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Bihar: नीरा की बिक्री बढ़ाएंगे नीतीश सरकार के अधिकारी, करेंगे जिलों का दौरा; सामने आई नामों की लिस्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में नीरा की बिक्री बढ़ाने के लिए अब मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के अधिकारी जिलावार दौरा करेंगे। इसके साथ ही वह खमीरयुक्त ताड़ रस के उपभाग को हतोत्साहित भी करेंगे।
विभाग ने मुख्यमंत्री नीरा संवर्द्धन योजना लागू करते हुए इसके लिए अधिकारियों की टीम बना दी है। विभागीय आदेश भी जारी कर दिया गया है।
मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने मुख्यालय के पांच वरिष्ठ पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। यह पदाधिकारी अपने आवंटित जिला में जीविका एवं स्थानीय पदाधिकारियों से समन्वय कर योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
साथ ही नियमित रूप से संबंधित जिलों का भ्रमण कर योजनाओं का निरीक्षण और उनकी मॉनिटरिंग भी करेंगे। पदाधिकारियों को योजना की प्रगति से उत्पाद आयुक्त को नियमित रूप से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारीआदेश के अनुसार, विभाग के संयुक्त आयुक्त (मद्य निषेध) कृष्ण कुमार को अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले की जिम्मेदारी मिली है।
उपायुक्त (मद्य निषेध) विकास कुमार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, भागलपुर और बांका, जबकि उपायुक्त (मद्य निषेध) संजय कुमार को दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय और खगड़िया की जिम्मेदारी दी गई है।
उपायुक्त (मद्य निषेध) सुरेंद्र प्रसाद को पटना, अरवल, नालंदा, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, वैशाली और छपरा तथा विशेष अधीक्षक (मद्य निषेध) आदित्य कुमार को सासाराम, औरंगाबाद, जहानाबाद, गया और नवादा की जिम्मेदारी मिली है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग ने किफायती आवास एवं मलिन बस्ती (स्लम) पुनर्वास एवं पुनर्विकास आवास नीति 2017 में संशोधन किया है। इसके अंतर्गत अब जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बिल्डर को देकर किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।
यानी 50 प्रतिशत हिस्सा बिल्डर के पास रहेगा और शेष 50 प्रतिशत हिस्से पर कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास (एलआईजी) विकसित किया जाएगा। अभी तक 2017 में बनी नीति लागू थी जिसमें शहरों की आबादी के हिसाब से हिस्सा तय था।
तीन लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 75 प्रतिशत, एक से तीन लाख आबादी वाले शहरों में 60 प्रतिशत और एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में 50 प्रतिशत हिस्से पर किफायती आवास बनाकर देना था।
पुरानी नीति में पीपीपी मोड के तहत किफायती आवास बनाने के लिए कोई बिल्डर आगे नहीं आ रहा था। बिल्डरों की मांग ज्यादा हिस्से की थी। संशोधन के बाद अब विभाग को उम्मीद है कि बिल्डर आगे आएंगे। इससे स्लम के विकास सहित एलआइजी कालोनियों को विकसित करने में मदद मिलेगी।
शहरी निकायों में वेंडिंग जोन के लिए हो रहा जीआइएस सर्वेदूसरी ओर, राज्य के सभी नगर निकायों में वेंडिंग जोन निर्माण की शुरुआत हो गई है। नगर विकास एवं आवासन विभाग शहरी निकायों में सर्वेक्षण और डाटा संग्रह की मदद से वेंडिंग जोन चिह्नित कर रहा है। इस जीआइएस सर्वेक्षण से स्ट्रीट वेंडरों की संख्या, स्थान और गतिविधियों का डाटा एकत्र किया जा, रहा है।
सड़क चौड़ाई, यातायात प्रवाह और जनसंख्या घनत्व के आधार पर वेंडिंग और नो-वेंडिंग जोन निर्धारित किए जा रहे हैं। इसके अलावा समिति में फुटपाथ विक्रेता, व्यापारी संगठन, यातायात विभाग और आम जनता के सुझाव भी शामिल किए जा रहे हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत राज्य के विभिन्न नगर निकायों में वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, अब तक 25 वेंडिंग जोन बन चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 17 वेंडिंग जोन राजधानी पटना में बनाए गए हैं।
इसके अलावा, सीतामढ़ी में तीन जबकि बिहिया, भागलपुर, मोतिहारी, दरभंगा और बक्सर में एक-एक वेंडिंग जोन बनाया गया है। इन वेंडिंग जोन में कुल 1685 फुटपाथी दुकानदारों को बसाया गया है, जिसमें पटना में 1023, बिहिया में 65, सीतामढ़ी में 170, भागलपुर में 152, मोतिहारी में 104, दरभंगा में 67 और बक्सर में 104 फुटपाथी दुकानदार शामिल हैं। वेंडिंग जोन को लाल, हरे और सफेद रंगों से चिह्नित किया जाता है।
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Bihar: 'तुम मुसलमानों की भूमि हड़पना चाहते हो, लेकिन...'; वक्फ संशोधन बिल पर ये क्या बोल गए लालू
राज्य ब्यूरो, पटना। गुरुवार को बयान जारी कर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर अपना रोष प्रकट किया है। उन्होंने वर्ष 2010 के एक पुराने वीडियो को भी जारी किया है, जिसमें वे संसद में वक्फ से संंबंधित प्रकरण पर बाेल रहे।
संसद में अपनी उपस्थिति नहीं होने पर अफसोस प्रकट करते हुए लालू ने कहा है कि अगर मैं होता तो अकेला ही काफी होता। लालू ने अपने बयान की शुरुआत संबोधन से की है।
लालू यादव ने लिखा,
संघी-भाजपाई नादानो! तुम मुसलमानों की भूमि हड़पना चाहते हो, लेकिन हमने सदा वक्फ की भूमि बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में सहायता की है। मुझे अफसोस है कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट करने वाले इस कठिन दौर में संसद में नहीं हूं, अन्यथा अकेला ही काफी था।
सदन में नहीं हूं तब भी आप लोगों के ख्यालों, ख्वाबों, विचारों और चिंताओं में हूं। यह देख कर अच्छा लगा। अपनी विचारधारा, नीति और सिद्धांतों पर प्रतिबद्धता, अडिगता और स्थिरता ही मेरे जीवन की जमा पूंजी है।
एम्स में सुधर रहा लालू का स्वास्थ्य:उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य खराब होने के बाद लालू बुधवार रात दिल्ली स्थित एम्स के कार्डियक क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराए गए। डा. राजेश यादव के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही और उनके स्वास्थ्य मेंं उत्तरोत्तर सुधार हो रहा।
सोमवार से ही लालू का ब्लड शुगर बढ़ गया था और ब्लड-प्रेशर लो था। बुखार के अलावा देह पर एक-दो फोड़े भी हो गए थे। बुधवार को वे पटना मेंं पारस अस्पताल के चिकित्सकोंं ने उन्हें एम्स जाने का सुझाव दिया था।
लालू और तेजस्वी अल्पसंख्यक वोटों के सौदागर : जदयूजदयू प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद ने गुरुवार को कहा कि राजद ने अल्पसंख्यक समुदाय को हमेशा वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और कभी भी उनके हित की बात नहीं सोची। दोनों अल्पसंख्यक वोटों के सौदागर रहे हैं।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए कई क्रांतिकारी फैसले लिए और उनके कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं चलायी। वर्ष 2004-05 में जहां अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए सरकार का बजट महज 3 करोड़ 53 लाख हुआ करता था।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में साल 2024-25 के वार्षिक बजट में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए 1004 करोड़ 22 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। वक्फ संशोधन बिल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को किसी से धर्मनिरपेक्षता का सर्टिफिकेट लेने की जरुरत नहीं है।
