Bihar News

नीतीश कुमार से हो गई गलती? Waqf Bill पर JDU नेताओं ने ही खोल दिया मोर्चा, बोले- ये मुसलमानों के खिलाफ

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 7:47pm

राज्य ब्यूरो, पटना। वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) के समर्थन के बाद जदयू (JDU) के कुछ नेताओं का विरोध मुखर हो गया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद गुलाम रसूल बलियावी ने कहा कि बुधवार की रात संसद में सभी दलों का पर्दा उठ गया। सांप्रदायिक और धर्मनिरपेक्ष दलों का अंतर समाप्त हो गया।

उन्होंने कहा कि वे जल्द ही मुस्लिम संगठनों की बैठक बुलाएंगे। विचार करेंगे कि इस बिल को किस अदालत में चुनौती दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट, जहां कहीं हो, हमलोग इस बिल को चुनौती देंगे।

जदयू MLC बोले- मुसलमानों के जख्मों पर नमक छिड़का

इधर, जदयू के विधान परिषद सदस्य प्रो. गुलाम गौस ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों के जख्म पर नमक छिड़कने की तरह है। टूटे हुए दिल से बस यही एक बात जुबान पर आती है कि मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है, फैसला हमें क्या देगा?

प्रो. गौस ने कहा कि कभी बाबरी-दादरी, कभी लव जिहाद, घर वापसी, तीन तलाक, सीएए, एनआरसी, 370, मॉब लिंचिंग वगैरह का कहर बरपा किया जाता रहा है। अब वक्फ की आड़ में समस्त मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है। इस समाज को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

यह मुस्लिम पहचान, धार्मिक आजादी और संस्कृति पर सीधा हमला है: दीपंकर

दूसरी ओर, भाकपा माले के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा है कि वक्फ बिल मुस्लिम पहचान, धार्मिक आजादी और संस्कृति पर सीधा हमला है। वक्फ बोर्ड मुस्लिमों की दान में दी गई जमीन और धार्मिक-सांस्कृतिक जगहों से जुड़े मामलों को देखता है। इस नए बदलाव से ऐसी सभी जमीनों, संपत्तियों और संस्थानों का रजिस्ट्रेशन रूरी होगा और इससे जुड़े हर विवाद का फैसला राज्य के प्रतिनिधियों द्वारा किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार मुस्लिमों को निशाना बनाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रही है। उन्होंने कहा कि इससे संविधान कमजोर हो रहा है। सबकी आजादी खतरे में है।

उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून (सीएए) के जरिए मुस्लिमों को बाकी लोगों से अलग किया गया, जो संविधान के बुनियादी सिद्धांत के खिलाफ था कि धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं होगा। फिर यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के बहाने मुस्लिम समाज को निशाने पर लिया गया। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हो गया है, जो अलग-अलग धर्मों और जातियों के बीच शादी और बड़े होकर अपनी मर्जी से साथ रहने की आजादी पर बड़ा हमला है।

ये भी पढ़ें- Waqf Property : बिहार के इन 3 शहरों में वक्फ की 350 एकड़ जमीन, ऑल इंडिया कौमी तंजीम की बढ़ी टेंशन

ये भी पढ़ें- 'मस्जिदों और दरगाहों पर...', वक्फ संशोधन बिल पर क्या बोले सम्राट चौधरी; लालू यादव पर साधा निशाना

Categories: Bihar News

Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल को लेकर बिहार के सभी जिलों में पुलिस अलर्ट, सोशल मीडिया पर भी नजर

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 7:34pm

राज्य ब्यूरो, पटना। केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल को लेकर राज्य के सभी जिलों की पुलिस को अलर्ट किया गया है।

बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी प्रभागों के एडीजी, सभी जोन के आईजी-डीआईजी से लेकर सभी जिलों के एसएसपी, एसपी और रेल एसपी को शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

इसको लेकर पुलिस ने भी बुधवार से ही सतर्कता बढ़ा दी है। इंटरनेट मीडिया की भी निगरानी की जा रही है। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वालों से सख्ती से पेश आने को कहा गया है।

बुधवार को लोकसभा में पास हुआ वक्फ संशोधन विधेयक

दरअसल, बुधवार को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पास हुआ, जबकि गुरुवार को राज्यसभा में विमर्श हो रहा है। इस बिल के विरोध में कई जगह प्रदर्शन की आशंका जताई गई है।

