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Bihar Election: टिकट बंटवारे में कांग्रेस जिलाध्यक्षों की होगी अहम भूमिका, कैंडिडेट हारा तो तय होगी जिम्मेदारी
राज्य ब्यूरो, पटना। अखिल भारतीय कांग्रेस का निर्णय है कि अब भविष्य में होने वाले लोकसभा, विधानसभा चुनावों में लड़ी जाने वाली सीट और टिकट बंटवारे में कांग्रेस के जिलाध्यक्षों से भी उनकी राय जानी जाएगी।
इस बाबत प्रदेश स्तर पर होने वाली बैठक में जिलाध्यक्षों को भी शामिल किया जाएगा और उनकी सलाह को प्रमुखता दी जाएगी।
प्रत्याशी के हार के लिए भी जिम्मेदारी तय होगी। इस व्यवस्था का पहला प्रयोग बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में होगा। इस प्रस्ताव को अहमदाबाद में 8-9 अप्रैल को आयोजित कांग्रेस महाधिवेशन में पारित कराया जाएगा।
यह निर्णय दिल्ली कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में कांग्रेस हाईकमान और जिलाध्यक्षों की बैठक में लिया गया। बैठक को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।
विभिन्न प्रदेशों से आए जिलाध्यक्षों को इस दौरान संकल्प, समर्पण और संघर्ष पथ पर चलने का प्रण दिलाया गया। बैठक में विभिन्न प्रदेशों के 862 जिलाध्यक्ष बैठक में शामिल रहे।
फिर प्रभावी होगी पुरानी व्यवस्थाइस दौरान सहमति बनी कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में जिस प्रकार चुनाव टिकट निर्धारण और बंटवारे में जिलाध्यक्षों से भी राय-मशविरा होता था, वह व्यवस्था एक बार फिर प्रभावी होगी।
इसके साथ ही जिलाध्यक्षों को जिम्मा दिया कि गया कि वे अपने क्षेत्र में महीने में कम से कम एक बैठक करें। जिसमें विधायक, पूर्व विधायक, सांसद, विधान पार्षद की भी उपस्थिति सुनिश्चित करें। जिसकी रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय और हाईकमान को भी भेजे।
इसके अलावा जिलाध्यक्षों को प्रखंड, बूथ और वार्ड कमेटी गठन का जिम्मा भी सौंपा गया। जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, उन्हें इस कार्य के लिए छह महीने का समय दिया गया है।
ऐसा नहीं होने पर जिलाध्यक्ष कार्य से मुक्त किए जाएंगे। बैठक में बिहार जिला के जिलाध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, समस्तीपुर जिलाध्यक्ष अबु समीम और बांका जिला अध्यक्ष कंचना सिंह को बिहार के प्रतिनिधि के रूप में राहुल गांधी के सामने बात रखने का मौका मिला।
जिलाध्यक्षों को मिला टास्कबिहार के जिलाध्यक्षों का यह टास्क भी मिला कि वे अभी से बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची सत्यापन में जुट जाएं। अपने जिले में अधिक से अधिक लोगों से संवाद करें और उन्हें कांग्रेस शासनकाल के दौरान हुए कार्यों और इसकी नीतियों से लोगों को अवगत कराएं।
इंटरनेट मीडिया के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया से भी लगातार संवाद करने के निर्देश भी जिलाध्यक्षों को दिए गए। साथ ही फंड मैनेजमेंट, कांग्रेस की संपत्तियों की रक्षा का संकल्प भी जिलाध्यक्षों को दिलाया गया।
बिहार से गए जिलाध्यक्षों से कहा गया कि वे अभी से चुनावी तैयारियों में जुट जाएं और प्रत्येक महीने कम से एक बैठक करें। जिसकी रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय और हाईकमान को भी भेजे। बैठक में बिहार के प्रभारी कृष्णा अल्लावारू के साथ ही सभी जिलाध्यक्ष शामिल रहे।
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बिहार में मेट्रो के काम में आएगी तेजी, 397 जेई को मिली पोस्टिंग; 1 हफ्ते में ज्वाइन करेंगे ऑफिस
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के नगर निकायों में चल रही शहरी योजनाओं में अब तेजी आएगी। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने 397 जूनियर इंजीनियरों को विभिन्न नगर निकायों, बुडको, बिहार आवास बोर्ड, पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में पदस्थापित किया है।
इन अभियंताओं को शहरी इलाकों में चल रही विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को ससमय गुणवत्तापूर्ण तरीके से लागू करने का निर्देश दिया गया है।
पटना मेट्रो के कार्यों को गति देने के लिए भी विभाग ने 11 सिविल, जबकि चार-चार इलेक्ट्रिकल एवं मेकेनिकल इंजीनियरों की तैनाती है। पटना मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को इसी साल 15 अगस्त तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि 397 अभियंताओं के पदस्थापन से सम्राट अशोक भवन, प्रशासनिक भवन, जल जीवन हरियाली मिशन जैसी योजनाओं के काम में और तेजी आएगी।
बिहार सरकार के इस बड़े कदम से जल निकासी, सड़क, नाला, पेयजल आपूर्ति, भवन निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचे की गुणवत्ता में सुधार होगा। शहरी नागरिकों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी।
इन इंजीनियरों की बहाली बिहार तकनीक सेवा आयोग द्वारा की गई है। अधिसूचना के मुताबिक इलेक्ट्रिकल शाखा से 12 जेई और मैकेनिकल शाखा से 35 जेई का पदस्थापन किया गया है। साथ ही सिविल शाखा से 350 कनीय अभियंताओं को पदस्थापित किया गया है।
सभी अभियंताओं को एक सप्ताह के अंदर नव पदस्थापित कार्यालय में शैक्षणिक योग्यता एवं आवासीय समेत अन्य जरूरी प्रमाण पत्रों के साथ योगदान करने का आदेश दिया गया है।
आयोजना क्षेत्र प्राधिकार गठित, 1350 नए पद सृजितवहीं, दूसरी ओर राज्य के सभी 38 जिला मुख्यालय वाले शहरों के सुनियोजित विकास के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने आयोजना क्षेत्र प्राधिकार (प्लानिंग एरिया अथारिटी) का गठन किया है।
इन आयोजना क्षेत्र प्राधिकार में 1350 नए पद सृजित किए हैं। इसमें मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, नगर निवेशक, सांख्यिकी पदाधिकारी जैसे पद शामिल हैं।
विभाग के अनुसार, अगले बीस सालों की संभावित आबादी को देखते हुए शहरों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें विभिन्न भूमि उपयोग (आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक इत्यादि) मूलभूत सुविधाओं एवं सड़क निर्माण की योजना का विस्तृत वर्णन होगा।
राज्य के प्रमुख शहरों में टाउनशिप परियोजना लाने की तैयारी की जा रही है। ऐसे में प्रमण्डलीय जिला मुख्यालय एवं अन्य जिला मुख्यालय के आधार पर वर्गीकृत करते हुए पदों की स्वीकृति दी गई है।
प्रमण्डलीय स्तर के नौ जिला मुख्यालय वाले आयोजना प्राधिकार में प्रति आयोजना प्राधिकार के लिए 39 पद, जबकि अन्य 29 जिला मुख्यालय वाले आयोजना प्राधिकार में प्रति आयोजना प्राधिकार के लिए 34 पद स्वीकृत किए गए हैं।
पटना महानगर क्षेत्र प्राधिकार के लिए सहायक नगर योजना पर्यवेक्षक के नौ पदों और उप नगर योजना पर्यवेक्षक के चार पदों की स्वीकृति दी गई है। इस तरह कुल 1350 पद सृजित किए गए हैं।
प्रशासनिक, योजना, वास्तु, इंजीनियरिंग, रियल एस्टेट, लेखा आदि कार्यों के आधार पर किया गया है। विभागीय मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि नए पद सृजन के बाद आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के कार्यों में तेजी आएगी।
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि बिहार शहरी आयोजना तथा विकास नियमावली 2014 के तहत इन पदों का सृजन किया गया है। इसके अलावा जीआईएस विशेषज्ञ, आईटी मैनेजर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, मल्टी टास्किंग स्टाफ की सेवा बेल्ट्रान या विभाग की ओर से निर्धारित एजेंसी के जरिए ली जाएगी।
जिला के अधीन सभी आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के कार्यों का निपटारा संबंधित जिला आयोजना क्षेत्र के जरिए ही होगा।
