Bihar News
Wheat New Price: बिहार में जारी हुआ गेहूं का नया रेट, एक अप्रैल से नई कीमत पर होगी खरीददारी
जागरण संवाददाता, पटना। वर्ष 2025-26 में गेहूं की अधिप्राप्ति 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदारी होगी। एफपीओ के माध्यम से गेहूं की खरीदारी की जाएगी। इसके लिए 151 क्रय केंद्र खोले जाएंगे।
जहां एक अप्रैल से 15 जून तक खरीदारी की जाएगी। यह बातें भारतीय खाद्य निगम क्षेत्रीय कार्यालय पटना की ओर से मंडल कार्यालय दीघा घाट में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के तहत गेहूं अधिप्राप्ति को लेकर जानकारी देते हुए जीएम क्षेत्र अमित भूषण ने दी।
उन्होंने कहा कि एफपीओ अपने सदस्य किसानों को भारतीय खाद्य निगम के गेंहू खरीद-अधिप्राप्ति केंद्र पर लाने के लिए प्रेरित करें।
कमीशन भी मिलेगा- किसान के खाते में उसी दिन समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भुगतान कर दिया जाएगा तथा सम्बंधित किसान उत्पादक संघठन (एफपीओ) को सरकार की भागीदारी करने के फलस्वरूप 27 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से कमीशन भी दिया जाएगा।
- उन्होंने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2025-26के दौरान राज्य सरकार भी लगभग 5000 गेहूं खरीद केन्द्र स्थापित करेगी। बिहार में 2.00 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को समर्थन मूल्य का भुगतान उनके बैंक खाते में 48 घंटे के अंदर कर दिया जायेगा।
गेहूं की उत्पादकता को देखते हुए अधिक उत्पादन करने वाले जिलों जैसे रोहतास, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, बक्सर, भोजपुर, सिवान, गया, सारण, नालंदा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सासाराम, गोपालगंज, औरंगाबाद, बेगुसराय, पटना, दरभंगा ईत्यादि जिलों में अधिक केंद्र स्थापित किये गए हैं।
इस अवसर पर उप महाप्रबंधक(अधिप्राप्ति) सुशील कुमार सिंह, राष्ट्रीय सह प्रमुख (सेवा भारती) प्रियदर्शी पुनीत, क्षेत्रीय निदेशक एनसीडीसी पटना श्वेता कुजूर, मंडल प्रबंधक पटना कुमार अभिषेक भी थे।
खेतीबाड़ी की नई तकनीक की जानकारी के साथ मिला सम्माननवादा में जिला मुख्यालय के सरकारी आइटीआइ परिसर में शनिवार को “दैनिक जागरण” की ओर से दो दिवसीय कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह 2025 का आयोजन किया गया।
इस समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि रहे जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन, विशिष्ट अतिथि सह जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार, पैक्स अध्यक्ष रामनरेश सिंह, अर्थशास्त्री प्रो. बच्चन कुमार पाण्डेय, सदर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, केवीके कृषि विज्ञानी रोशन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कृषि मेला में विभिन्न प्रखंडों से प्रगतिशील किसान, पान उत्पाद, कृषि उद्यमी, पशुपालक और मत्स्यपालक पहुंचे। समारोह को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन ने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे उनके फसलों की उपज में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।
कृषि विभाग जिले के किसानों को खेतीबाड़ी की नई तकनिकियों की जानकारी दे रहा है। फसलों के नए-नए प्रभेदों से उत्पादन में आशातीत बढ़ोतरी हुई है। बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को जागरूक करना जरूरी है।
जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि “दैनिक जागरण” की ओर से कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह का आयोजन एक सराहनीय पहल है, जो किसानों को खेतीबाड़ी की नई तकनीक की जानकारी देने के साथ ही सम्मान भी दे रहा है।
इधर, जिला पशुपालन पदाधिकारी डा. दीपक कुमार ने कृषकों को पशुपालन अपनाकर आय में अतिरिक्त वृद्धि करने के उपाय बताएं। बकरी, भेड़, गाय, भैंस, सुअर, कुक्कुट, मछलीपालन आदि के बारे में नई-नई जानकारियां दी, साथ ही कृषकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
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Bihar News: मनन कुमार मिश्रा बने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष, 7वीं बार रचा इतिहास
विधि संवाददाता, पटना। देशभर के 27 लाख वकीलों की प्रतिनिधि संस्था बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष पद पर मनन कुमार मिश्रा एक बार फिर निर्विरोध चुन लिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता और राज्यसभा सदस्य मिश्रा ने अपनी प्रभावशाली चुनावी रणनीति, लोकप्रियता और व्यवहारकुशलता के दम पर सभी विरोधियों को पीछे छोड़ दिया।
हालांकि, इस बार उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद विरोधी दलों की सक्रियता और कड़ा मुकाबला होने की अटकलें थीं, लेकिन अंततः कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतरा।
इससे पहले, बिहार राज्य बार काउंसिल चुनाव में लगातार सातवीं बार जीत दर्ज कर मिश्रा तीसरी बार बिहार से बीसीआई के सदस्य निर्वाचित हुए थे। अपनी जीत के बाद उन्होंने वकील समुदाय को मजबूत करने, अधिवक्ता अधिनियम में संशोधन और अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू कराने का संकल्प दोहराया।
इस बीच तमिलनाडु के एस. प्रभाकरण और दिल्ली के वेद प्रकाश शर्मा उपाध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। 17 मई को दिल्ली में वकीलों की महत्वपूर्ण बैठक होगी, जिसमें अधिवक्ताओं की समस्याओं और कल्याण योजनाओं पर चर्चा होगी।
जिला वकील संघ के अध्यक्ष बनें धुव्र और विजयकांत बने महासचिववहीं, दूसरी ओर बेगूसराय में जिला वकील संघ के अध्यक्ष पद पर ध्रुव कुमार महतो और महासचिव पद पर विजयकांत विजयी हुए। शुक्रवार को जिला वकील संघ का द्विवार्षिक चुनाव हुआ था।
मतगणना के बाद देर रात चुनाव परिणाम की घोषणा की गई। मतगणना की घोषणा करते हुए चुनाव आयोग एवं आयोग की टीम में शामिल सुदर्शन कुमार, प्रभाकर कुमार शर्मा, रंजन कुमार, सर्वदानंद पाठक ने अध्यक्ष पद के लिए ध्रुव कुमार महतो एवं महासचिव पद के लिए विजयकांत झा को विजयी घोषित किया।
चुनाव में कोषाध्यक्ष पद पर अनिल कुमार विजयी घोषित किए गए। उपाध्यक्ष के पद पर राम प्रमोद सिंह निर्वाचित हुए। द्विवार्षिक चुनाव में पदाधिकारियों के साथ-साथ संघ के कार्यकारिणी के भी सात सदस्यों का चुनाव किया गया।
पटना हाईकोर्ट ने डॉ. टी. एन. बनर्जी के ऐतिहासिक बंगले के निबंधन पर लगाई रोकदेश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के फिजिशियन रहे प्रख्यात चिकित्सक डॉ. टीएन. बनर्जी के गांधी मैदान स्थित ऐतिहासिक बंगले की बिक्री पर पटना हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है।
न्यायाधीश शैलेन्द्र सिंह की एकल पीठ ने अर्चना मुखर्जी और चंदना चटर्जी द्वारा दायर प्रथम अपील पर सुनवाई करते हुए पटना की निचली अदालत में चल रहे इजराय मुकदमे पर रोक लगा दी। इस मुकदमे के तहत बंगले का निबंधन मधुमेश चौधरी नामक तथाकथित खरीदार के पक्ष में किया जा रहा था।
अपीलार्थी के वरीय अधिवक्ता अमित श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि खरीदार ने महज 50 रुपये के गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर 2.2 करोड़ रुपये की भारी अग्रिम राशि का करार किया, लेकिन भुगतान का कोई प्रमाण पेश नहीं किया।
संदेहास्पद तरीके से कोलकाता में करार किया गया, जबकि स्टांप पेपर पटना में खरीदा गया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि मधुमेश चौधरी ने डॉ. बनर्जी के बेटे और पोतियों को पक्षकार बनाए बिना निचली अदालत से डिक्री हासिल कर ली और अब निबंधन करा रहे हैं। हाई कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगा दी।
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Bihar RERA: रेरा के एक्शन से म उड़े होश, इस एक गलती पर लगा दिया 50-50 हजार का जुर्माना
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार रेरा ने नियमों के विरुद्ध विज्ञापन करने को लेकर सात प्रमोटरों पर जुर्माना लगाया है। इनमें फर्स्ट होम बिल्डकॉन, साकार कंस्ट्रक्शन, हीरा पन्ना इंफ्रा प्रोजेक्ट, एसके बिल्डर्स एंड कॉलोनाइजर्स, विनसम रियलटर्स, अमर कंस्ट्रक्सन और भवानी कंस्ट्रक्शन एवं इंफ्राकान को 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का निर्देश दिया गया है।
