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Bihar Politics: 'तुम्हारे पिता को हम ही बनाए थे...', सदन में जमकर हुई नोकझोंक; CM नीतीश ने तेजस्वी को खूब सुनाया
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा में नेताओं के बीच जमकर नोकझोंक हुई। सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।
नीतीश कुमार ने कहा कि पहले बिहार में क्या था? बिहार में छह सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल थे। उसे हमने बढ़ाया। तुम्हारे (तेजस्वी यादव) पिता को मैंने ही बनाया है। तुम्हारी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उनका समर्थन किया।
नीतीश कुमार ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि ये लोग (राजद) उस समय (लालू राज) गड़बड़ कर रहे थे। ये लोग पिछड़ा-अति पिछड़ा को बंद करके केवल पिछड़ा करना चाहते थे, जिसका हमने विरोध किया। हमने कहा कि यह सब फालतू बात है। इस वजह 1994 में हम अलग हो गए।
#WATCH पटना (बिहार): सदन में आरजेडी विधायक तेजस्वी यादव के साथ बहस के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "पहले बिहार में क्या था? तुम्हारे (तेजस्वी यादव) पिता को मैंने ही बनाया है। तुम्हारी जाति के लोग भी मुझसे पूछ रहे थे कि मैं ऐसा क्यों कर रहा हूं, लेकिन मैंने फिर भी उन्हीं… pic.twitter.com/6UKY6EcTq6
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 4, 2025सीएम नीतीश ने यह भी कहा कि बिहार में पहले शाम के बाद कोई घर से नहीं निकलता था। अब रात के 11 बजे तक चाहे लड़का हो या लड़की या महिला ही क्यों न हो सब बाहर निकलते हैं। हमने हर क्षेत्र में काम किया है।
दूसरी तरफ, तेजस्वी यादव ने भी सदन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार लगातार संविधान और लोकतंत्र को खत्म करने में जुटी है।
कंफ्यूजड रहा राज्यपाल का अभिभाषण- तेजस्वी ने आगे कहा कि ये बात किसी से छुपी नहीं है कि इस बार राज्यपाल का अभिभाषण बहुत ही कंफ्यूजड रहा। 2015 से 2025 यानी कि 10 साल में देखा जाए तो बिहार में 5-5 राज्यपाल बने हैं।
- उन्होंने कहा कि 2020-2025 तक तीन बार बिहर में सरकार बदली है। अब तक सभी राज्यपाल का अभिभाषण एक जैसा था।
- अब राज्यपाल 2005 या 2010 या वह हमारा 2015 में जो हमारी उपलब्धियां वो अभिभाषण में पढ़ रहे थे या 2017 या 2024 का अभिभाषण पढ़ रहे थे।
- इस बार के अभिभाषण में हमारे भी उपलब्धियों को पढ़ा गया तो इस बार का अभिभाषण बड़ा ही कंफ्यूजड रहा। बजट अलग था लेकिन इस बार के अभिभाषण में हमारी कई उपलब्धियों को गिनवाया गया।
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राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Politics: बिहार सरकार मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में अनियमितता की जांच कराएगी। राजद के एमएलसी सौरभ कुमार के तारांकित प्रश्न पर पंचायतीराज मंत्री केदार गुप्ता ने सदन को यह भरोसा दिया। विपक्ष के प्रश्न पर सत्तापक्ष के साथ ही निर्दलीय विधान पार्षदों ने भी मंत्री के उत्तर पर असंतोष प्रकट करते हुए पूरक प्रश्न के माध्यम से आपत्ति जताई।
कई सदस्यों की आपत्ति पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सिर्फ प्रश्नकर्ता को बोलने की अनुमति दी। विपक्ष के मांग पर सोलर स्ट्रीट लाइट गुणवत्ता को लेकर मंत्री ने कहा कि सामग्री आपूर्ति के पूर्व गुणवत्ता की जांच एनआइएसई एवं एनएबीएल लैब परीक्षण प्रतिवेदन द्वारा प्राप्त की जाती है। इसके साथ ही लगे हुए सोलर स्ट्रीट लाइट को रैंडम आधार पर चिह्नित कर जांच किए जाने का प्रविधान है।
यही नहीं, सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए वेयर हाउस में सामग्री आपूर्ति के उपरांत ब्रेडा एवं जिला स्तर के पदाधिकारी द्वारा आपूर्ति की गई सामग्री का निरीक्षण किया जाता है। आपूर्ति की गई सामग्री के मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं रहने की स्थिति में कार्यान्वयन एजेंसी के विरूद्ध डिबार एवं ब्लैकलिस्टेड करने की कार्रवाई का प्रविधान है।
एमआरपी पर घिरे मंत्री, सदस्यों ने ली चुटकीपंचायतीराज मंत्री के उत्तर पर कटाक्ष करते हुए पूरक प्रश्न के माध्यम से सौरभ कुमार ने कहा कि 16 दिसंबर-2024 को मंत्री ने स्वयं अपने बयान में कहा- हां, जो भी सोलर लाइट की खरीदारी हुई है, यह उनके संज्ञान में आया है और कहीं न कहीं इसमें गड़बड़ी हुई है। इसकी जांच होगी।
इसमें यह स्पष्ट लिखा गया है कि 17 हजार की जो सोलर लाइट है, वह 30 हजार पांच सौ रुपये में खरीदी गई है। इसमें सरकार की तरफ से न्यूनतम दर 30 हजार 500 रुपया लिखा हुआ है। आसन का ध्यान आकृष्ट करते हुए सदस्यों ने चुटकी ली। सौरभ ने कहा कि आज तक हमलोग अधिकतम दर जानते हैं, एमआरपी (मैक्सिमम रिटेल प्राइस)।
इस सरकार की यह पहली खरीद है, जिसमें एनआरपी आया है यानी न्यूनतम रिटेल प्राइस। किसी भी चीज की जो प्राइस होगी खरीदने की, वह न्यूनतम कैसे हो सकती है। अधिकतम हो सकती है कि इस दाम तक हम खरीदेंगे। इस दौरान अब्दुलबारी सिद्दीकी, महेश्वर सिंह, तरूण कुमार एवं प्रोफेसर संजय कुमार सिंह ने भी पूरक प्रश्न के माध्यम से गड़बड़ी की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट किया।
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Bihar Budget 2025: बिहार में बजट का एक बड़ा हिस्सा चला जा रहा वेतन-पेंशन में, नई नियुक्तियों ने बढ़ाई परेशानी
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar News: सरकारी सेवकों को प्राय: अपने वेतन को लेकर शिकायत रहती है। वेतन आयोग की रिपोर्ट और सरकार के साथ समझौते। फिर समझौते को लागू कराने के लिए समझौते। हालांकि, एक सच्चाई यह भी है कि सरकार के बजट का एक बड़ा हिस्सा सरकारी सेवकों के वेतन-पेंशन भुगतान पर खर्च हो जाता है।
चालू वित्तीय वर्ष (2024-25) में यह खर्च 72355 करोड़ रुपये था, जो नए वित्तीय वर्ष (2025-26) में बढ़कर 114862.88 करोड़ रुपये हो गया है। इनमें से 81473.45 करोड़ रुपये समग्रता में वेतन शीर्ष के हैं।
वेतन पर सिर्फ 40559 करोड़ रुपये खर्चशिक्षा, पुलिस और इंजीनियरिंग सेवा में नई नियुक्तियों के कारण वेतन पर व्यय अप्रत्याशित रूप से बढ़ा है। चालू वित्तीय वर्ष में वेतन मद में 40559 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित रहा है। हालांकि, यह केवल नियमित नियुक्तियों के लिए दिया जाने वाला वेतन है।
वेतन और पेंशन के बीच का अंतर कम होता जा रहावित्तीय वर्ष 2014-15 से वेतन और पेंशन के बीच का अंतर निरंतर कम होता जा रहा था। इस बार वह अंतर कुछ अधिक हुआ है। नए वित्तीय वर्ष में संविदा पर नियोजित सरकारी कर्मियों के मानदेय में 4985.99 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वेतन मदन में यह राशि भी समाहित है।
इसके अलावा इस मद में 21790.22 सहायक अनुदान वेतन है। स्थापना व प्रतिबद्ध मद में वेतन की राशि 51690.34 करोड़ रुपये है, जो नियमित सरकारी सेवकों को दी जाती है। पेंशन पर व्यय की स्थिति तो यह है कि कुल बजटीय आवंटन का 10.54 प्रतिशत राशि इसी मद में जा रही।
उल्लेखनीय है कि आज से 20 वर्ष पहले यानी 2005-06 मेंं वेतन मद में कुल व्यय 5152.79 करोड़ रुपये रहा था। पेंशन पर यह खर्च 2456 करोड़ रुपये था।
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Patna News: ऐसी चोरी पटना में पहले हुई है क्या? एक साथ अपार्टमेंट के 5 फ्लैटों में डाका; पुलिस भी हैरान
जागरण संवाददाता, पटना। Patna News: कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर रोड नंबर 12 स्थित चारमीनार अटपार्टमेंट में दाखिल हुए चोरों ने पांच फ्लैटों का ताला तोड़ दिया। दो घंटे में हरेक कमरे को खंगाल डाला। कमरे से जो भी ज्वेलरी और नकद मिला उसे लेकर फरार हो गए।
घटना को रविवार की रात दो से सोमवार सुबह चार बजे के बीच अंजाम दिया गया। जिस फ्लैट में चोरी हुई, उसमें फ्लैट ए-104 में मुंगेर के बीएनएस कालेज के प्राचार्य आशुतोष कुमार, बी-301 में डा. प्रमोद कुमार, डी 402 में आरएस तिवारी, डी-301 में डा. रोहित रमण और डी-204 में डा. अनिल अग्रवाल रहते हैं।
फुटेज में चार संदिग्धों को देखा गया है। वहीं, प्राचार्य की शिकायत पर कदमकुआं थाने की पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच में जुटी है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि दो फ्लैट में सामान कम थे, जबकि अन्य फ्लैट मालिक के आने के बाद ही पता चलेगा कि कितने सामान चोर उड़ा ले गए। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
