (@nikhilmandalJDU) February 26, 2025

जदयू नेता निखिल मंडल द्वारा इंटरनेट मीडिया पर पूर्व मंत्री चंद्रशेखर के दो वीडियो शेयर किए गए हैं। पहले वीडियों में वे धर्म के विरुद्ध बयान देते नजर आ रहे हैं।

वहीं, दूसरे वीडियो में वे पूजा-पाठ करते दिख रहे हैं। इस वीडियो को देखने से प्रतीत होता है कि हिंदुओं की धार्मिक मान्यताओं और मठ-मंदिर पर चंद्रशेखर की आक्रामक बयानबाजी वस्तुत: वोट की राजनीति है।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता ने साधा निशाना

चंद्रशेखर ने कहा था कि राजद इस सामाजिक कुरीति के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा। इस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी की राय है कि चंद्रशेखर पहले राजद में व्याप्त कुरीतियों से मुक्ति पाएं।

रामचरितमानस और मनुस्मृति आदि पर उनकी नकारात्मक टिप्पणियां सस्ती लोकप्रियता के नमूने हैं और उनका उद्देश्य समाज में विभाजन और विद्वेष फैलाना मात्र है। राजद की राजनीति ही सांप्रदायिक सद्भाव के माहौल में विष घोलने की रही है।

हम का दलित समागम आज, सीएम-डिप्टी सीएम को भी न्योता

हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के दलित समागम में मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री समेत एनडीए नेताओं का भी जुटान होगा। शुक्रवार को गांधी मैदान में आयोजित होने वाली रैली को लेकर देर रात तक तैयारियां जारी रहीं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन खुद पार्टी नेताओं के साथ रैली की तैयारियों का जायजा लेते रहे।

एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा

उन्होंने दावा किया कि राज्य के सभी जिले से दलित, वंचित एवं अनुसूचित जातियों के करीब एक लाख लोग रैली में शामिल होंगे।

संतोष सुमन ने बताया कि दलित समागम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, हम के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ,डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, राष्ट्रीय लोक मार्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा सहित एनडीए के प्रमुख नेता शामिल होंगे।

पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने कहा कि तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समर्थकों के पटना आने का सिलसिला प्रारंभ हो गया है। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार, प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण आदि भी उपस्थित थे।

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Bihar Weather Today: बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, इन 12 जिलों में आंधी के साथ बारिश का अलर्ट

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 7:30am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल रहा है। उत्तर पश्चिम राजस्थान व आसपास इलाकों में चक्रवातीय परिसंचरण का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, दो मार्च से उत्तर-पश्चिम भागों में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभावित करने की संभावना है।

12 जिलों में बदलेगा मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 12 शहरों पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया, नवादा, जमुई व बांका जिले के एक या दो स्थानों पर बादल गरजने के साथ बिजली गिरने की संभावना है। इसे लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

इन जगहों पर 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवा का प्रवाह जारी रहने की संभावना है। पटना सहित अन्य भागों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौसम सामान्य बना रहेगा।

23 शहरों में बढ़ा तापमान

बीते 24 घंटों के दौरान पटना समेत 23 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 16.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 10.5 डिग्री सेल्सियस के साथ मोतिहारी पूर्वी चंपारण में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।

पटना का अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री की वृद्धि के साथ गुरुवार को 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। 30.6 डिग्री सेल्सियस के साथ मधुबनी में सबसे ज्यादा गर्म रहा। राजधानी व आसपास इलाकों में धूप निकलने के साथ कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने से सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा।

प्रमुख शहरों का तापमान शहर
अधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना  29.5 16.6 गया 29.2 14.2 भागलपुर 27.8 15.9 मुजफ्फरपुर 27.0 16.4 तापमान के कहर से फसलों की उत्पादकता होगी प्रभावित