रेरा बिहार के अध्यक्ष ने पारित किया आदेशइस संबंध में रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह की पीठ ने आदेश पारित किया है। बिहार रेरा का वेबसाइट पता और परियोजना को दिए गए रेरा निबंधन संख्या का उल्लेख किए बिना विज्ञापन प्रकाशित करने के कारण यह जुर्माना लगाया गया है। यह इस तरह के मामलों में पहली कार्रवाई है।
प्रमोटरों ने किया अधिनियम का उल्लंघन- रेरा अधिनियम के अनुसार, प्रमोटरों को किसी भी प्रकार के विज्ञापन में प्राधिकरण की वेबसाइट का पता और परियोजना को मिला रेरा निबंधन संख्या देना अनिवार्य है।
- अधिनियम के उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए, प्राधिकरण ने प्रमोटरों को अध्यक्ष की पीठ के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया था।
इस मामले में सभी प्रतिवादियों ने अपनी गलती स्वीकार की। आदेश में कहा गया है कि प्रमोटरों को 60 दिनों के भीतर जुर्माना राशि का भुगतान करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ रेरा अधिनियम और उसके तहत बनाए गए नियमों और विनियमों की सुसंगत धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बक्सर : वाहनों पर 1.42 लाख रुपये का जुर्मानापुलिस अधीक्षक शुभम आर्य के निर्देश पर अपराध नियंत्रण की दिशा में लगातार जारी कार्रवाई के तहत गुरुवार को पुलिस ने विभिन्न थाना क्षेत्रों से अलग-अलग मामलों में 15 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, वहीं कोर्ट से जारी 35 वारंट का निष्पादन किया गया है।
पुलिस कार्यालय से जारी दैनिक रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को बक्सर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर कुर्की के एक मामले का निष्पादन किया है। इसके अलावा औद्योगिक पुलिस ने गुप्त सूचना पर तीन गांजा तस्करों को गिरफ्तार करते हुए उनके पास से करीब 13 किलो गांजा बरामद किया है।
शराब के विरुद्ध जारी अभियान के तहत शराब तस्करी में पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से 409 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ 25 लीटर देसी शराब जब्त किया है। वही शराब के नशे में सात व्यक्तियों को गिरफ्तार करते हुए जुर्माना के लिए न्यायालय को सुपुर्द कर दिया।
इसके अलावा अपराध के अन्य किसी शीर्ष में गुरुवार को कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। दूसरी ओर अपराध नियंत्रण तथा अपराधियों पर लगाम कसने को चलाओ जा रहे वाहन जांच के दौरान यातायात नियमों के उल्लंघन में जब्त वाहनों से 1.42 लाख रुपया जुर्माना वसूल किया गया है।
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बिहार में बच्चियों की जान से खिलवाड़, दो महीने से स्टोर में बंद पड़ी है सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन; नहीं शुरू हुआ टीकाकरण
जागरण संवाददाता, पटना। गर्भाशय नाल के मुख यानी सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) से करीब 93 प्रतिशत सुरक्षा देने वाले एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अब तक व्यवस्थित रूप से शुरू नहीं हो सका है।
जिले को दो से ढाई माह पूर्व 1260 वाइल की पहली खेप मिली थी, लेकिन अब तक पीएमसीएच, एनएमसीएच व गुरु गोविंद सिंह अस्पताल में ही कुछ बच्चियों-किशोरियों को इसका लाभ मिल सका है। 1200 डोज अब तक सिविल सर्जन कार्यालय स्थित भंडारगृह में रखी हुई हैं।
मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत मुफ्त टीकाकरणबताते चलें कि पहले चरण में स्कूलों में पढ़ने वालीं 9 से 15 वर्ष की बालिकाओं-किशोरियों का मुफ्त टीकाकरण किया जाना है। मुख्यमंत्री बालिका कैंसर प्रतिरक्षण योजना के तहत पहले चरण में पटना, नालंदा, सिवान व मुजफ्फरपुर जिलों में मुफ्त एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है। इसके बाद दूसरे जिलों में शुरू किया जाना था।
महंगी वैक्सीन की निगरानी भी बन रही बाधासिविल सर्जन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में स्कूलों से चिह्नित बच्चियों-किशोरियों के टीकाकरण के लिए पीएमसीएच व आइजीआइएमएस में टीकाकरण शुरू करने पर सहमति बनी थी। इन संस्थानों को हर दिन 20-20 वाइल मुहैया करानी थी और उसका पूरा ब्योरा देना था।
इसके बजाय कुछ संस्थान 200 से 300 वाइल एक साथ मुहैया कराने का दबाव बना रहे थे। पहली खेप में जिले को कुल 1260 डोज एचपीवी वैक्सीन मिलने व महंगी होने के कारण उचित निगरानी में परेशानी के कारण सिविल सर्जन कार्यालय इस पर तैयार नहीं हुआ।
पूर्व में योजना बनी थी कि पीएमसीएच का कोई स्वास्थ्य प्रबंधक या सिविल सर्जन कार्यालय का कोई व्यक्ति हर डोज सही बालिका को ही मिले, इसकी निगरानी करेगा। भंडारगृह में पहुंची वैक्सीन में अधिकतम मूल्य दो हजार रुपये लिखा हुआ है, इस कारण इसकी चोरी भी हो सकती है।
- स्वदेशी सेरवावैक ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) जो प्रदेश में दी जाएगी, उसे सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से विकसित किया है।
- यह वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर के कारक एचपीवी के चार प्रमुख स्ट्रेन 6, 11, 16 व 18 से सुरक्षा देता है। उम्र के आधार पर डाक्टरों के परामर्श अनुसार दो या तीन खुराक बाएं हाथ के ऊपरी हिस्से में मांस में दी जाती हैं।
सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध सुरक्षा देने वाली वैक्सीन सभी पात्र बच्चियों-किशोरियों को मिले, इसके लिए व्यवस्थित कार्ययोजना बनाई जा रही है। जल्द ही पीएमसीएच, एनएमसीएच व आइजीआइएमएस में स्कूलों से चिह्नत लाभुकों को यह वैक्सीन दी जाएगी। बाद में सभी पात्र लोगों के लिए यह वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी।
डॉ. अविनाश कुमार सिंह, सिविल सर्जन
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Nitish Kumar Birthday: 74 साल के हुए बिहार के CM नीतीश कुमार, PM MODI ने खास अंदाज में दी बधाई
डिजिटल डेस्क, पटना। Nitish Kumar Birthday: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आज जन्मदिन है। वह 74 साल के हो गए हैं। नीतीश कुमार का जन्म 1 मार्च 1951 को बख्तियारपुर में हुआ था। उनके जन्मदिन के मौके पर नेताओं ने बधाई देना शुरू कर दिया है।। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी सीएम नीतीश कुमार को बधाई दी है।
बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद अपना जन्मदिन मनाने से परहेज करते हैं, लेकिन उनके कार्यकर्ता काफी उत्साहित रहते हैं। हर बार केके काटकर उनका जन्मदिन मनाते हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय में कई पोस्टर भी लगाए जाते हैं।
पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को दी बधाईप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने एक्स हैंडल पर बधाई देते हुए कहा कि बिहार के यशस्वी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी को उनके जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं। उनके नेतृत्व में राज्य विकास के नए पथ पर अग्रसर हुआ है। ईश्वर उन्हें स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन प्रदान करे।
विधानसभा में सीएम नीतीश को मिली जन्मदिन की अग्रिम बधाईवहीं, विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनके जन्मदिन की अग्रिम की बधाई दी गई। एक मार्च को मुख्यमंत्री का जन्मदिन है।विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि एक मार्च को सदन की बैठक नहीं है। इसलिए वह आज ही मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हैं।
इसके बाद पूरे सदन ने मेज थपथपा कर मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई दी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को अपनी सीट से ही अभिवादन कर उन्हें जन्मदिन की बधाई दी।
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Bihar Weather: इन जिलों के लोगों की बढ़ेगी मुश्किल, आंधी के साथ बिजली गिरने की संभावना; IMD ने जारी किया अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राजधानी समेत अधिसंख्य भागों में मौसम शुष्क बने होने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर यलो अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्टमौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के छह जिलों के कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर व नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर बादल गरजने के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