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Bihar News: पटना हाई कोर्ट ने लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर लगाई रोक, बिहार सरकार से मांगा जवाब
विधि संवाददाता, पटना। बिहार में लैब तकनीशियनों की नियुक्ति प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाते हुए पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को 10 अप्रैल तक जवाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश हरीश कुमार की एकल पीठ ने विमल प्रकाश और अन्य छह याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शिव प्रताप ने दलील दी कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने 03 मार्च को विज्ञापन संख्या 2/25 के अंतर्गत 2,969 लैब तकनीशियनों की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की थी।
शेष 610 रिक्तियों को नए विज्ञापन में कर दिया गया सम्मिलितअधिवक्ता का तर्क था कि वर्ष 2015 में जारी किए गए एक विज्ञापन के अंतर्गत 1,772 पदों पर नियुक्ति होनी थी। उनमें से 1,162 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई थी, जबकि शेष 610 रिक्तियों को नए विज्ञापन में सम्मिलित कर दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें 2015 के विज्ञापन की स्थिति को यथावत बनाए रखने का निर्देश दिया गया था।
उनका कहना था कि जब पुराना विज्ञापन अब भी न्यायिक समीक्षा के अधीन है तो आयोग द्वारा नई नियुक्ति के लिए नया विज्ञापन जारी करना कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) के समर्थन के बाद जदयू (JDU) के कुछ नेताओं का विरोध मुखर हो गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि बुधवार की रात संसद में सभी दलों का पर्दा उठ गया। सांप्रदायिक और धर्मनिरपेक्ष दलों का अंतर समाप्त हो गया।
उन्होंने कहा कि वे जल्द ही मुस्लिम संगठनों की बैठक बुलाएंगे। विचार करेंगे कि इस बिल को किस अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट, जहां कहीं हो, हमलोग इस बिल को चुनौती देंगे।
जदयू MLC बोले- मुसलमानों के जख्मों पर नमक छिड़काइधर, जदयू के विधान परिषद सदस्य प्रो. गुलाम गौस ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों के जख्म पर नमक छिड़कने की तरह है। टूटे हुए दिल से बस यही एक बात जुबान पर आती है कि मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, फैसला हमें क्या देगा?
प्रो. गौस ने कहा कि कभी बाबरी-दादरी, कभी लव जिहाद, घर वापसी, तीन तलाक, सीएए, एनआरसी, 370, मॉब लिंचिंग वगैरह का कहर बरपा किया जाता रहा है। अब वक्फ की आड़ में समस्त मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। इस समाज को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
यह मुस्लिम पहचान, धार्मिक आजादी और संस्कृति पर सीधा हमला है: दीपंकरदूसरी ओर, भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि वक्फ बिल मुस्लिम पहचान, धार्मिक आजादी और संस्कृति पर सीधा हमला है। वक्फ बोर्ड मुस्लिमों की दान में दी गई जमीन और धार्मिक-सांस्कृतिक जगहों से जुड़े मामलों को देखता है। इस नए बदलाव से ऐसी सभी जमीनों, संपत्तियों और संस्थानों का रजिस्ट्रेशन रूरी होगा और इससे जुड़े हर विवाद का फैसला राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि इससे संविधान कमजोर हो रहा है। सबकी आजादी खतरे में है।
उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून (सीएए) के जरिए मुस्लिमों को बाकी लोगों से अलग किया गया, जो संविधान के बुनियादी सिद्धांत के खिलाफ था कि धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं होगा। फिर यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के बहाने मुस्लिम समाज को निशाने पर लिया गया। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है, जो अलग-अलग धर्मों और जातियों के बीच शादी और बड़े होकर अपनी मर्जी से साथ रहने की आजादी पर बड़ा हमला है।
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Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर बिहार के सभी जिलों में पुलिस अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी नजर
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल को लेकर राज्य के सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट किया गया है।
बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी प्रभागों के एडीजी, सभी जोन के आईजी-डीआईजी से लेकर सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और रेल एसपी को शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।
इसको लेकर पुलिस ने भी बुधवार से ही सतर्कता बढ़ा दी है। इंटरनेट मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालों से सख्ती से पेश आने को कहा गया है।
बुधवार को लोकसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयकदरअसल, बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हुआ, जबकि गुरुवार को राज्यसभा में विमर्श हो रहा है। इस बिल के विरोध में कई जगह प्रदर्शन की आशंका जताई गई है।
अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पंकज दराद की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि किसी भी हाल में राज्य की शांति व्यवस्था ना बिगड़े इसका पूरा ख्याल रखा जाए। अगर कहीं कोई कानून के साथ खिलवाड़ करता है तो उसके विरुद्ध तत्काल उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
पुलिस अलर्ट के बाद सभी जिलों में पुलिस गश्ती बढ़ा दी गई है। सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। रामनवमी को लेकर भी पुलिस अलर्ट मोड में है।
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Bihar Land Survey: भूमि सर्वे के बीच जमीन मालिकों को बड़ी राहत, नीतीश सरकार ने आसान कर दिया ये काम
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने भूमि सर्वेक्षण (Bihar Land Survey) के लिए स्वघोषणा जमा करने में देरी करने वाले रैयतों को बड़ी राहत दी है।
उन्होंने गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कहा- अभी आपके पास जमीन से जुड़ा जो भी उपलब्ध कागजात है, उसी आधार पर ऑनलाइन स्वघोषणा जमा कर दें। बाकी कागजात किस्तवार एवं खानापुरी की प्रक्रिया के समय जमा करा दें।
उन्होंने स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने की संभावना पर भी विचार किया। इसमें आने वाली तकनीकी एवं कानूनी बाधाओं के अध्ययन का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि 31 मार्च तक कुल एक करोड़, 15 लाख 916 स्वघोषणा प्राप्त हुई है। ये ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में जमा कराए गए हैं।
1.35 करोड़ स्वघोषणा जमा होने की उम्मीदइसमें दूसरे चरण में शुरू किए गए 36 जिलों के सभी 445 अंचलों (सर्वे शिविरों) में रैयतों द्वारा जमा की गई स्वघोषणा की संख्या को भी जोड़ा गया है। राज्य में करीब चार करोड़ जमाबंदी है।