अपर पुलिस महानिदेशक (विधि-व्यवस्था) पंकज दराद की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि किसी भी हाल में राज्य की शांति व्यवस्था ना बिगड़े इसका पूरा ख्याल रखा जाए। अगर कहीं कोई कानून के साथ खिलवाड़ करता है तो उसके विरुद्ध तत्काल उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।

पुलिस अलर्ट के बाद सभी जिलों में पुलिस गश्ती बढ़ा दी गई है। सभी जिलों में संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को लगाया गया है। रामनवमी को लेकर भी पुलिस अलर्ट मोड में है।

यह भी पढ़ें-

Waqf Bill: वक्फ बिल संशोधन पर सियासी बवाल, मुकेश सहनी ने दी नसीहत; मांझी ने लालू तो चिराग ने विपक्ष को घेरा

Waqf Bill: मुसलमानों के आदर्श क्या वोटों की दलाली करने वाले होंगे? आखिर लोकसभा में क्यों भड़के रविशंकर प्रसाद

Categories: Bihar News

Bihar Land Survey: भूमि सर्वे के बीच जमीन मालिकों को बड़ी राहत, नीतीश सरकार ने आसान कर दिया ये काम

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 6:12pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने भूमि सर्वेक्षण (Bihar Land Survey) के लिए स्वघोषणा जमा करने में देरी करने वाले रैयतों को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कहा- अभी आपके पास जमीन से जुड़ा जो भी उपलब्ध कागजात है, उसी आधार पर ऑनलाइन स्वघोषणा जमा कर दें। बाकी कागजात किस्तवार एवं खानापुरी की प्रक्रिया के समय जमा करा दें।

उन्होंने स्वघोषणा की तिथि बढ़ाने की संभावना पर भी विचार किया। इसमें आने वाली तकनीकी एवं कानूनी बाधाओं के अध्ययन का निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि 31 मार्च तक कुल एक करोड़, 15 लाख 916 स्वघोषणा प्राप्त हुई है। ये ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में जमा कराए गए हैं।

1.35 करोड़ स्वघोषणा जमा होने की उम्मीद

इसमें दूसरे चरण में शुरू किए गए 36 जिलों के सभी 445 अंचलों (सर्वे शिविरों) में रैयतों द्वारा जमा की गई स्वघोषणा की संख्या को भी जोड़ा गया है। राज्य में करीब चार करोड़ जमाबंदी है।

एक करोड़ 35 लाख स्वघोषणा जमा होने की उम्मीद है। मंत्री ने भूमि सर्वेक्षण में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जिलों को सुधार के लिए 15 दिनों का समय दिया।

ये है स्वघोषणा का स्टेटस

पश्चिम चंपारण जिले के पांच अंचलों- बेतिया, पिपरासी, मधुबनी, ठकराहा और भितहा एवं पूर्वी चंपारण जिले के पांच अंचलों- पिपराकोठी, तुरकौलिया, बनकटवा, छौड़ादानो और रक्सौल में स्वघोषणा की संख्या काफी कम रही।

बेतिया सदर में अबतक मात्र 187 स्वघोषणा ही प्राप्त हुई है, जबकि पिपरासी अंचल में प्राप्त स्वघोषणा की संख्या मात्र 524 है।

दूसरी तरफ, अररिया सदर अंचल एवं दरभंगा के बिरौल बहेड़ी, कुशेश्वर स्थान, अररिया के जौकीहाट, फारबिसगंज एवं पलासी में भी बड़ी संख्या में रैयतों ने स्वघोषणा जमा किया है।

इसी प्रकार समस्तीपुर के कल्याणपुर और औरंगाबाद के नबीनगर सर्वे शिविर की स्थिति भी स्वघोषणा प्राप्त करने के मामले में संतोषप्रद है।

ये भी पढ़ें- Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार सख्त, इन अफसरों पर गिरेगी गाज; अंचलों की बन गई लिस्ट

ये भी पढ़ें- Bihar Jamin Jamabandi: 1958 में अधिग्रहित जमीन की अवैध खरीद-बिक्री, आरा में जमाबंदी रद करने की तैयारी

Categories: Bihar News

Bihar News:'अपराध की यूनिवर्सिटी बना बिहार', बीजेपी और जदयू पर बरसे कांग्रेस नेता; लॉ एंड ऑर्डर पर उठाए सवाल

