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BPSC Teacher: बीपीएससी पास अभ्यर्थियों को मिल गई एक और खुशखबरी, 9 मार्च को मिलेगा नियुक्ति पत्र
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित और अनुशंसित 51,389 शिक्षकों को नौ मार्च को औपबंधिक नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
इनमें आठ जिलों के 10,739 शिक्षकों को गांधी मैदान में पूर्वाह्न ग्यारह बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति-पत्र देंगे। इन जिलों में पटना, नालंदा, भोजपुर, जहानाबाद, अरवल, सारण, वैशाली और मुजफ्फरपुर शामिल है।
इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम की तैयारी करने का दिशा-निर्देश दिया गया है।
प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला द्वारा दिए गए निर्देश में कहा गया है कि पटना के गांधी मैदान में जिन आठ जिलों के चयनित शिक्षकों को नियुक्ति पत्र दिया जाएगा, उन शिक्षकों को संबंधित जिलाधिकारियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था करने होगी।
वहीं अन्य 30 जिलों के शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र संबंधित जिला मुख्यालयों में दिए जाएंगे। जिलों में नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम आयोजित कर शिक्षकों को नियुक्ति-पत्र दिए जाएंगे, उसमें जिले के प्रभारी मंत्री को आमंत्रित किया जाएगा।
आठ जिलों के चयनित शिक्षक गांधी मैदान पहुंचेंगे- एक सौ शिक्षकों को मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्री व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति-पत्र सौंपेंगे। आठ जिलों के चयनित शिक्षक गांधी मैदान पहुंचेंगे।
- अन्य जिलों में आयोजित नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-अधिकारी गांधी मैदान के कार्यक्रम से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहेंगे।
- निर्देश में कहा गया है कि बड़ी संख्या में दूर-दूर से शिक्षक अभ्यर्थी आएंगे, इसलिए कार्यक्रम स्थल पर एंबुलेंस की भी व्यवस्था जिलाधिकारी करेंगे। सभी जिलों के शिक्षकों के बैठने की अलग-अलग व्यवस्था होगी।
सारण जिले से 2250 अभ्यर्थी सफल है। इनमें से चयनित अभ्यर्थी 45 बसों पर सवार होकर पटना जाएंगे। बताया जाता है कि इसके लिए मुख्य समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा।
इसमें अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र देंगे। इसके साथ ही सभी जिला मुख्यालयों में भी नियुक्ति पत्र का वितरण किया जाएगा।
जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रमंडलीय आयुक्त, डीआइजी, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, आरडीडीई, शिक्षा विभाग के पदाधिकारी समेत विधायक, सांसद एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में तैयारी चल रही है। बताया जाता है कि बिहार लोक सेवा आयोग से लिंक आने पर अभ्यर्थियों का औपबंधित नियुक्ति पत्र डाउनलोड किया जाएगा।
जिन अभ्यर्थियों का नियुक्ति पत्र डाउनलोड होगा, उन्हें ही पटना मुख्य समारोह में भाग लेने के लिए भेजा जाएगा। इसको लेकर बुधवार को शिक्षा विभाग के पदाधिकारी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया गया है।
बताया जाता है कि 1700 अभ्यर्थियों को पटना में नियुक्ति पत्र देने की तैयारी चल रही है। होली से पहले अभ्यर्थियों को नियुक्त पत्र मिल रहा है। इससे अभ्यर्थियों में भी काफी खुशी है।
अभ्यर्थी ममता तिवारी ने बताया कि सरकार होली के पहले नियुक्ति पत्र दे रही है, इससे काफी खुशी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा अभी इस संबंध में उन्हें कोई सूचना नहीं मिला है।
उल्लेखनीय हो कि नियुक्ति पत्र से पहले री काउंसलिंग पूरी कर ली गई है। बीपीएससी टीआरई 3.0 में प्राइमरी से लेकर प्लस टू कक्षाओं तक के शिक्षक पदों के लिए चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं।
सारण जिले में बस से शिक्षकों को भेजने के लिए अभी से ही तैयारी शुरू कर दी गई है। एक बस पर 50 अभ्यर्थियों को पटना भेजा जाएगा।
प्रत्येक बस के लिए एक नोडल भी नियुक्त किया गया जाएगा। शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त नोडल के दिशा निर्देश में अभ्यर्थियों को पटना भेजा जाएगा।
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Bihar Land Suvey: जमीन मालिक ध्यान दें! सभी जिलों में होने जा रहा यह काम, सर्वे को लेकर जारी हुआ नया ऑर्डर
राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के सभी 38 जिलों में असर्वेक्षित भूमि का भी सर्वेक्षण होगा। यह सर्वे उन जिलों में जारी सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम समाप्त होने के बाद किया जाएगा।
विधानपरिषद में बुधवार को राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में चार मार्च को ही विभागीय निर्देश जारी किया गया है।
एक कमेटी का किया गया गठन- जदयू सदस्य नीरज कुमार के टोपोलैंड से जुड़े सवाल पर मंत्री ने कहा कि असर्वेक्षित भूमि के अतिरिक्त टोपोलैंड का भी सर्वे कराया जाना है। इसके संबंध में एक कमेटी का गठन किया गया है।
- विधि विभाग का मंतव्य अभी प्राप्त नहीं है। विधि विभाग का मंतव्य प्राप्त होने के बाद कमेटी टोपोलैंड के संबंध में अपना सुझाव एवं मंतव्य देगी जिसके आलोक में विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- उन्होंने बताया कि राज्य में प्राथमिकता के आधार पर भूमि सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त का काम दो चरणों में किया जा रहा है। पहले चरण में 20 जिलों के 89 अंचलों में भूमि सर्वे का काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ।
दूसरे चरण में अगस्त, 2024 में 18 जिलों के सभी अंचलों और पहले चरण के 20 जिलों के बाकी 131 अंचलों में भूमि सर्वे का काम शुरू हुआ। असर्वेक्षित भूमि का सर्वे प्रथम और दूसरे चरण के सभी अंचलों में किया जाएगा।
असर्वेक्षित भूमि एवं टोपोलैंड वैसी भूमि है, जिनका विगत भूमि सर्वेक्षण में रैयतवार अधिकार अभिलेख एवं खेसरावार मानचित्र तैयार नहीं किया गया है।
इसकी वजह से उन इलाकों में भूमि पर स्वामित्व को लेकर विभिन्न प्रकार की समस्याएं हैं और सरकार से इस संबंध में निर्णय लेने की अपेक्षा की जा रही है।
तरैया में गैरमजरुआ जमीन पर सीएम से शवदाह गृह निर्माण की मांगतरैया (सारण) प्रखंड के तरैया बाजार के पास खदरा नदी के किनारे 18 कट्ठा पांच धूर आम गैरमजरुआ जमीन पर विद्युत शवदाह गृह निर्माण की मांग तरैया के पूर्व जिला पार्षद व जदयू अति पिछड़ा के प्रखंड अध्यक्ष श्रीभगवान प्रसाद गुप्ता ने मुख्यमंत्री से की है।
मुख्यमंत्री को दिए गए पत्र में कहा गया है कि तरैया बाजार खदरा नदी किनारे खाता नंबर 271 व सर्वे नंबर 2698 में रकबा आठ कट्ठा 17 धूर तथा दूसरे खाता नम्बर 105 व सर्वे नंबर 2707 में नौ कठ्ठा पांच धुर यानी कुल 18 कट्ठा पांच धूर आम गैरमजरुआ जमीन है।
यहां शवदाह गृह निर्माण के साथ-साथ उक्त जमीन पर आमजनता के हित में सुलभ शौचालय, पानी टंकी तथा भूतनाथ बाबा गणिनाथ गोविन्द जी बाबा का मंदिर निर्माण की भी मांग की गई है।
उक्त आम गैरमजरुआ मरघट के जमीन में शवदाह गृह के निर्माण होने से तरैया प्रखंड के साथ साथ इसुआपुर, पानापुर प्रखंडों के लोगों को कम खर्च में अंतिम संस्कार करने में सहूलियत होगी।
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ITI Admission: आईटीआई में एडमिशन के लिए 7 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन, 11 मई को होगी प्रवेश परीक्षा
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रतियोगिता प्रवेश परीक्षा (आईटीआई कैट) - 2025 का कार्यक्रम जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन सात अप्रैल तक स्वीकार किए जाएंगे।
पर्षद की वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर लिंक व विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। इसमें प्राप्त स्काेर के आधार पर राज्य के सभी सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में विभिन्न पाठ्यक्रमों में नामांकन सुनिश्चित होगा। प्रवेश परीक्षा 11 मई को होगी।
सीटों को बढ़ाने का टारगेट- बिहार के 151 सरकारी आईटीआई संस्थानों में 32 हजार 828 सीटें विभिन्न ट्रेड में उपलब्ध है। सत्र 2025-26 में आईटीआई की सीटों की संख्या 35 हजार तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
- निजी आईटीआई संस्थान भी बीसीईसीई के स्कोर के आधार पर नामांकन सुनिश्चित करते हैं। निजी संस्थानों में विभिन्न ट्रेड में सीटों की संख्या 50 हजार से अधिक बताई जा रही है।
दूसरी ओर, डेवलपमेंट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (डीएमआई) में सत्र 2025-26 में दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (डेवलपमेंट) कोर्स में नामांकन के लिए 15 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। नामांकन प्रभारी प्रो. श्रीधर तेलीदेवरा ने बताया कि कैट, जैट, मैट व सीमैट में 90 परसेंटाइल से अधिक अंक होने पर सामान्य सहित सभी श्रेणी के विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत की छात्रवृत्ति दी जाएगी।
80 परसेंटाइल से अधिक होने पर सामान्य श्रेणी को 75 प्रतिशत और महिला व आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों को ट्यूशन फीस का 100 प्रतिशत, 70 परसेंटाइल से अधिक होने पर सामान्य श्रेणी के लिए 50 प्रतिशत और महिला व आरक्षित श्रेणी के लिए 75 प्रतिशत तथा 60 परसेंटाइल से अधिक होने पर सामान्य श्रेणी विद्यार्थियों के लिए 25 प्रतिशत और महिला व आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी।