उत्तर बिहार के जिलों में फरवरी के प्रारंभ से ही तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव और तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण रबी की मुख्य फसल गेहूं प्रभावित हो रहा है, जिससे किसान भी काफी परेशान है। युवा से बुजुर्ग किसानों तक का कहना है कि मौसम में इतनी जल्दी बदलाव नहीं देखा गया और इसका प्रभाव सीधे तौर पर कृषि पर पड़ रहा है।

गेहूं सहित अन्य सभी फसल बढ़ते तापमान से कराह रही हैं। इस मौसम में होने वाले सब्जी के बीज भी अंकुरित नहीं हो पा रहे हैं। वहीं खेतों में नमी नहीं रहने के कारण दलहन की फसल मूंग की बुआई भी प्रभावित होने लगी है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के डॉ.ए सत्तार ने बताया कि विलंब से बुआई किए गए गेहूं को यह तापमान प्रभावित करेगा। गेहूं की 1 से 15 नवंबर तक की गई बुआई अधिक प्रभावित नहीं होगी। डॉ. सत्तार ने बताया कि पिछले कई वर्षों से रबी फसल में तापमान में उतार चढ़ाव पाया गया है।

इस वर्ष भी फरवरी में ही बिहार के कई जिलों में 29 से 32 डिग्री तापमान हो गया, जो सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक है।

वहीं अगले चार-पांच दिनों में दो से तीन डिग्री अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान दोनों की बढ़ाने की संभावना है। तापमान की बढ़ोतरी से आम, लीची सहित गर्म सब्जियों पर भी इसका असर पड़ेगा। मौसम वैज्ञानिक ने किसानों को सलाह दिया कि जलवायु अनुकूल एवं मौसम आधारित खेती करें।

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BSPHCL: बिजली कंपनी 1 अप्रैल से लागू करेगी रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम, बिलिंग प्रोसेस में होगा सुधार

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 6:00am

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) एक अप्रैल से रेवन्यू मैनेजमेंट सिस्टम (आरएमएस) लागू करेगा। बिजली कंपनी के सीएमडी सह ऊर्जा विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में इस आशय का फैसला लिया गया।

आरएमएस के माध्यम से बिलिंग प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा। आरएमएस सिस्टम को देखने वाली एजेंसी को बैठक में यह कहा गया कि 18 मार्च तक वह आरएमएस सिस्टम की टेस्ट प्रक्रिया को पूरा कर लें। एजेंसी को यह निर्देश दिया गया कि वह अपने कर्मियों की संख्या को बढ़ाएं।

नए सिस्टम से बिलिंग प्रोसेस में होगा सुधार

आरएमएस प्रणाली लागू होने से राजस्व संग्रहण की व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ ही दोनों वितरण कंपनियों की बिलिंग प्रक्रिया की दक्षता बढ़ेगी एवं गुणात्मक सुधार होगा। दोनों वितरण कंपनियों के निदेशकों के कार्य की प्रतिदिन मानीटरिंग करने को कहा गया।

बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार, दोनों वितरण कंपनियों के निदेशक व कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

शिकायत को लेकर सोलर लाइट के हर पोल पर दो वॉट्सऐप नंबर कराएं अंकित : केदार गुप्ता

दूसरी ओर, विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार गांवों को जगमग करने में सख्ती से जुट गया है। गांव के हर वार्ड में मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट हर रात में जलने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। इसको लेकर पंचायती राज मंत्री केदार गुप्ता ने गुरुवार को योजना की प्रगति की समीक्षा की।

मंत्री ने विभाग के पदाधिकारियों के साथ सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि जितने भी सोलर स्ट्रीट लाइट के पोल हैं, उन पर दो-दो वाट्सएप नंबर अंकित कराएं, ताकि उस वॉट्सऐप नंबर पर शिकायत की जा सके। पंचायती राज मंत्री ने राज्य की ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने वाली एजेंसियों को पारदर्शिता लाने के लिए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