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 2:59pm

राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है। कांग्रेस ने बिहार की भाजपा और जदयू की सरकार को अपराध का जनक बताया और कहा कि इन दो राजनीतिक दलों ने मिलकर बिहार को अपराध का विश्वविद्यालय बना दिया है। कांग्रेस के पूर्व सांसद और पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ अजय कुमार गुरुवार को पटना में थे। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की।

CM नीतीश पर साधा निशाना

डॉ अजय ने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने 20 वर्षों के शासन में बिहार को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। महिलाओं के प्रति पहले अपराध नहीं होते थे। न ही बच्चों के खिलाफ अपराध थे, लेकिन आज अपराध का बोलबाला है। यहां तक कि खुद पुलिस वालों की हत्या हो जा रही है। दलित महिलाओं की हालत चिंताजनक है।

डॉ अजय ने कहा कि लालू के शासन काल को लेकर जंगलराज का परसेप्शन बनाया गयाले किन नीतीश के तथाकथित सुशाशन में क्या हो रहा है, सब कोई देख समझ रहे हैं।

पुलिस की कार्यशैली और पुलिस में उपलब्ध कार्य बल को लेकर भी डॉक्टर अजय ने नीतीश कुमार के साथ ही जदयू और भाजपा की सरकार पर के खिलाफ जमकर आरोप लगाया।

बढ़ते अपराध को लेकर बोला हमला

उन्होंने कहा कि 2005 से 2022 के बीच अपराध में लगभग 400% की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, आबादी महज 30% ही बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इस डबल इंजन की सरकार ने बिहार के भविष्य को अंधकार में बदल दिया है।

इससे पहले बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने कहा कि बिहार में अपराध बढ़ गया है। लॉ एंड आर्डर पर कोई नियंत्रण नहीं। बढ़ते अपराध चिंता का विषय हैं। इस पर कांग्रेस अब मौन नहीं रह सकती है। पार्टी ने तय किया है कि एक महीने तक वह चार्जशीट जारी करेगी।

इस कार्यक्रम में बिहार के साथ केंद्रीय स्तर के नेता बिहार के अपराध का हाल बताएंगे। प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के कई बड़े नेता अभय दुबे, राजेश राठौर, मदन मोहन झा, प्रियंका, टीना के साथ ही पार्टी के दूसरे कई नेता उपस्थित रहे।

ये भी पढ़ें

Bihar Politics: तीसरे दांव में भी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी चित, फिर भी पराजय धमकदार

Waqf Bill: मुसलमानों के आदर्श क्या वोटों की दलाली करने वाले होंगे? आखिर लोकसभा में क्यों भड़के रविशंकर प्रसाद

Categories: Bihar News

Danapur News: दानापुर से अपहृत होटल संचालक बरामद, 5 क्रिमिनल गिरफ्तार; हवाला से जुड़ा है मामला

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 2:22pm

संवाद सहयोगी, दानापुर (पटना)। Patna News: थाना क्षेत्र के मंगलम इंक्लेब इलाके से बदमाशों ने एक होटल संचालक का अपहरण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही दानापुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में बनी एसआइटी टीम ने महज पांच घंटे के अंदर ही मनेर के गौरैयास्थान इलाके से होटल संचालक को बरामद कर लिया।

साथ ही पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया। घटना में हवाला का भी मामला सामने आया है। शाहपुर थाना क्षेत्र के लोदीपुर चांदमारी निवासी मोहन प्रसाद के अपहृत पुत्र पकंज कुमार का सगुना मोड़ के मंगलम इंक्लेब मोड़ के निकट होटल ड्रीम विला है।

मंगलवार की देर शाम होटल के पास से अपराधियों ने पंकज को अगवा कर लिया। सूचना मिलते हीं पुलिस टीम सक्रिय हो गई। एएसपी ने थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज के नेतृत्व में एसआइटी टीम बनाई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए मनेर थाना क्षेत्र के गौरेया स्थान बगीचा से पंकज को सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही घटना में शामिल पांच अपराधियों को धर दबोचा।

इसमें, फुलवारीशरीफ अनीसाबाद बलमीचक निवासी रितिक कुमार, वैजु कुमार, फुलवारीशरीफ अनीसाबाद निवासी सत्यम कुमार, रवि कुमार व गोरियाटोली निवासी आशीष कुमार उर्फ गोलू शामिल है। बताया जाता है कि होटल संचालक पंकज का बनारस के एक व्यक्ति से हवाला के रुपये को ठिकाने लगाने के लिए बातचीत हुई।