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Bihar Teacher News: नए शिक्षकों की पोस्टिंग पर आया बड़ा अपडेट, विभाग के निदेशक ने जारी किया नया आदेश
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राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा विभाग ने सभी नवपदस्थापित होने वाले प्रधान शिक्षक पद के अभ्यर्थियों को आवंटित जिला का अनुपालन करना अनिवार्य कर दिया है। शुक्रवार को विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने निर्देश जारी कर कहा कि जिला आवंटन की कार्रवाई का अनुपालन सुनिश्चित करें।
बिना तथ्यों की जानकारी के शिक्षा विभाग द्वारा जिला आवंटन हेतु की कार्रवाई पर प्रश्नचिन्ह नहीं लगाएं। 93 प्रतिशत सफल अभ्यर्थियों को उनके द्वारा समर्पित विकल्प (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय) के अनुरूप जिला आवंटित हुआ है।
विभागीय आदेश में कहा गया है कि प्रधान शिक्षक पद के सफल कुछ अभ्यर्थियों द्वारा यह जिज्ञासा व्यक्त की जा रही है कि मेधा क्रम में ऊपर रहने के बावजूद उन्हें विकल्प का लाभ नहीं मिला, जबकि मेधा क्रम में नीचे वाले को विकल्प के अनुरूप जिला आवंटित किया गया है।
विभागीय स्तर पर की समीक्षाइसकी गहन समीक्षा विभागीय स्तर पर की गई जिसमें पाया गया कि यह जिला स्तरीय संवर्ग है, इसलिए जिला में कोटिवार स्वीकृत पद के अनुरूप ही पदस्थापन की कार्रवाई की जानी है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा जिस सफल अभ्यर्थी की अनुशंसा जिस कोटि में की गयी है, उस कोटि की वरीयता (मेधा क्रम) के अनुरूप उनके विकल्प को दृष्टिपथ में रखते हुए जिला आवंटन की कार्रवाई की गई है।
वस्तुस्थिति यह है कि शिक्षा विभाग द्वारा सामान्य कोटि में अनुशंसित अभ्यर्थियों को उनके मेधा क्रम में, आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यर्थियों को उनके मेधा क्रम, पिछड़ा वर्ग के उनके मेधा क्रम में, अतिपिछड़ा वर्ग को उनके मेधा क्रम में, अनुसूचित जाति एव अनुसूचित जनजाति को उनके मेधा क्रम के अनुरूप विकल्प के आधार पर जिला आवंटन की कार्रवाई की गयी है।
समेकित रूप से देखने पर यह स्पष्ट होगा कि किसी सामान्य कोटि के वरीय मेधा क्रम वाले को छोड़ कर सामान्य कोटि वाले कम मेधा क्रम (दिव्यांग को छोड़) के अभ्यर्थी को विकल्प का लाभ नहीं दिया गया है।
अन्य सभी कोटि में भी इसी तरह का अनुपालन किया गया है। इस नीति का पालन नहीं किया जाता, तो बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा कोटिवार की गयी अनुशंसा की संख्या-क्रम को भंग करना पड़ता, जो नियमानुकूल नहीं है।
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Bihar Land Survey: अब तेजी से होगा भूमि सर्वे का काम, 1000 से अधिक पदों पर होने जा रही भर्ती
राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में एक हजार से अधिक पदों पर जल्द नियुक्ति होगी। विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो एवं अमीन के अलावा कुछ अन्य पदों पर भी नियुक्ति होने जा रही है।
मालूम हो कि पिछले साल विशेष भूमि सर्वेक्षण के लिए 10 हजार लोगों की नियुक्ति हुई थी। यह संविदा पर थी। इनमें से करीब एक हजार लोगों को पक्की सरकारी नौकरी मिल गई तो इस विभाग से त्याग पत्र देकर चले गए।
नियुक्ति के लिए अलग से नहीं शुरू होगी प्रक्रियासूत्रों ने बताया कि इन नियुक्तियों के लिए अलग से प्रक्रिया शुरू नहीं होगी। पहले के पैनल के सफल अभ्यर्थियों के बीच से ही इनका चयन किया जाएगा। सबसे अधिक रिक्ति अमीन की है। बड़ी संख्या जूनियर इंजीनियर अमीन के पद पर नियुक्ति हुए थे। ये स्थायी सेवा में चले गए।
BPSC परीक्षा पास करते ही छोड़ दी नौकरीइसके अलावा, बीटेक डिग्रीधारी भी कानूनगो एवं सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी के पद पर नियुक्त हुए थे। बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफल होने के बाद इस श्रेणी के कुछ अधिकारी भी नौकरी छोड़कर चले गए हैं। भूमि सर्वेक्षण की गति प्रभावित न हो, इसके लिए रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने का प्रयास किया जा रहा है।
नियुक्ति प्रक्रिया- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में 1000 से अधिक पदों पर नियुक्ति होगी।
- पूर्व पैनल के अभ्यर्थियों से चयन किया जाएगा, नई प्रक्रिया शुरू नहीं होगी।
- सबसे अधिक रिक्तियां अमीन पद पर हैं।
- जूनियर इंजीनियर अमीन स्थायी सेवा में समायोजित हो चुके हैं।
- बीटेक डिग्रीधारी कानूनगो एवं सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी बीपीएससी परीक्षा पास करने के बाद नौकरी छोड़ चुके हैं।
- रिक्त पदों को जल्दी भरने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर, उपमुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री विजय सिन्हा ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत जलछाजन विकास घटक-2.0 के तहत भूमि संरक्षण निदेशालय की ओर से चलाई जा रही 35 परियोजनाओं की समीक्षा की। यह केंद्र सरकार प्रायोजित योजना है।
440 करोड़ रुपये की लागत वाली स्वीकृत परियोजनाओं को पांच वर्षो में पूरा करना था लेकिन अभी तक लंबित है। ऐसे में उपमुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों को 18 जिलों के 326 पंचायतों में क्रियान्वित योजनाओं को मुखिया से सहयोग लेकर त्वरित गति से पूर्ण कराने का निर्देश दिया है।
इन योजनाओं में मुख्य रूप से आहर एवं तालाबों का जीर्णोद्धार आदि कार्य संचालित किए जाते है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।
विजय सिन्हा ने अधिकारियों से कहा कि वर्षा जल न केवल सिंचाई एवं पेयजल की आपूर्त्ति सुनिश्चित करता है, बल्कि मिट्टी की नमी को संरक्षित रखने में भी सहायक होता है। भूमिगत जल स्तर में गिरावट गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसे वर्षा जल के संचयन और पुनर्भरण तकनीकों द्वारा सुधारा जा सकता है। भू-क्षरण को नियत्रिंत करने में भी वर्षा जल संचयन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
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Bihar School News: गर्मी में बिहार के स्कूलों का समय बदला, अब सुबह इतने बजे लगेगी क्लास, देखें नया टाइम-टेबल
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar School New Timings: भीषण गर्मी के मद्देनजर राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों की कक्षाएं 7 अप्रैल यानी सोमवार से सुबह साढ़े छह बजे (मार्निंग) से संचालित होगी।
इसमें 71,863 प्रारंभिक और 9,360 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। मार्निंग में विद्यालयों के संचालन की व्यवस्था एक जून यानी गर्मी की छुट्टी होने के पूर्व तक बनी रहेगी। बच्चों की छुट्टी अपराह्न 12.20 बजे होगी, लेकिन शिक्षक दोपहर 12.30 बजे जाएंगे।
इससे संबंधित आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक साहिला के हस्ताक्षर से शुक्रवार को जारी किया गया। मार्निंग शिफ्ट में विद्यालयों के संचालन के लिए समय-सारणी भी जारी की गई है।
शिक्षा विभाग के मुताबिक समय-सारणी के तहत सभी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित होंगे। साथ ही पहली कक्षा में बच्चों का नामांकन अभियान भी चलेगा। विद्यालयों के पोषक क्षेत्र में बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का आदेश सभी प्रधानाध्यापकों को दिया गया है।