वेबसाइट https://addmision.dmi.ac.in पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। राज्य के किसी भी विश्वविद्यालय के विषय या ब्रांच टापर को ट्यूशन शुल्क में 50 प्रतिशत की छात्रवृत्ति दी जाएगी। मेधावी छात्रों को सेमेस्टर परिणाम के आधार पर ट्यूशन फीस में 100 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति की व्यवस्था है। बिहार के विद्यार्थियों को स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का भी लाभ दिया जाता है।
अभ्यर्थियों के लिए लिखित परीक्षा, ग्रुप डिसक्शन तथा व्यक्तिगत परीक्षण का आयोजन किया जाता है। इनमें प्राप्त अंक और कैट, मैट, जैट व सीमैट में प्राप्त परसेंटाइल के आधार पर नामांकन की मेधा सूची तैयार होगी। कार्यालय अवधि में विद्यार्थी हेल्पलाइन नंबर 9523096030 या ईमेल (admissions@dmi.ac.in) से संपर्क कर विशेष जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
दिलीप जायसवाल आपके भाई तो लालू जी क्या लगेंगे? राबड़ी देवी से सभापति ने पूछा सवाल तो ऐसा रहा सदन का नजारा
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार विधानपरिषद में बुधवार को खूब हंसी-ठिठोली हुई। सभापति के साथ पक्ष-विपक्ष ने भी इसका आनंद लिया।
पहली पाली में सदन शुरू होते ही सभापति अवधेश नारायण सिंह ने राजद सदस्य सुनील कुमार सिंह की सदस्यता फिर से बहाल किए जाने की सूचना पढ़ी।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने इस पर सभापति का बहुत-बहुत आभार जताया। इसके साथ ही राबड़ी ने भाजपा के नए मंत्रियों को भी शुभकामनाएं दीं।
इसके साथ ही सदन में मौजूद भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल को यह कहते हुए बधाई दी कि वह हमको दीदी कहते हैं और मैं भी उनको भाई मानती हूं।
इस पर सभापति अवधेश नारायण सिंह ने राबड़ी देवी से मजाकिया अंदाज में पूछा कि आप दिलीप जी को भाई मानती हैं न।
राबड़ी देवी के हां कहने पर सभापति ने कहा कि जब आप इनको भाई मानती हैं, तो यह लालू जी के क्या लगे? इतना सुनते ही पूरे सदन में ठहाका गूंजने लगा।
सदन में दिलीप जायसवाल के पीछे बैठने पर भी चुटकी ली गई। महेश्वर सिंह ने कहा कि इतनी बड़ी पार्टी के अध्यक्ष को पीछे नहीं, आगे बैठाना चाहिए।
सभापति के साथ जदयू सदस्य नीरज कुमार, भाजपा सदस्य संजय मयूख और मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी दिलीप जायसवाल को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने पर बधाई दी।
अगले वित्तीय वर्ष में मंत्री रहेंगे या नहीं, कौन जानता है- विधानपरिषद में उर्मिला ठाकुर ने पटना में दीघा के घुड़दौड़ रोड में सड़क निर्माण एवं पीसीसी सड़क निर्माण से जुड़ा तारांकित सवाल किया।
- इस पर नगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार ने जवाब दिया कि अगले वित्तीय वर्ष में इस काम को कराया जाएगा।
- इस पर उर्मिला ठाकुर ने टोकते हुए कहा कि कह दिया जाता है कि अगले वित्तीय वर्ष में काम होगा। अगले वित्तीय वर्ष में ये मंत्री रहेंगे या नहीं, यह कौन जानता है। इस पर भी सबके चेहरे पर हंसी आ गई।
मंत्री ने कहा कि अगला वित्तीय वर्ष का मतलब है कि 31 मार्च के बाद। इसी तरह रेखा कुमारी ने सीतामढ़ी में बांध पंचमुखी हनुमान मंदिर से शंकर चौक होते लखनदेई दी तक नाला निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।
इस पर मंत्री ने जवाब दिया कि समिति गठित कर इसकी जांच कराई जाएगी। रेखा देवी ने पूरक सवाल किया कि यह काम कब तक होगा, इस पर सभापति ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया- अगले वित्तीय वर्ष में।
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Bihar: खुशखबरी! CM नीतीश कुमार ने 3 लाख परिवारों के बैंक अकाउंट में भेजे 1200 करोड़ रुपये
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) के तीन लाख लाभार्थी परिवारों को डीबीटी के माध्यम से 1200 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किए। एक अणे मार्ग स्थित संकल्प में आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ने इस राशि का भुगतान किया।
नीतीश के क्लिक करते ही यह राशि लाभार्थियों के खाते में चली गई। इससे पहले पिछले साल सात अक्टूबर को मुख्यमंत्री एक लाख पांच हजार लाभार्थियों को आवास के लिए पहली किस्त के रूप में 420 करोड़ का भुगतान किया था। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को बधाई दी।
उन्होंने कार्यक्रम आयोजन के लिए ग्रामीण विकास विभाग को भी बधाई दी। अधिकारियों से कहा कि वे केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं को ठीक ढंग से क्रियान्वित करें, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इन योजनाओं का लाभ मिले। लाभुकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखें।
कब मिलेगी दूसरी और तीसरी किस्त?अगले सौ दिनों में इन लाभार्थियों को दूसरी एवं तीसरी किस्त के रूप में और 80 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, मनरेगा के माध्यम से 90 दिनों के अकुशल मजदूरी के रूप में 22,050 और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
इस तरह प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख 54 हजार 50 रुपये का भुगतान किया जाएगा। प्रति लाभुक 1,54,050 (एक लाख चौवन हजार पचास) रूपये दिये जायेंगे। तीन लाख लाभार्थियों को अगले सौ दिनों में 4621.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।
प्रत्येक लाभार्थी को राज्य खजाने से 48 हजारग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत सर्वप्रथम सितम्बर, 2024 में 2,43,903 लक्ष्य प्राप्त हुआ था। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 27 जनवरी 2025 से 5,46,745 अतिरिक्त लक्ष्य प्राप्त है।
इस प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य को कुल 7,90,648 लक्ष्य प्राप्त हुये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुकों को कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में आवास निर्माण की प्रगति के साथ दी जाती है।
योजना में 60 प्रतिशत राशि केन्द्र एवं 40 प्रतिशत राज्य सरकार देती है। इस योजना के लिए राज्य सरकार अपने अंश के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को 48 हजार रुपये दे रही है।
ये सब उपस्थित थेउप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, मुख्य सचिव अमृतलाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डा. एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जीविका के सीइओ हिमांशु शर्मा एवं मनरेगा आयुक्त अभिलाषा शर्मा।
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Bihar Politics: नवंबर बाद फिर होगा 'खेला'? PK ने बता दिया CM नीतीश का अगला प्लान, नए दावे से सियासी हलचल तेज
बेतिया, पीटीआई। बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर भी चुनाव को लेकर एक्टिव हैं। उन्होंने बुधवार को बेतिया जिले में लोगों को संबोधित किया। इस दौरान, उन्होंने एक बड़ी भविष्यवाणी भी कर दी।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि सीएम नीतीश कुमार बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ गठबंधन में लड़ेंगे, लेकिन बाद में पाला बदल सकते हैं।
मैं गलत साबित हुआ तो राजनीतिक अभियान छोड़ दूंगाउन्होंने कहा कि नवंबर में विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद नीतीश कुमार की जगह कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है।
आप मुझसे यह बात लिखित में ले सकते हैं। अगर मैं गलत साबित हुआ तो मैं अपना राजनीतिक अभियान छोड़ दूंगा।'
प्रशांत किशोर ने कहा कि नीतीश कुमार हमेशा यही करते हैं, भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं और बाद में पाला बादल लेते हैं। केवल 2015 में उन्होंने ऐसा नहीं किया था, तब मैंने उनका अभियान संभाला था।
नीतीश कुमार की कम हुई लोकप्रियता- वहीं, किशोर ने यह भी दावा किया कि भाजपा नीतीश कुमार को एनडीए का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने से बच रही है, क्योंकि उनकी लोकप्रियता अब कम हो गया है।
- प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि मैं पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देता हूं कि वे घोषणा करें कि चुनाव के बाद (अगर एनडीए सत्ता में आती है) नीतीश कुमार पूरे पांच साल के कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री होंगे। अगर वे ऐसा करते हैं, तो भाजपा को अपनी सीट बचाने में दिक्कत हो जाएगी।
- पीके ने यह भी दावा किया कि नीतीश कुमार को भाजपा एक और कार्यकाल के लिए समर्थन नहीं देने जा रही है, वे पाला बदलने की कोशिश कर सकते हैं।
- वहीं, जदयू की जीती गई सीटों की संख्या इतनी निराशाजनक होगी कि उन्हें शीर्ष पद नहीं मिलेगा, चाहे वे किसी भी गठबंधन में शामिल हों।
इतना ही नहीं प्रशांत किशोर ने यह तक कह दिया कि मुख्यमंत्री शारीरिक रूप से थक गए हैं और मानसिक रूप से भी रिटायर हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसी मनःस्थिति के साथ वे बिहार पर शासन कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कुमार ने पिछले साल नई केंद्र सरकार के शपथ ग्रहण के समय कई अन्य मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी में मोदी के पैर छूकर बिहार को बदनाम किया था।
किशोर ने पूछा कि अगर उन्हें प्रधानमंत्री के प्रति इतनी ही श्रद्धा है, तो वे निजी तौर पर उनके पैर छू सकते थे। लेकिन वे कुर्सी पर बने रहने के लिए चाटुकारिता का सहारा ले रहे हैं।
वे भाजपा के साथ अपने प्रभाव का इस्तेमाल क्यों नहीं करते, जो अब केंद्र में सत्ता में बने रहने के लिए जदयू के समर्थन पर निर्भर है, ताकि बिहार में मरणासन्न चीनी उद्योग को पुनर्जीवित किया जा सके?