इसके बाद उस व्यक्ति ने 25 लाख रुपए दूसरे व्यक्ति को पहुंचाने के लिए उसे 30 लाख रुपए देने की बात कही थी। बताए गए व्यक्ति को 25 लाख पहुंचाने के बाद उसके बदले पंकज को 30 लाख नहीं दिया गया। इसके बाद पंकज ने साथियों के साथ जिसे रुपये दिये थे, उसका अपहरण कर मारपीट की। इसके बाद उसने 25 लाख रुपये उसे लौटा दिया। लेकिन, पंकज ने साथियों से दो लाख देने का जो वादा किया था वह पूरा नहीं किया। इसी को लेकर साथियों ने अपहरण की साजिश रची।

पंकज के होटल में बनारस से आये जाफर नामक व्यक्ति ने बनारस में हवाला का काम करने वाले एक व्यक्ति से मुलाकात करवाई थी। इसके बाद पंकज इस काम को करने के लिए तैयार हो गया था। एएसपी भानू प्रताप सिंह ने बताया कि अनुसंधान में ये बात प्रकाश में आयी है कि इस कांड के अपहृत एवं गिरफ्तार अभियुक्त हवाला का काम करते थे। इनके द्वारा एक बनारस के व्यापारी से 25 लाख प्राप्त हुआ था।

उसी पैसा के बंटवारा को लेकर अपहृत एवं अभियुक्तों के बीच विवाद हुआ और घटना को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि पंकज बनारस के रहने वाले एक व्यक्ति को अगवा कर लाया था, पूरा मामला हवाला से जुड़ा है।

जांच मे 25 लाख फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आयी है और काल रिकार्डिंग मिली है। इसमें, वितीय लेन-देन दूसरे देश से होने की बात सामने आई है। इसको लेकर आर्थिक अपराध इकाई समेत वरीय अधिकारी को सूचित किया गया है। एएसपी ने बताया कि पंकज को भी न्यायिक हिरासत में भेजा जायेगा।

ये भी पढ़ें

Bihar News: सुपौल से दिल्ली जा रही बस में लगी भीषण आग, मची चीख-पुकार; 125 यात्री थे सवार

Khagaria News: खगड़िया में दर्दनाक हादसा, घर में आग लगने से 2 सगे भाई जिंदा जले

Categories: Bihar News

Patna News: बिहटा में भूमि विवाद को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग, मां-बेटा-बहू समेत चार लोग जख्मी हो गए

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 1:55pm

संवाद सूत्र, बिहटा। Patna News: बीती देर रात को बिहटा थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षो में गोलीबारी हुई। रात को अचानक गोली चलने की सूचना पर इलाके में दहशत कायम हो गया। गांव के लोग जबतक घर से निकल मामला को समझ पाते तब तक मां-बेटा-बहू- समेत चार लोग जख्मी हो गए।

घायलों की पहचान डुमरी निवासी स्व. रामरत्न राम की पत्नी आशा देवी, उनकी बहू अनिता देवी (35 वर्ष), बेटा चंदन कुमार और दूसरे पक्ष के संजीव उर्फ टानी (50 वर्ष) के रूप में की जा रही है। मौके वारदात पर पुलिस ने पहुंच सभी को आनन-फानन में उठाकर रेफरल अस्पताल में भर्ती करवाया।

जहां से चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया। इस संबंध में जख्मी चंदन कुमार ने पुलिस को बताया कि जमालपुर गांव निवासी बिल्ली गोप, गोलू कुमार, राहुल कुमार समेत करीब अन्य एक दर्जन अपराधियों ने रात में अचानक उनके घर पर हमला कर ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। इस संबंध में बिहटा डीएसपी पंकज मिश्रा ने बताया कि आशा देवी की दो बहन है।

डुमरी में दोनों बहनों को मायके में मिले भूमि को लेकर पुराना विवाद चला आ रहा है, जिसमें दोनों के बीच रात को गोलीबारी की गई है। उन्होंने कहा कि फारेंसिक जांच टीम को बुला कर मामले की छानबीन शुरू कर दी गयी है। बहुत जल्द सभी अपराधी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें

Bihar News: सुपौल से दिल्ली जा रही बस में लगी भीषण आग, मची चीख-पुकार; 125 यात्री थे सवार

Khagaria News: खगड़िया में दर्दनाक हादसा, घर में आग लगने से 2 सगे भाई जिंदा जले

Categories: Bihar News

Patna News: मसौढ़ी में सनकी पिता बना हैवान, 3 महीने के इकलौते बेटे को जमीन पर पटक मार डाला; वजह जान चौंक गए लोग