एक करोड़ 35 लाख स्वघोषणा जमा होने की उम्मीद है। मंत्री ने भूमि सर्वेक्षण में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों को सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया।
ये है स्वघोषणा का स्टेटसपश्चिम चंपारण जिले के पांच अंचलों- बेतिया, पिपरासी, मधुबनी, ठकराहा और भितहा एवं पूर्वी चंपारण जिले के पांच अंचलों- पिपराकोठी, तुरकौलिया, बनकटवा, छौड़ादानो और रक्सौल में स्वघोषणा की संख्या काफी कम रही।
बेतिया सदर में अबतक मात्र 187 स्वघोषणा ही प्राप्त हुई है, जबकि पिपरासी अंचल में प्राप्त स्वघोषणा की संख्या मात्र 524 है।
दूसरी तरफ, अररिया सदर अंचल एवं दरभंगा के बिरौल बहेड़ी, कुशेश्वर स्थान, अररिया के जौकीहाट, फारबिसगंज एवं पलासी में भी बड़ी संख्या में रैयतों ने स्वघोषणा जमा किया है।
इसी प्रकार समस्तीपुर के कल्याणपुर और औरंगाबाद के नबीनगर सर्वे शिविर की स्थिति भी स्वघोषणा प्राप्त करने के मामले में संतोषप्रद है।
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Bihar News:'अपराध की यूनिवर्सिटी बना बिहार', बीजेपी और जदयू पर बरसे कांग्रेस नेता; लॉ एंड ऑर्डर पर उठाए सवाल
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने बिहार की भाजपा और जदयू की सरकार को अपराध का जनक बताया और कहा कि इन दो राजनीतिक दलों ने मिलकर बिहार को अपराध का विश्वविद्यालय बना दिया है। कांग्रेस के पूर्व सांसद और पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ अजय कुमार गुरुवार को पटना में थे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की।
CM नीतीश पर साधा निशानाडॉ अजय ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के शासन में बिहार को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। महिलाओं के प्रति पहले अपराध नहीं होते थे। न ही बच्चों के खिलाफ अपराध थे, लेकिन आज अपराध का बोलबाला है। यहां तक कि खुद पुलिस वालों की हत्या हो जा रही है। दलित महिलाओं की हालत चिंताजनक है।
डॉ अजय ने कहा कि लालू के शासन काल को लेकर जंगलराज का परसेप्शन बनाया गयाले किन नीतीश के तथाकथित सुशाशन में क्या हो रहा है, सब कोई देख समझ रहे हैं।
पुलिस की कार्यशैली और पुलिस में उपलब्ध कार्य बल को लेकर भी डॉक्टर अजय ने नीतीश कुमार के साथ ही जदयू और भाजपा की सरकार पर के खिलाफ जमकर आरोप लगाया।
बढ़ते अपराध को लेकर बोला हमलाउन्होंने कहा कि 2005 से 2022 के बीच अपराध में लगभग 400% की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, आबादी महज 30% ही बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन की सरकार ने बिहार के भविष्य को अंधकार में बदल दिया है।
इससे पहले बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ गया है। लॉ एंड आर्डर पर कोई नियंत्रण नहीं। बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं। इस पर कांग्रेस अब मौन नहीं रह सकती है। पार्टी ने तय किया है कि एक महीने तक वह चार्जशीट जारी करेगी।
इस कार्यक्रम में बिहार के साथ केंद्रीय स्तर के नेता बिहार के अपराध का हाल बताएंगे। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के कई बड़े नेता अभय दुबे, राजेश राठौर, मदन मोहन झा, प्रियंका, टीना के साथ ही पार्टी के दूसरे कई नेता उपस्थित रहे।
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Danapur News: दानापुर से अपहृत होटल संचालक बरामद, 5 क्रिमिनल गिरफ्तार; हवाला से जुड़ा है मामला
संवाद सहयोगी, दानापुर (पटना)। Patna News: थाना क्षेत्र के मंगलम इंक्लेब इलाके से बदमाशों ने एक होटल संचालक का अपहरण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही दानापुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में बनी एसआइटी टीम ने महज पांच घंटे के अंदर ही मनेर के गौरैयास्थान इलाके से होटल संचालक को बरामद कर लिया।
साथ ही पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया। घटना में हवाला का भी मामला सामने आया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर चांदमारी निवासी मोहन प्रसाद के अपहृत पुत्र पकंज कुमार का सगुना मोड़ के मंगलम इंक्लेब मोड़ के निकट होटल ड्रीम विला है।
मंगलवार की देर शाम होटल के पास से अपराधियों ने पंकज को अगवा कर लिया। सूचना मिलते हीं पुलिस टीम सक्रिय हो गई। एएसपी ने थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज के नेतृत्व में एसआइटी टीम बनाई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए मनेर थाना क्षेत्र के गौरेया स्थान बगीचा से पंकज को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही घटना में शामिल पांच अपराधियों को धर दबोचा।
इसमें, फुलवारीशरीफ अनीसाबाद बलमीचक निवासी रितिक कुमार, वैजु कुमार, फुलवारीशरीफ अनीसाबाद निवासी सत्यम कुमार, रवि कुमार व गोरियाटोली निवासी आशीष कुमार उर्फ गोलू शामिल है। बताया जाता है कि होटल संचालक पंकज का बनारस के एक व्यक्ति से हवाला के रुपये को ठिकाने लगाने के लिए बातचीत हुई।
इसके बाद उस व्यक्ति ने 25 लाख रुपए दूसरे व्यक्ति को पहुंचाने के लिए उसे 30 लाख रुपए देने की बात कही थी। बताए गए व्यक्ति को 25 लाख पहुंचाने के बाद उसके बदले पंकज को 30 लाख नहीं दिया गया। इसके बाद पंकज ने साथियों के साथ जिसे रुपये दिये थे, उसका अपहरण कर मारपीट की। इसके बाद उसने 25 लाख रुपये उसे लौटा दिया। लेकिन, पंकज ने साथियों से दो लाख देने का जो वादा किया था वह पूरा नहीं किया। इसी को लेकर साथियों ने अपहरण की साजिश रची।
पंकज के होटल में बनारस से आये जाफर नामक व्यक्ति ने बनारस में हवाला का काम करने वाले एक व्यक्ति से मुलाकात करवाई थी। इसके बाद पंकज इस काम को करने के लिए तैयार हो गया था। एएसपी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि अनुसंधान में ये बात प्रकाश में आयी है कि इस कांड के अपहृत एवं गिरफ्तार अभियुक्त हवाला का काम करते थे। इनके द्वारा एक बनारस के व्यापारी से 25 लाख प्राप्त हुआ था।
उसी पैसा के बंटवारा को लेकर अपहृत एवं अभियुक्तों के बीच विवाद हुआ और घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि पंकज बनारस के रहने वाले एक व्यक्ति को अगवा कर लाया था, पूरा मामला हवाला से जुड़ा है।
जांच मे 25 लाख फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आयी है और काल रिकार्डिंग मिली है। इसमें, वितीय लेन-देन दूसरे देश से होने की बात सामने आई है। इसको लेकर आर्थिक अपराध इकाई समेत वरीय अधिकारी को सूचित किया गया है। एएसपी ने बताया कि पंकज को भी न्यायिक हिरासत में भेजा जायेगा।
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संवाद सूत्र, बिहटा। Patna News: बीती देर रात को बिहटा थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षो में गोलीबारी हुई। रात को अचानक गोली चलने की सूचना पर इलाके में दहशत कायम हो गया। गांव के लोग जबतक घर से निकल मामला को समझ पाते तब तक मां-बेटा-बहू- समेत चार लोग जख्मी हो गए।
घायलों की पहचान डुमरी निवासी स्व. रामरत्न राम की पत्नी आशा देवी, उनकी बहू अनिता देवी (35 वर्ष), बेटा चंदन कुमार और दूसरे पक्ष के संजीव उर्फ टानी (50 वर्ष) के रूप में की जा रही है। मौके वारदात पर पुलिस ने पहुंच सभी को आनन-फानन में उठाकर रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया।
जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया। इस संबंध में जख्मी चंदन कुमार ने पुलिस को बताया कि जमालपुर गांव निवासी बिल्ली गोप, गोलू कुमार, राहुल कुमार समेत करीब अन्य एक दर्जन अपराधियों ने रात में अचानक उनके घर पर हमला कर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस संबंध में बिहटा डीएसपी पंकज मिश्रा ने बताया कि आशा देवी की दो बहन है।
डुमरी में दोनों बहनों को मायके में मिले भूमि को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा है, जिसमें दोनों के बीच रात को गोलीबारी की गई है। उन्होंने कहा कि फारेंसिक जांच टीम को बुला कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गयी है। बहुत जल्द सभी अपराधी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
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संवाद सहयोगी, मसौढ़ी (पटना)। Patna News: पटना के मसौढ़ी के लहसूना थाना स्थित घोरहुंआ गांव में बीते मंगलवार की रात एक सनकी पिता ने सो रहे तीन माह के अपने इकलौते मासूम पुत्र को जमीन पर पटककर मार डाला। इस दौरान अपने बच्चे को बचाने आई उसकी मां के साथ भी उसने मारपीट की। इस संबंध में बच्चे की मां गुड्डी कुमारी ने अपने पति स्व. देवेन्द्र सिंह के पुत्र विकास कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
इधर पुलिस मौके पर पहुंच बच्चे के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने बुधवार की दोपहर आरोपित विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
सूखा नशा करता था शख्सग्रामीणों की माने तो विकास सूखा नशा स्मैक वगैरह का आदि हो चुका है, और घटना के वक्त वह काफी नशे में था। इस संबंध में गुड्डी व विकास की बहन मोना ने पुलिस के समक्ष बताया कि विकास पेशे से मजदूरी करता है।
सूखा नशा क्या होता है?सूखा नशा के तहत गांजा, सिगरेट, तंबाकू, चरस, स्मैक, हेरोइन और ड्रग्स आते हैं। इस करने के बाद लोगों के दिमाग पर खतरनाक तरीके से असर होता है। इस स्थिति में वह किसी भी तरह के क्राइम को अंजाम देने के लिए तैयार रहता है।
पत्नी और बहने से पहले हुई लड़ाई, इसके बाद बेटे की कर दी हत्यामंगलवार की शाम वह घर आया और खाना खाये बिना कमरे में चला गया। उन्होंने बताया कि उसे मच्छर से बचाने के लिए घर में रखे अंडे के कागज से बने ट्रे को जलाकर विकास के बगल वाले कमरे में रख दिया,ताकि मच्छर नहीं काट सके। आरोप है कि धुआं की वजह से विकास कमरे से निकल अपनी पत्नी व बहन को भला बुरा कहा और इस दौरान उनके बीच बात बढ़ गई।
बच्चे को जमीन पर पटक कर मार डालाइससे गुस्से में विकास एक चौकी पर सौ रहे तीन माह के अपने बच्चे को उठाकर पहले चौकी पर ही पटक दिया। इतना से भी उसका मन नहीं भरा तो उसने बच्चे को दुबारा उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वह घर छोड़कर भाग निकला। हालांकि, बाद में स्वजन बच्चे को एक नर्सिंग होम व अनुमंडलीय अस्पताल में ले गए।
लेकिन, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार की सुबह खबर पाकर लहसूना पुलिस शव को बरामद की और दोपहर होते-होते विकास को घोरहुंआ स्थित उसके घर के पिछवाड़े से गिरफ्तार कर लिया। बाद में एफएसएल की टीम पटना से पहुंची और जांच के लिए नमूना ले गई।
पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तारइधर लहसुना थानाध्यक्ष खुश्बू खातुन ने बताया कि विकास को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार विकास कुमार ने पुनपुन के चिनियाबेला निवासी स्व. अजीत सिंह की पुत्री गुड्डी कुमारी के साथ डेढ़ साल पूर्व प्रेम विवाह किया था।
इधर तीन माह पूर्व गुड्डी कुमारी ने एक पुत्र जन्म दिया। घोरहुंआ के घर में विकास व उसकी पत्नी के अलावे उसकी मां एवं इधर तीन चार माह से पुनपुन के पीपरा में विवाहित उसकी बहन रह रही थी।
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Patna News: चैती छठ पर बदली पटना की यातायात व्यवस्था, दो दिनों तक शहर के इन रास्तों पर वाहनों की एंट्री बैन
जागरण संवाददाता, पटना। चैती छठ को लेकर दो दिनों तक शहर की यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। जिला प्रशासन के ट्रैफिक प्लान के अनुसार तीन अप्रैल को दोपहर 12 बजे से शाम सात बजे तक तथा चार अप्रैल को देर रात दो बजे से सुबह आठ तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।
इस दौरान कई मार्गों पर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित किया गया है। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ट्रैफिक एसपी अपराजित लोहान ने यह प्लान जारी किया है।
इन रास्तों में बदली यातायात व्यवस्था- अशोक राजपथ से पूरब दीदारगंज तक किसी प्रकार के वाहनों का परिचालन नहीं होगा। इस मार्ग के सभी एंट्री प्वाइंट बंद रहेंगे।
- केवल खजांची रोड से पटना कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज परिसर में पार्किंग के लिए छठ व्रतियों की गाड़ियां ही जाएंगी।
- कारगिल चौक से पश्चिम शाहपुर तक छठ व्रतियों की गाड़ियों का परिचालन होगा। सांध्यकालीन अर्घ्य को देखते हुए तीन मार्च को दो बजे से 5.30 बजे तक एवं चार को तीन बजे भोर से छह बजे तक दीघा मोड़ से आशियाना की ओर वाहनों का परिचालन नहीं होगा।
- इस अवधि में वाहन रामजीचक मोड़ से नजर रोड होते हुए नेहरू पथ की ओर जा सकेंगे। गायघाट की ओर जानेवाले वाहन पुराने अथवा नए बाइपास धनुकी मोड़, शीतला माता मंदिर अथवा बिस्कोमान गोलंबर से गायघाट की ओर जाएंगे। पास के निर्धारित स्थल पर इन वाहनों को पार्क किया जाएगा।
- जेपी गंगा पथ का उपयोग वर्जित रहेगा। कंगनघाट से मरीन ड्राइव पर पश्चिम की ओर वाहनों का प्रवेश नहीं होगा।
- जेपी सेतु पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जेपी सेतु से राजधानी जानेवाले वाहनों को जेपी गंगा पथ पर नहीं आने दिया जाएगा।
- ये जेपी सेतु के संपर्क पथ से दीघा थाना होते हुए बढ़ेंगे। लोगों से इस अवधि में सोनपुर, छपरा, हाजीपुर जाने के लिए महात्मा गांधी सेतु के उपयोग का अनुरोध किया गया है। रामजीचक आरओबी से वाहन नहीं जाएंगे।
- दीघा में अशोक राजपथ से जेपी सेतु के नीचे व्रतियों का वाहन पाटली पथ उत्तरी छोर के पास यूटर्न करा पाटली पथ पर पार्क कराया जाएगा। अटल पथ से जेपी सेतु की ओर सामान्य वाहन नहीं चलेंगे।
इमरजेंसी वाहनों को अशोक राजपथ व रूपसपुर नहर मोड़ से रामजीचक आरओबी के नीचे से जेपी सेतु के रास्ते जाने दिया जाएगा। अटल पथ पर दीघा से आर ब्लॉक की तरफ भी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित किया गया है। वाहनों के पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी।
छठ व्रतियों के वाहन 3.30 बजे तक जेपी सेतु पूर्वी घाट तक जा सकेंगे। इसके बाद आनेवाले वाहनों की पार्किंग अटल पथ के पश्चिमी ले में की जाएगी। वहां से व्रतियों को पैदल जाना होगा। पाटीपुल घाट, दीघा घाट, शिवा घाट एवं मीनार घाट पर आनेवाले व्रतियों के वाहन पास के पार्किंग स्थल पर लगेंगे।
वहां से व्रती व स्वजन पैदल ही घाटों पर जाएंगे। इन घाटों पर वाहनों का प्रवेश व निकास जेपी सेतु के संपर्क पथ से रूपसपुर नहर रोड से होगा। जेपी गंगा पथ पर दीघा गोलंबर से गायघाट तक दोनेां फ्लैंक में वाहनों के परिचालन पर रोक है। जेपी गंगा पथ पर वाहन नहीं रुकेंगे।