बगल के फ्लैट को बाहर से कर दिया था बंदछानबीन में पता चला कि चोरों का गिरोह अपार्टमेंट में घुसने के बाद सबसे पहले फ्लैट नंबर ए-104 के पास गए। इसमें प्राचार्य रहते हैं। वह खुद पटना में नहीं थे। पत्नी और बच्चे नागपुर में हैं। ग्रिल काटकर फ्लैट में दाखिल होने से पहले चोरों ने बगल के फ्लैट का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद अन्य चारों फ्लैटों में दाखिल हुए थे। करीब दो घंटे तक चोर फ्लैट में रहे और हरेक कमरे का खंगालते रहे। हैरानी की बात तो यह है कि अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य लोग और गार्ड को भी इसकी भनक नहीं लगी।
दरवाजा नहीं खुलने पर गार्ड को बुलायाघटना की जानकारी सुबह तब हुई, जब बगल के फ्लैट में रहने वाली महिला बाहर का दरवाजा खोलने गई। पता चला किसी ने बाहर से कुंडी लगा दी है। इसके बाद उन्होंने अपार्टमेंट के गार्ड से संपर्क किया। गार्ड दरवाजा खोलने पहुंचा तो देखा कि प्राचार्य के फ्लैट का ग्रिल खुला है। इसके बाद पता चला कि अपार्टमेंट के अन्य चार फ्लैट में भी चोरी हुई है।
रेकी के बाद गैस कटर लेकर पहुंचे थे चोरजिस तरह एक साथ फ्लैटों का ताला काटा गया है, उससे साफ है कि गिरोह को इस बात की जानकारी थी कि इनमें कोई नहीं रहता है। अपार्टमेंट की रेकी की बात से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यह गिरोह ग्रिल काटने के लिए गैस कटर लेकर गया था। ग्रिल के पास जलने का निशान भी मिले हैं।
पुलिस घटना के दो दिन पूर्व का भी सीसीटीवी फुटेज देख रही है ताकि यह पता चल सके कि रेकी कब और किसने की थी? घटना के बाद गिरोह किस दिशा में भागा और किस दिशा से आए थे? इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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Bihar Weather Today: बिहार में अगले 48 घंटे में बदलेगा मौसम का मिजाज, 8 और 9 मार्च को बारिश का अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार का मौसम अभी शुष्क बना रहेगा। 48 घंटों के बाद अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट का पूर्वानुमान है। कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने व आकाश साफ होने से मौसम सामान्य बना रहेगा। सुबह-शाम हल्की ठंड रहेगी।
8 और 9 मार्च को बारिश के आसारमौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, आठ से नौ मार्च के पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के भागों को प्रभावित करेगी। इसके कारण पटना समेत दक्षिणी भागों के एक या दो स्थानों पर हल्की वर्षा की संभावना है। शेष भागों का मौसम सामान्य बना रहेगा।
पटना सहित 28 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावटप्रदेश में तेज हवा के प्रवाह व आंशिक बादल छाए रहने के कारण पटना सहित 28 शहरों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 30.1 डिग्री सेल्सियस व 32.1 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
पटना सहित सात शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। 11.9 डिग्री सेल्सियस के साथ पुपरी (सीतामढ़ी) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ स्थानों पर एक से दो डिग्री की गिरावट न्यूनतम तापमान में दर्ज किया गया।
प्रदेश के अधिसंख्य जिलों का न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक बना रहा। राजधानी समेत आसपास इलाकों में तेज हवा के प्रवाह के साथ मौसम सामान्य बना रहा।
भागलपुर में होगी मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना, रोडमैप तैयारमौसम की सटीक जानकारी के लिए भागलपुर में मौसम विज्ञान केंद्र की स्थापना होगी। राज्य सरकार ने इसका रोडमैप तैयार कर लिया है। जल्द ही इसका शिलान्यास किया जाएगा। मौसम विज्ञान की स्थापना को लेकर बजट में प्रावधान किया गया है।
मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को और मजबूत करने के लिए भागलपुर सहित कई नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन को लेकर सही अनुमान लगाना आसान होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मौसम विज्ञान केंद्र का क्या काम होता है?- मौसम की निगरानी: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी आंकड़ों को इकट्ठा करता है, जैसे कि तापमान, आर्द्रता, हवा की गति, और वर्षा।
- मौसम पूर्वानुमान: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम की भविष्यवाणी करता है, जिससे लोगों को मौसम संबंधी जानकारी मिल सके।
- मौसम संबंधी चेतावनी: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी चेतावनी जारी करता है, जैसे कि तूफान, बाढ़, और सूखा।
- मौसम अनुसंधान: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी अनुसंधान करता है, जिससे मौसम की भविष्यवाणी में सुधार हो सके।
- मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करना: मौसम विज्ञान केंद्र मौसम संबंधी जानकारी प्रदान करता है, जिससे लोगों को मौसम के बारे में जानकारी मिल सके।
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पटना की सड़कों पर आज से कर दी यह गलती तो भरना पड़ेगा 20 हजार का जुर्माना, DM-SSP ने निगरानी के लिए बनाई स्पेशल टीम
जागरण संवाददाता, पटना। शहर में सड़क पर स्थाई अतिक्रमण के खिलाफ 20 हजार रुपये जुर्माना वसूल किया जाएगा।
अस्थाई अतिक्रमण करने वालों से पांच हजार रुपये वूसल किए जाएंगे। प्रमंडलीय आयुक्त प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े ने सोमवार को यह निर्देश दिया है।
नेहरू मार्ग दानापुर के सगुना मोड़ से डाकबंगला चौराहा, अशोक राजपथ, पटना जंक्शन, बोरिंग रोड, केनाल रोड, राजेंद्र नगर टर्मिनल, जीपीओ से गोरिया टोली समेत अन्य प्रमुख स्थल को अतिक्रमण फ्री बनाने के लिए डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्त के अलावा सभी एसडीओ व एसडीपीओ को प्रभावी ढंग से अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
अभियान मंगलवार से आरंभ होगा और इस कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वालों पर विधि-सम्मत कार्रवाई का निर्देश दिया है। अभियान के लिए जिलाधिकारी एवं वरीय पुलिस अधीक्षक ने आठ टीमों का गठन किया है।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पटना नगर निगम के छह अंचलों नूतन राजधानी, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, बांकीपुर, अजीमाबाद, पटना सिटी के साथ नगर परिषद् फुलवारीशरीफ एवं दानापुर निजामत में भी चलाया जाएगा।
इसमें प्रशासन, नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस के अलावा परिवहन, राजस्व, पथ निर्माण, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशाम, पुल निर्माण निगम, दूरसंचार, वन प्रमंडल, विद्युत सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हैं।
आम जनता की सुविधा के लिए लिया गया फैसलाआयुक्त ने कहा कि आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाया जाना ज़रूरी है। इसमें कोई व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
गठित की गई टीम शहर की मुख्य सड़कों से अतिक्रमण हटाएगी। सड़कों पर अवैध व्यावसायिक गतिविधि करने वालों पर कार्रवाई करेगी तथा सुगम यातायात का प्रबंधन करेगी।
प्रत्येक टीम में दंडाधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों सहित महिला-पुरुष पुलिस एवं लाठी बल को भी तैनात किया गया है। डेडिकेटेड फालोअप टीम भी लगातार सक्रिय रहेगी। इस फेज में यह अभियान 28 मार्च तक चलेगा।
आयुक्त प्रतिदिन इसकी समीक्षा करेंगे। जहां-जहां अतिक्रमण हटाया गया है वहां यह टीम पुनः अतिक्रमण की घटना पर सख्ती से निपटेगी। पुनः अतिक्रमण करने वालों पर प्राथमिकी की जाएगी।
पांच सदस्यीय निगरानी सेल का गठनआयुक्त के निर्देश पर जिलाधिकारी ने पांच सदस्यीय निगरानी सेल का गठन किया है। इसमें अपर जिला दंडाधिकारी, नगर व्यवस्था, पुलिस अधीक्षक, विधि-व्यवस्था व यातायात, अपर नगर आयुक्त पटना नगर निगम तथा सिटी मजिस्ट्रेट-सह-प्रभारी दंडाधिकारी जिला नियंत्रण कक्ष को शामिल किया गया है।
गतका के लिए जुटेंगे देशभर के 160 खिलाड़ी- मई में खेलो इंडिया यूथ गेम्स होना है। गया के बीपार्ड में गतका चैंपियनशिप खेली जाएगी। गतका फेडरेशन आफ इंडिया के सचिव बलजिंदर सिंह टूर ने गया पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया।