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 10:31am

संवाद सहयोगी, मसौढ़ी (पटना)। Patna News: पटना के मसौढ़ी के लहसूना थाना स्थित घोरहुंआ गांव में बीते मंगलवार की रात एक सनकी पिता ने सो रहे तीन माह के अपने इकलौते मासूम पुत्र को जमीन पर पटककर मार डाला। इस दौरान अपने बच्चे को बचाने आई उसकी मां के साथ भी उसने मारपीट की। इस संबंध में बच्चे की मां गुड्डी कुमारी ने अपने पति स्व. देवेन्द्र सिंह के पुत्र विकास कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।

इधर पुलिस मौके पर पहुंच बच्चे के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया। पुलिस ने बुधवार की दोपहर आरोपित विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया।

सूखा नशा करता था शख्स

ग्रामीणों की माने तो विकास सूखा नशा स्मैक वगैरह का आदि हो चुका है, और घटना के वक्त वह काफी नशे में था। इस संबंध में गुड्डी व विकास की बहन मोना ने पुलिस के समक्ष बताया कि विकास पेशे से मजदूरी करता है। 

सूखा नशा क्या होता है?

सूखा नशा के तहत गांजा, सिगरेट, तंबाकू, चरस, स्मैक, हेरोइन और ड्रग्स आते हैं। इस करने के बाद लोगों के दिमाग पर खतरनाक तरीके से असर होता है। इस स्थिति में वह किसी भी तरह के क्राइम को अंजाम देने के लिए तैयार रहता है।

पत्नी और बहने से पहले हुई लड़ाई, इसके बाद बेटे की कर दी हत्या

मंगलवार की शाम वह घर आया और खाना खाये बिना कमरे में चला गया। उन्होंने बताया कि उसे मच्छर से बचाने के लिए घर में रखे अंडे के कागज से बने ट्रे को जलाकर विकास के बगल वाले कमरे में रख दिया,ताकि मच्छर नहीं काट सके। आरोप है कि धुआं की वजह से विकास कमरे से निकल अपनी पत्नी व बहन को भला बुरा कहा और इस दौरान उनके बीच बात बढ़ गई।

बच्चे को जमीन पर पटक कर मार डाला

इससे गुस्से में विकास एक चौकी पर सौ रहे तीन माह के अपने बच्चे को उठाकर पहले चौकी पर ही पटक दिया। इतना से भी उसका मन नहीं भरा तो उसने बच्चे को दुबारा उठाकर जमीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद वह घर छोड़कर भाग निकला। हालांकि, बाद में स्वजन बच्चे को एक नर्सिंग होम व अनुमंडलीय अस्पताल में ले गए।

लेकिन, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार की सुबह खबर पाकर लहसूना पुलिस शव को बरामद की और दोपहर होते-होते विकास को घोरहुंआ स्थित उसके घर के पिछवाड़े से गिरफ्तार कर लिया। बाद में एफएसएल की टीम पटना से पहुंची और जांच के लिए नमूना ले गई।

पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

इधर लहसुना थानाध्यक्ष खुश्बू खातुन ने बताया कि विकास को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मिली जानकारी के अनुसार विकास कुमार ने पुनपुन के चिनियाबेला निवासी स्व. अजीत सिंह की पुत्री गुड्डी कुमारी के साथ डेढ़ साल पूर्व प्रेम विवाह किया था।

इधर तीन माह पूर्व गुड्डी कुमारी ने एक पुत्र जन्म दिया। घोरहुंआ के घर में विकास व उसकी पत्नी के अलावे उसकी मां एवं इधर तीन चार माह से पुनपुन के पीपरा में विवाहित उसकी बहन रह रही थी।

ये भी पढ़ें

Patna News: घर पर आधी रात फाइल साइन कराने पहुंच गया कुलपति का गार्ड, भड़के पीपीयू के कुलसचिव पहुंच गए थाने

Patna Crime News: फतुहा में व्यावसायी की गोली मारकर हत्या, विरोध में ग्रामीणों ने किया फतुहा-पटना स्टेट हाइवे जाम

Categories: Bihar News

Patna News: चैती छठ पर बदली पटना की यातायात व्यवस्था, दो दिनों तक शहर के इन रास्तों पर वाहनों की एंट्री बैन