वहीं, दूसरी ओर सभी जिलों में विद्यालयों में निरीक्षण हेतु तैनात किए गए अफसरों का भ्रमण होगा। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर सभी विद्यालयों के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा।
इस प्रकार है समय-सारणी- सुबह 6.30 बजे से विद्यालय शुरू होगा
- 6.30 से 7.00 बजे तक प्रार्थना आदि होगी
- 7.00 से 7.40 बजे तक पहली घंटी
- 7.40 से 8.20 बजे तक दूसरी घंटी
- 8.20 से 9.00 बजे तक तीसरी घंटी
- 9.00 से 9.40 बजे तक टिफिन रहेगी और प्रारंभिक विद्यालयों में बच्चों को मध्याह्न भोजन परोसे जाएंगे
- 9.40 से 10 बजे तक चौथी घंटी
- 10.20 से 11.00 बजे तक पांचवीं घंटी
- 11.00 से 11.40 बजे तक छठी घंटी
- 11.40 से 12.20 बजे तक सातवीं घंटी। उसके बाद छात्र-छात्राओं की छुट्टी।
दोपहर 12.20 से 12.30 बजे तक प्रधानाध्यापक के स्तर से शिक्षकों द्वारा पढ़ाए गए विषयों की समीक्षा। अगले दिन के लिए कार्य योजना एवं छात्रों को दिए गए गृह कार्य की समीक्षा एवं जांच होगी।
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Bihar Politics: वक्फ संशोधन बिल को लेकर जदयू में बगावत, नीतीश कुमार को लगा पांचवां झटका
एजेंसी, पटना। वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) के लोकसभा में पारित होते ही नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड को लगातार पांचवां झटक लगा है। अब जेडीयू के एक और नेता नदीम अख्तर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
उनके इस्तीफे से पहले जेडीयू नेता राजू नैयर, तबरेज सिद्दीकी अलीग, मोहम्मद शाहनवाज मलिक और मोहम्मद कासिम अंसारी ने भी इस्तीफा दे दिया है।
वहीं, जेडीयू नेता राजू नैयर ने अपने इस्तीफे में लिखा था, "वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने और उसे जदयू का समर्थन मिलने के बाद मैं पार्टी से इस्तीफा देता हूं।"
उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "मैं जेडीयू द्वारा मुसलमानों पर अत्याचार करने वाले इस काले कानून के पक्ष में मतदान करने से बहुत आहत हूं। मैं जेडीयू युवा के पूर्व राज्य सचिव पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।"
मुस्लिम लॉ बोर्ड ने की थी ये अपीलगौरतलब है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने भाजपा के सहयोगियों और सांसदों सहित सभी धर्मनिरपेक्ष राजनीतिक दलों से वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने का आग्रह किया था।
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संबोधित एक पत्र में तबरेज सिद्दीकी अलीग ने गहरी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी ने मुस्लिम समुदाय के विश्वास को धोखा दिया है।
'...अब यह विश्वास टूट गया है'वहीं, अपने पत्र में मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने लिखा, "हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों का दृढ़ विश्वास था कि आप विशुद्ध धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह विश्वास टूट गया है।
दूसरी ओर, मोहम्मद कासिम अंसारी ने कहा कि मैं इस्तीफा दे रहा हूं, क्योंकि वक्फ संशोधन विधेयक पर पार्टी के रुख ने लाखों मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई है।
लोकसभा में पारित हुआ वक्फ संशोधन बिलउल्लेखनीय है कि लोकसभा में मैराथन और गरमागरम बहस के बाद शुक्रवार की सुबह वक्फ संशोधन विधेयक को पारित कर दिया गया। इसके पक्ष में 128 और विरोध में 95 मत पड़े।
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Patna News: पटना के लिए शुभ होगा 15 अगस्त का दिन, ऐसा क्यों बोले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी
जागरण संवाददाता, पटना। पटना के लिए 15 अगस्त शुभ दिन होगा। 15 अगस्त तक पटना में मेट्रो का परिचालन शुरू हो जाएगा। राजीव नगर भूमि विवाद को 15 अगस्त तक हल कर दिया जाएगा। वर्षो से यहां के निवासी परेशान हैं। राजीव नगर नाला, बाबा चौक-आनंदपुरी नाला सहित कई नाले को पाटकर सड़क बनाया जा रहा है। उक्त बातें 27.62 करोड़ की लागत से पटना नगर निगम भवन का शिलान्यास करते हुए उप मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहीं।
सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि पटना शहर की सूरत तेजी से बदल रही है। अभी पुराने पटना को संवारने का कार्य चल रहा है। जल्द ही नया पटना बसाया जाएगा। नया ग्रेटर पटना बनाने की जरूरत है। अटल पथ, गंगा जेपी पथ के साथ कई सड़कों का जाल पटना में बिछ रहा है। हाइवें से जुड़ जाएगा। शीघ्र ही पटना आने-जाने का रास्ता सुगम हो जाएगा। कोई जाम में नहीं फंसेगा।
उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पटना नगर निगम सभी छह अंचलों में अशोक कंवेंशन सेंटर का निर्माण होगा। सभी राशि राज्य सरकार उपलब्ध कराएगी। नगर निगम को सिर्फ जमीन उपलब्ध कराना है। सम्राट चौधरी ने कहा कि मौर्यालोक मार्केट पटना की शान है। इसे वातानुकूल मार्केट बनाने की योजना पटना नगर निगम बनाए। राज्य सरकार खर्च होने वाली राशि का वाहन करेगी।
राज्य के सभी नगर निकाय में पीने का पानी, ट्रेनेज सिस्टम बनाने की चिंता राज्य सरकार को है। नगर निगम टूरिज्म सहित सभी क्षेत्र में कार्य करने के लिए स्वतंत्र है। कचरा का उठाव सही तरीके से होने लगा है। कचरे से बिजली, गैस के रूप में उपयोग करके लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इस दिशा में अब कार्य करने की जरूरत है। म
हापौर सीता साहू ने कहा कि नगर निगम के भवन बनने से एक छत के नीचे सभी प्रकार की सुविधाएं मिलने लगेंगी। नगर आयुक्त ने कहा कि राज्य सरकार दरियादिल दिखाते हुए नगर निगम भवन पर खर्च होने वाली सभी राशि को दे रही है।
पटना में दिख रहा विकास का कार्य : विधानसभाध्यक्षअब गर्व से कह सकते हैं कि पटना नगर निगम क्षेत्र में रहते हैं। पटना में विकास और स्वच्छता दिखाई दे रही है। निगम को सक्रियता बरकरार रखना चाहिए। नगर निगम में वार्ड पार्षद और उप महापौर रह चुके हैं। निगम पार्षदों की पीड़ा समझ सकते हैं। वार्ड पार्षदों की टीम मजबूत है। आपका मानदेय बढ़ाना चाहिए। विधानसभा में आएगा तो हम देख लेंगे।
योजनाओं को समय पर कराएंगे पूरा : जीवेश मिश्रानगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार मिश्रा ने कहा कि पूर्व मंत्री नितिन नवीन के समय कई योजनाओं का शुभारंभ किया गया। मुझे समय पर पूरा कराने की चुनौतियां हैं। नगर विकास विभाग 90 दिन और 180 दिन का रोड मैप बनाकर कार्य शुरू किया है। नगर निगम भवन को 18 माह के पहले बनवाकर दिखएंगे।
नगर निगम भवन बनाने की राशि दिया विभाग : नितिन नवीनपथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि नगर विकास विभाग नगर निगम भवन के निर्माण पर खर्च होने वाली सभी राशि 27.62 करोड़ देने का फैसला लिया है। पहले आधी राशि नगर निगम को देना था। इसमें उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अहम भूमिका रही है। नगर विकास भवन बनने के बाद नागरिकों को लाभ मिलेगा। कई नाले को पाटकर सड़क बन रहा है।
मौजूद थे: कुम्हरार विधायक अरुण कुमार सिन्हा, दीघा विधायक संजीव चौरसिया, उप महापौर रेशमी चंद्रवंशी, सशक्त स्थायी समिति के सदस्य डा. आशीष कुमार सिन्हा, डा. इंद्रीप चंद्रवंशी, मनोज कुमार, कावेरी सिंह, अपर नगर आयुक्त राजन सिन्हा सहित वार्ड पार्षद और अधिकारी कर्मचारी मौजूद थे।
छह मंजिल का होगा नगर निगम भवननगर निगम भवन छह मंजील (बी-जी 4) बनेगा। 27.62 करोड़ खर्च होगा। 18 माह में बनकर तैयार हो जाएगा। बेसमेंट और भूतल के अलावा चार ऊपरी मंजील होगी। भूतल पर शिकायत निवारण शाखा, जन्म-मृत्यु पंजीकरण और राजस्व वसूली सहित लोगों से सीधे जुड़े रहने वाले शाखाओं का काउंटर रहेगा।