- उनके साथ गतका एसोसिएशन आफ बिहार के अध्यक्ष जगजीवन सिंह, सचिव भोला थापा, गया जिला के सचिव धीरज, नीतीश कुमार और पूजा कुमारी भी मौजूद रहीं।
- उन्होंने आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। बलजिंदर सिंह टूर ने बताया कि प्रतियोगिता में देशभर के 16 राज्यों से 160 खिलाड़ी भाग लेंगे।
- इसके अलावा गतका फेडरेशन के 15 सदस्य और 40 अन्य सहयोगी सदस्य भी उपस्थित रहेंगे। खिलाड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भोजन एवं आवासन की व्यवस्था की जा रही है।
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Holi Special: यात्रियों के लिए खुशखबरी, होली पर पटना-उधना के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेन; यहां देखें पूरा शेड्यूल
जागरण संवाददाता, पटना। यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर रेलवे की ओर से होली स्पेशल ट्रेनों को चलाने का निर्णय लिया गया है। रेलवे की ओर से उधना एवं पटना के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।
वलसाड एवं दानापुर के बीच भी होली स्पेशल ट्रेन चलाने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा आनंद विहार से दरभंगा, रक्सौल से बरौनी, गोरखपुर से रांची के बीच होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी।
रेलवे की ओर से उधना-पटना सुपर फास्ट स्पेशल ट्रेन का परिचालन 7 मार्च से 27 जून तक किया जाएगा। वहीं, इस ट्रेन की वापसी 8 मार्च से 28 जून तक करने का निर्णय लिया गया है।
यह ट्रेन सप्ताह में एक दिन पटना से प्रत्येक शनिवार को एवं एक दिन उधना से शुक्रवार को परिचालित की जाएगी। पटना से यह ट्रेन प्रत्येक शनिवार को 13.05 बजे रवाना होगी।
वहीं, उधना से शुक्रवार को 08.35 बजे रवाना होगी। इस ट्रेन को डीडीयू, आरा, बक्सर, एवं पटना में ठहराव दिया गया है।
पटना-पुरी स्पेशल ट्रेन का अवधि विस्तार जून तकरेलवे की ओर से पटना-पुरी स्पेशल ट्रेन का अवधि विस्तार जून तक कर दिया गया है। यह ट्रेन 8 मार्च से 28 जून तक चलाई जाएगी। पुरी से पटना आने वाली ट्रेन प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी। वहीं, पटना से पुरी जाने वाली स्पेशल गाड़ी 9 से 29 जून तक चलाई जाएगी। पटना से यह ट्रेन प्रत्येक रविवार को रवाना की जाएगी।
वलसाड-दानापुर स्पेशल का परिचालन 30 जून तकभारतीय रेलवे ने वलसाड-दानापुर स्पेशल गाड़ी का अवधि विस्तार कर दिया है। अब यह ट्रेन वलसाड से 30 जून एवं दानापुर से एक जुलाई तक चलाने का निर्णय लिया गया है।
यह ट्रेन प्रत्येक सोमवार को वलसाड से एवं प्रत्येक मंगलवार को दानापुर से चलाई जाएगी। यह ट्रेन दानापुर से प्रत्येक मंगलवार को 14.30 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन आरा, बक्सर, डीडीयू रुकते हुए जाएगी।
रेलवे ने जारी किया हेल्पलाइन नंबरयात्रियों की सुविधा के रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है। रेलवे की ओर से हेल्पलाइन नंबर 139 जारी किया गया है। इस पर डायल कर यात्री ट्रेनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
छपरा से आनंद विहार के लिए कल से स्पेशल ट्रेनवहीं, दूसरी ओर गोपालगंज में छपरा से दिघवा दुबौली और थावे जंक्शन होकर आनंद विहार टर्मिनल के लिए बुधवार से फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इस ट्रेन का परिचालन चार फेरों के लिए किया जाएगा।
छपरा से आनंद विहार टर्मिनल के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 05113 का परिचालन पांच मार्च से प्रत्येक बुधवार को किया जाएगा। इसी प्रकार वापसी यात्रा में आनंद विहार टर्मिनल से छपरा के लिए फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन 05114 का परिचालन प्रत्येक गुरुवार को होगा।
छपरा से यह ट्रेन 15:45 बजे चलेगी और छपरा कचहरी, मसरख हाेकर 17:17 बजे दिघवा दुबौली, 18:20 बजे थावे जंक्शन पहुंचेगी। यहां से तमकुही, पडरौना, कप्तानगंज, गोरखपुर, खलीलाबाद, बस्ती, अगले दिन गोंडा से बुढ़वल, सीतापुर, शाहजहापुर, बरेली, मुरादाबाद होकर 14:25 बजे आनंद विहार टर्मिनल पहुंचेगी।
आनंद विहार टर्मिनल से 16:00 बजे चलकर अगले दिन 10:15 बजे थावे, 11:40 बजे दिघवा दुबौली से होकर 14:00 बजे छपरा पहुंचेगी।
इस स्पेशल ट्रेन में एसएलआरडी के दो, सामान्य द्वितीय श्रेणी के छह, शयनयान के 10, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के तीन, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के एक समेत कुल 22 कोच होंगे। फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाए जाने से होली में यात्रियों को सहूलियत होगी।
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Bihar Jobs: 1.40 लाख और पदों पर होगी भर्ती, बजट के साथ नीतीश सरकार ने युवाओं को दे दिया एक और बड़ा तोहफा
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानसभा में आज वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया गया। नए वित्तीय वर्ष यानी 2025-26 में 1.40 लाख पदों पर नियुक्ति होगी। बजट में सरकार ने इसके लिए प्रविधान किया है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 427866 नियुक्तियां हो चुकी हैं।
अब नए वित्तीय वर्ष में रिक्त पदों के विरुद्ध नियमित नियुक्ति करने के लिए अधियाचनाएं विभिन्न आयोगों को भेजी गई हैं। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के अंतर्गत 14 जनवरी, 2025 तक कुल 772159 आवेदकों को स्वयं सहायता भत्ता का भुगतान किया जा चुका है।
370 प्रखंडों में बनेंगे स्टेडियममुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अंतर्गत राज्य के सभी 534 प्रखंडों में स्टेडियम का निर्माण होगा। 370 प्रखंडों में स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। उनमें से 229 स्टेडियम का निर्माण हो चुका है।
इसके अलावा 5671 पंचायतों में 6659 खेल मैदानों के निर्माण का काम चल रहा है। मेडल लाओ-नौकरी पाओ योजना के अंतर्गत अभी तक राज्य के 71 खिलाड़ियों को नौकरी दी जा चुकी है।
विकास निधि से हुए काम17वीं विधानमंडल के सदस्यों की अनुशंसा पर 37613 योजनाएं पूरी की जा चुकी हैं। इन पर 2091 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह काम मुख्यमंत्री क्षेत्रीय विकास निधि के अंतर्गत हुआ है।
वहीं, संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के अंतर्गत 2024-25 में सांसदों द्वारा 1628 योजनाओं की अनुशंसा हुई। उनमें से 1485 योजनाओं को स्वीकृति दी गई।
पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति पर खर्च होंगे 875.77 करोड़राज्य सरकार ने बजट में पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं के छात्रवृति मद में 875 करोड़ 77 लाख रुपये का प्रविधान किया है।
इस राशि से सरकारी विद्यालयों और मान्यता प्राप्त एवं स्थापना प्रस्वीकृत विद्यालयों में पहली से दसवीं कक्षा तक पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के बीच छात्रवृत्ति दी जाएगी।
इसके लिए पहले से मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना लागू है। बजट के मुताबिक चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में इस योजना के तहत 1 लाख 9 हजार 331 छात्र-छात्राओं को लाभ दिया जा चुका है।
वहीं, सभी 38 जिलों में 39 अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
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Bank Holiday: मार्च में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, फटाफट निपटा लें जरूरी काम; ये रही तारीखों की लिस्ट
Bank Holiday: मार्च में 10 दिन बंद रहेंगे बैंक, फटाफट निपटा लें जरूरी काम; ये रही तारीखों की लिस्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bank Holidays in March। मार्च महीने में होली का त्यौहार पड़ रहा है। इसके साथ ही रमजान महीना भी चल रहा है। महीने के अंत में ईद-उल-फितर है। इस वजह से मार्च के महीने में छुट्टियों की भरमार है।
मार्च के महीने में अगर बैंक में आपका भी कोई जरूरी काम है तो उसे जल्दी से निपटा लें, वरना कहीं बैंक की छुट्टियों की वजह से आप का काम अधूरा न रह जए।
बैंक, बचत योजना, आयकर सहित विभिन्न वित्तीय योजनाओं को लेकर मार्च का महीना काफी महत्वपूर्ण होता है। इस महीने बैंक भी 10 दिन बंद रहेंगे, जबकि ऑल इंडिया बैंक कन्फेडरेशन के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल भी निर्धारित है।
यह हड़ताल 24 एवं 25 मार्च को प्रस्तावित है। ऐसे में आपको आवश्यक तैयारी कर लेनी चाहिए। महीने के आखिरी में रविवार और ईंद को लेकर छुट्टी भी निर्धारित है।