शोक राजपथ पर आएंगे तो उन्हें गांधी चौक से बारी पथ में डायवर्ट कर दिया जाएगा। उन्हें अशोक राजपथ से गांधी मैदान की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। बिहटा से पूरब की ओर जानेवाले ट्रकों का परिचालन कन्हौली मोड़ से बहटा-सरमेरा पथ के रास्ते न्यू बाइपास फतुहा ओवरब्रिज के पास आना होगा।
नगर सेवा की पटना जंक्शन से दानापुर जानेवाली बसें गांधी मैदान में गेट नंबर 10 के अंदर पार्क की जाएगी। राजधानी में चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़े वाहनों का परिचालन पहले दिन 10 बजे से चार अप्रैल की दोपहर 12 बजे तक वर्जित रहेगा।
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Income Tax Return 2025: आयकर रिटर्न दाखिल करने में बड़ा बदलाव, ऑटो मोड में रहेगा नया आयकर स्लैब
जागरण संवाददाता, पटना। अब वित्तीय वर्ष के बदलाव के साथ ही आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से नई कर व्यवस्था डिफॉल्ट मोड में लागू कर दी गई है। इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) दाखिल करते समय अब आयकरदाता को डिफॉल्ट मोड में नया आयकर रीजीम देखने को मिलेगा।
टैक्स रिजीम चुनने का विकल्पयदि किसी आयकरदाता को पुराने आयकर रीजीम के आधार पर आयकर भरना हो तो उन्हें इसमें बदलाव कर ओल्ड स्कीम से आयकर भरने की प्रक्रिया करनी होगी। इसमें करदाताओं के पास टैक्स रीजीम चुनने का विकल्प होगा। जिन्हें लगता है कि उनके लिए पुराने स्लैब फायदेमंद है तो वह पुरानी स्लैब व्यवस्था का उपयोग कर सकते है।
सीए आशीष रोहतगी व सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि बिना किसी व्यावसायिक आय वाले पात्र व्यक्तियों के पास प्रत्येक वर्ष के लिए व्यवस्था चुनने का विकल्प होगा। इसलिए वे एक वित्तीय वर्ष में पुरानी कर व्यवस्था और दूसरे वर्ष में नई कर व्यवस्था चुन सकते हैं।
न्यू रीजीम से फाइल कर सकते हैं ITRउन्होंने बताया कि यदि कोई नियोक्ता अपने कर्मी का पुरानी व्यवस्था से टीडीएस का डिडक्शन काट लिया है, कर्मी चाहे तो न्यू रीजीम के तहत आइटीआर फाइल कर सकते है। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से अन्य चीजों में भी बदलाव हुए है।
1 अप्रैल से हुए बदलाव- इसके तहत बैंकिंग फ्रॉड से बचाव को लेकर नए चेक वेरिफिकेशन नियम लागू किए गए है। इसके अतिरिक्त पांच हजार रुपये से अधिक के चेक पेमेंट के लिए अब चेक नंबर, तिथि, लाभार्थी का नाम और राशि का सत्यापन करना होगा।
- साथ ही रुपये डेबिट कार्ड में नए फीचर्स को जोड़ा जा रहा है। इसमें एयरपोर्ट लाउंज में आना-जाना, इंश्योरेंस आदि सुविधा भी मिलेगी। इसके अतिरिक्त अब एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा भी तीन बार ही होगी।
- न्यूनतम बैलेंस की सीमा को लेकर भी नियम लागू किया जा रहा है। सीनियर सिटिजन्स के लिए टीडीएस कटौती की भी अधिकतम सीमा बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। यह राशि पहले 50 हजार रुपये थी।
नए टैक्स रीजीम में 12 लाख रुपये तक किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देय होगा। साथ ही अपडेटेड टैक्स रिटर्न दाखिल करने की सीमा 24 महीने से बढ़कर 48 महीने तक हो जाएंगी।
इसके साथ ही मकान मालिकों को रेंट से होने वाली आय पर टीडीएस कटौती की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। पहले दो लाख 40 हजार रुपये वार्षिक थी।
10 लाख रुपये से अधिक के विदेशी ट्रांजैक्शन टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) लगेंगे। पहले यह सीमा सात लाख रुपये थीं।
लांग टर्म कैपिटल गेन सीमा बढ़ेगीसीए आशीष रोहतगी एवं सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि आयकर बदलाव के तहत एक अप्रैल से डिविडेंट इनकम पर टीडीएस कटौती अब 10 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दी जाएगी।
पहले यह पांच हजार रुपये थी। साथ ही कैपिटल गेन में बदलाव करते हुए अब लांग टर्म कैपिटल गेन छूट की सीमा 1.25 लाख रुपये कर दी गई है।
पार्टनरशिप फार्म अपने पाटर्नर्स को सैलरी एवं कैपिटल पर इंट्रेंस पर अब अनिवार्य रूप से टीडीएस काटने होंगे। पहले यह लागू नहीं था।
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Waqf Bill: वक्फ बिल संशोधन पर सियासी बवाल, मुकेश सहनी ने दी नसीहत; मांझी ने लालू तो चिराग ने विपक्ष को घेरा
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को ले केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा भाजपा तोडऩे नहीं बल्कि जोड़ने की राजनीति करे।
सहनी ने कहा केंद्र की मोदी सरकार विधेयक के नाम पर धु्रवीकरण के प्रयास कर रही है। जबकि इस मुद्दे से जनता को सीधा लाभ नहीं, लेकिन विधेयक का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए इस विधेयक पर विवाद पैदा किया जा रहा है।
समाज में भाई को भाई से लड़ाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस चुनाव बिहार में जनता ऐसी साम्प्रदायिक शक्तियों का अंत कर देगी। उन्होंने पीएम को सलाह देते हुए कहा कि वे तीसरी बार जनता द्वारा चुने गए हैं, इसलिए उन्हें देशहित में काम करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
चिराग पासवान बोले- विपक्ष भ्रम फैला रहाकेंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वक्फ कानून में 2013 तक संशोधन होते रहे हैं, लेकिन तब तो किसी ने उसमें भ्रम फैलाने का काम नहीं किया। आज विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है कि वक्फ बिल मुसलमान विरोधी है या अंसवैधानिक है। जो संशोधन हुआ है, वह इस सोच के साथ किया गया है कि कैसे इसे और शक्तियां प्रदान की जाएं या जो लोग जिनके साथ अन्याय हो रहा है, कैसे उन्हें न्याय दिलाया जाए।
जदयू, हम, लोजपा ने मुसलमानों को धोखा दिया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्षबिहार कांग्रेस ने जदयू के साथ ही लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा पर मुसलमानों के साथ धोखा करने के आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने बुधवार को कहा कि नीतीश कुमार इस राज्य के मुखिया होने के साथ ही जदयू के भी अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने भाजपा के दबाव में वक्फ संशोधन विधेयक को अपना समर्थन दे दिया है। उनका यह कदम बेहद निराशाजनक है।
राजेश ने कहा कि लोकसभा में आज जो वक्फ बिल पेश किया गया है वह केंद्र सरकार का बेहद दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। लेकिन इससे दुखद बात यह है कि जिन नीतीश कुमार के सहयोग से केंद्र की भाजपा सरकार चल रही है उसने भी दबाव में आकर बिल का समर्थन कर दिया है।
नीतीश कुमार के इस कदम से मुसलमानों को साथ लेकर चलने के उनके दावे की पोल खुल गई है। जदयू के साथ ही भाजपा की सहयोगी लोजपा रामविलास और जीतन राम मांझी की हम जिस प्रकार से बिल पर मौन है उससे यह बात साबित हो गई है कि सत्ता के मोह में इन्हें मुसलमानों को धोखा देने से भी परहेज नहीं।
लालू ने की थी वक्फ के कड़े कानून की मांग: मांझीहम के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध सिर्फ इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि यह कानून मोदी सरकार ला रही है। 2010 में लालू प्रसाद ने वक्फ के कड़े कानून बनाए जाने की बात कही थी।