इस दौरान तेज हवा का प्रवाह जारी रहेगा। मौसम में हुए बदलाव को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिजली गिरने की संभावनाअगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया व नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर झोंके के साथ बादल गरजने और बिजली गिरने की संभावना है। 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री क्रमिक वृद्धि का पूर्वानुमान है।
25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धिशुक्रवार को पटना सहित 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री की वृद्धि के साथ 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 13.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसारराजधानी का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज राजधानी व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 29.1 18.9 गया 30.5 16.0 भागलपुर 29.2 16.5 मुजफ्फरपुर 26.4 18.7 मौसम के बदलते मिजाज से किसानों की बढ़ी चिंता
फागुन महीना चल रहा है। खेतों में गेहूं की फसल में बालियां लग गई हैं। अधिकतर खेतों में लगी सरसों की फसल में दाने लग गए हैं। चना की फसल में भी दाने आ गए हैं। ऐसे में सामान्य मौसम जरूरी है, लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
एक सप्ताह से मौसम में अनिश्चितता बनी हुई है। कभी तेज धूप निकल रही है तो कभी ठंढ का असर बढ़ जा रहा है। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान बादलों से ढंका रहा।
बादलों की गरज से बारिश का अनुमान था। कही- कहीं बूंदाबांदी भी हुई। फागुन महीने में अगर बारिश होगी तो फसलों को नुकसान होगा।
पुरानी कहावत है कि अगर फागुन महीने में बारिश हुई तो खेत में लगी फसल के घर आने की उम्मीद कम ही रहती है। इस महीने में आसमान से ओला वृष्टि की संभावना रहती है। ऐसा होने पर फसलें खेत में ही तहस नहस हो जाएंगी, जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा।
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Bihar Land Mutation: दाखिल-खारिज के लिए नई गाइडलाइन जारी, DCLR के पास पहुंचा लेटर; DM करेंगे निगरानी
राज्य ब्यूरो, पटना। बिना ठोस कारण के अस्वीकृत किए गए दाखिल-खारिज (Bihar Jamin Dakhil Kharij) के मामलों के निष्पादन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने नया निर्देश जारी किया है। इसके लिए विभाग ने एक पत्र भूमि सुधार उप समाहर्ताओं (डीसीएलआर) को दिया है। जिलाधिकारियों को कहा गया है वे इस पर निगरानी रखें।
पत्र में कहा गया है कि अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के जिन मामलों को मेरिट के आधार पर निरस्त नहीं किया गया है, वैसे मामले की अपील में सुनवाई के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता पहली ही तारीख को अंचल अधिकारी को पुनः सुनवाई का आदेश दें।
आवेदन पत्र के साथ सुसंगत दस्तावेज नहीं लगाने, संलग्न दस्तावेजों के अपठनीय होने, आवेदन भरने के समय गणितीय या लिपिकीय भूल हो जाने, ऑनलाइन जमाबंदी जहां से रकबा घटाया जाना है, उसमें त्रुटि होने जैसे कारणों से बड़ी संख्या में आवेदन अस्वीकृत होते हैं। ऐसे मामलों में 30 दिनों के भीतर डीसीएलआर के न्यायालय में अपील का प्रविधान है।
बिना मेरिट के पेंडिंग हैं मामलेविभागीय समीक्षा में यह बात सामने आई कि भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा ऐसे मामले में बिना मेरिट पर विचार किए अधिक समय तक लंबित रखा जाता है। इससे रैयतों को अनावश्यक परेशानी होती है। विभाग की बदनामी भी होती है। ऐसे सभी मामलों की सुनवाई कर मार्च, 2025 तक निष्पादन करने का आदेश पत्र में दिया गया है।
पदभार ग्रहण करने के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अंचल अधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज वाद को अस्वीकृत करने और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं द्वारा उन्हें स्वीकृत करने के मामले पर चिंता जताई।
उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इस प्रकार के मामलों की विभाग जांच कराए और इस प्रवृति पर रोक लगाने के लिए कारगर कदम उठाए। पदभार ग्रहण करने के बाद विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री को विभाग की विभिन्न सेवाओं के बारे में संक्षेप में जानकारी दी।
मिशन मोड में काम करें अधिकारी-कर्मचारी: संजय सरावगीराजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने कहा है कि वे इस विभाग की कार्य प्रणाली को पूर्ण पादर्शी बनाएंगे।शुक्रवार को पदभार ग्रहण करने के बाद अधिकारियाें से बातचीत में उन्होंने कहा कि विभाग की सेवाओं का समय-सीमा के भीतर निष्पादन हो, क्योंकि यह विभाग आम लोगों से जुड़ा है। हर वर्ग के लोग इस विभाग की गतिविधियों से प्रभावित होते हैं।
सरावगी ने मंत्री बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा एवं केंद्रीय नेतृत्व सहित सहित प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मंत्री पद मेरे जैसे पार्टी के कार्यकर्ता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी, चुनौती और सम्मान है। पार्टी ने मुझपर जितना भरोसा करके यह जिम्मेदारी सौंपी है, मेरा पूर्ण प्रयास होगा कि मैं अपनी पूरी क्षमता और अनुभव से अपने विभाग को माध्यम बनाकर बिहार की जनता की सेवा कर सकूं।
ऐसा करने में मैं प्रधानमंत्री की नीतियों, विजन और मार्गदर्शन का अनुसरण करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सेवा के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने का प्रयास करूंगा। राज्य में चल रहे भूमि सुधारों के साथ साथ विभाग के काम में पारदर्शिता लाने का प्रयास करूंगा, ताकि जनता का जीवन सरल सुगम और सुलभ बन सके।
उन्होंने कहा कि वे पार्टी के विश्वास और जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। विभाग के सभी पदाधिकारी और कर्मियों को मिशन मोड में पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करना होगा।
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Bihar News: फतुहा में घर में लगी आग, युवक को बचाने में 8 लोग झुलसे; घर से आ रही थी केरोसिन की गंध
संवाद सूत्र, फतुहा। नदी थाना अंतर्गत सबलपुर फतेहजामपुर गांव के एक घर में आग लगने से महिला समेत आठ लोग झुलसकर घायल हो गए। मौके पर पहुंची नदी थाने की पुलिस ने घायलों को पीएमसीएच भेज दिया, जहां चार लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
घायलों में चार लोग एक ही परिवार के हैं। बताया जा रहा है कि रसोई गैस के सिलेंडर विस्फोट से आग लगी। घायल आठ मरीजों को पीएमसीएच में शुक्रवार की दोपहर इमरजेंसी स्थित बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया।
इनमें सात लोगों की हालत गंभीर है, जबकि एक को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। घायलों की उम्र 25 से 40 साल के बीच है।
कोई 100 तो कोई 85 प्रतिशत तक जलाघायलों में दो 100, दो 98, दो 95, एक 85 फीसदी जला है। घायलों में दो महिला और छह पुरुष हैं। घायल भर्ती मरीजों में गुड़िया देवी, मुकेश चौधरी, प्रमोद ठाकुर, जे कुमार, अर्जुन चौधरी, शांति देवी, राकेश कुमार, राजेश कुमार शामिल हैं।
घायल महिलाओं की स्थिति गंभीर बनी हुई है। गुड़िया 98 तो शांति देवी 100 फीसदी जल गई हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अधिक जल जाने से कुछ की हालत गंभीर बनी हुई है। उपचार चल रहा है।
आसपास के लोगों ने बताया कि अर्जुन चौधरी के पुत्र ने शोर मचाया। युवक के चिल्लाने की आवाज सुनकर घर के साथ-साथ आसपास के लोग पहुंचे तो देखा कि राकेश चौधरी चारों तरफ आग की लपेट से घिरा हुआ है।
उसे बचाने के लिए उसके पिता अर्जुन चौधरी, मां शांति देवी, भाई मिथलेश चौधरी तथा पास के राजेश चौधरी, प्रमोद ठाकुर, गुड़िया देवी, तन्नू कुमारी सभी आग की चपेट में आ गये और झुलसकर घायल हो गए। ग्रामीणों ने तत्काल आगलगी की सूचना फायर बिग्रेड को दी।
आग पर पा लिया गया काबूसूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की गाड़ी घटनास्थल पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया। फतुहा डीएसपी निखिल कुमार ने बताया कि फतेहजामपुर गांव में एक घर में आग लगी है, जिसमें सात से आठ लोग झुलस गये हैं। सभी घायलों को पीएमसीएच भेजा गया।
आग घर में कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। इस आगलगी से घर का हजारों का सामान भी जलकर नष्ट हो गया। घर से केरोसिन की दुर्गंध निकल रही थी। जांच के लिए एफएसएल की टीम को बुलाया गया है। घटना की जांच की जा रही है।