पहले और दूसरे तल पर महापौर, उप महापौर और नगर आयुक्त से जुड़े कार्यालयों की शाखएं रहेंगी। तृतीय व चतुर्थ तल पर अर्बन इनोवेशन सेंटर, आइटी सेल होगा। अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित नियंत्रण कक्ष एवं स्वच्छ भारत मिशन ट्रेनिंग सेंटर भी चौथे तल पर होगा।
वार्ड पार्षदों के मानदेय बढ़ाने के प्रति सरकार गंभीर : सम्राट चौधरीवार्ड पार्षदों ने पटना निगम क्षेत्र के सभी चारों विधायकों का ध्यान आकृष्ट कराया कि वार्ड पार्षदों किा मानदेय बढ़ाया जाए। नगर विकास एवं आवास मंत्री से भी आग्रह किया। विधानसभाध्यक्ष नंदकिशोर यादव भाषण के क्रम में यह मुद्दा उठा दिए।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंच से आश्वासन दिया कि राज्य सरकार पार्षदों पर ध्यान देगी। उनका मानदेय बढ़ाया जाएगा। पूर्व उप महापौर विनय कुमार पप्पू ने उप मुख्यमंत्री को बधाई दिया है।
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Patna News: कोर्ट जा रहे युवक की जेपी गंगा सेतु पर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। सुल्तानगंज थाना क्षेत्र के खानमिर्जा मस्जिद के समीप जेपी गंगा सेतु पर शुक्रवार की दोपहर बाइक सवार बदमाशों ने स्कूटी सवार एक युवक को गोली मार दी।
जख्मी हालत में युवक को पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की पहचान खाजकलां थाना क्षेत्र के माशूक गली रोड स्थित सना टोली निवासी 25 वर्षीय सैयद शहनवाज के रूप में हुई।
वो खाजेकलां निवासी अपने दोस्त मोहम्मद कैश के साथ पटना व्यवहार न्यायालय जा रहा था। बेखौफ अपराधियों ने दिनदहाड़े आते-जाते लोगों के बीच गोली मार दी, जिससे अफरातफरी मच गई। भयभीत लोग अपने रास्ते आगे निकल गए।
घटनास्थल पर मिले तीन खोखेजेपी गंगा सेतु पर हुई हत्या की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से तीन खोखे बरामद किए गए। स्कूटी के साथ वहां मौजूद सैयद शहनवाज के दोस्त से पुलिस पूछताछ करने में जुटी रही।
थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि सैयद शहनवाज अपने दोस्त मोहम्मद कैश के साथ पटना व्यवहार न्यायालय हाजिरी के लिए जा रहा था। वह किसी केस में बेल पर था।
जानकारी के अनुसार गोली मारने के बाद अपराधी बाइक को घुमा कर उसी मार्ग से गायघाट या कंगन घाट की ओर भाग निकले। मौके पर मौजूद एएसपी अतुलेश झा ने बताया कि शहनवाज का आपराधिक इतिहास है। संबंधित रिकॉर्ड निकाले जा रहे हैं।
बाइक सवार दो अज्ञात अपराधियों द्वारा गोली मार कर शहनवाज की हत्या कर दी गई। एफएसएल की टीम पहुंच कर जांच में जुटी रही। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान कर रही है। युवक के स्वजन के बयान के आधार पर प्राथमिकी कर कार्रवाई की जा रही है। हत्यारों की तलाश के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
जेपी गंगा सेतु पर कई खतरे, सीसीटीवी कैमरे नहींजेपी गंगा पथ पर निर्धारित 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की निर्धारित गति सीमा को पार कर एक सौ से अधिक की रफ्तार में गाड़ियां दौड़ाई जा रही हैं। बाइकर्स का कहर जारी है। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। अपराधी आराम से आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर सुरक्षित भाग रहे हैं।
दोपहिया वाहन चालक का पीछा कर मोबाइल और पर्स झपटने की घटनाएं भी हो रही हैं। इन सब घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए जेपी गंगा सेतु पर न तो पुलिस की सक्रियता है न ही सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अपराध से लेकर दुर्घटना तक के खौफ से भयभीत लोग अब जेपी गंगा सेतु के रास्ते आने-जाने से कतराने लगे हैं।
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राज्य ब्यूरो, पटना। प्रदेश के डिप्टी सीएम और खनन एवं भूतत्व मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस शासन काल में बिहार में माफिया पैदा होते थे। आज एनडीए की सरकार में उन्हीं माफियाओं को व्यापार करने का मौका दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में आज गोली नहीं कानून का डंडा चल रहा है। मंत्री सिन्हा शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में प्रेस प्रतिनिधियों से बात कर रहे थे।
3569 करोड़ की राजस्व वसूलीउन्होंने कहा कि जिस माफिया को लेकर बिहार और खान एवं भूतत्व विभाग बदनाम था, आज उसी विभाग ने वर्ष 2024-25 में राजस्व प्रति में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विभाग ने 3500 करोड़ के विरुद्ध 3569 करोड़ की राजस्व वसूली की है।
लक्ष्य के विरुद्ध 114 प्रतिशत राजस्व की प्राप्तियह स्थिति तब है जब राज्य में नई खनन नीति प्रभावित होने के करीब 25% घाटा विभाग को वापस कर दिया गया है। बावजूद इसके विभाग ने लक्ष्य के विरुद्ध 114 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया है।
बालू खनन के बाद उसे गंतव्य तक पहुंचाने में जाम, नो एंट्री जैसी समस्याओं को विभाग ने दूर किया है। पर्यावरण स्वीकृति कानून में जो जटिलताएं थी उन्हें भी दूर करने के प्रयास किया जा रहे हैं।
बिना गोली और नरसंहार के मिली सफलतामंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 21-22 की अपेक्षाकृत 24-25 में विभाग ने दोगुना राजस्व वसूला है। वह भी बिना गोली चले, बिना नरसंहार के यह सफलता प्राप्त की गई है।
नई खनन नीति प्रभावित होने के बाद ओवरलोडिंग के मामले काफी कम हो गए हैं। इसके साथ ही अवैध खनन की सूचना देने वालों को पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है, जिसकी वजह से राजस्व संग्रहण में काफी सुधार आया है।
मंत्री ने इस दौरान सभी कार्य विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि वह अवैध लघु खनिजों का प्रयोग बंद कर दें नहीं तो पकड़े जाने पर 25 गुना जुर्माना लगाया जाएगा।
आगे आने वाले दिनों में कार्य विभाग के चालानों की जांच भी शुरू की जाएगी डिप्टी सीएम ने इस बात की भी घोषणा की। विभागों को लघु खनिज के इस्तेमाल के विरुद्ध वैध चालान सरकार को देने होंगे। प्रेस कांफ्रेंस में विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल समेत दूसरे अन्य अधिकारी उपस्थित रहे
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रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, अब आसानी से मिल जाएगा खोया या चोरी हुआ मोबाइल फोन! पढ़ें पूरी डिटेल
जागरण संवाददाता, पटना। रेल यात्रियों के खो गए या गायब मोबाइल फोन को ढूंढ़ निकालने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने दूरसंचार विभाग से हाथ मिलाया है। इसके तहत आरपीएफ ने दूरसंचार विभाग के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के साथ सफल साझेदारी की है। नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) में एक पायलट प्रोग्राम की सफलता के बाद यह पहल की गई है।
भारतीय रेल द्वारा इस पहल को पूरे भारत में लागू किए जाने के बाद करोड़ों रेल यात्रियों को फायदा मिलेगा। अपना गुम मोबाइल फोन प्राप्त करने के लिए यात्री इसकी रिपोर्टिंग रेल मदद या 139 डायल के जरिए कर सकते हैं। यदि यात्री एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाहते, तो उन्हें सीईआईआर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराने का भी विकल्प मिलेगा।
सीईआईआर पंजीकरण का विकल्प चुनने पर आरपीएफ की जोनल साइबर सेल शिकायत को सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करेगी और आवश्यक विवरण दर्ज करने के बाद डिवाइस को ब्लाक करेगी।