इन तारीखों को रहेगी छुट्टीएसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अमरेश विक्रमादित्य ने बताया कि मार्च में 2, 9, 16, 23 एवं 30 मार्च रविवार का अवकाश है। जबकि 8 और 22 मार्च को दूसरा शनिवार होने के कारण अवकाश है। 14 एवं 15 मार्च को होली की छुट्टी है। इसके अतिरिक्त 31 मार्च को ईद को लेकर अवकाश घोषित है।
बैंक के बकायेदारों पर शुरू होगी कार्रवाई की प्रक्रियावहीं, दूसरी ओर अंचल कार्यालय ब्रह्मपुर में प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक सोमवार को हुई। इसमें नीलाम पत्र वाद से जुड़े मामलों की समीक्षा की गई। बैठक में यह पाया गया कि ब्रह्मपुर अंचल कार्यालय के अंतर्गत विभिन्न बैंकों में कुल 1223 वाद लंबित हैं, जिनकी कुल राशि 53 करोड़ 61 लाख रुपये है।
इनमें से भारतीय स्टेट बैंक ब्रह्मपुर में 491 वाद हैं, जिनकी राशि 36 करोड़ 47 लाख रुपये है। बैठक में उपस्थित सदस्यों को बताया गया कि राजस्व पर्षद बिहार द्वारा नियमित रूप से नीलाम पत्र वादों की समीक्षा की जा रही है।
इसके अलावा, सभी देनदारों को धारा 107 की नोटिस जारी की गई है और बैंकों को बकायेदारों की सूची उपलब्ध कराई गई है। बकायेदारों के खिलाफ बॉडी वारंट और कुर्की जप्ती की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बकायेदारों द्वारा ऋण की राशि जमा नहीं किए जाने के कारण बाडी वारंट/कुर्की जब्ती की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
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Patna News: पटना में अचानक 88 लोगों को क्यों किया गया गिरफ्तार? SSP के आदेश पर हुई कार्रवाई, सामने आई वजह
जागरण संवाददाता, पटना। एसएसपी अवकाश कुमार के निर्देश पर जिले में सभी थानों की पुलिस अपने अपने क्षेत्र में लूट, हत्या, हत्या के प्रयास सहित अन्य मामलों में फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही है।
बीते 24 घंटे में लूटकांड के दो आरोपित सहित अन्य मामलों में 88 लोगों की गिरफ्तारी हुई। लूट मामले में दीदारगंज थाना क्षेत्र से दोनों दबोचे गए।
वहीं, सुल्तानगंज, बख्तियारपुर, शाहपुर, विक्रम, सिगौंड़ी, अगमकुआं और फतुहा थाना क्षेत्र से हत्या के प्रयास में मामले में फरार 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जबकि पुलिस पर हमला में दो, शराब तस्करी में 11 और आठ लोगों को शराब पीने के मामले में पकड़ा गया।
शेष की गिरफ्तारी अन्य मामलों में हुई। पुलिस ने तीन सौ लीटर शराब, दो सौ ग्राम गांजा, 14 मोबाइल और 25 हजार नकद बरामद किया है। तीन वाहन को भी जब्त किया गया।
अपार्टमेंट में पांच फ्लैटों का ताला तोड़ उड़ा ले गए गहने और नकदउधर, कदमकुआं थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर रोड नंबर 12 स्थित चारमीनार अटपार्टमेंट में दाखिल हुए चोरों ने पांच फ्लैटों का ताला तोड़ दिया। दो घंटे में हरेक कमरे को खंगाल डाला।
कमरे से जो भी ज्वेलरी और नकद मिला उसे लेकर फरार हो गए। घटना को रविवार की दो बजे से सुबह चार बजे के बीच अंजाम दिया गया।
जिस फ्लैट में चोरी हुई, उसमें फ्लैट ए-104 में मुंगेर के बीएनएस कालेज के प्राचार्य आशुतोष कुमार, बी-301 में डॉ प्रमोद कुमार, डी 402 में आरएस तिवारी, डी-301 में डॉ. रोहित रमण और डी-204 में डॉ. अनिल अग्रवाल रहते है। फुटेज में चार संदिग्ध को देखा गया है।
वहीं प्राचार्य की शिकायत पर कदमकुआं थाने की पुलिस अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज जांच में जुटी है। थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि दो फ्लैट से सामान कम थे। जबकि अन्य फ्लैट मालिक के आने के बाद ही पता चला लगे किन सामानों की चोरी हुई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है।
बगल के फ्लैट को बाहर से कर दिया था बंद- छानबीन में पता चला कि चोरों का गिरोह अपार्टमेंट में घुसने के बाद सबसे पहले फ्लैट नंबर ए-104 के पास गए। इसमें प्राचार्य रहते है। वह खुद पटना में नहीं थे। पत्नी और बच्चे नागपुर में हैं।
- ग्रिल काटकर फ्लैट में दाखिल होने से पहले चोरों ने बगल के फ्लैट का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया था। इसके बाद अन्य चारों फ्लैटों में दाखिल हुए थे।
- करीब दो घंटे तक चोर फ्लैट में रहे और हरेक कमरे का खंगालते रहे। हैरानी की बात तो यह है कि अपार्टमेंट में रहने वाले अन्य लोग और गार्ड को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।
घटना की जानकारी सुबह तब हुई, जब बगल के फ्लैट मे रहने वाली महिला बाहर का दरवाजा खोलने गई। पता चला किसी ने बाहर से कुंडी लगा दी है।
इसके बाद वह अपार्टमेंट के गार्ड से संपर्क किया गया। गार्ड दरवाजा खोलने पहुंचा तो देखा कि प्राचार्य के फ्लैट का ग्रिल खुला है। इसके बाद पता चला कि अपार्टमेंट के अन्य चार फ्लैट में भी चोरी हुई है।
रेकी के बाद गैस कटर लेकर पहुंचे थे चोरजिस तरह एक साथ फ्लैटों का ताला काटा गया है, उससे साफ है कि गिरोह को इस बात की जानकारी थी कि इनमें कोई नहीं रहता है। अपार्टमेंट की रेकी की बात से इंकार नहीं किया जा सकता है।
यह गिरोह ग्रिल काटने के लिए गैस कटर लेकर गया था। ग्रिल के पास जलने का निशान भी मिले है। पुलिस घटना के दो दिन पूर्व का भी सीसीटीवी फुटेज देख रही है।
ताकि यह पता चल सके कि रेकी कब और किसने की थी? घटना के बाद गिरोह किस दिशा में भागा और किस दिशा से आए थे? इसके बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने सोमवार को विधानसभा में पेश बजट को निराशाजनक बताया और कहा कि इस बजट में न रोजगार की चर्चा है न ही किसानों की चिंता। इस चुनावी वर्ष में बजट से बिहार के लोगों को काफी उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने निराश किया।
उन्होंने कहा कि बजट में किसानों की आय वृद्धि को लेकर भी कोई उपाय नहीं दिख रहा है। इस बजट से लोगों को भरमाने की कोशिश की गई है।
बजट के पहले ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने महिलाओं को 2500 रुपये प्रतिमाह देने को लेकर मांग की थी, लेकिन सरकार ने बजट में इसका कोई प्रविधान नहीं किया।
यह बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा- मुकेशउन्होंने कहा कि सही अर्थों में पुरानी घोषणाओं को ही नया करने की कोशिश की गई है। सरकार पहले भी प्रखंडों में स्टेडियम बनाने की बात करती रही है, पर बताती नहीं कितने प्रखंडों में स्टेडियम बने हैं, जो खेलने लायक हैं।
बजट से न ही महिलाओं को कोई फायदा होने वाला है, न युवाओं को फायदा होगा, न किसानों को कोई फायदा होने वाला है। यह बजट सिर्फ झूठ का पुलिंदा है।
बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल है बिहार सरकार का बजट : डॉ. अखिलेशबिहार कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने सोमवार को पेश बिहार बजट को बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल बताया है।
उन्होंने कहा कि चुनावी साल के बजट में उम्मीद थी कि इसमें रोजगार की बात होगी, मंहगाई को कम करने की कम से कम तात्कालिक कोशिश होगी, युवाओं के लिए रोजगार युक्त प्रशिक्षण की बात होगी, महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने की बात होगी, डीजल-पेट्रोल पर वैट घटाकर मंहगाई पर नकेल कसने की बात होगी, किसान के लिए एमएसपी की बात होगी लेकिन सब के सब ढाक के तीन पात।
डॉ. सिंह ने कहा कि डबल इंजन की सरकार का यह आखिरी बजट है इसलिए बड़ी उम्मीद थी कि बिहार वासियों को कम से कम मंहगाई और बेरोजगारी की मार से कुछ राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मंहगाई को कम करने के बजाय सरकार तरकारी आउटलेट के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश में लग गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके अलावा नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब है।
बजट पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं- रालोजपा के मुख्य प्रवक्ता श्रवण अग्रवाल ने कहा कि बजट में गरीबों के लिए कुछ नहीं, सिर्फ जुमलेबाजी है। चुनावी वर्ष के इस बजट से सभी को बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन यह पूरी तरह निराशाजनक साबित हुआ।
- उन्होंने सवाल उठाया कि बजट में जिन योजनाओं की चर्चा की गई है, उनके लिए धनराशि कहां से आएगी, इस पर सरकार पूरी तरह मौन है।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव कुणाल ने बजट को बेहद निराशाजनक और दिशाहीन करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से जनविरोधी है और संघर्षरत तबकों की मांगों को अनसुना करता है।