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बिहार का सबसे अमीर और सबसे गरीब जिला कौन-सा है? सामने आई नीतीश सरकार की चौंकाने वाली रिपोर्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। पूरे बिहार में अर्थव्यवस्था की गति एक समान नहीं है। ऐसा होता भी नहीं है। बिहार तो वैसे भी उपभोक्ता प्रदेश है। ऐसे में उपभोग की कमोबेश मात्रा गरीबी-अमीरी के अंतर को और बढ़ा देती है।
इसी कारण कुछ जिले विकास की राह पर तेज दौड़ रहे तो कुछ पिछड़ जा रहे हैं। जैसे कि पटना और शिवहर। पटना बिहार का सबसे अमीर जिला है, लेकिन शिवहर को यह सौभाग्य नहीं। शिवहर सबसे गरीब जिला है।
राज्य के भीतर आर्थिक विकास में क्षेत्रीय विषमता का आकलन सकल जिला घरेलू उत्पाद व निवल जिला घरेलू उत्पाद के आधार पर होता है। इस आंकड़े में आगे रहने वाले जिले संपन्न माने जाते हैं और पिछड़ जाने वाले विपन्न।संपन्नता का यह पैमाना पेट्रोल-डीजल-एलपीजी की खपत और लघु बचत से निर्धारित होता है।
अमीर और गरीब जिलेइन सारे सूचकांकों के आधार पर पटना सबसे समृद्ध जिला है। अमीरी में बेगूसराय और मुंगेर जिला क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। गरीबी के संदर्भ में क्रमश: यही क्रमांक सीतामढ़ी और अररिया का है।
पटना की प्रति व्यक्ति आय 121396 रुपये हैं। बेगूसराय और मुंगेर की क्रमश: 49064 और 46795 रुपये। शिवहर के संदर्भ में यह 19561 रुपये है। सीतामढ़ी की प्रति व्यक्ति आय 21931 रुपये है तो अररिया की 22204 रुपये।
- अमीर जिले : पटना, बेगूसराय, मुंगेर क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर
- गरीब जिले : शिवहर, सीतामढ़ी, अररिया क्रमश: पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर
- पेट्रोल की खपत : पटना, मुजफ्फरपुर, पूर्णिया आगे, लखीसराय, बांका, जहानाबाद पीछे
- डीजल की खपत : पटना, शेखपुरा, औरंगाबाद आगे, शिवहर, सिवान, गोपालगंज पीछे
- एलपीजी की खपत : पटना, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज आगे, अररिया, बांका, किशनगंज पीछे
कई तरह के उतार-चढ़ाव को झेलते हुए भी बिहार की विकास दर लगातार दोहरे अंक में बनी हुई है। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट ऐसा बता रही। बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को विधान मंडल में उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने यह रिपोर्ट प्रस्तुत की। उसके उपरांत प्रेस-वार्ता में उन्होंने बताया कि राज्य की अर्थव्यवस्था 2011-12 के 2.47 लाख करोड़ से साढ़े तीन गुना बढ़कर 2023-24 में 8.54 लाख करोड़ हो गई है। राष्ट्रीय वृद्धि दर की तुलना में बिहार के विकास की दर अधिक रही है।
दूसरी बार आर्थिक समीक्षा की रिपोर्ट प्रस्तुत करने वाले सम्राट के पास वित्त विभाग का दायित्व भी है। विकास दर में वृद्धि को उन्होंने केंद्रीय सहायता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व का प्रतिफल बताया। दावा किया कि बिहार विकास दर के मामले में देश में तेलंगाना के बाद दूसरे स्थान पर है। वह भी 0.3 प्रतिशत के मामूली अंतर से। 2023-24 के लिए वर्तमान मूल्य पर बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 854429 करोड़ रुपये अनुमानित है।
पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में यह वृद्धि 14.5 प्रतिशत की होती है। इसी अवधि में 12.8 प्रतिशत की वृद्धि के साथ प्रति व्यक्ति आय 66828 रुपये अनुमानित है। यह अनुमान वर्तमान मूल्य पर है। स्थिर मूल्य पर यह राशि 7.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 36333 रुपये बनती है।
तृतीयक क्षेत्र का योगदान अधिक, दारोमदार कृषि पर:अर्थव्यवस्था में तृतीयक क्षेत्र यानी व्यापार और सेवा क्षेत्र का योगदान 59 प्रतिशत के लगभग होगा, लेकिन आज भी सर्वाधिक जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। कोरोना-काल में विकास दर में आई गिरावट के बीच इसी क्षेत्र ने अर्थव्यवस्था को संभाला था। अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का योगदान लगभग 20 प्रतिशत है।
धान-गेहूं के साथ मक्का का उत्पादन लगातार बढ़ रहा और आम-लीची के बागानों का रकबा भी। कृषि क्षेत्र को सरकार का प्रश्रय है। इसका प्रमाण बिजली है। कुल खपत में कृषि में बिजली की खपत 2023-24 में 17.6 प्रतिशत रही, जो 2019-20 में 4.3 प्रतिशत थी।
सामाजिक सेवाओं पर खूब खर्च कर रही सरकार:सम्राट ने बताया कि राजकोषीय संसाधनों के विवेकपूर्ण प्रबंधन से कई विकासमूलक लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही। इसके साथ ही सरकार के राजस्व व पूंजीगत लेखों में भी बढ़ोतरी हो रही है। यानी कि इन मदों पर व्यय बढ़ रहा है। यह बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए सुखद संकेत है। वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच पूंजीगत व्यय मेंं तिगुना बढ़ोतरी हुई है।
इससे स्पष्ट है कि राज्य सरकार संसाधनों के निर्माण पर अधिक खर्च कर रही। भविष्य में रिटर्न इन्हीं संसाधनों के बूते मिलता है। बहरहाल बजट का एक बड़ा हिस्सा सामाजिक सेवाओं पर खर्च हो रहा, जो सरकार की जन-कल्याणकारी अवधारणा को स्पष्ट करता है। 2023-24 में यह खर्च बढ़कर 83225 करोड़ हो गया है, जो 2019-20 में 57816 करोड़ रुपये था।
एसजीडीपी (रुपये में) वित्तीय वर्ष वर्तमान मूल्य स्थिर मूल्य 2011-12 247144 247144 2012-13 282368 256851 2013-14 317101 269650 2014-15 343951 279482 2015-16 371602 296488 2016-17 421051 318797 2017-18 468746 344028 2018-19 527976 381383 2019-20 581855 398329 2020-21 567814 368970 2021-22 647394 387256 2022-23 746417 425384 2023-24 854429 464540(नोट : 2022-23 का अनंतिम अनुमान है और 2023-24 का त्वरित अनुमान)
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राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र शुक्रवार को राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां के अभिभाषण के साथ आरंभ हो गया। दोनों सदनों के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नीतीश सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
सेंट्रल हॉल में आयोजित संयुक्त अधिवेशन में उन्होंने कहा कि इस वर्ष चुनाव की घोषणा के पहले राज्य में युवाओं को 10 लाख की जगह 12 लाख सरकारी नौकरी दी जाएगी।
इसी प्रकार से रोजगार सृजन के तहत अब तक 10 लाख की जगह 24 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के पहले ही राज्य में 34 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं, अभी तक नौ लाख 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है।
लगभग आधे घंटे के अभिभाषण में राज्यपाल ने कहा कि पहली फरवरी 2025 को केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट में बिहार के विकास में सहयोग के लिए मखाना बोर्ड का गठन, राज्य में नये हवाई अड्डों का निर्माण, पश्चिम कोसी नहर परियोजना के लिए आर्थिक सहायता, पटना आईआईटी का विस्तार और राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान की स्थापना की घोषणा की गई है।
केंद्र सरकार ने की थी विशेष आर्थिक मदद की घोषणाबिहार के लिए केंद्र सरकार ने विशेष आर्थिक मदद की घोषणा की थी। इसमें बिहार की सड़क परियोजनाओं, विद्युत परियोजनाओं, एयरपोर्ट, मेडिकल कॉलेज, खेल-कूद के विकास और पर्यटन स्थलों के विकसित करने के लिए विशेष सहायता की घोषणा की गई थी।
बिहार को बाढ़ से बचाने के लिए कोसी-मेची नदी जोड़ परियोजना और सिंचाई परियोजना के लिए भी मदद देने की घोषणा की गई थी।राज्यपाल ने बताया कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित है। साथ ही लगातार विकास का काम हो रहा है।
राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताराज्य सरकार ने सुशासन और न्याय के साथ विकास पर जोर दिया है। राज्य के सभी क्षेत्रों का विकास और सभी वर्गों का उत्थान इसमें शामिल है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पेयजल के क्षेत्रों में विशेष ध्यान दिया गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अब किसी तरह के डर एवं भय का वातावरण नहीं है। राज्य में कानून का राज बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सरकार द्वारा अपराध नियंत्रण और विधि व्यवस्ता के संधारण के लिए हर थाने के कार्य को दो हिस्सों में जैसे पहला केसों के अनुसंधान और दूसरा विधि-व्यवस्था के संधारण में बांट दिया गया है। राज्य में पुलिस बल की संख्या बढ़कर 1 लाख 10 हजार हो गई है, जिसमें महिलाएं 30 हजार हैं।