अगर नई सिम के साथ खोए हुए फोन का पता चलता है, तो डिवाइस के उपयोगकर्ता को निकटतम आरपीएफ पोस्ट पर लौटाने की सलाह दी जाएगी। इसके बाद मोबाइल का असली उपयोगकर्ता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करके अपना फोन वापस पा सकता है।
गायब हुए फोन का ब्लॉक किया जा सकेगा आईएमईआई नंबरसीईआइआर पोर्टल के ट्रेनिंग कार्यक्रम की शुरुआत के मौके पर रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक मनोज यादव ने कहा कि "दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर सीईआईआर पोर्टल को संचालित करने की आरपीएफ की साझेदारी रेलवे सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सीईआईआर पोर्टल, दूरसंचार विभाग द्वारा शुरू किया गया है।
यह मोबाइल फोन को पुनर्प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो खोए या चोरी हुए उपकरणों को ब्लॉक करने, ट्रैक करने और प्रबंधित करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इसके जरिए आरपीएफ अब खोए/गायब हुए मोबाइल फोन को उनके आईएमईआई नंबर को ब्लाक करके बेकार कर सकेगा, जिससे इन उपकरणों के अवैध कब्जे और पुनर्विक्रय को रोकने में मदद मिलेगी। यह पहल उन्नत ट्रैकिंग क्षमताओं के माध्यम से खोए हुए फोन की तेजी से रिकवरी को भी सुगम बनाएगी।
जनवरी 2024 से फरवरी 2025 तक 84.03 करोड़ के मोबाइल हुए रिकवरआरपीएफ ने इसके लिए "ऑपरेशन अमानत" चला रखा है, जिसका एकमात्र उद्देश्य कीमती सामानों को उनके असली मालिकों तक पहुंचाना है। जनवरी 2024 से फरवरी 2025 के बीच आरपीएफ ने 84.03 करोड़ रुपये मूल्य की खोई या छूटी हुई वस्तुओं को पुनर्प्राप्त कर 1.15 लाख से अधिक यात्रियों को वापस किया।
सीईआईआर को रेलवे सुरक्षा संचालन में शामिल करने से आरपीएफ के प्रयासों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे खोए हुए मोबाइल फोन अपने असली मालिकों तक पहुंच सकें।
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Waqf Bill 2025: वक्फ बिल के समर्थन के बाद JDU को लगा एक और झटका, इस दिग्गज नेता ने छोड़ी पार्टी
एएनआई, पटना। विपक्ष के विरोध के बीच वक्फ संशोधन बिल लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी पारित हो गया है। राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन जाएगा। वहीं, वक्फ संसोधन बिल को राज्यसभा में मंजूरी मिलते ही जेडीयू के दो मुस्लिम नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
जेडीयू द्वारा वक्फ संशोधन विधेयक को समर्थन देने के बाद मुस्लिम नेताओं ने पार्टी छोड़ने का फैसला किया है।
CM नीतीश को पत्र लिखकर दिया इस्तीफाजेडीयू के अल्पसंख्यक राज्य सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार को संबोधित एक पत्र के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने मुसलमानों का सारा विश्वास खो दिया है, जो मानते थे कि पार्टी धर्मनिरपेक्ष है।
जेडीयू पर विश्वास तोड़ने का आरोपपत्र में मलिक ने लिखा कि 'हमारे जैसे लाखों भारतीय मुसलमानों का दृढ़ विश्वास था कि आप पूरी तरह से धर्मनिरपेक्ष विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह विश्वास टूट गया है।'
मोहम्मद शाहनवाज मलिक ने कहा कि जिस तरह से जेडीयू सांसद ललन सिंह ने लोकसभा में बिल का समर्थन किया है, उससे मुसलमानों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची है। इसक साथ ही मलिक ने अपने पत्र में ललन सिंह द्वारा बिल के समर्थन में दिए गए भाषण का भी जिक्र किया।
विधेयक के जरिए मुसलमानों को बदनाम किया जा रहा: मलिकमलिक ने कहा कि यह विधेयक संविधान के कई मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है। इस विधेयक के जरिए भारतीय मुसलमानों को अपमानित और बदनाम किया जा रहा है।
मलिक ने पार्टी के साथ अपने लंबे सफर पर जताया दुखमोहम्मद शाहनवाज मलिक ने लंबे समय तक जेडीयू में रहने पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि मुझे खेद है कि मैंने अपने जीवन के कई साल पार्टी को दिए।
उन्होंने घोषणा की कि वह जेडीयू की प्राथमिक सदस्यता और अन्य सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे रहे हैं। इस्तीफे की एक प्रति जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद अशरफ अंसारी को भी भेजी गई है।
मोहम्मद कासिम अंसारी ने दिया इस्तीफाइससे पहले, मोहम्मद कासिम अंसारी ने भी जनता दल (यूनाइटेड) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, क्योंकि पार्टी ने लोकसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित करने का समर्थन किया था।
बिहार के मुख्यमंत्री और जेडी(यू) प्रमुख नीतीश कुमार को लिखे अपने इस्तीफे में अंसारी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक पर पार्टी के रुख ने लाखों मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई है।
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Waqf Amendment Bill 2025: 'वक्फ के पास कई ऐसी जमीनें...', भाजपा विधायक ने लगाए कई गंभीर आरोप
राज्य ब्यूरो, पटना। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने वक्फ विधेयक के पारित होने प्रसन्नता प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार का स्पष्ट सिद्धांत है कि वोट बैंक के लिए हम कोई कानून नहीं लाएंगे, क्योंकि कानून न्याय और जन के कल्याण के लिए होता है। यह तुष्टीकरण का माध्यम नहीं होना चाहिए।
गैर-इस्लामिक सदस्य को जगह नहींवक्फ विधेयक के संशोधन में कहीं भी धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप नहीं किया गया है। इस विधेयक के माध्यम से जो बदलाव किए गए हैं, वह विशुद्ध रूप से प्रशासनिक प्रकृति के हैं। वक्फ बोर्ड में धार्मिक दान से जुड़े कार्यों में किसी गैर-इस्लामिक सदस्य को जगह नहीं दी गई है।
वक्फ बोर्ड या इसके परिसरों में जिन गैर-मुस्लिम सदस्यों को रखने की बात कही गई है, उनका काम धार्मिक क्रियाकलापों से संबंधित नहीं होगा। चैरिटी कमिश्नर किसी भी धर्म का व्यक्ति बन सकता है, वह सुनिश्चित करेगा कि बोर्ड का संचालन चैरिटी कानून के मुताबिक हो।
केंद्र ने किया संवैधानिक मूल्यों का सम्मानवक्फ विधेयक में संशोधन के माध्यम से मोदी की सरकार ने न्यायपालिका के आदेश एवं संवैधानिक मूल्यों की अवहेलना नहीं, बल्कि उसका सम्मान किया हैं। इसलिए इसका विरोध करने वाले देश के संविधान, देश के कानून एवं किसी भी समुदाय के हितैषी कतई नहीं हो सकते हैं।
जिनके मन में चोरी है वही, वक्फ संशोधन का विरोध कर रहे हैंभाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिंहा ने वक्फ संशोधन विधेयक के संसद के दोनों सदन में पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरण रिजिजू के समर्थन में खड़े सभी सांसदों को बधाई दी है।
उन्होंने कहा है कि जिनकी बेइमानी की दुकान बंद हुई है, वहीं लोग इस विधेयक के संशोधन पर हाय-तौबा मचा कर विधवा विलाप कर रहे है। सच्चाई यह है कि विधेयक के पास होने से मुस्लिम महिलाओं के साथ-साथ पिछड़े और गरीब मुस्लिमों की जिदंगी में खुशहाली आएगी।
वक्फ के पास अभी कई ऐसी जमीनें हैं, जिसका उसके पास रिकॉर्ड तक नहीं है? क्या यह काफी नहीं है समझने के लिए कि संशोधन क्यों जरूरी था। अब पेट में दर्द तो उन्हें होगा ही जो इसकी आड़ में जमीन हड़पने या भू-माफिया की दुकान चलाते थे।
ऋतुराज ने कहा कि दुनिया में कहीं किसी अल्पसंख्यक या बहुसंख्यक के लिए ऐसा कोई कानून नहीं है। यही नहीं, मुस्लिम देशों में भी ऐसा कोई कानून नहीं है तो भारत को ऐसे कानून को ढोने की जरूरत क्या है?