आशा, जीविका, रसोइया, आंगनवाड़ी, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों से जुड़ी महिलाओं की कर्ज माफी, आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे सफाईकर्मी, कार्यपालक सहायक और अन्य स्कीम वर्करों सहित ठेका पर काम कर रहे लाखों लोगों की लोकप्रिय मांगों को बजट में कोई जगह नहीं मिली है।
केवल चुनावी जुमला है : माकपामाकपा के राज्य सचिव ललन चौधरी ने कहा कि बजट नहीं, केवल चुनावी जुमला है। गरीबों, छात्रों, नौजवानों के भविष्य के प्रति यह बजट मजाक है।
खास कर यह बजट स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कृषि उद्योग की स्थापना सहित किसी भी जरूरत के क्षेत्र की बुनियादी विकास से काफी दूर है। आमलोगों की क्रय शक्ति वृद्धि की कोई योजना एवं दृष्टि सरकार के पास नहीं है।
जनविरोधी बजट : भाकपाभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव रामनरेश पाण्डेय ने बजट को जनविरोधी करार दिया है। उन्होंने कहा कि चुनावी साल में सरकार ने लोकलुभावन नारा देकर राज्य की जनता को दिग्भमित करने का कार्य किया है।
योजनाकार में मामूली बढ़ती की गई है जबकि प्रतिबद्ध व्यय बढ़कर दो लाख करोड़ रुपये का हो गया है।
मुख्यमंत्री आवास योजना को लेकर कोई विशेष उपबंध नहीं किया गया है। सामाजिक सुरक्षा योजना के एक करोड़ लाभार्थियों के पेंशन की बढ़ोत्तरी की कोई बातें नहीं की गई।
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार के सभी निबंधन कार्यालयों में वित्तीय वर्ष 2025-26 में निबंधन की प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस कर दिया जाएगा। पेपरलेस निबंधन से पक्षकारों को भौतिक रूप से दस्तावेज तैयार नहीं करना होगा, इससे गो ग्रीन योजना को बढ़ावा मिलेगा।
इतना ही नहीं, देश या देश के बाहर रहने वाले लोग ऑनलाइन निबंधन भी करा सकेंगे। ऑनलाइन निबंधन को बढ़ावा देने के लिए देय स्टाम्प ड्यूटी में एक प्रतिशत और अधिकतम दो हजार रुपये की छूट भी दी जा रही है।
वहीं, पैतृक या पारिवारिक संपत्ति बंटवारा विलेख पर स्टाम्प ड्यूटी 50 रुपये, जबकि निबंधन शुल्क 50 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं, उद्योग स्थापित करने के लिए बियाडा से आवंटित भूमि पर स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क पर शत-प्रतिशत छूट दी जा रही है।
मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग के बजट में वृद्धिइस बार के बजट में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की कुल राशि में करीब 18 करोड़ की वृद्धि हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग का बजट 674.55 करोड़ था जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 692.60 करोड़ कर दिया गया है। हालांकि योजना मद में राशि घटाई गई है। पिछले बार स्कीम मद में 10 करोड़ की राशि थी जो घटकर सात करोड़ रह गई है।
विभाग के द्वारा अवैध शराब के संचालन को रोकने के लिए 84 चेकपोस्ट बनाए गए हैं। सभी चेकपोस्ट पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। नशामुक्त बिहार की थीम पर पटना मैराथन का भी आयोजन हो रहा है, जिसमें विदेशी प्रतिभागी भी भाग ले रहे हैं।
कार्बन न्यूट्रिलिटी को केंद्र में रख बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड बनेगा, बजट में किया गया प्रविधानवित्तीय वर्ष 2025-26 के बिहार बजट में पर्यावरण संरक्षण की भी चर्चा हुई है। कार्बन न्यूट्रिलिटी को केंद्र में रख बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड बनाया जाएगा। राज्य सरकार इस फंड में सीड फंड के रूप में 25 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। यह कहा गया कि इसके माध्यम से बिहार में जलवायु अनुकूलन एवं कार्बन बनाने में मदद मिलेगी। सार्वजनिक पूंजी को निजी निवेश के साथ मिश्रित कर इस फंड के माध्यम से चुनौतियों को अवसर में बदला जाएगा।
इससे कृषि को जलवायु अनुकूल बनाने, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने तथा युवाओं के लिए हरित रोजगार सृजन करने में सहायता मिलेगी। बिहार ग्रीन डेवलपमेंट फंड हरित बिहार, समृद्ध बिहार की हमारी दृष्टि का प्रतिनिधित्व करता है।यह अग्रणी पहल बिहार को देश के अग्रिम राज्यों में खड़ा करता है। इसी तरह राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार तथा वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु 100 करोड़ रुपए की लागत से बिहार क्लीन एयर ट्रांसफॉर्मेशन परियोजना का क्रियान्वयन किया जाएगा।
जीरो कार्बन इमिशन को ध्येय में रख तथा जल-जीवन-हरियाली अभियान के लक्ष्य के अंतर्गत 8053 पंचायती राज निकायों तथा 73 शहरी निकायों में जैव विविधता प्रबंधन समिति का गठन किया गया है। इसके माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक बनाया जाएगा।
चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत राज्य के हरित आवरण को वर्ष 2028 तक 17 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। बजट भाषण में यह जानकारी दी गयी कि कैमूर वन्यजीव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व घोषित किए जाने को ले नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गयी है।
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Bihar Budget: अब महिलाओं को मालामाल बनाने की तैयारी, छठ पर शुरू होगी नई योजना; नीतीश सरकार ने किया बड़ा एलान
राज्य ब्यूरो, पटना। इस बार के बजट ने पर्यटन विभाग की झोली भर दी है। राज्य सरकार ने पर्यटन विभाग के बजट में करीब ढाई गुना की बंपर वृद्धि की है।
पर्यटन विभाग का बजट वर्ष 2024-25 में 462.44 करोड़ रुपये था, जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 1103 करोड़ से अधिक कर दिया गया है। स्कीम मद में राशि 420 करोड़ थी जिसे 1049 करोड़ कर दिया गया है।
इस राशि का इस्तेमाल धार्मिक पर्यटन स्थलों के विकास, इको-टूरिज्म एवं होटल निर्माण आदि पर किया जाएगा। छठ पूजा के अवसर पर धार्मिक पर्यटन योजना की शुरुआत की जाएगी।
इसका अनुभव लेने के लिए बिहार आने वाले पर्यटकों को होम स्टे के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जहां पर्यटक नजदीक से छठ पर्व की परंपरा को जान सकेंगे।
इसके लिए भी राज्य सरकार हरसंभव मदद करेगी। महिलाओं को पर्यटन गाइड के रूप में भी प्रशिक्षित किया जाएगा ताकि उनके लिए इस क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर खुल सकें।
सारण जिले के सोनपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कोरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
इसके लिए मुख्य परामर्शी का चयन भी कर लिया गया है। गया जिले के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर में 61.96 करोड़ से पर्यटकीय अवसंरचनाओं का विकास किया जाएगा।
यहां खर्च होंगे 98.65 करोड़सहरसा के मत्स्यगंधा झील और आसपास पर्यटन सुविधा बढ़ाने पर करीब 98.65 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसी तरह इको टूरिज्म के क्षेत्र में कैमूर के करचमट को एडवेंचर हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के नए कार्यालययीावन के निमिार्ण पर 28.87 करोड़ खर्च होंगे जबकि बोधगया के समीप सीलौंजा में सात आश्चर्यों की प्रतिकृतियों के निर्माण पर 148.51 करोड़ खर्च होंगे।
पटना में बनने वाले तीन फाइव स्टार होटलों का निर्माण भी नए वित्तीय वर्ष में शुरू होने की उम्मीद है।
होटल पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस पड़ाव और सुल्तान पैलेस परिसर में बनने वाले पांच सितारा होटलों के निर्माण के लिए टेंडर भी प्रकाशित किया जा चुका है।
पर्यटन विभाग का बजट- 462.44 करोड़ था कुल बजट वर्ष 2024-25 में
- 1103.91 करोड़ का बजट है वर्ष 2025-26 का
- 420 करोड़ था वर्ष 2024-25 में स्कीम मद बजट
- 1049 करोड़ स्कीम मद में खर्च होंगे वर्ष 2025-26 में
बता दें कि बजट में महिलाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। बिहार के बड़े शहरों में पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पिंक बस भी चलाई जाएंगी।
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Kharmas in March 2025: किस तारीख से शुरू हो रहा खरमास का महीना? 30 दिनों तक नहीं कर सकेंगे यह काम