एजेंसियों को कहा गया है कि जिन इलेक्ट्रिक पोल पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया गया है उन पर शिकायत निवारण के लिए एक हफ्ते के अंदर दो वॉट्सऐप नंबर पेंट कर अंकित कराएं। पंचायती राज सचिव दिवेश सेहरा ने एजेंसियों को सर्विस स्टेशन को दो शिफ्टों में कार्य करने और सोलर स्ट्रीट लाइट की नियमित रूप से सर्विसिंग तथा रखरखाव करने का निर्देश दिया।

पंचायतीराज विभाग द्वारा ब्रेडा के माध्यम से विकसित की गई केंद्रीयकृत अनुश्रवण प्रणाली पर लिंक्ड करने का भी निर्देश दिया गया है। बैठक के दौरान एजेंसियों को सर्विस स्टेशन दो शिफ्ट में कार्य करने का निर्देश दिया गया। राज्य के सभी जिलों में केंद्रीयकृत अनुश्रवण प्रणाली लगाई जाएगी।

मंत्री ने गंभीरता से काम नहीं करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। बैठक में पंचायती राज निदेशक आनंद शर्मा के अतिरिक्त ब्रेडा के वरीय पदाधिकारी सहित पंचायती राज विभाग के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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Earthquake: भूकंप से डोली ब‍िहार की धरती, राज्य के सभी जिलों में महसूस किए गए झटके; घरों से बाहर निकले लोग

Dainik Jagran - February 28, 2025 - 4:38am

जागरण संवाददाता, पटना। शुक्रवार तड़के 2:36 बजे राजधानी पटना समेत उत्तर बिहार के सभी जिलों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर ऑफ सिस्मोलाजी की वेबसाइट के अनुसार भूकंप का केंद्र नेपाल के लिस्टीकोट नामक स्थान से दो किमी दूर था।

अधिकांश लोगों के सोए होने के कारण अफरातफरी की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई, परंतु झटके के कारण जो नींद से जागे वे वाट्सएप व फेसबुक पर एक दूसरे से भूकंप की पुष्टि करने लगे। वहीं कुछ लोग घर से बाहर भी निकल गए।

एक महिला ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि रात करीब 2 बजकर 38 मिनट पर भूकंप आया। हमलोग गहरी नींद में सोए थे कि अचानक बेड धंसने लगा फिर हमलोग जल्दबाजी में उठे और घर से बाहर निकल गए।

#WATCH | An earthquake with a magnitude of 5.5 on the Richter Scale hit Nepal at 2.36 IST today. Tremors were also felt in Samastipur, Bihar.

Suhani Yadav, a local says, "We were asleep when we suddenly felt the tremors. We were scared and rushed out of the house..." pic.twitter.com/bT5eAImnAn

— ANI (@ANI) February 28, 2025 रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई

रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.1 मापी गई। इसका प्रभाव नेपाल व भारत के सीमावर्ती क्षेत्र पर पड़ा। कहीं से जान माल के नुकसान की सूचना नहीं है।

#WATCH | An earthquake with a magnitude of 5.5 on the Richter Scale hit Nepal at 2.36 IST today. Tremors were also felt in Samastipur, Bihar.

Suhani Yadav, a local says, "We were asleep when we suddenly felt the tremors. We were scared and rushed out of the house..." pic.twitter.com/bT5eAImnAn

— ANI (@ANI) February 28, 2025

इससे पहले 17 फरवरी को दिल्ली के ढाई घंटे बाद बिहार के सिवान में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब रिक्टर स्केल पर तीव्रता चार मापी गई थी और भूकंप का केंद्र सिवान में धरती से 10 किमी नीचे था।