वक्फ के पास इतनी संपति होने के बावजूद भी अल्पसंख्यक वर्ग सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ क्यों है? इन सभी पक्षों को जानने के बाद स्पष्ट है कि देश में इस कानून में बदलाव की जरूरत देशहित के लिए आवश्यक था।
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Bihar Weather: बिहार में बिगड़ने वाला है मौसम, आंधी-बारिश का अलर्ट जारी; इन 18 शहरों के लोग रहें सावधान
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: पूर्वोत्तर असम और इसके आसपास हवा के चक्रवातीय परिसंचरण का क्षेत्र बना हुआ है। इनके प्रभाव से प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि, इसकी वजह से अधिकतम व न्यूनतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है।
इन जिलों में बारिश होने की संभावनामौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, आठ अप्रैल को पश्चिमी विक्षोभ हिमालय व आसपास इलाकों को प्रभावित करेगा इसके फलस्वरूप पटना सहित नालंदा, जहानाबाद, गया, नवादा, बेगूसराय, शेखपुरा, जमुई, बांका में हल्की वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
साथ ही मुंगेर, भागलपुर, खगड़िया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज व कटिहार में 40-50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के साथ गरज-तड़क के साथ कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
पटना समेत कई जिलों के तापमान में इजाफाअगले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बने होने के साथ कई स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। गुरुवार को मधुबनी, अररिया, पूर्णिया, डेहरी को छोड़ कर पटना समेत शेष जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
पटना का अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस और 38.8 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया में सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। पटना व आसपास इलाकों में मौसम शुष्क होने के साथ आंशिक बादल छाए रहे।
प्रमुख शहरों के तापमान में वृद्धिबीते 24 घंटों के दौरान पटना सहित अधिसंख्य जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना के अधिकतम तापमान में दो डिग्री, वाल्मीकि नगर में तीन डिग्री, दरभंगा में 2.4 डिग्री, मुजफ्फरपुर में 1.5 डिग्री, जीरादेई में 1.7 डिग्री।
बेगूसराय में 1.1 डिग्री, समस्तीपुर में 1.9 डिग्री, वैशाली में 2.3 डिग्री, शेखपुरा में 1.1 डिग्री, जमुई में 1.1 डिग्री, सासाराम में 2.5 डिग्री, बक्सर में 5.3 डिग्री, भोजपुर में तीन डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों का तापमान शहर अधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 36.6 22.0 गया 37.2 19.6 भागलपुर 36.2 20.2 मुजफ्फरपुर 36.2 19.0ये भी पढ़ें
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Bihar: पुलों के रखरखाव के लिए बिहार सरकार ला रही नई नीति, तकनीकी सर्वेक्षण के बाद होगी मरम्मत
राज्य ब्यूरो, पटना। पुल मेंटेनेंस पॉलिसी को अब जल्द ही राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जा रहा। इस पॉलिसी के तहत पुलाें की मरम्मत पर अभी तुरंत काम आरंभ नहीं होगा।
इसके लिए वृहत स्तर पर पुलों का तकनीकी सर्वे होगा। तकनीकी सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर उन्हें नंबर दिया जाएगा। उस नंबर के आधार पर यह तय होगा कि कौन से पुल पर तुरंत काम करने की जरूरत है।
किस पुल की मरम्मत के लिए अभी ठहरा जा सकता है। सर्वे के काम में कम से कम छह माह का समय लगेगा। आरंभिक स्तर पर सर्वे का काम पूरा हो चुका है।
पुलों के इन हिस्सों पर होगा तकनीकी सर्वेपुलों के तकनीकी सर्वे के क्रम में उसके एक्सपेंशन ज्वाइंट, फांउडेशन, रेलिंग, स्ट्रक्चर, सुपर स्ट्रक्चर और बियरिंग आदि की मुख्य रूप से जांच होगी। संबंधित विशेषज्ञ इसकी रैंकिंग करेंगे।
एक से दस नंबर देकर यह तय होगा कि कौन से पुल के किस हिस्से की मरम्मत कब तक करनी है। एक साथ सभी पुलों की मरम्मत पर काम आरंभ नहीं होना है।
ओपीआरएमसी के तहत एक लेबल में लाकर आरंभ होगा रख रखावसड़कों के रख रखाव काम जिस ओपीआरएमसी पॉलिसी के तहत हो रहा, उसमें यह प्रविधान है कि उसे एक लेबल पर लाया जाता है। उसके बाद उसे रखाव के लिए बने पैकेज में शामिल किया जाता है।
पुलों के लिए बनी मेंटेनेंस पॉलिसी में भी इस बात का जिक्र है। पुलों की गड़बड़ी को एक लेबल पर लाकर उसके रख रखाव पर काम आरंभ होना है।
एक क्लिक मिल जाएगी पुलों की संपूर्ण कुंडलीपुलों का संपूर्ण तकनीकी सर्वे इसके लिए बने पोर्टल पर अपलोड रहेगा। एक क्लिक पर यह जानकारी मिल सकेगी कि किस पुल के कौन से हिस्से मे गड़बड़ी है। सर्वे के साथ ही यह डाटा तस्वीर के साथ अपलोड होता जाएगा।
सभी डिवीजनों में बने पुल के लिए अलग-अलग शीर्ष से जानकारी मिलेगी। इसी के आधार पर पुलों के रख रखाव का काम आगे बढ़ाया जाएगा।
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Chaiti Chhath Puja 2025: उदयगामी सूर्य को अर्घ्य के साथ संपन्न होगा छठ महापर्व, बन रहा ये खास संयोग
जागरण संवाददाता, पटना। गुरुवार की शाम लाखों व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य प्रदान किया। दोपहर तीन बजे से छठ व्रती व उनके परिजन शहर स्थित गंगा घाटों पर अर्घ्य देने के लिए पहुंचने लगे थे।
परिजन, पड़ोसी, मित्र आदि माथे पर दउरा, केला, ईख, नारियल लेकर चलते रहे। गांधी मैदान, बांस घाट , कलेक्ट्रेट घाट, दीघा घाट समेत शहर के 41 घाटों सात तालाबों पर व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ परिवार की कुशलता के लिए सूर्य देव से प्रार्थना की।
घरों से लेकर घाटों तक आस्था, उत्साह और उल्लास का माहौल दिखा। व्रतियों व उनके परिजनों ने शाम 6.10 बजे से अर्घ्य देना शुरू कर दिया और फिर देर शाम तक लोग अपने घरों को लौटते रहे। शुक्रवार की सुबह व्रती उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करेंगे और पारण के साथ महापर्व संपन्न होगा।
ग्रह-गोचरों का बना रहा संयोगलोक आस्था के महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन छठ व्रतियों ने गुरुवार की रोहिणी नक्षत्र और आयुष्मान योग में घरों से लेकर घाटों तक, पार्कों से लेकर कृत्रिम तालाब और जलाशय में भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना की।
चैत्र शुक्ल सप्तमी को मृगशिरा नक्षत्र, शोभन याेग और रवियोग के सुयोग में छठ व्रती प्रत्यक्ष देव भगवान भास्कर को अर्घ्य देकर चार दिवसीय महापर्व संपन्न करेंगे।