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Bihar: 'मैंने नीतीश कुमार को 2 बार CM बनाया', तेजस्वी यादव का बड़ा बयान; सियासी पारा हाई
जागरण संवाददाता, पटना। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) होने हैं। चुनाव में अभी समय है, लेकिन सियासी माहौल गर्म है। पटना के सियासी गलियारों में सियासी उठा-पटक का दौर जारी है। इसी क्रम में तेजस्वी के बयान ने सियासत तेज कर दी है।
उन्होंने बुधवार को पटना में कहा, "लालू यादव को तो छोड़िए, दो बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मैंने बनाया है"। बता दें कि 4 मार्च मंगलवार को सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा में कहा था कि लालू यादव को मुख्यमंत्री उन्होंने बनवाया था।
'हमने दोनों डिप्टी CM की क्लास लगाई'तेजस्वी ने मिलर स्कूल में 'युवा चौपाल' को भी संबोधित किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "बिहार को टायर्ड और रिटायर्ड मुख्यमंत्री नहीं चाहिए। यह सरकार थोड़ी दिन और रहेगी, तो पूरे बिहार बीमार कर देगी। कल हम दोनों डिप्टी CM का क्लास लगाए हैं।
तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुखौटा हैं, रिमोट से बिहार में सरकार चलाई जा रही है। बिहार युवाओं का राज्य है। 15 वर्षो में गाड़ी तो 60 वर्षो में नौकरी से रिटायरमेंट मिल जाता है। बिहार में 75 वर्ष के मुख्यमंत्री, रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं। बिहार को नए ब्रांड के युवा मुख्यमंत्री चाहिए। अन्यथा बिहार बर्बाद हो जाएगा।
'एनडीए सरकार को उखाड़ फेंकें'उन्होंने कहा कि युवा एकजुट होकर एनडीए सरकार को उखड़ फेंकें। विधानसभा चुनाव के बाद राजद की सरकार बनने जा रही है। सरकार बनने के एक माह के अंदर युवा आयोग का गठन करेंगे। छात्रों को नौकरी के लिए फॉर्म भरने का शुल्क माफ करेंगे तथा आने-जाने का खर्च सरकार देगी। छात्रों पर लाठी चार्ज नहीं चलना बंद करा देंगे।
युवा चौपाल की अध्यक्षता युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष राजेश यादव ने की। तेजस्वी ने कहा कि 18 से 25 वर्ष के युवाओं की संख्या 58 प्रतिशत है। युवा वाले राज्य में 75 वर्ष का रिटायर्ड मुख्यमंत्री नहीं चाहिए। बिहार के युवाओं ने ठान लिया है कि नया बिहार बनाने के लिए युवा मुख्यमंत्री बनाएंगे। मुख्यमंत्री सहित पूरा सरकार बीमार है। यह सरकार रह गई तो पूरा बिहार बीमार पड़ जाएगा।
'मुख्यमंत्री की स्थिति ऐसी हो गई कि...'उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री की स्थिति ऐसी हो गई कि अपने मंत्रियों के नाम, विभागों के सचिवों के नाम तक याद नहीं रहता है। उप मुख्यमंत्री का नाम लिखकर देना पड़ता है। 400 प्रखंडों में डिग्री महाविद्यालय नहीं है। गांव में रहने वाले 83 प्रतिशत बेरोजगार हैं। यह सरकार युवा विरोधी है। रोजगार, नौकरी देने में विफल है। युवा बिहार का भविष्य हैं। माई-बहिन योजना के तहत सभी महिलाओं को प्रति माह 2500, वृद्धा, विधवा, विकलांग पेंशन 400 से बढ़कार 1500 करेंगे। 200 यूनिट मुफ्त में बिजली देंगे।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने कहा कि जोश और आवेश के बदले संतुलित होकर युवा कार्य करें। युवा एकजुट रहेंगे तो तेजस्वी युवाओं की लड़ाई लड़ेंगे। तेजस्वी युवाओं को रोजगार दिया है। नीतीश सरकार को उखड़ फेकें।
पूर्व विधानसभाध्यक्ष उदय नारायण चाैधरी ने युवाओं से नारा लगवाया, अगला मुख्यमंत्री कैसा हो, तेजस्वी यादव जैसा हो। पूर्व मंत्री आलोक मेहता ने कहा कि बिहार के युवा अंगड़ाई ले लिए हैं, तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार बनाकर रहेंगे। संसदीय देल के नेता अभय कुशवाहा ने कहा कि युवा चौपाल का उदेश्य सत्ता में बदलाव लाना है।
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Bihar: तेजस्वी को कांग्रेस ने दिया झटका, MLA अजीत शर्मा बोले- चुनाव के बाद तय करेंगे CM कौन बनेगा
राज्य ब्यूरो, पटना। अगली सरकार के नेतृत्व के प्रश्न पर महागठबंधन (Bihar Mahagathbandhan) के दलों के बीच लड़ाई शुरू हो गई है। अबतक यही माना जा रहा था कि महागठबंधन में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) के नेतृत्व के मुद्दे पर आम सहमति बनी हुई है।
वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं विधायक अजित शर्मा ने बुधवार को यह कह कर नया विवाद शुरू कर दिया है कि चुनाव परिणाम के बाद विधायक तय करेंगे कि महागठबंधन की सरकार में मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
महागठबंधन में नेतृत्व पर विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है कि सत्तारूढ़ एनडीए के घटक दलों ने साफ कर दिया है कि वे अगला चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेंगे। नीतीश ही अगली सरकार का नेतृत्व करेंगे।
तेजस्वी के भाषण से खट्टा हुआ कांग्रेस विधायकों का मनअसल में मंगलवार को विधानसभा में दिए गए तेजस्वी के भाषण से कांग्रेस के कुछ विधायकों का मन खट्टा हो गया। तेजस्वी ने 1990 के पहले की सरकारों को भी राज्य के पिछड़ेपन के लिए जवाबदेह ठहराया। इस कालखंड के बड़े हिस्से में कांग्रेस सरकार में रही है। उन्होंने कांग्रेस के लंबे शासन काल की विफलताओं की भी चर्चा की।
'तेजस्वी ने कांग्रेस पर तमाचा जड़ा'उनके भाषण के दौरान संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कांग्रेसियों को याद दिलाया कि सहयोगी ही आपकी आलोचना कर रहे हैं। अजित शर्मा की बुधवार की टिप्पणी पर भी भाजपा के नेता और पथ निर्माण मंत्री नीतीन नवीन ने तेजस्वी के भाषण की चर्चा की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी ने कांग्रेस पर तमाचा जड़ दिया था।
वैसे, अजित शर्मा कांग्रेस के नीति निर्णायकों की टीम के अंग नहीं हैं, इसलिए उनकी टिप्पणी को कांग्रेस का आधिकारिक रूख नहीं कहा जा सकता है। फिर भी यह इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस में पहली बार किसी ने तेजस्वी के नेतृत्व को चुनौती दी है।
शर्मा ने यह भी कहा कि 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में कांग्रेस कम से कम 70 सीटों पर लड़ेगी। वैसे, सीटों का निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह करेंगे।
पहले हो चुकी है घोषणाराजद के प्रवक्ता चितरंजन गगन ने कहा कि महागठबंधन में तेजस्वी के नेतृत्व पर कोई विवाद नहीं है। यह 2020 के विधानसभा चुनाव के समय ही सभी घटक दलों की सहमति से तय हो गया था कि महागठबंधन की सरकार तेजस्वी यादव के ही नेतृत्व में बनेगी।
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Honey Singh: मुश्किल में फंस सकते हैं हनी सिंह, Maniac Song के खिलाफ पटना HC में याचिका दायर
विधि संवाददाता, पटना। हनी सिंह के भोजपुरी गीत 'मैनियैक' (Honey Singh Maniac Song) के बोलों में अश्लीलता, महिलाओं की वस्तुकरण और महिमामंडित करने का आरोप लगाते हुए पटना हाई कोर्ट (Patna High Court) में लोकहित याचिका दायर की गई है। इस लोकहित याचिका को अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने दायर किया है।
याचिकाकर्ता ने न्यायालय से उचित निर्देश जारी करने की मांग की है, ताकि इस गाने के शब्दों को संशोधित किया जाए और ऐसे गीतों की सामग्री को विनियमित किया जाए।
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग है कि 'मैनियैक' गीत के अश्लील और अपमानजनक बोलों में संशोधन किया जाए।
याचिकाकर्ता ने क्या कहा?याचिकाकर्ता के अनुसार, यह गीत पुरुषों द्वारा महिलाओं पर जबरदस्ती थोपने की मानसिकता को बढ़ावा देता है और महिलाओं को सिर्फ एक भोग की वस्तु के रूप में दर्शाता है।
इसके अलावा, भोजपुरी भाषा की अश्लीलता को सामान्य बनाने के लिए इसका गलत उपयोग किया गया है, जो महिला सशक्तीकरण की अवधारणा को ठेस पहुंचाता है।
याचिका में भोजपुरी गीतों में प्रयोग किए जाने वाले शब्दों और इशारों को नियंत्रित करने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई है, जो समाज के युवा वर्ग और अन्य तबकों के नैतिक पतन का कारण बनते हैं।
हनी सिंह को बनाया प्रतिवादीयाचिकाकर्ता ने इस गीत के गायक योयो हनी सिंह, लियो ग्रेवाल, रागिनी विश्वकर्मा सहित टी सीरीज, गूगल व यू-ट्यूब को प्रतिवादी बनाया है। इस मामले की सुनवाई सात मार्च को होने संभावना है।