पुलिस के 21 हजार 391 रिक्त पदों पर भी नियुक्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। सरकार पुलिस बल की संख्या को और बढ़ाने जा रही है। इसके लिए 2 लाख 27 हजार से भी अधिक नए पदों का सृजन कर तेजी से पुलिस की बहाली की जा रही है।
थानों की संख्या बढ़ाकर 1380 हो गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए डायल 112 की इमरजेंसी सेवा प्रारंभ की गई है।
राज्यपाल के अभिभाषण के समय विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा, विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी सहित सभी दलों के विधायक और विधान परिषद के सदस्य उपस्थित थे।
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Earthquake: भारत में बार-बार क्यों आ रहा भूकंप? एक्सपर्ट ने बताई ये वजह, आप भी हो जाएं अलर्ट
नीरज कुमार, पटना। भारत के विभिन्न राज्यों एवं पड़ोसी देश नेपाल में बार-बार भूकंप आने की प्रवृति ने लोगों में भय का वातावरण पैदा कर दिया है। बार-बार भूकंप आने का मुख्य कारण प्लेटों का खिसकना माना जा रहा है। वर्तमान में देश का प्रायद्विपीय भाग औसतन दो सेंटीमीटर की गति से प्रतिवर्ष हिमालय की ओर बढ़ रहा है।
इससे हिमालय पर्वतमाला धीरे-धीरे ऊपर की ओर उठ रहा है। पिछले 50 वर्षों में माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई में लगभग 0.7 मीटर की वृद्धि हुई है। 1970 के आसपास माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई 8848 मीटर मापी गई थी।
पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में हो रहा बदलावराजधानी के एएन कॉलेज के अवकाश प्राप्त शिक्षक एवं भूगोलवेता प्रो. नुपूर बाेस का कहना है कि पृथ्वी के चुबंकीय क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है। इससे प्लेटों में काफी हलचल देखा जा रहा है। पृथ्वी के आंतरिक भाग में हलचल होने का प्रभाव सतह पर भूकंप के रूप में देखा जा रहा है। गनीमत है कि छोटे-छाेटे भूकंपों के माध्यम से पृथ्वी के आंतरिक भाग में दबाव कम हो जा रहा है।
अगर लंबे समय तक कोई भूकंप नहीं आता है तो कोई बड़ा भूकंप भी आ सकता है, जिसे काफी तबाही मच सकती है। 1934 में बिहार में बहुत बड़ा भूकंप आया था, इससे प्रदेश में काफी नुकसान हुआ था। उसके बाद से बिहार के उत्तरी भाग यानी नेपाल में अक्सर भूकंप का आगमन हो रहा है। उसकी तीव्रता सामान्यत: पांच से लेकर सात के आसपास देखी जा रही है।
घरों के आसपास खाली जगह रखना जरूरीभूकंप की दृष्टि से शहरों में आवासीय परिसर के आसपास खाली जगह भरते जा रहे हैं। शहरों में अपार्टमेंट कल्चर का प्रचलन काफी तेजी से बढ़ रहा है।
ऐसे में जरूरी है कि घरों के आसपास कुछ भाग खाली रखें, ताकि भूकंप आने पर घरों से बाहर निकलकर खाली जगह पर खड़ा हो सकें। तेज भूकंप आने पर सबसे ज्यादा खतरा अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों को होता है।
सिंधू से लेकर ब्रह्मपुत्र तक मैदानी भाग- भारत में उत्तर में सिंधू नदी से लेकर गंगा एवं पूर्वोत्तर में ब्रह्मपुत्र नद तक के क्षेत्र को मैदानी भाग माना जाता है। यह भाग नदियों के गाद आदि से बना है, जबकि प्रायद्विपीय भाग अत्यंत कठोर है।
- भूकंप आने पर सबसे ज्यादा खतरा देश के मैदानी भाग को ही है। इस इलाके में जब भी तेज गति का भूकंप आता है, इमारतें भरभराकर गिरने लगती है। इससे जान-माल के नुकसान होने का खतरा रहता है।
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Patna Airport: पटना एयरपोर्ट से कब मिलेगी इंटरनेशनल फ्लाइट, नए टर्मिनल पर भी आया लेटेस्ट अपडेट
जागरण संवाददाता, पटना। जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय विमान क्षेत्र, जिसे पटना एयरपोर्ट (Patna Airport) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। वर्ष 1999 तक काठमांडू (नेपाल) के लिए पटना एयरपोर्ट से विमान सेवा थी। दिल्ली-काठमांडू फ्लाइट के हाइजैक होने के बाद से पटना एयरपोर्ट से वहां के लिए विमान सेवा बंद कर दी गईं।
26 वर्षों से पटना एयरपोर्ट नाम का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बन कर रह गया है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) एवं अंतरराष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (आइएटीए) ने अब तक दर्जा नहीं छीना। यही कारण है कि दो दशक बाद इसे अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
हालांकि, रनवे का विस्तार नहीं किए जाने की वजह से निकटतम भविष्य में पटना एयरपोर्ट से विदेशों के लिए फ्लाइट के उड़ान भरने की संभावना नजर नहीं आती। अलबत्ता, छोटे देश जैसे नेपाल के लिए विमान सेवा फिर से शुरू की जा सकती है। अब भी इस हवाईअड्डा की गिनती घरेलू (डोमेस्टिक) एयरपोर्ट में ही होती है। देशभर के व्यस्ततम हवाईअड्डे में पटना एयरपोर्ट 15वें स्थान पर है। यहां सीमा शुल्क विभाग के भी अधिकारी तैनात हैं।
क्षेत्रफल में किया गया विस्तारवर्ष 2018 में पटना एयरपोर्ट का विस्तार करने की योजना तैयार की गई थी। कोरोनाकाल में निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके बाद काम में तेजी आई। पुराना टर्मिनल भवन 7,200 वर्ग मीटर में था। इसका क्षेत्रफल बढ़ा कर 57 हजार वर्ग मीटर हो जाएगा। इसके कंक्रीट पेव्ड उड़ान पट्टी की लंबाई 6,900 फीट है, जबकि रनवे सात हजार फीट लंबा है। इस वजह से यहां विमानों की सुरक्षित लैंडिंग नहीं हो पाती।
सामान्य तौर पर विमान 2.5 डिग्री के क्षितिज पर लैंड कराए जाते हैं, लेकिन पटना एयरपोर्ट का रनवे छोटा होने के कारण तीन डिग्री क्षितिज पर लैंडिंग करानी पड़ती है। यह जोखिम भरा होता है। दूसरी ओर पटना एयरपोर्ट की बाउंड्री के बाद रेल पटरी है, जहां गंदगी का अंबार लगा रहता है। मांस-मछली की भी दुकानें हैं। ऐसे में बर्ड-हिट की घटनाएं भी होती हैं।
बढ़ जाएगी विमानों की आवाजाहीनए टर्मिनल भवन से यात्रियों की आवाजाही के बाद पुराना टर्मिनल भवन तोड़ा जाएगा। जहां अभी पुराना टर्मिनल है, वहां विमानों की पार्किंग होगी। अभी सिर्फ चार विमान एक साथ खड़े हो सकते हैं। विस्तार के बाद 14 विमानों की पार्किंग संभव है। छह एरोब्रिज भी बनाए जाएंगे।
सबसे पहले नए एटीसी टावर का संचालन शुरू हुआ। यह बीआइसी परिसर से सटा है। इसके बाद कार्गो टर्मिनल की शुरुआत की गई। मल्टी लेवल पार्किंग बनकर तैयार है, लेकिन नए टर्मिनल भवन से संचालन शुरू होने पर उसका उपयोग किया जाएगा।
दस वर्षों में तीन गुना हुई यात्रियों की संख्याआंकड़ों पर गौर करें तो दस वर्षों में पटना हवाईअड्डे से यात्रा करने वाले लोगों की संख्या तीन गुना बढ़ गई। वर्ष 2011-12 में यात्रियों की वार्षिक संख्या 10 लाख 21 हजार 544 थी, जो वर्ष 2023-24 में 34 लाख 40 हजार 450 तक पहुंच गई। इसी तरह एयर ट्रैफिक मूवमेंट भी दो गुना बढ़ा है।
पांच वर्ष पहले तक गो-एयर की सबसे अधिक फ्लाइटें थीं। अब सर्वाधिक फ्लाइटें इंडिगो की हैं। हाल में एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट का परिचालन भी यहां से शुरू हुआ है। इससे माल लदान में भी बढ़ोतरी हुई है। दस वर्षों में सबसे अधिक माल ढुलाई 12 हजार 409 मैट्रिक टन दर्ज की गई है।
अभी 35 से 50 मिनट ही रुक पाते हैं विमान- पटना एयरपोर्ट पर कम सुविधाएं होने के कारण विमान 35 से 50 मिनट तक ही रुक पाते हैं। नया टर्मिनल शुरू होने के बाद इसका समय बढ़ जाएगा। इससे ट्रांजिट निरीक्षण, रखरखाव समेत अन्य आवश्यक काम आसान हो जाएंगे।
- नए टर्मिनल में खास सुविधाएं होंगी, जैसे रात में विमानों का ठहराव, धुलाई और रखरखाव, पार्किंग आदि। विमानों के शौचालय की सफाई के लिए भूमिगत सीवरेज सिस्टम बन गया है।
1,216 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पटना एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम 65 प्रतिशत पूरा हो चुका है। अप्रैल में इसके उद्घाटन की तैयारी की जा रही है। इलेक्ट्रिक का काम सुचारू रहने के साथ सेंट्रलाइज्ड एसी की टेस्टिंग भी पूरी कर ली गई है। हालांकि, लोकापर्ण के एक महीने बाद काम पूरा होने की उम्मीद है। इसके बाद एयरोब्रिज और पार्किंग बे का निर्माण होगा।
दीवारों पर पुट्टी का काम लगभग समाप्त कर लिया गया है। लकड़ी का भी चल रहा है। इसके बाद दीवारों पर मधुबनी पेंटिंग की जाएगी। इस नए टर्मिनल में व्यस्त समय में 4,500 यात्रियों के एक साथ आवागमन की सुविधा होगी। अभी 1,300 यात्री एक साथ आ-जा सकते हैं।
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Bihar Politics: तेजस्वी ने नीतीश के बेटे निशांत को बताया अपना भाई, बोले- अगर वो राजनीति में आएं तो...