व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास का शुक्रवार को समापन होगा। उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रती एक दूसरे को मंगल टीका लगा कर शरबत, चाय, दूध पीने के बाद व्रत का पारण करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार छठ की परंपरा ऋग्वैदिक काल से चली आ रही है।
सूर्य को अर्घ्य देने से यश, बल और बुद्धि में वृद्धिउदीयमान सूर्य को अर्घ्य जल में रक्त चंदन, लाल फूल, इत्र के साथ ताम्रपात्र में आरोग्य के देवता सूर्य को अर्घ्य देने से आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होती है। महालक्ष्मी की प्राप्ति के लिए सूर्य को दूध का अर्घ्य देना चाहिए।
प्रत्यक्ष देवता सूर्य को जल में गुड़ मिलाकर अर्घ्य देने से पुत्र और सौभाग्य का वरदान व कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं।
सूर्य देव की मानस बहन हैं षष्ठी देवीषष्ठी देवी (छठी मैया) भगवान सूर्य की मानस बहन हैं । प्रकृति के षष्टम अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं। उन्हें बालकों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है।
बालक के जन्म के छठे दिन भी षष्ठी मईया की पूजा की जाती है, ताकि बच्चे दीर्घायु और निरोग रहें। एक अन्य आख्यान के अनुसार कार्तिकेय की शक्ति हैं षष्ठी देवी। षष्ठी देवी को देवसेना भी कहा गया है। सूर्य षष्ठी का व्रत आरोग्यता, सौभाग्य व संतान के लिए किया जाता है।
स्कंद पुराण के मुताबिक राजा प्रियव्रत ने भी यह व्रत रखा था। उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था। भगवान भास्कर से इस रोग की मुक्ति के लिए उन्होंने छठ व्रत किया था। स्कंद पुराण में प्रतिहार षष्ठी के तौर पर इस व्रत की चर्चा है।
दूरी पर भारी पड़ी आस्थाशहर के कई घाटों पर गंगा किनारे से दो तीन किलोमीटर दूर चले जाने से व्रतियों को पैदल ही घाट तक जाना पड़ा। इन दूरी पर आस्था भारी पड़ी।
महेंद्रु, कलेक्ट्रेट, बांसघाट, कुर्जीघाट और दीघा घाट पर व्रतियों को डेढ़ से दो किमी तक अंदर जाना पड़ा। कई घाटों पर वाहन जाने और उनके पार्किंग की भी व्यवस्था की गई थी। व्रतियों की सुविधा के लिए कई घाटों पर बैरिकेडिंग की गई थी।
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Patna News: PUBG की लत ने ली एक और जान, पत्नी के मना करने पर पति ने कर ली आत्महत्या
जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अगमकुआं थाना क्षेत्र के छोटी पहाड़ी में पति को मोबाइल पर ऑनलाइन पबजी गेम खेलने से पत्नी ने रोका तो पति ने घर में फांसी लगा कर खुदकुशी कर ली। पोस्टमार्टम करा पुलिस ने शव स्वजनों को सौंप दिया।
स्वजनों ने बताया कि मूलत: दिल्ली निवासी 25 वर्षीय विकास कुमार महतो छोटी पहाड़ी स्थित एक किराए के मकान में रहता और मजदूरी करता था।
मोबाइल से चिपका रहता था विकासऑनलाइन गेम की लत के कारण वह हमेशा मोबाइल से चिपका रहता था। पत्नी मनीता ने पुलिस को बताया कि पबजी गेम खेलने के कारण वह काम पर नहीं जाता था। पत्नी की माने तो गेम खेलकर ही घर का खर्च चलाता था। गेम खेलने को लेकर पति-पत्नी के बीच प्रतिदिन झगड़ा होता था।
पत्नी द्वारा रोके-टोके जाने पर वह अक्सर आत्महत्या करने की धमकी देता था। पत्नी ने बताया कि चैती छठ में बुधवार को वह बुआ के यहां गयी थी। घर में सिर्फ विकास महतो था। इस बीच उसने घर में फंदा लगा कर खुदकुशी कर लिया।
सूचना मिलने पर अगमकुआं थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने देखा कि विकास का शव फंदा से उतार कर नीचे रखा हुआ है। पुलिस ने एफएसएल और श्वान दस्ता टीम को बुलाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नालंदा मेडिकल कॉलेज भेजा।
पुलिस द्वारा सूचना मिलने पर दिल्ली से स्वजन पहुंचे। थानाध्यक्ष नीरज पांडे ने बताया कि पत्नी ने बयान में बताया गया है कि पबजी गेम खेलने से रोकने-टोकने से पति ने खुदकुशी कर लिया। स्वजनों के अनुसार दोनों ने प्रेम विवाह किया था। पुलिस सभी बिंदुओं पर छानबीन कर रही है।
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Bihar: नीरा की बिक्री बढ़ाएंगे नीतीश सरकार के अधिकारी, करेंगे जिलों का दौरा; सामने आई नामों की लिस्ट
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य में नीरा की बिक्री बढ़ाने के लिए अब मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के अधिकारी जिलावार दौरा करेंगे। इसके साथ ही वह खमीरयुक्त ताड़ रस के उपभाग को हतोत्साहित भी करेंगे।
विभाग ने मुख्यमंत्री नीरा संवर्द्धन योजना लागू करते हुए इसके लिए अधिकारियों की टीम बना दी है। विभागीय आदेश भी जारी कर दिया गया है।
मद्य निषेध उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने मुख्यालय के पांच वरिष्ठ पदाधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है। यह पदाधिकारी अपने आवंटित जिला में जीविका एवं स्थानीय पदाधिकारियों से समन्वय कर योजना का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
साथ ही नियमित रूप से संबंधित जिलों का भ्रमण कर योजनाओं का निरीक्षण और उनकी मॉनिटरिंग भी करेंगे। पदाधिकारियों को योजना की प्रगति से उत्पाद आयुक्त को नियमित रूप से अवगत कराने का निर्देश दिया गया है।
इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारीआदेश के अनुसार, विभाग के संयुक्त आयुक्त (मद्य निषेध) कृष्ण कुमार को अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले की जिम्मेदारी मिली है।
उपायुक्त (मद्य निषेध) विकास कुमार को पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, भागलपुर और बांका, जबकि उपायुक्त (मद्य निषेध) संजय कुमार को दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, शेखपुरा, बेगूसराय और खगड़िया की जिम्मेदारी दी गई है।
उपायुक्त (मद्य निषेध) सुरेंद्र प्रसाद को पटना, अरवल, नालंदा, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, वैशाली और छपरा तथा विशेष अधीक्षक (मद्य निषेध) आदित्य कुमार को सासाराम, औरंगाबाद, जहानाबाद, गया और नवादा की जिम्मेदारी मिली है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। नगर विकास एवं आवास विभाग ने किफायती आवास एवं मलिन बस्ती (स्लम) पुनर्वास एवं पुनर्विकास आवास नीति 2017 में संशोधन किया है। इसके अंतर्गत अब जन-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बिल्डर को देकर किफायती आवास विकसित किए जाएंगे।
यानी 50 प्रतिशत हिस्सा बिल्डर के पास रहेगा और शेष 50 प्रतिशत हिस्से पर कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती आवास (एलआईजी) विकसित किया जाएगा। अभी तक 2017 में बनी नीति लागू थी जिसमें शहरों की आबादी के हिसाब से हिस्सा तय था।
तीन लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 75 प्रतिशत, एक से तीन लाख आबादी वाले शहरों में 60 प्रतिशत और एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में 50 प्रतिशत हिस्से पर किफायती आवास बनाकर देना था।