फूहड़ भोजपुरी-हिंदी गीतों पर प्रतिबंध लगाए सरकार: नीतू चंद्राराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त अभिनेत्री नीतू चंद्रा श्रीवास्तव ने बिहार सरकार से मांग की है कि अश्लील भोजपुरी एवं हिंदी गीतों पर प्रतिबंध लगाए। उन्होंने कहा कि कॉलेज जाने वाली लड़कियों और महिलाओं को ऐसे गीतों की वजह से नजरें झुकाकर सड़क पर चलना पड़ता है। ऐसे गाना गाने वालों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए, इसलिए बुधवार को पटना हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल की गई है, जिसकी अगुआई निवेदिता निर्विकर कर रही हैं।
नीतू ने कहा कि इन्हीं गानों के चलते महिलाएं घर में टीवी देखना पसंद नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि ये गाने महिलाओं में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं। इन गीतों का छोटे-छोटे बच्चों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
ये गाने समाज को गलत दिशा में ले जा सकते हैं और महिलाओं के प्रति सम्मान को कम करते हैं। मैं चाहती हूं कि बिहार में इन गानों के निर्माण और बजाने पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
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Bihar Weather Today: बिहार में होली से पहले मौसम बिगड़ने का अलर्ट, 6 जिलों में दिखेगा प्रभाव
जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather News: बिहार में होली से पहले मौसम बिगड़ने वाला है। 8 मार्च से 6 जिलों में इसका प्रभाव दिख सकता है। इस दौरान लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। होली के दौरान तापमान में कमी देखी जा सकती है।
वहीं अगले 24 से 48 घंटे की बात करें तो प्रदेश के पश्चिमी भागों व इसके आसपास के इलाकों में दोपहर से शाम तक सतही हवा की गति 10-20 किमी प्रतिघंटा और झोंके के साथ 30 किमी प्रति घंटे से पछुआ हवा चलने की संभावना है।
24 घंटे के बाद प्रदेश के अनेक भागों के अधिकतम व न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट का पूर्वानुमान है।
8 मार्च को 6 जिलों में बारिश का अलर्ट8-9 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के भागों को प्रभावित करेगा। इसके कारण 8 मार्च को किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका व जमुई जिले के एक या दो स्थानों पर झोंके के साथ मेघ गर्जन, वज्रपात को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम में आए बदलाव के कारण पटना सहित अधिसंख्य भागों के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस जबकि 10.5 डिग्री सेल्सियस के साथ पुपरी (सीतामढ़ी) में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के कुछ जिलों के न्यूनतम तापमान दाे से चार डिग्री सेल्सियस के उपर बना रहा।
पिछले 24 घंटे में कैसा रहा मौसमराजधानी का अधिकतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि के साथ 30.6 डिग्री सेल्सियस व 32.9 डिग्री सेल्सियस के साथ औरंगाबाद में सबसे अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। मधेपुरा, फारबिसगंज, किशनगंज व कटिहार को छोड़ कर पटना सहित अधिसंख्य जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई।
पटना व आसपास इलाकों में तेज हवा के प्रवाह व कुछ स्थानों पर आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण मौसम सामान्य बना रहा।
भागलपुर में आंधी-तूफान के साथ बूंदा-बांदी की संभावनाभारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार पांच से नौ मार्च के मध्य दक्षिण बिहार के जिलों में आसमान साफ एवं मौसम शुष्क रहेगा। हालांकि भागलपुर, बांका व मुंगेर जिलों में में छह से नौ मार्च के मध्य पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बिजली चमकने और तेज हवा (30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा) चलने एवं बादल के गर्जन के साथ बूंदा-बांदी होने का अनुमान है।
अधिकतम तापमान 29 से 31 और न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 75 से 80 प्रतिशत तथा दोपहर में 35 से 40 प्रतिशत रहने की संभावना है। पूर्वानुमान की अवधि में नौ से 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिमी हवा चलेगी।
बिहार कृषि विश्वविद्यालय की मौसम विज्ञानी डा. नेहा पारीक ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। 84 प्रतिशत आद्रता के साथ 5.8 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफतार से पश्चिमी हवा चल रही है। तापमान बढ़ने के आसार हैं।
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Bihar News: उज्ज्वला योजना का लाभ उठाने वाले 4,540 लोगों की बढ़ी टेंशन, पटना DM ने कार्रवाई करने का दिया आदेश
जागरण संवाददाता, पटना। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना अंतर्गत पटना में ऐसे 4,540 लाभार्थी हैं जो गैस सिलेंडर की रीफिलिंग नहीं करा रहे हैंं। ऐसे उपभोक्ताओं को नोटिस दी जाएगी।
इसके बाद भी गैस नहीं भरवाने पर उनका पंजीयन रद किया जाएगा। खरीफ विपणन मौसम 2024-25 के तहत अधिप्राप्ति, आपूर्ति एवं उज्ज्वला योजना की समीक्षा जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने की। समीक्षा में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के द्वारा गैस रिफिल नहीं कराने की बात सामने आई।
जिलाधिकारी ने आइओएल के क्षेत्रीय प्रबंधक सह सेल्स मैनेजर को निर्देश दिया कि उज्ज्वला योजना अंतर्गत ऐसे सभी उपभोक्ताओं को नोटिस निर्गत कर उसका तामिला कराएं।
यदि उसके बाद भी वे गैस सिलेंडर रिफिलिंग नहीं कराते हैं तो उनका पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई करेंगे। हालांकि, बिना तामिला के उनका पंजीयन रद नहीं करने का निर्देश भी दिया है।
सीएमआर आपूर्ति में सुस्ती बर्दाश्त नहीं- बैठक में लक्ष्य के विरुद्ध जिला में सीएमआर प्राप्ति की स्थिति, अनुमंडलवार एवं प्रखंडवार एसएफसी को सीएमआर प्राप्त कराए जाने की स्थिति, किसानों को भुगतान की स्थिति, सीएमआर प्राप्ति के विरूद्ध भुगतान की स्थिति, मिलवार साप्ताहिक सीएमआर प्राप्ति की स्थिति एवं अन्य बिंदुओं पर समीक्षा की गई।
- जिलाधिकारी ने कहा कि लक्ष्य के अनुरूप समय-सीमा के अंदर शत-प्रतिशत धान अधिप्राप्ति की गई है। अब सीएमआर की समय से प्राप्ति एवं प्राप्ति के विरूद्ध ससमय भुगतान सुनिश्चित करना है।
- उन्होंने कहा कि सीएमआर आपूर्ति में लापरवाही बरतने वाले राइस मिलों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- अनुमंडल पदाधिकारियों को सीएमआर आपूर्ति में शिथिलता बरतने वाले राइस मिलरों से स्पष्टीकरण कर कार्रवाई की अनुशंसा का निर्देश दिया गया।
वित्त मंत्रालय ने अब ग्रामीण बैंककर्मियों के लिए भी एनपीएस फंड में प्रायोजक व्यावसायिक बैंकों के बराबर यानी 14 प्रतिशत अंशदान करने करने का आदेश दिया है।
यह आदेश 11 नवंबर, 2020 से प्रभावी होना है। अब ग्रामीण बैंककर्मियों के लिए बराबर लाभ की संभावना बनेगी, लेकिन उससे पहले के नुकसान को लेकर क्षोभ भी है।
यूनाइटेड फोरम आफ ग्रामीण बैंक यूनियन्स के राष्ट्रीय संयोजक डीएन त्रिवेदी ने बताया कि बैंकों में 01 अप्रैल, 2010 से एनपीएस लागू है। वित्त मंत्रालय का निर्देश काफी देरी से हुआ है।
इस कारण एनपीएस के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण बैंककर्मियों को 52 माह के आवर्ती ब्याज की हानि हो रही है। व्याज की हानी हुई है।
ऐसे में यूनियन्स ने केंद्र सरकार से नौ प्रतिशत चक्रवृद्धि ब्याज के साथ एनपीएस के बकाए अंशदान की मांग की है।
ज्ञातव्य है कि वित्त मंत्रालय के आप्तसचिव रत्नाकर झा द्वारा पहली मार्च को 14फीसद अंशदान देने का पत्र जारी किया गया है।
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Vande Bharat: दिल्ली से पटना के बीच दौड़ेगी वंदे भारत, होली से पहले आ गया ताजा अपडेट; देखें रूट चार्ट
जागरण संवाददाता, पटना। भारतीय रेलवे की ओर से जल्द ही नई दिल्ली से पटना के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन किया जा सकता है। इसके लिए तैयारी काफी जोर-शोर से शुरू हो चुकी है।