जागरण संवाददाता, पटना। हिंदू धर्मावलंबियों के खास माह खरमास शुक्रवार 14 मार्च (Kharmas In March 2025) से आरंभ होगा। इसके साथ ही शुभ व मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। 14 अप्रैल सोमवार को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करने के बाद खरमास का समापन होगा।
खरमास में भगवान विष्णु की विधि पूर्वक पूजा, पाठ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। खरमास में धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ, यज्ञादि, दान आदि करने से अतुल्य पुण्य की प्राप्ति होती है।
ज्योतिष आचार्य पंडित राकेश झा ने पंचांगों के हवाले से बताया कि फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा 14 मार्च शुक्रवार की रात 08:54 बजे सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास आरंभ हो जाएगा। सूर्य संक्रांति और लग्न के राजा माने जाते हैं। इनकी राशि का परिवर्तन ही खरमास का द्दोतक है।
गुरु-शुक्र की शुभता से तय होता है लग्नज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विवाह संस्कार के शुभ योग के लिए गुरु, शुक्र और सूर्य का शुभ होना जरूरी है। 14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन राशि की संक्रांति होने के कारण खरमास रहेगा। इस दौरान शुभ मांगलिक कार्य नहीं होंगे। खरमास के बाद विवाह के लिए 22 दिन शुभ मुहूर्त है।
मिथिला पंचांग के अनुसार अप्रैल में सात, मई में 11 व जून में चार विवाह का लग्न-मुहूर्त है। इसके बाद चातुर्मास लगने से चार मास के लिए शहनाई की गूंज पर रोक लग जाएगा।
शुभ लग्न-मुहूर्त में इसका होना जरूरीशादी-ब्याह के शुभ लग्न व मुहूर्त निर्णय के लिए वृष, मिथुन, कन्या, तुला, धनु एवं मीन लग्न में से किन्ही एक का होना जरूरी है। नक्षत्रों में अश्विनी, रेवती, रोहिणी, मृगशिरा, मूल, मघा, चित्रा, स्वाति,श्रवणा, हस्त, अनुराधा, उत्तरा फाल्गुन, उत्तरा भद्र व उत्तरा आषाढ़ में किन्ही एक का रहना जरूरी है।
अति उत्तम मुहूर्त के लिए रोहिणी, मृगशिरा या हस्त नक्षत्र में से किन्ही एक की उपस्थिति रहने पर शुभ मुहूर्त बनता है। विवाह माघ, फाल्गुन, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़ एवं अगहन मास में हो तो अत्यंत शुभ होता है।
खरमास के बाद शादी-विवाह के शुभ मुहूर्त:मिथिला पंचांग के अनुसार- अप्रैल: 16, 18, 20, 21, 23, 25, 30
- मई: 1, 7, 8, 9, 11, 18, 19, 22, 23, 25, 28
- जून: 1, 2, 4, 6
- अप्रैल: 14, 15, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 25, 26, 29, 30
- मई: 1, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15,16,17, 18, 22, 23 ,24, 28
- जून: 1, 2, 3, 4, 5, 7, 8
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Bihar Budget: 1500 करोड़ बढ़ा गृह विभाग का बजट, महिला सिपाहियों को थाने के पास मिलेगा आवास
कुमार रजत, पटना। गृह विभाग के बजट में करीब डेढ़ हजार करोड़ की बंपर वृद्धि की गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में गृह विभाग का बजट 16 हजार 323 करोड़ रुपये था जिसे वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर 17 हजार 831 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह बिहार के कुल बजट का 5.63 प्रतिशत है।
गृह विभाग की योजनाओं को पूरा करने के लिए स्कीम मद में भी करीब 380 करोड़ रुपये अधिक मिले है। पहले स्कीम मद में करीब 855 करोड़ का बजट था जो अब बढ़कर 1233 करोड़ कर दिया गया है। यह राशि बेहतर पुलिसिंग, आधुनिक तकनीक, आधारभूत संरचना और पुलिसकर्मियों के कल्याण पर खर्च किए जाएंगे।
बिहार पुलिस में करीब 30 हजार महिला पुलिसकर्मी हैं। महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनके आवासन की विशेष व्यवस्था इस बजट में की गई है। महिला सिपाहियों के रहने के लिए राज्य सरकार किराये पर मकान लेगी। यह आवास थानों के आसपास लिए जाएंगे जहां महिला सिपाहियों के आवासन की व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही बेहतर तकनीकी अनुसंधान के लिए राज्य में राष्ट्रीय फॉरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू) के आफ कैंपस की स्थापना की जाएगी। केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिल गई है। इसके अलावा पटना के विधि विज्ञान प्रयोगशाला और राजगीर के बिहार पुलिस अकादमी में साइबर फारेंसिक प्रयोगशाला की दो इकाई स्थापित किए जाने की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।
260 ओपी थानों में अपग्रेड, नौ क्षेत्रीय एफएसएल का निर्माण शुरू:बिहार पुलिस बल पिछले 15 सालों में ढाई गुना से भी अधिक हो गया है। वर्ष 2005 से पहले बिहार में 42 हजार 481 पुलिसकर्मी थे। इस दौरान सिपाही से लेकर पदाधिकारी स्तर तक हुई बहाली के फलस्वरूप पुलिसकर्मियों की संख्या एक लाख दस हजार तक पहुंच गई है। राज्य में बेहतर विधि-व्यवस्था नियंत्रण को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों में 260 ओपी को थानों के रूप में अपग्रेड किया गया है।
इसके अलावा, 24 रेल ओपी को भी रेल थाने में उत्क्रमित किया जा चुका है। राज्य में 44 नए साइबर थानों और 28 यातायात थानों का सृजन भी हुआ है।नौ क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए भवन निर्माण का काम शुरू किया गया है। इसके अलावा बिहार पुलिस के शेष थानों के निर्माण, पुलिस कार्यालय एवं आवासीय भवनों के निर्माण का काम भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
डायल-112 से घरेलू हिंसा के 1.43 लाख मामलों में मिली मदद:बेहतर विधि-व्यवस्था के लिए डायल-112 की सेवा को और भी चुस्त-दुरुस्त किया गया है। इस सेवा से चिकित्सा, अग्निशमन सेवा, महिला एवं बच्चों की सुरक्षा और हाईवे पेट्रोलिंग को भी जोड़ा गया है। डायल-112 की शुरुआत के समय सहायता पहुंचने का औसत समय एक घंटे से भी अधिक था जो अब घटकर 15 मिनट रह गया है।
वर्ष 2024 में घरेलू हिंसा के एक लाख 43 हजार 620 मामलों में डायल-112 से मदद पहुंचाई गई है। महिलाओं के लिए विशेष सुरक्षित सफर सुविधा का विसतार भी जिलों में किया गया है।
300 कब्रिस्तानों की होगी घेराबंदी, 54 मंदिरों की बनेगी चहारदीवारी:नए वित्तीय वर्ष में 300 कब्रिस्तानों की पक्की घेराबंदी और 572 मंदिरों की चहारदीवारी निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। कब्रिस्तानों की घेराबंदी की प्राथमिकी सूची में 9,273 में 8,808 कब्रिस्तानों की घेराबंदी की जा चुकी है।
वहीं बिहार मंदिर चहारदीवारी योजना के अंतर्गत कुल 572 मंदिरों के चहारदीवारी के निर्माण की स्वीकृति दी गई जिसमें 518 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं।
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3 फाइव स्टार होटल बनेंगे और नाले नहीं दिखेंगे, पटना को बदलने की नीतीश सरकार ने कर ली फुल प्रूफ तैयारी
नीरज कुमार, पटना। राज्य सरकार राजधानी को स्मार्ट बनाने के लिए इस वर्ष बजट में 836.27 करोड़ रुपये का प्राविधान किया है।
वर्तमान में शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। इससे राजधानी में संचालित योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में नालाें का निर्माण किया जा रहा है। वहीं तालाबों को जीर्णोद्धार एवं फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से पटना के अलावा भागलपुर, मुजफ्फरपुर एवं बिहारशरीफ को भी स्मार्ट सिटी मिशन में शामिल किया है।
बाकरगंज नाला का किया जा रहा निर्माणस्मार्ट सिटी मिशन के तहत राजधानी में बाकरगंज नाला का निर्माण किया जा रहा है। इस नाला को पाटकर सड़क बनाना है। इस पर काम शुरू हो गया है।
इसके अलावा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत गांधी मैदान के पास फुट ओवर ब्रिज का निर्माण किया गया है। राजधानी के अदालतगंज तालाब का भी जीर्णोद्धार स्मार्ट सिटी मिशन के तहत ही किया गया है।
पटना में विकसित होगा महिला हाट- राज्य सरकार ने पटना में महिला हाट स्थापित करने की योजना बनाई है। महिला हाट में महिलाओं के व्यापार करने के लिए विशेष सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
- इसके लिए जल्द ही स्थल का चयन किया जाएगा। इसके साथ ही वेंडिंग जोन भी विकसित किए जाएंगे, जिसमें महिलाओं को प्रमुखता दी जाएगी।
राज्य सरकार ने प्रदेश के प्रमुख शहरों में पिंक टायलेट बनाने की घोषणा की है। प्रथम चरण में 20 पिंक टायलेट शुरू किया जाएगा। अगले एक माह के अन्दर पिंक टायलेट स्थापित किए जाएंगे।