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 9:57am

जागरण संवाददाता, पटना। चैती छठ को लेकर दो दिनों तक शहर की यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। जिला प्रशासन के ट्रैफिक प्लान के अनुसार तीन अप्रैल को दोपहर 12 बजे से शाम सात बजे तक तथा चार अप्रैल को देर रात दो बजे से सुबह आठ तक यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

इस दौरान कई मार्गों पर वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित किया गया है। जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ट्रैफिक एसपी अपराजित लोहान ने यह प्लान जारी किया है।

इन रास्तों में बदली यातायात व्यवस्था
  • अशोक राजपथ से पूरब दीदारगंज तक किसी प्रकार के वाहनों का परिचालन नहीं होगा। इस मार्ग के सभी एंट्री प्वाइंट बंद रहेंगे।
  • केवल खजांची रोड से पटना कॉलेज, पटना साइंस कॉलेज परिसर में पार्किंग के लिए छठ व्रतियों की गाड़ियां ही जाएंगी।
  • कारगिल चौक से पश्चिम शाहपुर तक छठ व्रतियों की गाड़ियों का परिचालन होगा। सांध्यकालीन अर्घ्य को देखते हुए तीन मार्च को दो बजे से 5.30 बजे तक एवं चार को तीन बजे भोर से छह बजे तक दीघा मोड़ से आशियाना की ओर वाहनों का परिचालन नहीं होगा।
  • इस अवधि में वाहन रामजीचक मोड़ से नजर रोड होते हुए नेहरू पथ की ओर जा सकेंगे। गायघाट की ओर जानेवाले वाहन पुराने अथवा नए बाइपास धनुकी मोड़, शीतला माता मंदिर अथवा बिस्कोमान गोलंबर से गायघाट की ओर जाएंगे। पास के निर्धारित स्थल पर इन वाहनों को पार्क किया जाएगा।
  • जेपी गंगा पथ का उपयोग वर्जित रहेगा। कंगनघाट से मरीन ड्राइव पर पश्चिम की ओर वाहनों का प्रवेश नहीं होगा।
  • जेपी सेतु पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। जेपी सेतु से राजधानी जानेवाले वाहनों को जेपी गंगा पथ पर नहीं आने दिया जाएगा।
  • ये जेपी सेतु के संपर्क पथ से दीघा थाना होते हुए बढ़ेंगे। लोगों से इस अवधि में सोनपुर, छपरा, हाजीपुर जाने के लिए महात्मा गांधी सेतु के उपयोग का अनुरोध किया गया है। रामजीचक आरओबी से वाहन नहीं जाएंगे।
  • दीघा में अशोक राजपथ से जेपी सेतु के नीचे व्रतियों का वाहन पाटली पथ उत्तरी छोर के पास यूटर्न करा पाटली पथ पर पार्क कराया जाएगा। अटल पथ से जेपी सेतु की ओर सामान्य वाहन नहीं चलेंगे।
इस रास्ते से जा सकेंगे इमरजेंसी वाहन

इमरजेंसी वाहनों को अशोक राजपथ व रूपसपुर नहर मोड़ से रामजीचक आरओबी के नीचे से जेपी सेतु के रास्ते जाने दिया जाएगा। अटल पथ पर दीघा से आर ब्लॉक की तरफ भी वाहनों का परिचालन प्रतिबंधित किया गया है। वाहनों के पार्किंग की अनुमति भी नहीं होगी।

छठ व्रतियों के वाहन 3.30 बजे तक जेपी सेतु पूर्वी घाट तक जा सकेंगे। इसके बाद आनेवाले वाहनों की पार्किंग अटल पथ के पश्चिमी ले में की जाएगी। वहां से व्रतियों को पैदल जाना होगा। पाटीपुल घाट, दीघा घाट, शिवा घाट एवं मीनार घाट पर आनेवाले व्रतियों के वाहन पास के पार्किंग स्थल पर लगेंगे।

वहां से व्रती व स्वजन पैदल ही घाटों पर जाएंगे। इन घाटों पर वाहनों का प्रवेश व निकास जेपी सेतु के संपर्क पथ से रूपसपुर नहर रोड से होगा। जेपी गंगा पथ पर दीघा गोलंबर से गायघाट तक दोनेां फ्लैंक में वाहनों के परिचालन पर रोक है। जेपी गंगा पथ पर वाहन नहीं रुकेंगे।