राज्य ब्यूरो, पटना। निशांत कुमार को अपना भाई बताते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि उनके (निशांत) राजनीति में आने से जदयू के जीवित रहने की संभावना बनेगी। हालांकि, यह संभावना इस पर निर्भर करेगी कि निशांत पार्टी के लिए कैसे काम करते हैं।
तेजस्वी यादव ने कहा, मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि वे अविलंब राजनीति में आएं, अन्यथा शरद यादव द्वारा बनाए गई जदयू को भाजपा समाप्त कर देगी। तेजस्वी के इस उल्लेख में भी एक राजनीतिक कटाक्ष है। राजनीति के अंतिम दिनों में शरद अपनी पार्टी के साथ राजद में मिल गए थे।
नीतीश की इकलौती संतान हैं निशांत50 वर्षीय निशांत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की इकलौती संतान हैं। जदयू के भीतर का एक वर्ग चाहता है कि वे सक्रिय राजनीति में आएं। इस उद्देश्य से पिछले दिनों पटना में जहां-तहां पोस्टर-होर्डिंग्स भी लगाए गए थे।
तेजस्वी राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के अघोषित नेता हैं, जो निशांत के प्रकरण में लगातार दूसरे दिन शुक्रवार को प्रतिक्रिया देते हुए स्वयं को तुलना से रोक नहीं पाए।
'मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया...'तेजस्वी ने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए नहीं आया, क्योंकि मेरे माता-पिता ने ऐसा करने के लिए कहा था, बल्कि इसलिए कि बिहार के लोगों और राजद कार्यकर्ताओं को मेरी आवश्यकता थी।
'JDU पर कब्जा करना चाहता है RSS'इसी के साथ उन्होंने भाजपा पर अंगुली भी उठा दी। उन्होंने कहा कि भाजपा और जदयू के कुछ नेता गोपनीय बैठक कर यह रणनीति बना रहे कि किसी भी हालत में निशांत राजनीति में न आएं, ऐसा इसलिए, क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ चाहता है कि जदयू पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया जाए।
'हमारे पास विजन भी और रीजन भी'इसी के साथ उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को परिस्थितियों का मुख्यमंत्री बताया और विधानसभा चुनाव में अपनी जीत का दंभ भी भर दिया।
तेजस्वी ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री आएं, योगी आदित्यनाथ या कोई और, बिहार की जनता जागरूक हो चुकी है। हमें जनता से एक अवसर चाहिए। हमारे पास विजन भी है और रीजन भी।
नौकरी के बदले भूमि घोटाला के मामले में कोर्ट के समन पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी ने कहा, इसे कोर्ट में रहने दीजिए। जब चुनाव आयोग भाजपा का ''चीयरलीडर'' बन गया है, तो हम ईडी और आयकर के बारे में क्या कह सकते हैं!
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Holi 2025 Date: 14 या 15 मार्च... किस दिन खेली जाएगी होली? एक क्लिक में दूर करें कन्फ्यूजन
जागरण संवाददाता, पटना। होली को लेकर (Holi 2025 Date) लोगों में संशय की स्थिति बनी हुई है। मिथिला व बनारस पंचांग के अनुसार, 13 मार्च गुरुवार को होलिका दहन है। फाल्गुन शुक्ल की पूर्णिमा दो दिन होने से हो होलिका दहन के एक दिन बाद होली का पर्व मनाया जाएगा। फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत 13 मार्च गुरुवार को तथा स्नान-दान की पूर्णिमा 14 मार्च शुक्रवार को होगी।
फाल्गुन की पूर्णिमा गुरुवार की सुबह 10.11 बजे से आरंभ हो रही है और भद्रा भी उसी समय से आरंभ हो रहा है। भद्रा गुरुवार की रात 10.47 बजे तक रहेगा। 14 मार्च शुक्रवार को पूर्णिमा तिथि दोपहर 11.22 बजे तक ही है।
रंगोत्सव का पर्व होली उदय व्यापिनी चैत्र कृष्ण प्रतिपदा में मनेगा। चैत्र कृष्ण प्रतिपदा 15 मार्च शनिवार को होली का पर्व मनेगा। होली के दिन सुबह 7.46 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र इसके बाद हस्त नक्षत्र पूरे दिन रहेगा।
ज्योतिष आचार्य ने बताया होली का मुहूर्तज्योतिष आचार्य राकेश झा ने ज्योतिष शास्त्र के हवाले से बताया कि होलिका दहन को लेकर शास्त्रों में तीन नियम बताए गए हैं। पहला पूर्णिमा तिथि, दूसरा भद्रा मुक्त काल व तीसरा रात्रि का समय होना चाहिए। भद्रा में होलिका दहन करना वर्जित है। 13 मार्च की रात में पूर्णिमा तिथि विद्यमान रहेगी तथा भद्रा की रात्रि 10.47 बजे खत्म होगा।
भद्रा समापन के बाद गुरुवार 13 मार्च को उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में होलिका दहन होगा। होलिका के अगले दिन 14 मार्च को सूर्योदय कालीन पूर्णिमा, स्नान दान की पूर्णिमा के साथ कुल देवता को सिंदूर अर्पण किया जाएगा।
कैसे होगी होलिका की पूजा?होलिका दहन के दिन होलिका की पूजा में अक्षत, गंगाजल, रोली, चंदन, मौली, हल्दी, दीपक, मिष्ठान आदि से पूजन करने के बाद उसमें कर्पूर, तिल, धूप, गुगुल, जौ, घी, आम की लकड़ी, गाय के गोबर से बने उपले (गोइठा) डाल कर सात बार परिक्रमा करने से परिवार की सुख शांति, समृद्धि में वृद्धि, नकारात्मकता का ह्रास, रोग-शोक से मुक्ति व मनोकामना की पूर्ति होती है।
होलिका जलने के बाद उसमें चना या गेहूं की बाली को पका कर प्रसाद स्वरूप ग्रहण करने से स्वास्थ्य अनुकूल, दीर्घायु, एश्वर्य में वृद्धि होती है। होलिका दहन की भस्म को पवित्र माना गया है।
होली के दिन यह काम जरूर करेंहोली के दिन संध्या बेला में भस्म लगाने से सुख-समृद्धि और आयु में वृद्धि होती है। शास्त्रोचित मत से होली में लाल, पीला व गुलाबी रंग का ही प्रयोग करना चाहिए। रंगों का पर्व होली भारतीय सनातन संस्कृति में अनुपम और अद्वितीय है। यह पर्व प्रेम तथा सौहार्द का संचार करता है।
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'चाबी लेंगे तभी ताला खुलेगा', मांझी ने नीतीश के सामने रख दी डिमांड; सम्राट बोले- खून भी देना पड़ा...