इसके लेकर बिहार के यात्री काफी उत्साहित हैं। वंदे भारत ट्रेन की यात्रा को लेकर लोगों में विशेष आकर्षण देखा जा रहा है। यह ट्रेन अब तक चलाई जाने वाली वंदे भारत ट्रेनों में सबसे लंबी दूरी तक चलने वाली ट्रेन होगी।
इस ट्रेन से समय की बचत होगी और इसमें आरामदायक सुविधाएं भी मिलेंगी। नई दिल्ली-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस होली स्पेशल ट्रेन के रूप में चलाई जा सकती है। क्योंकि होली के अवसर पर दिल्ली से आने वाले यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ते जा रहा है।
यहां देखें टाइम-टेबल और रूट चार्ट- इस ट्रेन का मार्ग लगभग तैयार कर लिया गया है। जानकारों का कहना है कि स्पेशल ट्रेन दिल्ली से सुबह साढ़े आठ बजे रवाना हो सकती है, जो रात आठ बजे पटना पहुंचेगी।
- वहीं वापसी में यह ट्रेन रात सात बजे पटना से रवाना होगी और सुबह साढ़े सात बजे दिल्ली पहुंचेगी।
- इस ट्रेन का ठहराव, आरा, बक्सर, डीडीयू, प्रयागराज एवं कानपुर हो सकता है।
- तेज रफ्तार एवं आरामदायक सुविधाओं से लैस होगी वंदे भारत ट्रेन। इस ट्रेन के दरवाजे स्वचालित होंगे। इसमें वाई-फाई की सुविधा दी गई है।
होली के अवसर पर भारतीय रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ये ट्रेन दानापुर से जबलपुर एवं पटना से जालना के बीच चलाई जाएंगी। इसके अलावा रानीकमलापति एवं कोटा, गया से आनंदविहार के मध्य चलाने का निर्णय लिया गया है।
जालना से पटना के बीच चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेन डीडीयू, प्रयागराज, कटनी, इटारसी, अकोला के रास्ते चलाई जाएगी। जालना से यह ट्रेन छह, दस एवं 15 मार्च को जालना से होली स्पेशल ट्रेन रवाना की जाएगी।
वहीं वापसी में यह ट्रेन आठ, बारह एवं 17 मार्च को चलाई जाएगी। जबलपुर से दानापुर के बीच चलने वाली ट्रेन डीडीयू, प्रयागराज, छिवकी एवं कटनी के रास्ते चलाई जाएगी। यह ट्रेन जबलपुर से 11 मार्च को एवं दानापुर से 12 मार्च को चलाई जाएगी।
देवरिया में नॉन इंटरलाकिंग कार्य के कारण कई ट्रेनों का बदला मार्गरेलवे द्वारा आधारभूत संरचना में विस्तार के क्रम में वाराणसी मण्डल के गोरखपुर कैण्ट-भटनी रेल खण्ड पर बैतालपुर-देवरिया सदर स्टेशन के मध्य नॉन-इंटरलॉक का कार्य किया जा रहा है।
इसको लेकर कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। कटिहार से छह मार्च को खुलने वाली कटिहार-अमृतसर एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग सिवान-भटनी-गोरखपुर कैण्ट के स्थान पर परिवर्तित मार्ग सिवान-थावे-कप्तानगंज-गोरखपुर कैण्ट के रास्ते चलाई जायेगी।
मार्ग परिवर्तन के कारण इसका ठहराव देवरिया सदर स्टेशन पर नही रहेगा। वहीं नई दिल्ली से पांच मार्च को खुलने वाली नई दिल्ली-सहरसा एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-भटनी-सिवान के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-कप्तानगंज-थावे-सिवान के रास्ते चलाई जायेगी।
मार्ग परिवर्तन के फलस्वरूप इस गाड़ी का ठहराव देवरिया सदर स्टेशन पर नही रहेगा। अमृतसर से पांच मार्च को खुलने वाली अमृतसर-सहरसा एक्सप्रेस निर्धारित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-भटनी-सिवान के स्थान पर परिवर्तित मार्ग गोरखपुर कैण्ट-कप्तानगंज-थावे-सीवान के रास्ते चलाई जायेगी।
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Bihar Police: बक्सर में चौकी प्रभारी सस्पेंड, दो होमगार्डों की भी गई नौकरी; सामने आई बड़ी वजह
राज्य ब्यूरो, पटना। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने अवैध वसूली के मामले में वीर कुंवर सिंह जांच चौकी, बक्सर के प्रभारी सूरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही अवैध वसूली करने वाले दोनों गृहरक्षकों की सेवा अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा के साथ वापस कर दी गई है।
दरअसल, 25 फरवरी को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें बक्सर के वीर कुंवर सिंह जांच चौकी पर अवैध वसूली का मामला सामने आया।
मामले का संज्ञान लेते हुए उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने एक्साइज इंटेलिजेंस ब्यूरो के उपायुक्त संजय कुमार और विशेष अधीक्षक आदित्य कुमार की संयुक्त टीम बनाकर बक्सर भेजा।
अवैध वसूली का सामने आया मामला- टीम की जांच में वायरल वीडियो में अवैध वसूली के आरोपी दोनों गृहरक्षक प्रथमदृष्टया दोषी पाए गए। इसके साथ ही चेकपोस्ट के प्रभारी पदाधिकारी को कर्तव्य में लापरवाही बरतने और अपने अधीनस्थों पर नियंत्रण नहीं रखने का दोषी पाया गया।
- जांच के क्रम में पाया गया कि चेकपोस्ट अभियोग पंजी को भी 19 जनवरी के बाद अपडेट नहीं किया गया है। इसके साथ ही वाहन पंजी भी दुरुस्त नहीं है।
- इस जांच रिपोर्ट के आधार पर उत्पाद आयुक्त रजनीश कुमार सिंह ने चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने और गृहरक्षकों की सेवा वापस करने का निर्देश जारी किया है।
करीब चार महीने पूर्व सारण के जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर की गई छापामारी में बालू के अवैध कारोबार करने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था और 15 लाख वर्गफीट बालू भी जब्त की थी।
जांच के क्रम में जिले में पदस्थापित खनिज विकास पदाधिकारी लाल बिहारी प्रसाद (भू-भौतिक शास्त्री) की मिली भगत की बात सामने आई थी।
इसके बाद 26 नवंबर को खनिज विकास पदाधिकारी लाल बिहारी प्रसाद सरकार ने निलंबित कर दिया। विभाग ने इस लापरवाही और सरकार को राजस्व नुकसान पहुंचाने के संबंध में उनसे जवाब मांगा था।
उन्होंने विभाग को अपना जवाब 20 जनवरी 2025 को दिया। लेकिन विभाग लाल बिहारी के जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ।
अब इस मामले में विभाग ने आगे की कार्रवाई की और लाल बिहारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने का निर्णय लिया है।
उनसे पूछताछ की जिम्मेदारी सारण के अपर समाहर्ता को सौंपी गई है। लाल बिहारी से अपेक्षा की गई है कि वे बचाव और पक्ष संचालन पदाधिकारी के सामने रखेंगे।
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राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने मंगलवार को विधानसभा में खुलासा किया कि सरकार में रहते लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) नहीं चाहते थे कि सरकारी सेवाओं और अन्य संस्थानों में अति पिछड़ों के लिए अलग से आरक्षण का प्रविधान किया जाए। लालू चाहते थे कि दोनों को मिलाकर सिर्फ पिछड़ों के नाम पर आरक्षण का प्रविधान किया जाए।
उन्होंने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को कहा कि अति पिछड़ों के आरक्षण के विरोध के कारण वे जनता दल से अलग हुए। अलग पार्टी बनाई। नीतीश ने कहा कि अति पिछड़ों को अलग आरक्षण जननायक कर्पूरी ठाकुर की कल्पना थी।
उन्होंने कहा कि 1990 में लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। उस समय स्वजातीय विधायक भी लालू प्रसाद का विरोध कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में विपक्ष को कुछ नहीं मिलने वाला है। राज्य के लोग इन्हें पहचान रहे हैं।
'...उन्हें कुछ नहीं पता'सरकारी जवाब के दौरान शोरगुल करने पर मुख्यमंत्री ने कई बार विपक्षी विधायकों को मीठी झिड़की दी। मुख्यमंत्री का भाषण समाप्त होने के कुछ पहले विपक्षी सदस्यों ने सदन का वहिर्गमन किया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें कुछ नहीं पता है। सड़कों की हालत इतनी खराब थी कि सांसद रहते हुए उन्हें अपने क्षेत्र में पैदल भ्रमण करना पड़ता था। डर के मारे सामान्य जनजीवन अस्त व्यस्त था।
नीतीश बोले- सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने...उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप से राज्य में कृषि का विकास हुआ है। खेतों में बिजली के माध्यम से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कुमार ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने पहले पंचायती राज और बाद में नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया। उसके बाद से चार चुनाव हुए। नीतियों के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता बढ़ी है। महिलाओं के उत्थान के लिए कई प्रयास किए गए। 2013 में महिलाओं को पुलिस में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया।