भूकंप की तीव्रता का प्रभाव
  • 0 से 1.9 सिर्फ सिस्मोग्राफ से ही पता चलता है।
  • 2 से 2.9 हल्का कंपन महसूस होता है।
  • 3 से 3.9 कोई ट्रक के नजदीक से गुजरने का एहसास।
  • 4 से 4.9 खिड़कियां टूटने की संभावना, फ्रेम गिर सकती है।
  • 5 से 5.9 फर्नीचर जैसा भारी सामान तक हिल सकता है।
  • 6 से 6.9 भवनों की नींव दरक सकती है। ऊपरी मंजिलों को नुकसान हो सकता है
  • 7 से 7.9 इमारतें गिर सकती है, जमीन के अंदर पाइप फट सकता है।
  • 8 से 8.9 इमारतों सहित बड़े पुल भी गिर जाते हैं।
  • 9 व उससे अधिक पूरी तबाही। समुद्र नजदीक हो तो सुनामी का खतरा।
7 जनवरी को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे

इसके पहले 7 जनवरी को बिहार के 9 जिले में एक ही दिन में तीन बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर स्केल पर पहली बार इसकी तीव्रता 7.1 आंकी गई थी। दूसरी बार 3.5 रही और तीसरी बार 3.1 आंकी गई थी।

भूकंप क्यों आता है?

बता दें कि पृथ्वी की 4 मुख्य प्लेट हैं, जिन्हें इनर कोर, आउटर कोर, मेंटल और क्रस्ट कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, पृथ्वी के नीचे मौजूद प्लेट्स तेजी से घूमती रहती हैं, जिसके आपस में टकराने पर पृथ्वी की सतह के नीचे कंपन शुरू होता है।

जब ये प्लेट्स अपनी जगह से अचानक खिसकती हैं तो भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इसती जितनी रफ्तार रहती है उतने तेजी से भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं।

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Bihar Land Survey: भूमि सर्वे करने वाले 900 कर्मचारियों ने दे दिया इस्तीफा, सामने आई बड़ी वजह

Dainik Jagran - February 27, 2025 - 9:40pm

जागरण टीम, पटना/मुजफ्फरपुर। भूमि सर्वेक्षण (Bihar Land Survey) की गति तेज करने के लिए राज्य के सभी प्रमंडलों का स्वतंत्र सर्वर गुरुवार से काम करने लगा है। इसके साथ ही दस्तावेजों की स्टोरेज की समस्या का अंत हो गया है। रैयतों को अब सर्वे निदेशालय के वेबसाइट पर जाकर अपनी स्वघोषणा एवं वंशावली को अपलोड करने में कोई परेशानी नहीं होगी।

सर्वे निदेशालय की तकनीकी शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि निदेशालय की वेबसाइट के पेज पर यूजर्स को जिले के रूप नया विकल्प मिलेगा, जिसका चयन करने पर उनका आवेदन उनके जिले से संबंधित प्रमंडल के लिए आरक्षित डाटा स्टोर में चला जाएगा।

जमीन मालिकों को मिलेगी राहत!

सभी प्रमंडलों का आंतरिक लिंक अलग-अलग कर दिया गया है। यह व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि डिजिटाइज्ड एवं स्कैंड डाटा को सेव करने में कोई परेशानी नहीं हो।

भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक कमलेश कुमार सिंह ने गुरुवार को शास़्त्रीनगर स्थित सर्वे भवन में जूम के जरिए सभी 38 जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों से बात की। बातचीत का सार था कि सभी प्रमंडलों का सर्वर अलग किए जाने के बाद क्या अभी भी कोई तकनीकी समस्या बची हुई है?

24 घंटे के अंदर तकनीकी खामियों को दूर करने का निर्देश

बंदोबस्त पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि सर्वर को प्रमंडल वार करने के बाद डाटा की प्रविष्टि/डिजिटाइजेशन और स्कैनिंग के काम में तेजी आई है। हालांकि, कई जिलों के बंदोबस्त पदाधिकारियों ने अपलोड हुए दस्तावेजों के नहीं दिखने की शिकायत की। निदेशक ने कहा कि 24 घंटे के अंदर तकनीकी खामियों को दूर करें।