एक्स पर इससे जुड़ा वीडियो जारी करते हुए लिखा है कि मेरा आइएनडीआइए वालों से आग्रह है कि लालू की बातों को ध्यान से सुनें और संशोधन बिल के पक्ष में मतदान करें।
Bihar News: बिहार के युवाओं को बड़ी सौगात, खोले जाएंगे 18 मेडिकल कॉलेज; स्वास्थ्य मंत्री ने किया एलान
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को आयोजित कॉलेज के 56वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 4-5 साल में प्रदेश में 18 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।
बिहार में बढ़ेगी मेडिकल कॉलेजों की संख्यास्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आजादी के 58 वर्षों बाद 2005 तक बिहार में केवल 9 मेडिकल कॉलेज थे। इसके बाद महज बीस सालों में 24 मेडिकल कॉलेज खोले गए।
अगले चार-पांच सालों में पांच प्राइवेट और 13 सरकारी समेत कुल 18 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। तब बिहार में कॉलेजों की संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी। इन सभी कॉलेजों के संचालन के लिए बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।
4.5 करोड़ की लागत से विकसित होगा नालंदा मेडिकल कॉलेज का सभागारस्वास्थ्य मंत्री ने 4.5 करोड़ रुपये से नालंदा मेडिकल कॉलेज के सभागार को अत्याधुनिक रूप से विकसित करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार स्वस्थ बिहार समृद्ध बिहार बनाने को वचनबद्ध है। नियमित टीकाकरण, सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता में बिहार देशभर में नंबर एक पर है।
आयुष्मान योजना के तहत एक हजार करोड़ लोगों को मिला लाभप्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत गत वर्ष एक हजार करोड़ रुपए का लाभ मरीजों को दिया गया। एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की दवाइयां मरीजों में बांटी गई। बिहार के स्वास्थ्य विभाग का बजट बीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का है।
स्वास्थ्य मंत्री ने नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध चिकित्सकीय व्यवस्था का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 30 बेड की नशामुक्ति इकाई बनी।
सेंटर आफ एक्सीलेंस, सभागार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, बीएससी नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, यूजी व पीजी का चार सौ बेड का छात्रावास, स्किल लैब, दीदी की रसोई समेत अन्य उपलब्धियां गिनाईं।
उन्होंने एनएमसीएच को पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन करने के लिए कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कॉलेज की स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने एनएमसीएच के मौजूदा और पूर्व प्राचार्य व अधीक्षक को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।
प्राचार्य ने अस्पताल के लिए नये भवन की मांग कीएनएमसीएच की प्राचार्य डॉ. प्रो. उषा कुमारी ने कहा कि मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या के आगे अस्पताल की व्यवस्था छोटी पड़ती जा रही है। 30 बेड की ही इमरजेंसी है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि एनएमसीएच के लिए नये भवन का निर्माण किया जाना बेहद जरूरी है।
लेक्चर हाल, कॉलेज के भवन में लिफ्ट, कैथ लैब, कैंसर मरीजों के लिए मशीन आदि की आवश्यकता है। अधीक्षक डॉ. प्रो. रश्मि प्रसाद, डॉ. बी पी जायसवाल, डॉ. राजीव रंजन दास, डॉ. मोती लाल दास, डॉ. संजय कुमार समेत अन्य ने अपने विचार रखे।
कुलपति ने शोध पर दिया जोरबिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रो. एस एन सिन्हा ने स्थापना दिवस समारोह में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से शोध पर ध्यान देने को कहा ताकि नई नई बीमारियों का बेहतर इलाज हो सके। यह भी कहा कि एक डाक्टर अपने सेवा के साथ सहयोगपूर्ण अच्छे व्यवहार, वेशभूषा, बोली से पहचाने जाते हैं। मेडिकल विद्यार्थियों को अभी से ही इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।
32 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदकएनएमसीएच के 16 एमबीबीएस और 16 पीजी के मेधावी छात्र-छात्राओं को बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति, एनएमसीएच की प्राचार्य, अधीक्षक एवं अन्य शिक्षकों ने स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।
छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक देकर किया गया सम्मानित।
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Bihar Weather Today: बिहार में फिर बदलेगा मौसम, गोपालगंज सहित 4 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम शुष्क व सामान्य बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार प्रदेश के चार जिलों के गोपालगंज, बक्सर, कैमूर, रोहतास जिले के कुछ स्थानों पर गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा की संभावना है। इन जगहों पर 30-40 किमी प्रतिघंटा की गति से हवा चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
पटना में छाए रहेंगे बादलपटना सहित आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ जगहों पर बूंदाबांदी की संभावना है। 72 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री की वृद्धि की संभावना है।
खगड़िया और गोपालगंज रहा सबसे ज्यादा गर्मबुधवार को राजधानी व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौसम सामान्य बना रहा। राजधानी के अधिकतम तापमान में बुधवार को सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
पटना का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 37.5 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया व गोपालगंज में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
अधिकतम तापमान में इजाफाप्रदेश का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 38.9 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। भोजपुर में तेज हवा का प्रभाव बना रहा। पटना व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण मौसम सामान्य बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान शहरअधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 34.7 21.2 गया 37.0 21.0 भागलपुर 36.6 19.2 मुजफ्फरपुर 34.7 19.0 सिवान : आसमान में बादल देख किसानों में छाई मायूसी
अप्रैल महीने की शुरुआत होते की मौसम में बदलाव दिखने लगा है, दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच चुका है। साथ ही आसमान में बादल घिरे देख किसानों के चेहरे पर घबराहट स्पष्ट दिखाई देने लगी है, क्योंकि गेंहू कटनी शुरू हो चुकी है।
किसानों की मानें तो अक्सर इस मौसम में देखा जाता है कि वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी होती है। ऐसे में ओलावृष्टि होती है तो गेहूं की फसलों का काफी नुकसान हो जाएगा।
इसके साथ परवल, करेला, भिंडी, लौकी, तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे नकदी फसल भी काफी प्रभावित होंगे। ऐसे में हरी साग-सब्जियों का दाम आसमान छूने लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तीन अप्रैल तक तापमान में गिरावट के साथ आसमान में बादल छाए रहने की अनुमान है।