पुरानी नीति में पीपीपी मोड के तहत किफायती आवास बनाने के लिए कोई बिल्डर आगे नहीं आ रहा था। बिल्डरों की मांग ज्यादा हिस्से की थी। संशोधन के बाद अब विभाग को उम्मीद है कि बिल्डर आगे आएंगे। इससे स्लम के विकास सहित एलआइजी कालोनियों को विकसित करने में मदद मिलेगी।
शहरी निकायों में वेंडिंग जोन के लिए हो रहा जीआइएस सर्वेदूसरी ओर, राज्य के सभी नगर निकायों में वेंडिंग जोन निर्माण की शुरुआत हो गई है। नगर विकास एवं आवासन विभाग शहरी निकायों में सर्वेक्षण और डाटा संग्रह की मदद से वेंडिंग जोन चिह्नित कर रहा है। इस जीआइएस सर्वेक्षण से स्ट्रीट वेंडरों की संख्या, स्थान और गतिविधियों का डाटा एकत्र किया जा, रहा है।
सड़क चौड़ाई, यातायात प्रवाह और जनसंख्या घनत्व के आधार पर वेंडिंग और नो-वेंडिंग जोन निर्धारित किए जा रहे हैं। इसके अलावा समिति में फुटपाथ विक्रेता, व्यापारी संगठन, यातायात विभाग और आम जनता के सुझाव भी शामिल किए जा रहे हैं।
विभागीय जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) के तहत राज्य के विभिन्न नगर निकायों में वेंडिंग जोन बनाए जा रहे हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, अब तक 25 वेंडिंग जोन बन चुके हैं। इनमें सर्वाधिक 17 वेंडिंग जोन राजधानी पटना में बनाए गए हैं।
इसके अलावा, सीतामढ़ी में तीन जबकि बिहिया, भागलपुर, मोतिहारी, दरभंगा और बक्सर में एक-एक वेंडिंग जोन बनाया गया है। इन वेंडिंग जोन में कुल 1685 फुटपाथी दुकानदारों को बसाया गया है, जिसमें पटना में 1023, बिहिया में 65, सीतामढ़ी में 170, भागलपुर में 152, मोतिहारी में 104, दरभंगा में 67 और बक्सर में 104 फुटपाथी दुकानदार शामिल हैं। वेंडिंग जोन को लाल, हरे और सफेद रंगों से चिह्नित किया जाता है।
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Bihar: 'तुम मुसलमानों की भूमि हड़पना चाहते हो, लेकिन...'; वक्फ संशोधन बिल पर ये क्या बोल गए लालू
राज्य ब्यूरो, पटना। गुरुवार को बयान जारी कर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) ने वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक पर अपना रोष प्रकट किया है। उन्होंने वर्ष 2010 के एक पुराने वीडियो को भी जारी किया है, जिसमें वे संसद में वक्फ से संंबंधित प्रकरण पर बाेल रहे।
संसद में अपनी उपस्थिति नहीं होने पर अफसोस प्रकट करते हुए लालू ने कहा है कि अगर मैं होता तो अकेला ही काफी होता। लालू ने अपने बयान की शुरुआत संबोधन से की है।
लालू यादव ने लिखा,
संघी-भाजपाई नादानो! तुम मुसलमानों की भूमि हड़पना चाहते हो, लेकिन हमने सदा वक्फ की भूमि बचाने के लिए कड़ा कानून बनाया है और बनवाने में सहायता की है। मुझे अफसोस है कि अल्पसंख्यकों, गरीबों, मुसलमानों और संविधान पर चोट करने वाले इस कठिन दौर में संसद में नहीं हूं, अन्यथा अकेला ही काफी था।
सदन में नहीं हूं तब भी आप लोगों के ख्यालों, ख्वाबों, विचारों और चिंताओं में हूं। यह देख कर अच्छा लगा। अपनी विचारधारा, नीति और सिद्धांतों पर प्रतिबद्धता, अडिगता और स्थिरता ही मेरे जीवन की जमा पूंजी है।
एम्स में सुधर रहा लालू का स्वास्थ्य:उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य खराब होने के बाद लालू बुधवार रात दिल्ली स्थित एम्स के कार्डियक क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराए गए। डा. राजेश यादव के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही और उनके स्वास्थ्य मेंं उत्तरोत्तर सुधार हो रहा।
सोमवार से ही लालू का ब्लड शुगर बढ़ गया था और ब्लड-प्रेशर लो था। बुखार के अलावा देह पर एक-दो फोड़े भी हो गए थे। बुधवार को वे पटना मेंं पारस अस्पताल के चिकित्सकोंं ने उन्हें एम्स जाने का सुझाव दिया था।
लालू और तेजस्वी अल्पसंख्यक वोटों के सौदागर : जदयूजदयू प्रदेश प्रवक्ता अरविंद निषाद ने गुरुवार को कहा कि राजद ने अल्पसंख्यक समुदाय को हमेशा वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और कभी भी उनके हित की बात नहीं सोची। दोनों अल्पसंख्यक वोटों के सौदागर रहे हैं।
जदयू प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए कई क्रांतिकारी फैसले लिए और उनके कल्याण के लिए अनेकों योजनाएं चलायी। वर्ष 2004-05 में जहां अल्पसंख्यक समुदाय के कल्याण के लिए सरकार का बजट महज 3 करोड़ 53 लाख हुआ करता था।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार में साल 2024-25 के वार्षिक बजट में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए 1004 करोड़ 22 लाख रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। वक्फ संशोधन बिल की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को किसी से धर्मनिरपेक्षता का सर्टिफिकेट लेने की जरुरत नहीं है।
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Bihar News: पटना हाई कोर्ट ने लैब टेक्नीशियनों की नियुक्ति पर लगाई रोक, बिहार सरकार से मांगा जवाब
विधि संवाददाता, पटना। बिहार में लैब तकनीशियनों की नियुक्ति प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाते हुए पटना हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को 10 अप्रैल तक जवाबी हलफनामा दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। न्यायाधीश हरीश कुमार की एकल पीठ ने विमल प्रकाश और अन्य छह याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए नियुक्ति के लिए जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शिव प्रताप ने दलील दी कि बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने 03 मार्च को विज्ञापन संख्या 2/25 के अंतर्गत 2,969 लैब तकनीशियनों की नियुक्ति के लिए अधिसूचना जारी की थी।
शेष 610 रिक्तियों को नए विज्ञापन में कर दिया गया सम्मिलितअधिवक्ता का तर्क था कि वर्ष 2015 में जारी किए गए एक विज्ञापन के अंतर्गत 1,772 पदों पर नियुक्ति होनी थी। उनमें से 1,162 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हो गई थी, जबकि शेष 610 रिक्तियों को नए विज्ञापन में सम्मिलित कर दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश का हवाला दिया, जिसमें 2015 के विज्ञापन की स्थिति को यथावत बनाए रखने का निर्देश दिया गया था।
उनका कहना था कि जब पुराना विज्ञापन अब भी न्यायिक समीक्षा के अधीन है तो आयोग द्वारा नई नियुक्ति के लिए नया विज्ञापन जारी करना कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है। कोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए स्वास्थ्य विभाग से जवाब मांगा है।
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