शोक राजपथ पर आएंगे तो उन्हें गांधी चौक से बारी पथ में डायवर्ट कर दिया जाएगा। उन्हें अशोक राजपथ से गांधी मैदान की ओर नहीं जाने दिया जाएगा। बिहटा से पूरब की ओर जानेवाले ट्रकों का परिचालन कन्हौली मोड़ से बहटा-सरमेरा पथ के रास्ते न्यू बाइपास फतुहा ओवरब्रिज के पास आना होगा।

नगर सेवा की पटना जंक्शन से दानापुर जानेवाली बसें गांधी मैदान में गेट नंबर 10 के अंदर पार्क की जाएगी। राजधानी में चल रहे निर्माण कार्यों से जुड़े वाहनों का परिचालन पहले दिन 10 बजे से चार अप्रैल की दोपहर 12 बजे तक वर्जित रहेगा।

ये भी पढ़ें

Chaiti Chhath Puja: खरना के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू, आयुष्मान योग में सायंकालीन अर्घ्य आज

Patna Mahavir Mandir: रात 2 बजे खुलेगा महावीर मंदिर का पट, रामनवमी पर भक्तों के लिए की गई स्पेशल व्यवस्था

Categories: Bihar News

Income Tax Return 2025: आयकर रिटर्न दाखिल करने में बड़ा बदलाव, ऑटो मोड में रहेगा नया आयकर स्लैब

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 9:03am

जागरण संवाददाता, पटना। अब वित्तीय वर्ष के बदलाव के साथ ही आयकर रिटर्न दाखिल करने की प्रक्रिया में भी बदलाव हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 से नई कर व्यवस्था डिफॉल्ट मोड में लागू कर दी गई है। इनकम टैक्स रिटर्न (आइटीआर) दाखिल करते समय अब आयकरदाता को डिफॉल्ट मोड में नया आयकर रीजीम देखने को मिलेगा।

टैक्स रिजीम चुनने का विकल्प

यदि किसी आयकरदाता को पुराने आयकर रीजीम के आधार पर आयकर भरना हो तो उन्हें इसमें बदलाव कर ओल्ड स्कीम से आयकर भरने की प्रक्रिया करनी होगी। इसमें करदाताओं के पास टैक्स रीजीम चुनने का विकल्प होगा। जिन्हें लगता है कि उनके लिए पुराने स्लैब फायदेमंद है तो वह पुरानी स्लैब व्यवस्था का उपयोग कर सकते है।

सीए आशीष रोहतगी व सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि बिना किसी व्यावसायिक आय वाले पात्र व्यक्तियों के पास प्रत्येक वर्ष के लिए व्यवस्था चुनने का विकल्प होगा। इसलिए वे एक वित्तीय वर्ष में पुरानी कर व्यवस्था और दूसरे वर्ष में नई कर व्यवस्था चुन सकते हैं।

न्यू रीजीम से फाइल कर सकते हैं ITR

उन्होंने बताया कि यदि कोई नियोक्ता अपने कर्मी का पुरानी व्यवस्था से टीडीएस का डिडक्शन काट लिया है, कर्मी चाहे तो न्यू रीजीम के तहत आइटीआर फाइल कर सकते है। उन्होंने बताया कि एक अप्रैल से अन्य चीजों में भी बदलाव हुए है।

1 अप्रैल से हुए बदलाव
  • इसके तहत बैंकिंग फ्रॉड से बचाव को लेकर नए चेक वेरिफिकेशन नियम लागू किए गए है। इसके अतिरिक्त पांच हजार रुपये से अधिक के चेक पेमेंट के लिए अब चेक नंबर, तिथि, लाभार्थी का नाम और राशि का सत्यापन करना होगा।
  • साथ ही रुपये डेबिट कार्ड में नए फीचर्स को जोड़ा जा रहा है। इसमें एयरपोर्ट लाउंज में आना-जाना, इंश्योरेंस आदि सुविधा भी मिलेगी। इसके अतिरिक्त अब एटीएम से फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा भी तीन बार ही होगी।
  • न्यूनतम बैलेंस की सीमा को लेकर भी नियम लागू किया जा रहा है। सीनियर सिटिजन्स के लिए टीडीएस कटौती की भी अधिकतम सीमा बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। यह राशि पहले 50 हजार रुपये थी।
अब 12 लाख रुपये तक कोई आयकर नहीं

नए टैक्स रीजीम में 12 लाख रुपये तक किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं देय होगा। साथ ही अपडेटेड टैक्स रिटर्न दाखिल करने की सीमा 24 महीने से बढ़कर 48 महीने तक हो जाएंगी।