900 सर्वे कर्मचारियों ने दिया त्यागपत्र

सर्वे कर्मियों के त्यागपत्र और अनापत्ति के मुद्दे से निदेशालय को शीघ्र अवगत कराने का आदेश भी दिया गया। गया जिले में 42 और मधुबनी में 26 सर्वे कर्मियों ने त्यागपत्र दिया है।

सभी जिलों को मिलाकर ऐसे कर्मियों की संख्या करीब 900 है, जिन्होंने जूनियर इंजीनियर के पद पर चयन के बाद सर्वे कर्मी के पद से त्यागपत्र दे दिया है। इनकी नियुक्ति जुनियर इंजीनीयर के नियमित पद पर हो चुकी है।

अंचलों में शिविर लगाकर जमाबंदियों में किया जाएगा सुधार

विशेष भूमि सर्वेक्षण को लेकर जमाबंदियों में सुधार कर इसे डिजिटाइज्ड किया जाना है, लेकिन जमाबंदियों में त्रुटि होने के कारण इसमें परेशानी हो रही है। इसमें सुधार करने को लेकर अब अंचलों में विशेष शिविर का आयोजन किया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सभी समाहर्ताओं को इससे अवगत कराया है।

उन्होंने कहा कि शिविर का आयोजन कर मूल जमाबंदी के डिजिटाइजेशन या इसमें आधार पर ऑनलाइन जमाबंदी को त्रुटिरहित करने के लिए कार्य को निश्चित समय के अंदर संपन्न कराया जाना है। इसे लेकर शिविर का आयोजन किया जाना आवश्यक है। विभाग की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है।

कहा गया है कि शिविर के आयोजन से लेकर संपूर्ण कार्य समाहर्ता के निर्देशन में किया जाएगा। इसका पर्यवेक्षण भी करना अनिवार्य है। हलका कर्मचारी द्वारा अपने ही हलके के अंतर्गत आने वाले सभी मौजा में सुधार किया जाएगा। शिविर की संख्या, अंचल, हलका और मौजा के साथ संबद्धता का निर्णय जिला स्तर पर लिया जाएगा।

जमाबंदी में सुधार का कार्य राजस्व कर्मचारी द्वारा विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए लैपटॉप से किया जाएगा। सभी जमाबंदी को डिजिटाइज्ड या उसके आधार पर ऑनलाइन जमाबंदी में त्रुटि का निराकरण मौजावार करना है। अगर परिमार्जन, परिमार्जन प्लस, दाखिल खारिज अथवा स्वत: संज्ञान होने पर अंचल अधिकारी द्वारा ऑनलाइन जमाबंदी में सुधार किया जा चुका है तो मूल जमाबंदी से मिलान करते हुए वैसे जमाबंदी में संशोधन नहीं करना है।

सभी डीसीएलआर करेंगे शिविर का भौतिक निरीक्षण:

सचिव ने कहा कि सभी डीसीएलआर द्वारा शिविर का भौतिक रूप से निरीक्षण किया जाएगा। अपर समाहर्ता प्रतिदिन वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपडेट रिपोर्ट लेगे। जमाबंदी में सुधार करने की पूरी जवाबदेही संबंधित राजस्व कर्मचारी और सीओ की होगी। सचिव ने अविलंब शिविर के आयोजन को लेकर कार्ययोजना कर अपडेट रिपोर्ट भेजने को कहा है।

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Bihar Budget Session: 3.15 लाख करोड़ पहुंच सकता है बजट का आकार, नीतीश सरकार देगी 2 लाख नौकरियां!