राज्य ब्यूरो, पटना। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने शुक्रवार को गांधी मैदान में आयोजित दलित समागम रैली में कहा कि दलितों को शैक्षणिक आधार पर वर्गीकृत कर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। अनुसूचित समाज में कई ऐसी उपजातियां हैं जिनकी साक्षरता दर महज सात से आठ प्रतिशत है।
उन्होंने कहा कि 20% से कम साक्षर लोगों को अलग वर्गीकृत कर आरक्षण दिया जाए और 20% से अधिक साक्षर लोगों को अलग आरक्षण मिले। मांझी ने कहा कि राजनीति चाभी है और विकास ताला। चाबी लीजिएगा तभी ताला खुलेगा।
मांझी ने कहा, हमारी एससी-एसटी की आबादी सबसे अधिक 30 प्रतिशत है। यह 30 प्रतिशत आबादी एक हो गई तो 2025 के चुनाव में अपने मन की सरकारी बनेगी। देखिए, कौन आगे बढ़ा रहा है, उसे एकजुट होकर वोट दीजिए।
'मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में...'मांझी ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कई निर्णय लिए मगर वह लागू नहीं हुए। मेट्रो का विचार मेरी सरकार में ही मंत्री रहे सम्राट चौधरी ने दिया। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग का गठन हो, मेरी सरकार में मसौदा आया मगर न जाने कहां चला गया। भूमिहीनों को पांच डिसमिल जमीन देने का निर्णय लिया गया मगर तीन डिसमिल जमीन ही मिल रही, उसमें भी 80 प्रतिशत पर दबंगों का कब्जा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में भूमि सुधार का काम नहीं हुआ अगर होता तो करीब 11 लाख भूमिहीन हैं, सभी के पास एक-एक एकड़ जमीन मिल जाएगी।लड़कियों को मुफ्त व्यावसायिक पढ़ाई की सुविधा मिले। बिहार में सफाई कर्मचारी आयोग बनाया जाए। राजनीति में दलित समाज को एक होने की जरूरत है। 2025 में एकजुट होकर निर्णय लीजिए।
दलित समागम पहुंचे नीतीश, कहा- बधाई देने आया हूंदलित समागम रैली में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मंत्री विजय कुमार चौधरी के साथ थोड़ी देर के लिए पहुंचे। करीब एक बजे रैली के मंच पर उनके पहुंचते ही भीड़ ने नीतीश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस दौरान जीतन राम मांझी ने खड़े होकर नीतीश का स्वागत किया तो संतोष सुमन ने पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
उन्होंने मंच से कहा कि मैं आप सभी को नमन करता हूं। आज पार्टी की मीटिंग हो रही है, यह जानकारी मिली तो हम आप सभी को बधाई देने के लिए आए हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री वापस चले गए। बाद में जीतन राम मांझी ने अपने भाषण के दौरान कहा भी कि चूंकि यह एनडीए की बैठक नहीं है, इसलिए मुख्यमंत्री आए और आकर चले गए।
अब दलित बच्चों को मिलेगी दोगुनी राशि: सम्राट चौधरीउपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दलित समागम रैली में करीब एक घंटे तक रहे। इस दौरान उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि अभी तक दलित बच्चों को जितनी राशि दी जाती है, अब उससे दोगुनी राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सहमति से आने वाले बजट में इसका प्रविधान किया गया है।
सम्राट ने कहा कि अभी 36 सीटों पर दलित समाज के लोग चुनाव लड़ते हैं। आरक्षण बढ़ा तो 2029 में 70 लोग दलित समाज से आएंगे। उन्होंने कहा कि दलित समाज के लिए खून भी देना पड़े तो सम्राट चौधरी पीछे नहीं हटेगा।
इसके पूर्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सरकार में मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि दलित-महादलित सभी एक हैं। यहां कोई जाति-उपजाति नहीं है। दलित एकजुट होकर एनडीए को मजबूत करेंगे और 225 से ज्यादा सीट लाएंगे।
रैली को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार, विधायक ज्योति मांझी, दीपा मांझी, प्रफुल्ल मांझी, मुख्य प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण आदि ने भी संबोधित किया।
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Bihar Teacher Transfer: बिहार में शिक्षकों का ट्रांसफर, विभाग ने जारी की दूसरी लिस्ट; 187 नाम शामिल
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) ने शिक्षकों के ट्रांसफर पर बड़ा फैसला किया है। विभाग ने ट्रांसफर की दूसरी लिस्ट जारी कर दी गई है। दूसरी लिस्ट में 187 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है। बता दें कि राज्य के 1 लाख 90 हजार से अधिक शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए विभाग को आवेदन दिया था।
बता दें कि हाल ही में शिक्षा विभाग के सचिव की अध्यक्षता में विभागीय स्थापना समिति की बैठक में शिक्षकों के ट्रांसफर पर फैसला लिया गया।
इस बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव बैद्यनाथ यादव, प्राथमिक शिक्षा के निदेशक पंकज कुमार, माध्यमिक शिक्षा के निदेशक योगेन्द्र सिंह, प्राथमिक शिक्षा के उप निदेशक संजय कुमार चौधरी और माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी मौजूद थे।
आप शिक्षकों की ट्रांसफर लिस्ट नीचे देख सकते हैं-
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Bihar Budget: बिहार का बजट सत्र आज से शुरू, इन विधेयकों को मिली राज्यपाल की मंजूरी
राज्य ब्यूरो, पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से आरंभ हो गया है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने विधायकों से कहा कि किसी भी मुद्दे पर असहमति को तर्कसंगत और मर्यादित भाषा में प्रस्तुत किया जाए, जिससे सदन की गरिमा बनी रहे। सभी सदन की मर्यादा और गरिमा को बनाए रखें।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि स्वस्थ बहस और तर्क- वितर्क लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा है। लेकिन यह आवश्यक है कि चर्चा मर्यादित और परिणामपरक हो।
उन्होंने कहा कि वह सभी सदस्यों से अनुरोध करते हैं कि वे सदन में अनुशासन और शिष्टाचार बनाए रखें। हमारी जिम्मेदारी है कि इस सत्र को सार्थक और उपयोगी बनाएं, ताकि प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके।
नंदकिशोर ने कहा कि पिछले दिनों बिहार में विधायी निकायों का सबसे बड़ा सम्मेलन यहां सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। संवैधानिक मूल्यों और उन्हें आम जन तक पहुंचाने में विधानसभा की भूमिका पर विमर्श हुए। विधायी संस्थाओं में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर सर्वसम्मति बनी।
सात नए मंत्रियों का किया अभिनंदनराज्यों के प्रतिनिधियाें ने अपने-अपने राज्यों की संसदीय प्रक्रियाओं को साझा किया। मुख्यमंत्री के सहयोग से आयोजन बिना किसी बाधा के पूर्ण हुआ। उन्होंने मंत्रिपरिषद के सात नए मंत्रियों का भी अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि सदन में प्रक्रिया नियमावली के तहत अपनी बात को उठाएं।
इन विधेयकों को मिली राज्यपाल की मंजूरीबिहार विधान मंडल के पिछले सत्र में दोनों सदनों से पारित पांच विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिल गयी है। जिन विधेयकों को राज्यपाल की मंजूरी मिली है, उनमें बिहार विनियोग (संख्या-4) विधेयक 2024, बिहार खेल विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2024 शामिल है।
वहीं, बिहार माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2024, बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाला विधेयक 2024, तथा बिहार सरकारी परिसर (आवंटन, किराया, वसूली और बेदखली) संशोधन विधेयक 2024 को भी राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है।
विधानसभा के बजट सत्र के लिए अध्यासी सदस्यों का मनोनयनविधानसभा अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के लिए अध्यासी सदस्यों का मनोनयन किया। अमरेंद्र प्रताप सिंह, दामोदर रावत, भूदेव चौधरी, विजय शंकर मिश्रा व ज्योति देवी को अध्याशी सदस्य बनाया गया है।
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Bihar Politics: ...तो तेजस्वी यादव नहीं बनेंगे CM? अपने छोटे बेटे के बारे में ये क्या बोल गईं राबड़ी देवी
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानमंडल का बजट सत्र आज से शुरू हो गया है। आगामी चुनाव होने से पहले यह 17वीं विधानसभा का अंतिम बजट सत्र है।