78.83 लाख रुपये से बड़ी पटनदेवी मंदिर का होगा विकासराज्य सरकार ने राजधानी के बड़ी पटनदेवी मंदिर के विकास के लिए 78.83 लाख रुपये खर्च करेगी। वहीं बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के नये कार्यालय के निर्माण पर सरकार की ओर से 2.887.11 लाख रुपये का प्राविधान किया गया है।
इसके अलावा राजधानी में पर्यटकों को अत्याधुनिक सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से व्यवस्था की जा रही है।
इसके तहत होटल पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस स्टैंड एवं सुल्तान पैलेस की भूमि पर पांच सितारा होटल का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है। तीनों होटल का निर्माण पीपीपी मोड पर किया जाएगा।
पुनपुन में होगा 100 एकड़ का स्पोर्ट्स कांप्लेक्सबिहार के बजट में राज्य के खिलाड़ियों को बड़ी सौगात मिली है। अब राष्ट्रीयस्तर के अभ्यास के लिए खेल प्रेमियों को प्रदेश के बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।
पटना के पुनपुन प्रखंड में 100 एकड़ भूमि चिन्हित कर स्पोर्ट्स कांप्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा हर प्रखंड में एक आउडडोर स्टेडियम बनाया जाएगा।
सरकार ने खेल मद में कुल 248.39 करोड़ रुपये का बजट पास किया है। इसमें 53.39 करोड़ स्थापना तो 195 करोड़ योजना मद में खर्च किए जाएंगे।
सरकार ने बजट में मोइनुल हक स्टेडियम के पुनर्निर्माण, राजगीर के नए खेल परिसर, मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना और प्रखंडों में खेल मैदान के निर्माण से होने वाले लाभ का जिक्र बजट में किया है।
533 प्रखंडों की 5671 ग्राम पंचायतों में 6659 खेल मैदानों के निर्माण का कार्यारंभ किया गया है। विभिन्न जिलों में प्रखंड स्तर पर आउटडोर स्टेडियम निर्माण हेतु अबतक कुल 370 स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।
इसमें 229 स्टेडियमों के निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 141 मैदान का निर्माण किया जाना है। राजगीर में राज्य खेल अकादमी सह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य 90 एकड़ भूमि पर कुल 740 करोड़ रुपये की लागत से प्रगति पर है।
मोइनुल हक में होंगे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन खेल विभाग द्वारा बीसीए को मोइनुल हक स्टेडियम लीज पर दिया गया है। इसके जीर्णोद्धार के बाद मैदान पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन हो सकेगा।
खेल विभाग एवं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के तहत स्कूली विद्यार्थियों के लिए मशाल प्रतियोगिता संचालित की जा रही है।
अभियान से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान होगी ही, प्रत्येक स्तर पर नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। परिवहन विभाग का नया बजट महिलाओं को उपहार देने वाला है। महिलाओं की सुरक्षित यात्रा से लेकर उन्हें परिवहन क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने तक कई नई योजनाएं वित्तीय वर्ष 2025-26 में लॉन्च की गई हैं। इस कारण बजट का आकार भी करीब 80 करोड़ बढ़ाया गया है।
इसमें योजना मद में 40 करोड़ की राशि बढ़ाई गई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभागीय बजट 451.46 करोड़ था जो वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 530.99 करोड़ कर दिया गया है। इसमें स्कीम मद में राशि 242 करोड़ से बढ़कर 282 करोड़ कर दी गई है।
इन शहरों में चलेंगी पिंक बसेंपरिवहन विभाग की ओर से पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया समेत राज्य के प्रमुख शहरों में पिंक बसें चलाई जाएंगी। सबसे खास बात यह कि इन बसों में सवारी, ड्राइवर और कंडक्टर सभी महिलाएं होंगी।
इसके लिए परिवहन विभाग महिलाओं को ड्राइवर और कंडक्टर का विशेष प्रशिक्षण दिलाएगा। राज्य के प्रमुख शहरों में महिला वाहन परिचालन प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसमें प्रशिक्षक भी महिलाएं ही होंगी।
33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाएगापरिवहन निगम से ड्राइवर, कंडक्टर और डिपो मेंटेनेंस स्टाफ के पदों पर महिलाओं के लिए एक तिहाई यानी 33 प्रतिशत पद आरक्षित कराए जाएंगे।
महिला स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए महिला चालकों को नगद अनुदान भी दिया जाएगा। महिला चालकों को ई-रिक्शा एवं दोपहिया वाहन के व्यावसायिक परिचालन के उद्देश्य से खरीद के लिए अनुदान का प्रविधान किया गया है।
जल्द चलेंगी 400 ई-बसें, ई-वाहन खरीद पर अनुदान:- परिवहन विभाग की योजना है कि नए वित्तीय वर्ष में राज्य में 400 ई-बसों का परिचालन शुरू कर दिया जाए। यह बसें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया शहरों में चलेंगी।
- बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के ई-वाहन तथा उनके चार्जिंग स्टेशनों को प्रोत्साहित करने के लिए भी अनुदान और टैक्स में छूट का प्रविधान किया गया है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री प्रखंड परिवहन योजना के तहत अब तक 132 लाभुकों को 6.60 करोड़ रुपये का भुगतान वाहन खरीद पर दिया गया है।
ग्राम परिवहन योजना के तहत 45 हजार लाभुकों को अनुदान दिया गया है। इसके तहत 670 लाभुकों के द्वारा एंबुलेंस की खरीद की गई है।
विकास की सूरत गुलाबीकभी उन्हें देहरी में दबोच कर रखा गया तो कभी पर्दे के भीतर। विवशता में इस जमात ने उसे ही अपनी नियति मान लिया था, जबकि वे आधी आबादी हैं। तब उन्हें अपनी हैसियत का अहसास भी नहीं था। अब वे मुखर हैं और बुलंद भी। वे बिहार की महिलाएं हैं, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सकारात्मक सोच और सफल नीतियों की बदौलत राजनीति से लेकर नौकरी-रोजगार तक में सफलता के परचम लहरा रहीं।
उनका यह परचम और बुलंद हो, इसके लिए नए वित्तीय वर्ष (2025-26) के बजट में सरकार ने बहुआयामी घोषणाएं की हैं। बजट में महत्वपूर्ण 52 घोषणाएं हैं, जिनमें से 12 नितांत आधी आबादी के हित में। बाद बाकी घोषणाओं का लाभ भी वे पुरुषों के जैसे ही ले सकती हैं। वस्तुत: यह बढ़ते बिहार की बानगी है और सरकार के दृष्टिकोण का एक नमूना भी।
सरकार चाहती है कि विकास की पटरी पर दोनों पहिए बराबर चाल से आगे बढ़े, तभी मंजिल तक पहुंच पाएंगे। पुरुषों की तरह जब महिलाएं भी सशक्त-समर्थ होंगी तभी बिहार के विकास की दर दहाई अंक में बनी रहेगी और तभी प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि होगी। नीतीश सरकार का यही लक्ष्य है। इसीलिए अपनी सत्ता के शुरुआती दौर में उन्होंने लड़कियों की शिक्षा और पंचायती राज के साथ नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण की व्यवस्था की।
बाद में जीविका के माध्यम से गरीब ग्रामीण महिलाओं को कमाऊ बनाया गया। वह पहल अब शहरों तक बढ़ आई है। उसके आगे अब उनके लिए वेंडिंग जोन में स्थान आवंटित होगा। चलंत व्यायामशाला बनाया जाएगा, जिसकी शुरुआत पटना से होगी। नए वित्तीय वर्ष के बजट में इसका प्रविधान कर दिया गया है। संकोच खुलेआम न हो, इसके लिए सभी प्रमुख शहरों में पिंक टायलेट बनेंगे और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास भी।
उनके आवागमन के लिए पिंक बसें चलेंगी, जिनमें ड्राइवर और खलासी भी महिलाएं ही होंगी। परिवहन निगम के मेंटेंनेंस विभाग में 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, तो प्रमुख शहरों में उनके लिए चालक प्रशिक्षण केंद्र खुलेंगे। महिला सिपाहियों को रहने के लिए किराये पर कमरा लेकर दिया जाएगा।
ई-रिक्शा और दोपहिया की खरीद पर अनुदान मिलेगा तो वे पर्यटक गाइड भी बनाई जाएंगी। इन सबके आगे सरकार की दृष्टि में गांव-जवार का वह कोना भी है, जहां बेटियों के बरात के स्वागत हेतु गरीबों के पास जगह नहीं। अब सभी पंचायतोंं में कन्या विवाह मंडप का निर्माण होगा, जहां बैंड-बाजा और जश्न के बीच बेटियों के हाथ पीले होंगे।
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Bihar Land Mutation: लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार ने फिर जारी की गाइडलाइन, जमीन मालिकों को होगा फायदा
राज्य ब्यूरो, पटना। ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त दाखिल-खारिज याचिकाओं के निष्पादन के बाद जो लिपिकीय या गणितीय त्रुटियां रह जाती हैं, उसमें सुधार के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी समाहर्ताओं को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि दाखिल-खारिज संबंधी आदेश पारित करने के दौरान की गई लिपिकीय या गणित संबंधी भूल या किसी आकस्मिक भूल या लोप से हुई गलतियां अंचल अधिकारियों द्वारा स्वप्रेरणा से या किसी पक्षकार के आवेदन पर शुद्ध की जा सकेगी। अंचल अधिकारी इस शुद्धि से सभी पक्षों को सूचित करेंगे।