Dainik Jagran - February 27, 2025 - 9:26pm

राज्य ब्यूरो, पटना। इस बार बिहार का बजट तीन लाख करोड़ की सीमा को पार कर जाएगा। इसमें सर्वाधिक आवंटन स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय के मद में होना है। इस मद में प्रतिवर्ष वृद्धि हो रही और इस कारण पूंजीगत व्यय की राशि उस अनुपात में नहीं बढ़ रही।

इस बार तो वेतन मद में ही प्रति माह लगभग 500 करोड़ की वृद्धि अनुमानित है। यह वृद्धि उन एक लाख के लगभग सरकारी सेवकों के कारण होनी है, जिनकी नियुक्ति पिछले महीनों में हुई है। आने वाले वर्षों में वेतन मद पर व्यय और बढ़ेगा, क्योंकि इस वर्ष दो लाख के लगभग पदों पर नियुक्ति संभावित है।

तीन मार्च को प्रस्तुत होगा बजट

वित्त विभाग का दायित्व संभाल रहे उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए बजट प्रस्तुत करने का यह दूसरा अवसर होगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट विधान मंडल में तीन मार्च को प्रस्तुत होना है।

शिक्षा, ग्रामीण कार्य, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, समाज कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के योजना मद में अधिक बजटीय प्रविधान हो सकता है। इस कारण बजट आकार के बढ़कर 3.15 लाख करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है।

वेतन-पेंशन पर भी बढ़ेगा खर्च

इस बजट में वेतन-पेंशन आदि पर भी खर्च बढ़ना है। नौकरी और रोजगार पर सरकार का फोकस है। शिक्षा, पुलिस और इंजीनियरिंग क्षेत्र में नई नियुक्तियां हुई हैं। इस कारण वेतन मद में लगभग 12 हजार करोड़ अधिक का आवंटन हो सकता है।

अभी सरकार का वेतन बिल प्रतिवर्ष लगभग 40569 करोड़ रुपये है। इसमें नियमित सरकारी सेवकों के अलावा संविदा कर्मियों को होने वाला भुगतान भी सम्मिलित है। इसके अलावा 31796 करोड़ रुपये पेंशन मद में जा रहे। ब्याज और कर्ज अदायगी को जोड़कर यह राशि प्रतिवर्ष 115275 करोड़ रुपये है।

वर्ष प्रतिवर्ष इसमें वृद्धि हो रही। 10 वर्ष पहले यानी 2010-11 में यह राशि 22606.41 करोड़ रुपये थी। इस मद में बढ़ते आवंटन के कारण इस बार वार्षिक योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन अपेक्षा के अनुरूप संभव नहीं है।

केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी और मिलने वाले अनुदान से पूंजीगत व्यय की स्थिति निर्धारित होती है। पथ निर्माण और सिंचाई सुविधा के साथ बाढ़ नियंत्रण के उद्देश्य से ढांचागत निर्माण का पहले से ही दबाव है। ऐसे में वार्षिक योजनाओं के लिए अतिरिक्त आवंटन बढ़ने की संभावना बहुत कम है।

चालू वित्तीय वर्ष (2024-25) में वार्षिक योजनाओं के लिए बजट परिव्यय लगभग एक लाख करोड़ प्रस्तावित है।चालू वित्तीय वर्ष में केंद्रीय करों के हस्तांतरण से बिहार को 1.25 लाख करोड़ रुपये मिल रहे। लगभग एक लाख करोड़ रुपये मिल भी चुके हैं।

विकासात्मक कार्याें के साथ केंद्र प्रायोजित योजनाओं और राज्य योजनाओं का क्रियान्वयन इसी राशि के बूते हो रहा है। नए वित्तीय वर्ष में इसमें थोड़ी वृद्धि अनुमानित है, लेकिन वह समय से राजस्व की वसूली के आधार पर ही होगी।

आर्थिक समीक्षा में दिखेगी बिहार के विकास की झलक 

विधान मंडल में शुक्रवार को आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट प्रस्तुत होनी है। यह रिपोर्ट वित्तीय वर्ष 2023-24 की होगी। नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने से पहले तक बिहार में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी।

विकासात्मक प्रतिबद्धता व राजकोषीय अनुशासन के दृष्टिगत उन्होंने इसकी शुरुआत की। इस रिपोर्ट से वर्ष-प्रति-वर्ष विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते-घटते बिहार का आकलन होता है। योजनाओं के निर्माण में भी यह सहायक होती है।

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