आज देश में सबसे अधिक महिला सिपाही बिहार में है। 2016 मे महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर गठन महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया। बाद में इसे जीविका का नाम दिया गया। उस समय केंद्र सरकार के एक मंत्री आए।
उन्होंने जीविका के काम को देखा। सराहा और फिर आजीविका के नाम से इसे पूरे देश में लागू किया। इस समय जीविका दीदियों की संख्या एक करोड़ 38 लाख है। शहरी क्षेत्र में तीन लाख से अधिक जीविका दीदियां काम कर रही हैं। राज्य सरकार तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को एकमुश्त 25 हजार रुपये की सहायता दे रही है।
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PM Awas Yojana: बजट के बाद बिहार को मिल गया और गिफ्ट, पीएम आवास को लेकर केंद्र ने की बड़ी घोषणा
राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को पटना के एकदिवसीय दौरे के दौरान राजकीय अतिथिशाला में नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान विभागीय मंत्री जिवेश कुमार ने मिथिला पाग पहनाकर उनका स्वागत किया।
सचिव अभय कुमार सिंह ने राज्य में चल रही योजनाओं की अद्यतर प्रगति रिपोर्ट दी जिस पर केंद्रीय मंत्री ने संतोष जताया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 में बिहार को 50 हजार आवास बनाने का लक्ष्य दिया गया है। अगले पांच साल में आबादी के हिसाब से जितने मकानों की आवश्यकता होगी, सत्यापन के बाद उतनी दी जाएंगी।
'राज्य को दी गई 500 बसें'उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न शहरों के लिए 500 बसें दी गई हैं। स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के तहत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा प्रयोग हो चुके जल प्रबंधन के लिए भारत सरकार ने 269.44 करोड़ रुपए जारी किए हैं।
उन्होंने बताया कि पटना के लोगों को जल्द ही मेट्रो सुविधा मिलने लगेगी। अगस्त में आईएसबीटी से मलाही पकड़ी तक मेट्रो की 6.2 किलोमीटर लंबी लाइन शुरू हो जाएगी।
मंत्री ने कहा कि शहरी कार्यों की प्रगति काफी संतुष्टिपूर्ण है, चाहे वह प्रधानमंत्री आवास योजना हो, अमृत योजना की बात हो, मेट्रो का काम हो अथवा पीएम ई-बस सेवा। बैठक में मंत्री जिवेश कुमार, बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष पराशर, अपर सचिव वर्षा सिंह और अपर सचिव विजय कुमार मीणा सहित विभिन्न परियोजनाओं के निदेशक एवं वरीय अधिकारी मौजूद रहे।
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र यादव ने मनोहर लाल से भेंट कर 2000 मेगावाट आवर बैट्री भंडारण प्रोजेक्ट में सहयोग मांगाऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को पटना आए केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल से भेंट की। ऊर्जा मंंत्री ने इस मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्री से यह आग्रह किया कि 2000 मेगावाट आवर बैट्री भंडारण वाले सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट में सहयोग करें। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री को एक पत्र भी सौंपा गया।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 500 मेगावाट आवर बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली को विकसित किए जाने को ले निविदा भी हो गयी है। इससे पहले लखीसराय के कजरा में 301 मेगावाट की दो बड़ी सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं के साथ 495 मेगावाट आवर क्षमता की देश की सबसे बड़ी बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली के विकास पर आरंभ हो चुका है।
राज्य में 500 मेगावाट आवर बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली परियोजना से विशेष रूप से पीक आवर में बिजली की मांग को पूरा करने सहायता मिलेगी। बैट्री ऊर्जा भंडारण प्रणाली की पहल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की है।
उन्होंने यह बताया कि 500 मेगावाट आवर प्रोजेक्ट के लिए निविदा के पूर्व बैठक में 12 कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के निर्माण में राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी नहीं आएगा। प्रोजेक्ट की कुल लागत का अधिकतम 39 प्रतिशत या फिर 27 लाख रुपए प्रति मेगावाट आवर वायबिलिटी गैप फंडिंग स्कीम के तहत केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्रय की निर्धारित बाध्यता को हासिल करने में भी सफलता मिलेगी। अब तक राज्य में 1920 मेगावाट सौर ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है।
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विधानसभा चुनाव तक सरकारी नौकरी और रोजगार पाने वालों की संख्या 50 लाख पार कर जाएगी: नीतीश
राज्य ब्यूरो, पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने कहा है कि इस साल विधानसभा चुनाव से पहले नई सरकारी नौकरियां और रोजगार पाने वालों की संख्या 50 लाख पार कर जाएंगी। इनमें 12 लाख लोग सरकारी नौकरी पाएंगे। 38 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद के प्रस्ताव पर हुई चर्चा का उत्तर दे रहे थे। यह प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवंबर 2005 में सरकार के गठन के साथ ही वे राज्य के विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली आदि के क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2020 में सात निश्चय-दो लागू किया गया। इसके तहत 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था।
उन्होंने कहा कि अबतक नौ लाख 35 हजार लोगों को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। विधानसभा चुनाव तक इनकी संख्या 12 लाख से अधिक हो जाएगी। इसी तरह 10 लाख के लक्ष्य के बदले 24 लाख लोगों लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। विधानसभा चुनाव तक यह संख्या 38 लाख से अधिक हो जाएगी।
उन्होंने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के केंद्रीय बजट में बिहार के लिए किए गए विशेष आर्थिक प्रविधान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की विशेष मदद से सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन आदि के क्षेत्रों को बड़ी राहत मिली है। इसी तरह मखाना बोर्ड के गठन एवं हवाई अड्डे के विस्तार के अलावा केंद्र की ओर से राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति आधारित गणना के बाद 94 लाख गरीब परिवारों को राज्य सरकार दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रगति यात्रा के दौरान मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने 430 नई योजनाओं की स्वीकृति दी। इसे कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इनके लिए 25 हजार करोड़ रुपये के खर्च का प्रविधान किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बिना भेदभाव के समाज के हरेक तबके लिए काम कर रही है।
राजद सिर्फ मुसलमानों का वोट लेता थामुख्यमंत्री ने कहा कि राजद के लोग मुसलमानों का वोट तो लेते थे, लेकिन मुसलमान अगर किसी संकट में पड़ते थे तो मदद नहीं करते थे।हमने आठ हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई। बाद में 1227 कब्रिस्तानों की घेराबंदी की मांग की गई। इनमें से 746 की घेराबंदी हो गई है। इसके अलावा 60 साल पुराने मंदिरों की घेराबंदी भी कराई गई। हमारी सरकार ने भागलपुर दंगा के दोषियों को सजा दिलाई।
पुलिस में बड़ी बहालीनीतीश ने कहा कि पहले लोग शाम सात बजे के बाद घर से नहीं निकलते थे। अब देर रात तक महिलाएं भी राजधानी में घूमती नजर आ रही हैं। पुलिस में बड़े पैमाने पर बहाली की गई। साइकिल, पोशाक और किताब की योजना के कारण शिक्षा का काफी विकास हुआ। इस योजना का लाभ छात्र-छात्राओं को दिया जा रहा है। दो लाख तिरपन हजार से अधिक नियोजित शिक्षकों को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया गया। इससे पहले दो लाख 17 हजार से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई।