नीतीश सरकार इस बजट को आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए पेश करेगी। वहीं विपक्ष कानून व्यवस्था, बीपीएससी, नौकरी-रोजगार समेत कई अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
राज्यपाल के भाषण में कोई तथ्य नहींपहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। वहीं, पटना में बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी प्रतिक्रिया दी। राबड़ी देवी ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि राज्यपाल का जो अभिभाषण हुआ है, उसमें कोई तथ्य नहीं है।
राज्यपाल सिर्फ सरकार का गुणगान कर रहे हैं। बिहार में जितने भी राज्यपाल आए हैं, सभी एक ही तरह का भाषण देते हैं। उन्होंने कहा कि, राज्यपाल ने जो संबोधन किया है उसमें सभी चीजें पुरानी हैं।
बिहार की जनता तय करेगी कौन बनेगा मुख्यमंत्रीवहीं, 2025 में तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा कि जनता तय करेगी कि बिहार का नेतृत्व कौन करेगा? हमारे चाहने से तेजस्वी मुख्यमंत्री नहीं बन पाएंगे।
वहीं, पत्रकारों ने राबड़ी देवी से पूछा कि बीजेपी कह रही है कि तेजस्वी यादव चुनाव से पहले जेल में होंगे। इस पर राबड़ी देवी ने कहा कि भेज दें तेजस्वी यादव को जेल। हम लोग डरने वाले नहीं है। लालू जी भी बेकसूर है। हमारा पूरा परिवार बेकसूर है।
भाजपा सिर्फ हम लोगों को परेशान करती है और फंसाने का काम कर रही है, लेकिन हम लोग डरने वाले नहीं हैं। हम कभी भी जेल जाने से नहीं डरते हैं।
बिहार में अपराधियों का बोलबालाउन्होंने कहा कि बिहार में अपराधियों का बोलबाला है। हर तरफ चोरी, दुष्कर्म, लूट, हत्या की घटना हो रही है। अपराधियों को जेल में नहीं डाला जा रहा है। इसमें सरकार पूरी तरह फेल हो गई है।
वहीं, बीजेपी द्वारा नीतीश कुमार को सीएम चेहरा से हटाने के सवाल पर राबड़ी देवी ने कहा कि वो उनको रखे चाहे हटाएं, यह हमारा मामला नहीं है, यह विपक्ष का मामला है। हमारे लिए बिहार की जनता मुद्दा है।
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PM Awas Yojana: 31 मार्च तक चलेगा पीएम आवास योजना का सर्वे, वेटिंग लिस्ट में शामिल करवाएं अपना नाम
जागरण टीम, पटना/गोपालगंज। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रतीक्षा सूची (PM Awas Yojana Waiting List) से छूटे हुए योग्य लाभुकों के सर्वेक्षण का कार्य 10 जनवरी से प्रारंभ है। यह सर्वेक्षण 31 मार्च तक चलेगा। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि सर्वेक्षण ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। यह पूर्णतः निश्शुल्क है।
उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी के बहकावे में नहीं आएं। निर्धारित मापदंडों के आधार पर योग्य परिवार अपना नाम आवास प्लस सूची (PM Awas Plus List) में शामिल करवा सकते हैं। विशेष जानकारी हेतु अपने प्रखंड विकास पदाधिकारी या पंचायत-स्तरीय प्राधिकृत कर्मी से संपर्क कर सकते हैं।
पटना में तेजी से हो रहा पीएम आवास सर्वेजिलाधिकारी ने समीक्षा में पाया गया कि पटना जिले में आवास योजना के सभी इंडिकेटर्स में अच्छी प्रगति है। द्वितीय किस्त एवं तृतीय किस्त की राशि उपलब्ध कराने में तेजी लाने का निर्देश दिया।
DM ने उपविकास आयुक्त को दिए निर्देशउपविकास आयुक्त को इसका लगातार अनुश्रवण करने का निर्देश देते हुए कहा कि सरकार की विकासात्मक एवं लोक कल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सभी पदाधिकारियों का मुख्य दायित्व है।
डीएम ने कहा कि योजनाओं को अच्छे ढंग से धरातल पर उतारें। आम जनता को कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। अगर उन्हें कोई शिकायत है तो उसका मेरिट के आधार पर तर्कसंगत ढंग से उचित निष्पादन करें।
पीएम आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने पर होगी प्राथमिकीप्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर अवैध वसूली करने पर सीधे प्राथमिकी कराई जाएगी। इसके लिए मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को आदेश दिया है। इसमें जिले में कहीं भी पीएम आवास में चल रहे सर्वेक्षण तथा उसके नाम पर यदि अवैध वसूली किसी भी व्यक्ति की ओर से की जाती है तो उस पर अविलंब प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया है।
बिहार सरकार के मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा ने बुधवार को पत्र जारी करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत परिवारों के चल रहे सर्वेक्षण आदि में अवैध वसूली का मामला गंभीरता से लिया है।
पत्र में बताया गया है कि सर्वेक्षण कार्य में सर्वेयर यानी सर्वेक्षण कर्ताओं व बिचौलियों की ओर से गरीब परिवार से अनधिकृत तौर पर राशि वसूली की सूचना प्राप्त हुई है, जबकि यह विभाग के नियमानुकूल नहीं है। विभाग ने इस पर सख्ती जताते हुए मामले को गंभीर बताया है।
साथ ही इस पर कड़ाई बरतने के साथ-साथ दोषी व्यक्तियों पर अनुशासनिक कार्रवाई का भी निर्देश दिया है। पत्र में सर्वेक्षण के नाम पर राशि लेने के रूप में मामले को चिह्नित करते हुए प्राथमिकी कराने का आदेश दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारी को किसी भी परिस्थिति में इस कार्य में निष्पक्षता बरतने का निर्देश दिया गया है।
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Bihar RERA: पटना में बिल्डरों के खिलाफ सख्त हुआ रेरा, रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य
राज्य ब्यूरो, पटना। अब फ्लैट, प्लॉट, दुकान समेत किसी भी तरह के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट की खरीद-बिक्री के लिए क्यूआर कोड अनिवार्य होगा। इसके लिए बिहार रेरा ने सभी निबंधित रियल एस्टेट परियोजनाओं को एक यूनिक क्यूआर कोड प्रदान किया है।
प्रदर्शित करना होगा क्यूआर कोड- सभी बिल्डरों और प्रमोटरों को प्राधिकरण को अपनी परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों में इस क्यूआर कोड को प्रदर्शित करना होगा।
- इसके साथ ही परियोजना से जुड़े दस्तावेजों जैसे ब्रोशर, बुकिंग पत्र, वेबपेज आदि पर भी अनिवार्य रूप से क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा।
- इस क्यूआर कोड में रेरा निबंधित उस परियोजना से जुड़ी सभी जानकारी होगी।
बिहार रेरा ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों के द्वारा क्यूआर कोड का उपयोग एक मार्च, 2025 से अनिवार्य हो जाएगा।
रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि क्यूआर कोड का अनुपालन होने से किसी निबंधित परियोजना की विस्तृत जानकारी आसानी से उपलब्ध रहने पर घर, प्लॉट या दुकान खरीदने वालों को किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले सूचित निर्णय लेने में मदद मिलेगी।
डिस्प्ले बोर्ड पर भी दिखेगा क्यूआर कोडबिहार रेरा के आदेश के अनुसार, प्रमोटरों को निबंधित परियोजना से संबंधित सभी प्रकार के विज्ञापनों में, जिसमें समाचार पत्र विज्ञापन और सोशल मीडिया विज्ञापन भी शामिल हैं, क्यूआर कोड का उपयोग करना होगा। परियोजना स्थल पर लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड पर भी यह आवंटित क्यूआर कोड प्रदान करना होगा।
नियम का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाईइस क्यूआर कोड की स्कैनिंग मोबाइल फोन से बहुत आसानी से की जा सकती है। इसका अनुपालन न करने वाले प्रमोटरों और रियल एस्टेट एजेंटों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इस आदेश की एक प्रति रेरा बिहार की वेबसाइट पर भी अपलोड की गई है।
अरवल : संयुक्त श्रम भवन निर्माण के लिए डीएम ने किया जमीन का निरीक्षणजिलाधिकारी कुमार गौरव द्वारा अरवल अंचल अन्तर्गत मौजा चिरैयॉटाड़ में संयुक्त श्रम भवन निर्माण हेतु चिन्हित भूमि का निरीक्षण भूमि सुधार उप समाहर्ता, अरवल, अंचलाधिकारी, अरवल एवं कनीय अभियंता, भवन निर्माण विभाग के साथ किया गया।
कनीय अभियंता, भवन निर्माण विभाग द्वारा जानकारी दी गई कि मानक के अनुसार उक्त भवन के निर्माण हेतु 24 हजार वर्ग फीट भूमि की आवश्यकता है। इस भूमि का माप 10 हजार 800 वर्ग फीट है।
इसलिए जी-1 के भवन के स्थान पर जी-3 या जी-4 भवन का निर्माण किया जा सकता है। जिला पदाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि उक्त भवन के निर्माण से संबंधित सभी अग्रेत्तर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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