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Chaiti Chhath Puja: खरना के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू, आयुष्मान योग में सायंकालीन अर्घ्य आज
जागरण संवाददाता, पटना। लोकआस्था के महापर्व चैती छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन चैत्र शुक्ल पंचमी में बुधवार को खरना (लोहंडा) में दिनभर उपवास के बाद व्रतियों ने सायंकाल में भगवान भास्कर की पूजा कर निष्ठा व पवित्रता से निर्मित प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास का संकल्प लिया। खरना के दिन व्रतियों ने शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई और साथ में गंगाजल घर लाए।
कई व्रतियों ने घाट पर ही पूजा अर्चना कर खरना का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया। छठ के पारंपरिक गीतों के साथ छठ व्रतियों में उत्साह व उल्लास बना रहा। खरना के दिन व्रतियों पर सूर्यदेव की कृपा बनी रही। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौसम सामान्य बना रहा। यह पर्व पारिवारिक सुख समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए व्रती पुरे विधि-विधान से करती है।
इस पर्व को करने से रोग, शोक, भय आदि से मुक्ति मिलती है। छठ व्रत करने की परंपरा ऋग्वैदिक काल से ही चली आ रही है। विष्णु पुराण के अनुसार, तिथियों के बंटवारे के समय सूर्यदेव को सप्तमी तिथि प्राप्त हुई थी, इसलिए उन्हें इस तिथि का स्वामी भी कहा जाता है।
चार दिवसीय अनुष्ठान के अंतर्गत आज गुरुवार को रोहिणी नक्षत्र व आयुष्मान योग में सायंकालीन सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। शुक्रवार को चैत्र शुक्ल सप्तमी में उदीयमान सूर्य को मृगशिरा नक्षत्र, शोभन योग व रवि योग के सुयोग में अर्घ्य देकर व्रती इस महापर्व को पूर्ण करेंगी।
सायंकालीन अर्घ्य से शांति-उन्नति:शाम को भगवान भास्कर को जल से अर्घ्य देने से मानसिक शांति और जीवन में उन्नति होती है। लाल चंदन, फूल के साथ अर्घ्य से यश की प्राप्ति होती है। कलयुग के प्रत्यक्ष देवता सूर्य को जल में गुड़ मिलाकर अर्घ्य देने से पुत्र और सौभाग्य का वरदान मिलता है। सूर्योदय के समय जल में रक्त चंदन, लाल फूल, इत्र के साथ ताम्र पात्र में आरोग्य के देवता सूर्य को अर्घ्य देने से आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होती है।
स्थिर एवं महालक्ष्मी की प्राप्ति के लिए सूर्य को दूध का अर्घ्य देना चाहिए। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने से कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं। देवताओं में सूर्य ऐसे देवता हैं जिनको प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। सूर्य की शक्ति का मुख्य स्त्रोत उनकी पत्नी उषा और प्रत्युषा है।
छठ में सूर्य के साथ दोनों शक्तियों की संयुक्त आराधना होती है। पहले सायंकालीन अर्घ्य में सूर्य की अंतिम किरण प्रत्युषा और फिर उदीयमान सूर्य की पहली किरण उषा को अर्घ्य देकर नमन किया जाता है।
भगवान सूर्य की मानस बहन है षष्ठी देवीअथर्वेद के अनुसार, पंडित राकेश झा ने बताया कि षष्ठी देवी भगवान सूर्य की मानस बहन हैं । इसीलिए भगवान भास्कर के साथ उनकी बहन षष्ठी देवी (छठी मैया) की पूजा होती है। प्रकृति के षष्टम अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं। उन्हें बालकों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है। बालक के जन्म के छठे दिन भी षष्ठी मइया की पूजा की जाती है, ताकि बच्चे के दीर्घायु और निरोग रहे।
एक अन्य आख्यान के अनुसार, कार्तिकेय की शक्ति हैं षष्ठी देवी। षष्ठी देवी को देवसेना भी कहा गया है। सूर्योपासना के महापर्व में भगवान भास्कर को पीतल के पात्र में दूध तथा तांबे के पात्र में जल से अर्घ्य देने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। चांदी, स्टील, शीशा व प्लास्टिक के पात्र में सूर्य को अर्घ्य नहीं देना चाहिए।
- अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य : शाम 06:10 बजे तक
- प्रातः कालीन सूर्य को अर्घ्य: सुबह 05:49 बजे के बाद दिया जाएगा
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'मस्जिदों और दरगाहों पर...', वक्फ संशोधन बिल पर क्या बोले सम्राट चौधरी; लालू यादव पर साधा निशाना
राज्य ब्यूरो, पटना। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकसभा में पेश वक्फ संशोधन बिल गरीब एवं पिछड़े मुसलमानों के पक्ष में है, लेकिन लालू यादव सहित विपक्ष के कई नेता वोट बैंक की राजनीति के तहत बिल पर देश को गुमराह कर रहे हैं।
सम्राट ने कहा कि लालू यादव ने यूपीए सरकार के समय 2010 में स्वीकार किया था कि वक्फ के नाम पर लोगों की कीमती जमीन हड़पी जा रही है, इसलिए इस तरह की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए वक्फ कानून में संशोधन कर कड़े प्रावधान करने चाहिए।
'15 साल बाद जब पीएम मोदी...'उन्होंने कहा कि 15 साल बाद जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने व्यापक विचार-विमर्श के साथ वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है, तब लालू इसका विरोध कर रहे हैं। कानून का पालन करते हुए बनी मस्जिदों-दरगाहों पर वक्फ संशोधन बिल का कोई असर नहीं पड़ेगा, इसलिए मुस्लिम समाज के जागरूक लोग बिल के समर्थन में आगे आने लगे हैं। इस बदलाव से विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वक्फ कानून की विसंगति दूर कर यह बिल वक्फ बोर्ड को अधिक संवैधानिक बनाने वाला हैं। अब किसी जमीन पर वक्फ के दावे को एकतरफा लागू नहीं किया जा सकेगा, बल्कि उसे अदालत में चुनौती दी जा सकेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि देश संविधान से चलेगा, वही लोग वक्फ बोर्ड को असंवैधानिक तरीके से चलाते रहना चाहते हैं।
विपक्ष व मुस्लिम संगठनों का विरोध राजनीति से प्रेरित: मंगल पांडेयस्वास्थ्य व विधि मंत्री मंगल पांडेय ने वक्फ संशोधन बिल-2024 को बुधवार को संसद में पेश किए जाने का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया है।
उन्होंने कहा कि इस बिल को पारित करने के पीछे सरकार का उद्देश्य पुराने वक्फ कानून को पारदर्शी व न्यायसंगत बनाना है। विपक्ष व मुस्लिम संगठनों का विरोध तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित है। 2022 से अब तक देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट से जुड़ी करीब 120 याचिकाएं दायर कर मौजूदा कानून में कई खामियां बताई गईं।
पांडेय ने कहा कि पुराने वक्फ कानून की खामियों की वजह से आम लोगों के लिए वक्फ जैसी ताकतवर संस्था के फैसले को कोर्ट में चौलेंज करना आसान नहीं है। इन याचिकाकर्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि धार्मिक आधार पर कोई ट्रिब्यूनल नहीं होना चाहिए। वक्फ संपत्तियों पर फैसला सिविल कानून से हो, न कि वक्फ ट्रिब्यूनल से।
संशोधित वक्फ कानून के पारित होने व अस्तित्व में आने के बाद न केवल कई पेचीदगियों का समाधान होगा बल्कि पारदर्शी तरीके से आम व गरीब मुसलमानों के कल्याणार्थ वक्फ परिसम्पतियों का प्रबंधन भी संभव होगा। विभिन्न तबकों की मुस्लिम महिलाओं व गरीबों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा।