अब आते हैं 11 हजार मरीजउन्होंने कहा कि 2005 से पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक महीने में 29 मरीज आते थे। अब औसतन 11 हजार मरीज आते हैं। पहले छह मेडिकल कालेज और अस्पताल थे। अब इनकी संख्या 14 हो गई है। अभी और कई मेडिकल कालेज खुलेंगे। पीएमसीएच में बेड की संख्या पांच हजार चार सौ होने जा रही है। यह देश का सबसे बड़ा अस्पताल होगा। आइजीआइसी एवं आइजीआइएमएस का विस्तार हो रहा है।
चार घंटे में पटना की यात्राअब चार घंटे में राज्य के किसी हिस्से से पटना पहुंचने लायक सड़कों का निर्माण कराया जा रहा है। पहले यह लक्ष्य छह घंटे का था। उसे पांच घंटे किया गया। अब चार घंटे का लक्ष्य लेकर काम हो रहा है।
बिजली बहुत कम जगह पर थी। पटना तक में आठ घंटा से अधिक बजली नहीं रहती थी। ग्रामीण क्षेत्रों का और बुरा हाल था। हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और गली का निर्माण किया गया है। लोग शौच के लिए बाहर जाते थे। इससे कई तरह की बीमारियां होती थीं।
सात निश्चय-दो में भी अनेक काम किए गए हैं। आइटीआई पॉलिटेक्निक संस्थानों में एक्सलेंस सेंटर बनाए जा रहे हैं।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्य के अस्पतालों में पांच हजार से अधिक डॉक्टरों की जल्द बहाली की जाएगी। इनमें 3623 विशेषज्ञ चिकित्सक पदाधिकारी, 667 सामान्य चिकित्सा पदाधिकारी और 808 दंत चिकित्सक शामिल हैं।
बिहार विधान परिषद में मंगलवार को मो. फारूक के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में प्रभारी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि इन पदों पर नियुक्ति के लिए बिहार तकनीकी सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजी जा चुका है। आयोग के माध्यम से विज्ञापन प्रकाशन की कार्रवाई अंतिम चरण में है।
इसी प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि शिवहर सदर अस्पताल में चिकित्सकों के कुल 36 पद स्वीकृत हैं। इनमें 17 चिकित्सक कार्यरत हैं।
सदर अस्पताल के अधीक्षक के रिक्त पद पर कार्यकारी व्यवस्था के तहत सिविल सर्जन, शिवहर के प्रभार में रखा गया है।
सहायक प्राध्यापक के पद पर शुरू हुई नियुक्ति- वहीं, प्रभारी मंत्री ने प्रो. संजय कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों एवं अस्पतालों में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 1711 पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- इन पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए अक्टूबर माह में ही अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग को भेजी गई है।
- इस बाबत विज्ञापन प्रारूप पर जनवरी माह में विभाग ने सहमति भी प्रदान कर दी है। वहीं मेडिकल कालेजों में विजिटिंग प्रोफेसरों की नियुक्ति का मामला विचाराधीन है।
सौरभ कुमार के अल्पसूचित प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि राजधानी के इंदिरा गांधी ह्रदय रोग संस्थान (आइजीआइएमएस) में 97 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं, जो मरीजों को मुफ्त दी जा रही हैं।
अस्पताल में चिकित्सकों के 163 पद स्वीकृत है। इनमें सहायक निदेशक के पदों पर 17, उप निदेशक के पद पर एक, संयुक्त निदेशक के पद पर छह, अपर निदेशक के पद पर एक, निदेशक के पद पर एक, चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर 28 और विशेषज्ञ चिकित्सा पदाधकारी के पद पर 19 चिकित्सक कार्यरत हैं।
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि इसके लिए मेडिकल कालेज अस्पताल खोल जा रहे है। इसमें चार साल का समय लगता है। बच्चे पढ़ेंगे तो आवश्यकता के अनुसार उनकी नियुक्ति सरकारी अस्पतालों में की जाएगी।
विधान परिषद में अब्दुल बारी सिद्दीकी ने एबुंलेंस की कमी और प्राइवेट एबुंलेंस की मनमानी का मुद्दा उठाया। इसके जवाब में प्रभारी मंत्री नीरज कुमार सिंह ने कहा कि बिहार के सभी सरकारी अस्पतालों में एबुंलेंस की सुविधा है। एबुंलेंस की संख्या बढ़ाने के लिए 400 एबुंलेंस की खरीद की जाएगी।
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राज्य ब्यूरो, पटना। विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव के भाषण की शुरुआत तो हंसी मजाक वाले अंदाज में हुई, लेकिन जल्द ही कई सदस्य एक दूसरे के पिता के कर्मों का लेखा-जोखा लेकर बैठ गए।
माहौल अधिक गर्म होता, उससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने सदस्यों को व्यक्तिगत टिप्पणी करने से रोक दिया।
तेजस्वी ने अपने भाषण के शुरू में ही कहा कि सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गले लगाया तो यह दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को चिढाने का उपक्रम था।
सिन्हा उस समय सदन में नहीं थे। सम्राट सदन में चुपचाप तेजस्वी का भाषण सुन रहे थे। लेकिन, तेजस्वी ने जैसे ही सम्राट के पिता पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी की ओर से मुख्यमंत्री के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणी की चर्चा की, सदन में शोरगुल शुरू हो गया।
सम्राट ने तेजस्वी को कहा कि आपके पिता ने बिहार को लूट लिया। जवाब में तेजस्वी ने सम्राट को याद दिलाया कि लालू प्रसाद के कारण ही वे पहली बार मंत्री बन पाए थे। अंतिम बार भी राजद के टिकट पर ही विधायक बने।
राजद से अलग होने के बाद फिर कभी विधायक नहीं बन पाए। तेजस्वी ने विजय कुमार सिन्हा की प्रशंसा की। कहा कि विजय सिन्हा असली भाजपाई हैं। सम्राट चौधरी तो पांच साल के भाजपाई हैं।
पशुपालन घोटाला की चर्चा करने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री स्व. डॉ. जगन्नाथ मिश्र का जिक्र कर दिया। उनका कहना था कि डॉ. मिश्र भी पशुपालन घोटाला के अभियुक्त थे, लेकिन नाम सिर्फ लालू प्रसाद का ही लिया जाता है।
सदन में मौजूद डॉ. मिश्र के पुत्र एवं उद्याेग मंत्री नीतीश मिश्रा ने प्रतिवाद किया। उनका कहना था कि डॉ. मिश्र को अदालत ने आरोपों से बरी कर दिया था।
सदन में फिर शोर-शराबा शुरू हो गया। इसी बीच तेजस्वी ने प्रश्न किया कि डा. मिश्र छह मामलों में आरोपी थे। वे कितने मामलाें में बरी हुए थे? शोर शराबा के कारण नीतीश मिश्रा का उत्तर नहीं सुना जा सका।
मैं मलाई नहीं चांपता: विजय चौधरी- तेजस्वी ने अपने भाषण में एक बार कहा कि जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी 1990 तक कांग्रेस में रह कर मलाई चांपते थे। बाद में इधर आ गए।
- चौधरी ने तुरंत जवाब दिया-मैं आपके साथ भी रहा हूं। मैं जहां भी रहता हूं, काम करता हूं। मलाई चांपने का काम दूसरों का है।
- चौधरी ने कहा कि तेजस्वी पूर्ववर्ती सरकारों की कमियां गिनाकर कांग्रेस की ही आलोचना कर रहे हैं। कांग्रेस अभी राजद के साथ महागठबंधन में है।
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राज्य ब्यूरो, पटना। राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Yadav) मंगलवार को बिहार विधानसभा में पूरी रौ में दिखे। उन्होंने 1990 से 2005 तक लालू-राबड़ी की सरकार की उपलब्धियां गिनाई। राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया।
उन्होंने सत्तापक्ष से कहा- अब तो जंगलराज जपना छोड़िए और 20 सालों में क्या-क्या किया, उसके बारे में बताइए। तेजस्वी ने अपने भाषण के अंत में सदन से कहा- सब लोग मुझे आशीर्वाद दीजिए, मैं नया बिहार बनाऊंगा। जिस समय तेजस्वी सदन में अपनी बात रख रहे थे, उस समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे।
तेजस्वी ने कहा कि मुझे दुख है कि मेरे लिखे पत्र का मुख्यमंत्री कोई जवाब नहीं देते और न मेरे वक्तव्य के दौरान सदन में मौजूद हैं। हालांकि, तेजस्वी के वक्तव्य खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री सदन में आ गए।
'राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन'तेजस्वी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन है। सरकारें बदल जाती हैं। राज्यपाल बदल जाते हैं, लेकिन अभिभाषण हर साल वही रहता है। आरिफ मोहम्मद खान बिहार के नए राज्यपाल बने हैं। कुछ लोगों ने अभिभाषण का कॉपी दे दिया होगा, जिसे उन्होंने पढ़ दिया है। शायद उन्होंने पिछला अभिभाषण नहीं पढ़ा होगा कि पिछला बजट क्या था?