अंचल अधिकारियों को लिपिकीय या टंकण संबंधी भूल के कारण क्रेता,विक्रेता की विवरणी, जमाबंदी, खतियानी रैयत के नाम-पता में हुई त्रुटि या लोप एवं लगान की राशि से संबंधी त्रुटि में संशोधन का अधिकार दिया गया है।
दाखिल-खारिज में कैसे होगा संशोधन?पत्र में कहा गया है कि दाखिल-खारिज वादों के निष्पादन के दौरान पारित आदेश में अगर लिपिकीय एवं टंकण संबंधी भूल के कारण खाता्, खेसरा या रकबा में कोई गलती हो गई हो या मिलजुमला खेसरा होने की वजह से कोई अन्य जमाबंदी प्रभावित हुई हो तो उसमें संशोधन के लिए अलग प्रक्रिया का अनुसरण करना होगा।
प्रक्रिया के मुताबिक अंचल अधिकारी सिविल प्रक्रिया संहिता-1908 की धारा-152 के प्रविधानों के मुताबिक आत्मभारित आदेश पारित करते हुए पहले पारित भूल के आदेश को निरस्त करेंगे। फिर सही खाता,खेसरा, रकबा या अलग-अलग खेसरा के रकबा के दाखिल-खारिज का आदेश पारित करेंगे।
अगर रैयत के दस्तावेज में गलती है तो क्या होगा?- सचिव के पत्र में बताया गया है कि कई बार रैयत द्वारा क्रय किए गए दस्तावेजों में ही खाता, खेसरा और रकबा गलत दर्ज रहता है। उसी के कारण दाखिल-खारिज संबंधी आदेश गलत पारित हो जाता है।
- त्रुटिपूर्ण जमाबंदी सृजित हो जाती है। ऐसी स्थिति में भूमि सुधार उपसमाहर्ता के समक्ष अपील दायर किया जाएगा जिसे सुनवाई की पहली तारीख को ही अंचल अधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया जाएगा।
राजस्व अधिकारियों से अनजाने में हुई गलतियों का खामियाजा आम जनता को नहीं भुगतना पड़े, इसलिए हमने यह व्यवस्था की है। वर्तमान में किसी भी गणितीय या लिपिकीय भूल में सुधार के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता के समक्ष अपील दायर करना पड़ता है, जिसमें लोगों को परेशानी होती है। नई व्यवस्था में गलतियों का सुधार अंचल अधिकारी के कार्यालय से ही हो जाएगा। इससे लोगों को काफी सुविधा होगी। - संजय सरावगी, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार।
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बिहार में जल्द लागू होने वाली है एक नई नीति, आसमान छूएगी प्रदेश की इकोनॉमी; नीतीश सरकार ने बनाया धांसू प्लान
राज्य ब्यूराे, पटना। बिहार में नीतीश सरकार ने बजट की घोषणा कर दी है। निवेशकों की जरूरतों के हिसाब से सरकार इसी वर्ष नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति लाएगी।
कई अन्य क्षेत्र के उद्योगों के लिए भी नयी पॉलिसी आएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में इस बात का प्रविधान किया गया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने व निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से एक गतिशील तंत्र के रूप में काम करेगी नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति।
नयी औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति निवेशकों की जरूरतों को सहयोग देते हुए निवेश के लिए राज्य को एक आकर्षक केंद्र के रूप में विकसित करने को सहयोग करेगी। इसका लाभ राज्य में आर्थिक गतिविधियों के विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन के रूप में भी होगा।
उद्योग तथा संबंधित क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास के लिए औद्योगिक रोडमैप तैयार किया जाएगा। पटना, मुजफ्फरपुर तथा पूर्णिया की तर्ज पर राज्य में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दरभंगा, मुंगेर, गया, सारण, भागलपुर तथा सहरसा में भी खादी माल का निर्माण कराया जाएगा।
अब तक इतने करोड़ रुपये हुए खर्चबिहार स्टार्ट अप पॉलिसी के बारे में यह बताया गया कि अब तक 186 निबंधित स्टार्टअप को 51.27 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
स्थायी और वैकल्पिक ईंधन के उपयाेग को प्रोत्साहित कर राज्य के प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम मूल्यवर्धन कर रोजगार सृजन के उद्देश्य से बिहार बायो फ्यूएल्स उत्पादन प्रोत्साहन (संशोधन) नीति 2025 को लागू किया जाएगा।
पर्यावरणीय चुनौतियों एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकल्पों को बाजार की मांग के कारण निजी कंपनियों व तेल कंपनियों द्वारा बिहार में कांपेस्ड बायो गैस इकाईयों की स्थापना का जाएगी।
किसानों की आय में वृद्धि व पर्यावरणीय स्थिरता के साथ सतत औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय विकास काे बढ़ावा देने के लिए बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति 2025 लायी जाएगी।
लागू होगी यह भी पॉलिसी- बिहार को एक प्रमुख फार्मास्यूटिकल और चिकित्सा उपकरण विनिर्माण केंद्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए इसी वर्ष बिहार फार्मास्यूटिकल प्रमोशन पॉलिसी लायी जाएगी।
- इसी तरह प्रदेश में प्लास्टिक विनिर्माण क्षेत्र आर्थिक विकास के रूप में अपना योगदान और बढ़ाए इसे केंद्र में रख बिहार प्लास्टिक विनिर्माण प्रोत्साहन नीति भी इस वर्ष लायी जाएगी।
- उद्यमिता विकास संस्थान का जीर्णोद्धार कर इसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा। गुड़ के लिए एक सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना समस्तीपुर के पूसा में होगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट (Bihar Budget 2025) में पथ निर्माण विभाग को वार्षिक स्कीम मद की कुल राशि में 4.50 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया है। इसके तहत पथ निर्माण विभाग के लिए 5257.55 करोड़ रुपए का प्रविधान किया गया है।
रोड सेक्टर के लिए बजट में यह महत्वपूर्ण घोषणा रही कि सभी जिला मुख्यालयों को चार लेन की सड़क से पटना को संपर्कता मिलेगी। वर्ष 2027 के अंत तक राज्य के किसी भी कोने से चार घंटे में पहुंचने का लक्ष्य तय किया गया है।
सात निश्चय पार्ट-2सात निश्चय पार्ट-2 के अंतर्गत सुलभ संपर्कता के अधीन राज्य के सभी शहरों एवं सघन बसावटों से हाेकर गुजरने वाले मार्गों में आवश्यकता के हिसाब से बाईपास व फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाना है। इसके तहत अब तक 25 बाईपासों के निर्माण के लिए 676.27 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
2024-25 में 22 पुल प्रोजेक्ट का निर्माण पूराविगत एक वर्ष के दौरान पथ निर्माण विभाग के तहत जिन योजनाओं पर काम हुआ उसकी भी जानकारी दी गयी है। यह बताया गया कि वर्ष 2024-25 में अब तक 22 पुल योजनाओं का निर्माण पूरा किया गया है। एक वर्ष में पथ निर्माण विभाग के अधीन 90 योजनाएं जिसकी लागत राशि 4,826.40 करोड़ रुपए है, को स्वीकृति प्रदान की गयी।
इन योजनाओं में 23 पुल प्रोजेक्ट, 12 आरओबी तथा 50 सड़क परियोजनाएं हैं। वर्ष 2024-25 में पटना स्थित जेपी गंगा पथ के अंतर्गत गायघाट से कंगन घाट तक 3.40 किमी सड़क का लोकार्पण हुआ।
नदियों पर बने पुलों का विशेष जिक्रबजट भाषण में वित्त मंत्री ने नदियों पर बने पुलों का भी विशेष रूप से जिक्र किया। यह कहा गया कि वर्ष 2005 के पहले गंगा नदी पर दो लेन वाले मात्र तीन पुल थे और चार लेन वाले एक पुल। अब दो लेन वाले तीन पुल, चार लेन वाले 7 पुल तथा छह लेन वाले चार पुलों का निर्माण हो चुका है।
वर्ष 2005 से पहले कोसी नदी पर दो लेन वाले केवल दो पुल थे।अब दो लेन वाले पुलों की संख्या चार हो गयी है। चार लेन वाले नए पुलों का निर्माण हो चुका है।
गंडक नदी पर 2005 के पहले दो लेन वाले मात्र तीन पुल थे जो अब बढ़कर आठ हो चुके हैं। बागमती नदी पर मात्र चार पुल थे जिनकी संख्या अब 13 हो गयी है। फल्गु नदी पर मात्र एक पुल था। फल्गु पर चार नए पुल बनाए गए हैं।
- पथ निर्माण विभाग के लिए बजट: वित्तीय वर्ष 2025-26 में पथ निर्माण विभाग को 5257.55 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया, जो कुल वार्षिक स्कीम मद का 4.50 प्रतिशत है।
- चार लेन सड़क योजना: सभी जिला मुख्यालयों को पटना से चार लेन की सड़क से जोड़ने की योजना, 2027 तक राज्य के किसी भी कोने से चार घंटे में पहुंचने का लक्ष्य।
- नदियों पर बने पुल: 2005 से पहले गंगा, कोसी, गंडक और बागमती नदियों पर पुलों की संख्या सीमित थी, अब इन नदियों पर कई नए पुलों का निर्माण हुआ है, जिनमें दो, चार और छह लेन वाले पुल शामिल हैं।
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