वक्फ संशोधन विधेयक अन्याय के जड़ पर प्रहार: दानिश इकबालभाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने वक्फ संशोधन विधेयक की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक अन्याय के जड़ पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड आज सिर्फ कुछ लोगों के हाथ में है, जबकि इस विधेयक के पास हो जाने के बाद यह बोर्ड पारदर्शी और जवाबदेह बन जाएगा।
इकबाल ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग इसे असंवैधानिक व मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध है। वक्फ बोर्ड आज कुछ सीमित लोगों के हाथ में है। यह संशोधन पहले ही पास हो जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा, सही अर्थों में वक्फ की संपत्ति गरीब मुस्लिमों के लिए थी, लेकिन आज कुछ भू-माफिया इन संपत्तियों के ठेकेदार बने हुए हैं। इस विधेयक का विरोध करने वालों को यह बताना चाहिए कि किसी गरीब मुस्लिम को वक्फ से फायदा हुआ। कितने अस्पताल खुले, कितने स्कूल खुले।
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Bihar Politics: तीसरे दांव में भी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी चित, फिर भी पराजय धमकदार
विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना। प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) तो बिहार में काफी पहले से सक्रिय थे, जबकि पिछले वर्ष दो अक्टूबर से उनकी जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) भी अस्तित्व में आ गई। उससे पहले पीके का आंदोलन पदयात्रा और संवाद तक सीमित था, फिर भी उसका राजनीतिक रंग उभर ही आता था।
अलबत्ता जसुपा के साथ पीके की चुनावी यात्रा की शुरुआत हुई, जो अभी तक कांटों से ही रही है। आगे विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) है, जिसके लिए जीत का हौसला बनाए रखने की चुनौती तीन अलग-अलग चुनावों में मिली हार के बाद बढ़ गई है।
पहली हार विधानसभा के उपचुनाव में हुई थी और दूसरी विधान परिषद के लिए तिरहुत (स्नातक) क्षेत्र के उपचुनाव में। तीसरी हार पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में हुई है, जो ताजातरीन है। नि:संदेह इन तीनों चुनावों में जसुपा की पराजय हुई, लेकिन मिलने वाले वोट बता रहे कि मैदान में उसकी उपस्थिति कमजोर भी नहीं कही जा सकती।
तीनों चुनाव क्यों हारी जसुपा?इन तीनों चुनावों से जसुपा को एक सीख समान रूप से मिल रही। वह प्रत्याशियों के चयन में सूझबूझ है। हड़बड़ी के कारण या पूर्व तैयारी नहीं होने से वह तीनों चुनावों में इस मोर्चे पर गच्चा खा चुकी है। दिसंबर, 2024 मेंं हुए विधानसभा उपचुनाव में उसे कुल चार में से अपने दो प्रत्याशी बदलने पड़े थे। फिर भी उसे 10 प्रतिशत से कुछ अधिक मत मिले थे।
इतना वोट कम नहीं होता, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव मेंं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से मात्र 0.3 प्रतिशत कम मत पाकर महागठबंधन सत्ता से वंचित रह गया था। तब दोनों गठबंधनों के बीच 15 सीटों का अंतर रहा था। लगभग तीन दर्जन सीटों पर जदयू की संभावना मात्र 5.66 प्रतिशत मत पाने वाली लोजपा के कारण प्रभावित हुई थी।
विधान परिषद उपचुनाव में क्या हुआ?विधान परिषद के उपचुनाव में निर्दलीय वंशीधर बृजवासी विजयी हुए थे। वे जसुपा के अघोषित प्रत्याशी थे, लेकिन खर्च आदि के मुद्दे पर बात नहीं बनी। अंतत: जसुपा विनायक गौतम को ले आई। बृजवासी को मिले 23003 मतों की तुलना में 10195 मत लेकर विनायक दूसरे स्थान पर रहे। राजद और जदयू को क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।
छात्र संघ चुनावछात्र संघ के चुनाव में तो जदयू मैदान में ही नहीं था, जबकि राजद समर्थित सभी प्रत्याशियों की करारी हार हुई। जसुपा ने लगभग सभी सीटों पर विरोधियों को करारी टक्कर दी। हालांकि, उसका एक भी प्रत्याशी विजयी नहीं रहा, लेकिन युवाओं का उसे अच्छा समर्थन मिला है। कोषाध्यक्ष पद पर उसके प्रत्याशी ब्रजेश 1528 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि एनएसयूआइ 901 मतों के अंतर से विजयी रहा था।
महासचिव के पद पर उसकी प्रत्याशी ऋतंभरा राय 753 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। इस चुनाव में जसुपा की सर्वोत्तम उपलब्धि अनु कुमारी के नाम संयुक्त सचिव के पद पर रही। यहां जीत-हार का निर्णय मात्र 182 वोटों से हुआ, जबकि अनु 2091 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहीं।
हालांकि, प्रत्याशियों के चयन की सीख यहां भी मिली। दिवेश दीनू अध्यक्ष पद के प्रत्याशी थे। विद्यार्थी परिषद से मिलीभगत के कारण उनसे हाथ पीछे खींच जसुपा को एनएसयूआइ को समर्थन देना पड़ा था।
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Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार सख्त, इन अफसरों पर गिरेगी गाज; अंचलों की बन गई लिस्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री संजय सरावगी ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह तथा सचिव जय सिंह भी मौजूद थे।
दाखिल-खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया।
मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है।
खराब प्रदर्शन में लखीसराय का पिपरिया अंचल सबसे ऊपरबैठक में बताया गया कि प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है।
इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है। दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है, जहां दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है।
तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव (55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज (55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदनगंज (53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बरहरा (53.52%), सातवें पर अररिया का जोकीहाट (52.38%), आठवें पर मधुबनी का जयनगर (50.30%), नौवें पर खगड़िया का बेलदौर (50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है।
सबसे अच्छा प्रदर्शनकैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। यहां कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को ही अस्वीकृत किया गया है। दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय (7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी (8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां (9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल (9.54%)।
छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर (9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल (9.71%), आठवें पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी (10.26%), नौवें पर लखीसराय का बरहिया (10.53%) तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल (11.06%) है।
अपना नम्बर डालेंमंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिये। सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का न डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें।
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