तेजस्वी ने कहा, 2020 से 2025 के बीच में तीन बार सरकार बदली। दो साल भी किसी सरकार का कार्यकाल नहीं हो पाता है। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और पिछली सरकार में राज्यपाल रहे राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण की कॉपी लेकर विधानसभा आए हैं। इससे पहले के जितने भी राज्यपाल रहे होंगे, सभी का अभिभाषण वही पुराना और घिसा-पिटा रहा है। राज्यपाल कब का अभिभाषण पढ़ रहे थे, लोग पूरी तरह से भ्रम में हैं।
उन्होंने एक शेर पढ़ा- पुराने कागजों में उलझे हैं तुम्हारे दिन और रात, घड़ी देखकर भी भूल जाते हो हर मुलाकात। तेजस्वी ने कहा- राज्य में जब हमलोगों की सरकार थी उस वक्त बड़ी संख्या में पुलिस और शिक्षक के पदों पर बहाली हुई। हमारी सरकार की उपलब्धि को भी इस सरकार की उपलब्धि में जोड़ दिया गया है। राज्यपाल के अभिभाषण में हमारी सरकार की उपलब्धियों को गिनाया गया।
'कत्ल तो नहीं बदला कत्ल की जगह बदली'तेजस्वी सदन में लालू-राबड़ी की सरकार में सरकारी नियुक्तियों और विकास कार्यों का आंकड़ा एवं नीति आयोग की रिपोर्ट से लेकर बिहार के विकास से जुड़ी दो-तीन पुस्तकें भी साथ लाए थे, जिसे उठा-उठाकर अपने भाषण के दौरान कभी आसन की ओर से कभी सरकार-सत्तापक्ष की तरफ दिखा रहे थे।
लिखित में कई शेरो-शायरी भी लाए थे। उन्होंने नीतीश सरकार पर तंज कसते हुए एक शेर पढ़ा- कत्ल तो नहीं बदला, कत्ल की जगह बदली।
उन्होंने आंकड़े के जरिये लालू-राबड़ी की सरकार में हुई नियुक्तियों, स्कूली शिक्षा में सुधार, अफसरशाही पर नकेल और विकास कार्यों के बारे में बताया।
तेजस्वी ने विधायक दल-बदल के मुद्दे पर कहा कि बिहार विधानसभा में कोई नियम-कानून नहीं बचा है। यह सीधे तौर पर कानून का अपमान है कि विपक्ष के लोग सत्ता पक्ष में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विपक्षी विधायक सत्ता पक्ष में कैसे बैठ सकते हैं?
तेजस्वी ने सही तथ्य पर बात करने की मुख्यमंत्री को दी चुनौतीप्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने राज्य के विकास पर सही तथ्यों पर बात करने की चुनौती मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दी। उन्होंने चुनौती के अंदाज में कहा कि 65 प्रतिशत आरक्षण का फिर से प्रस्ताव लाएं। हम उसे लागू कराने के लिए समर्थन करेंगे। जनता ने उन्हें 20 साल मौका दिया, फिर भी बिहार विकसित क्यों नहीं हुआ। इसका जवाब मुख्यमंत्री दें। अगर यह सरकार 40 साल भी रह जाएगी, तब भी पुरानी सरकार को दोष देती रहेगी।
तेजस्वी ने कहा कि राज्य में अफसरशाही, भ्रष्टाचार, महंगाईऔर गरीब-गुरबों पर दमन चरम पर है। 2005 से पहले राज्य में पावरफुल सरकार थी, जो दिल्ली से लड़कर बिहार के लिए हक लेती थी। 1990 के बाद राज्य में किसी माई के लाल में दम नहीं था कि जो गरीब-गुरबों को सताए। गरीबों-शोषितों को यह ताकत लालू प्रसाद ने दिया था।
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Bihar Teacher Transfer: शिक्षकों के ट्रांसफर पर आ गया ताजा अपडेट, सरकार 2 महीने में देगी खुशखबरी
राज्य ब्यूरो, पटना। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी दी कि अगले दो महीने के अंदर शिक्षकों का तबादला (Bihar Teacher Transfer) उनके मन के हिसाब से उनके गृह जिले में कर दिया जाएगा। शिक्षकों से इस बारे में शिक्षा विभाग ने विकल्प के साथ आवेदन मांगे थे।
उन्होंने कहा कि आवेदनों की स्क्रीनिंग कर दो माह में उनका तबादला कर दिया जाएगा। इस बाबत आए एक प्रश्न के जवाब मेें उन्होंने यह सूचना पढ़ी।
विधायक सूर्यकांत पासवान ने उठाया था सवालविधायक सूर्यकांत पासवान ने इस सवाल को उठाया था। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों के एक लाख से अधिक शिक्षकों ने अपने तबादले के लिए आवेदन किया है। शिक्षकों का पदस्थापन गृह जिले से 200 किमी की दूरी पर होने तथा पति-पत्नी के भिन्न-भिन्न स्थानों पर पदस्थापित होने के कारण गंभीर पारिवारिक संकट हो गया है।
शिक्षा मंत्री ने दिया ये जवाबशिक्षा मंत्री ने कहा कि गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों का पदस्थापन (Bihar Teacher Posting) उनके मन के हिसाब से कर दिया गया है। पति-पत्नी दोनों अगर शिक्षक हैं तो उनका तबादला भी उनकी इच्छा के हिसाब से कर दिया जाएगा। तबादले को लेकर सॉफ्टवेयर को तैयार कर लिया गया है।
मंत्री ने कहा कि मन के हिसाब से तबादले का आवेदन देने वाले शिक्षकों अगर तबादले से असंतुष्ट होंगे तो जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनायी गई है, जहां वे अपना आवेदन दे सकेंगे। इसी तरह मुख्यालय में भी एक कमेटी बनायी गयी है जहां असंतुष्ट शिक्षक आवेदन कर सकेंगे।
मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक नहीं, पोर्टल लाइव : शिक्षा मंत्रीशिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने मंगलवार को विधानसभा में आए एक प्रश्न के जवाब में बताया कि मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति पर कोई रोक नहीं है। इसके लिए पोर्टल भी लाइव है। बहादुरगंज के विधायक मो. अंजार नईमी ने इस प्रश्न को उठाया था।
उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से मदरसा शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगी हुई है। इस कारण सैकड़ो मदरसे में या तो एक शिक्षक की या फिर शिक्षक विहीन होने की स्थिति है। इस कारण पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विधानमंडल के बजट सत्र के बाद वह नियुक्ति की प्रक्रिया को आरंभ कराएंगे।
विधानसभा परिसर में विपक्ष का प्रदर्शन, आरक्षण समाप्त करने का लगाया आरोपबिहार विधानसभा के बजट कालीन सत्र के तीसरे दिन मंगलवार की सदन की कार्यवाही शुरू होने के पूर्व विधानसभा परिसर में विपक्ष के नेताओं ने आरक्षण समाप्त करने, दलितों पिछड़ों को दो सौ यूनिट बिजली देने जैसी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया।
राजद-कांग्रेस और वामपंथी सदस्यों ने बजट में गरीबों की अनदेखी किए जाने क्या आरोप लगाते हुए अपनी प्रदर्शन किया और दलितों पिछड़ों के लिए 200 यूनिट फ्री बिजली की मांग की। इसके अलावा, रिक्त पदों को अविलंब भरने और दो लाख के पोर्टल को 31 मार्च तक चालू रखने की मांग उठाई।
दूसरी ओर, राजद और कांग्रेस सदस्यों ने सरकार पर आरक्षण को समाप्त करने के आरोप लगाए। प्रदर्शन कर रहे विधायकों ने कहा कि जाति आधारित गणना के बाद राज्य सरकार ने आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 65 प्रतिशत किया मगर उसे समाप्त करने की साजिश की गई।
राजद के बार-बार के आग्रह और प्रस्ताव देने के बाद भी संशोधित आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया। इन सदस्यों ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति को आवश्यक रूप से 65 प्रतिशम आरक्षण देने की मांग उठाई और कहा कि सरकार विपक्ष को सुने और संशोधित आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करे।
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