इसके साथ ही मकान मालिकों को रेंट से होने वाली आय पर टीडीएस कटौती की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये सालाना कर दिया गया है। पहले दो लाख 40 हजार रुपये वार्षिक थी।

10 लाख रुपये से अधिक के विदेशी ट्रांजैक्शन टीसीएस (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) लगेंगे। पहले यह सीमा सात लाख रुपये थीं।

लांग टर्म कैपिटल गेन सीमा बढ़ेगी

सीए आशीष रोहतगी एवं सीए रश्मि गुप्ता ने बताया कि आयकर बदलाव के तहत एक अप्रैल से डिविडेंट इनकम पर टीडीएस कटौती अब 10 हजार रुपये प्रति वर्ष कर दी जाएगी।

पहले यह पांच हजार रुपये थी। साथ ही कैपिटल गेन में बदलाव करते हुए अब लांग टर्म कैपिटल गेन छूट की सीमा 1.25 लाख रुपये कर दी गई है।

पार्टनरशिप फार्म अपने पाटर्नर्स को सैलरी एवं कैपिटल पर इंट्रेंस पर अब अनिवार्य रूप से टीडीएस काटने होंगे। पहले यह लागू नहीं था।

ये भी पढ़ें

New Rules From April 1: आज से बदल जाएंगे 6 बड़े नियम, बैंकिंग से लेकर डिजिटल पेमेंट में होंगे बदलाव

क्यों बदल रहा 64 साल पुराना टैक्स कानून; ग्रेच्युटी, पेंशन और VRS में क्या हुआ बदलाव?

Categories: Bihar News

Waqf Bill: वक्फ बिल संशोधन पर सियासी बवाल, मुकेश सहनी ने दी नसीहत; मांझी ने लालू तो चिराग ने विपक्ष को घेरा

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 8:48am

राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: विकासशील इंसान पार्टी (वीआइपी) के संस्थापक और पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Amendment Bill) को ले केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने नसीहत देते हुए कहा भाजपा तोडऩे नहीं बल्कि जोड़ने की राजनीति करे।

सहनी ने कहा केंद्र की मोदी सरकार विधेयक के नाम पर धु्रवीकरण के प्रयास कर रही है। जबकि इस मुद्दे से जनता को सीधा लाभ नहीं, लेकिन विधेयक का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है। महंगाई और बेरोजगारी से ध्यान हटाने के लिए इस विधेयक पर विवाद पैदा किया जा रहा है।

समाज में भाई को भाई से लड़ाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस चुनाव बिहार में जनता ऐसी साम्प्रदायिक शक्तियों का अंत कर देगी। उन्होंने पीएम को सलाह देते हुए कहा कि वे तीसरी बार जनता द्वारा चुने गए हैं, इसलिए उन्हें देशहित में काम करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

चिराग पासवान बोले- विपक्ष भ्रम फैला रहा

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि वक्फ कानून में 2013 तक संशोधन होते रहे हैं, लेकिन तब तो किसी ने उसमें भ्रम फैलाने का काम नहीं किया। आज विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है कि वक्फ बिल मुसलमान विरोधी है या अंसवैधानिक है। जो संशोधन हुआ है, वह इस सोच के साथ किया गया है कि कैसे इसे और शक्तियां प्रदान की जाएं या जो लोग जिनके साथ अन्याय हो रहा है, कैसे उन्हें न्याय दिलाया जाए।

 जदयू, हम, लोजपा ने मुसलमानों को धोखा दिया: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष

बिहार कांग्रेस ने जदयू के साथ ही लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा पर मुसलमानों के साथ धोखा करने के आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने बुधवार को कहा कि नीतीश कुमार इस राज्य के मुखिया होने के साथ ही जदयू के भी अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने भाजपा के दबाव में वक्फ संशोधन विधेयक को अपना समर्थन दे दिया है। उनका यह कदम बेहद निराशाजनक है।

राजेश ने कहा कि लोकसभा में आज जो वक्फ बिल पेश किया गया है वह केंद्र सरकार का बेहद दुर्भाग्यपूर्ण कदम है। लेकिन इससे दुखद बात यह है कि जिन नीतीश कुमार के सहयोग से केंद्र की भाजपा सरकार चल रही है उसने भी दबाव में आकर बिल का समर्थन कर दिया है।

नीतीश कुमार के इस कदम से मुसलमानों को साथ लेकर चलने के उनके दावे की पोल खुल गई है। जदयू के साथ ही भाजपा की सहयोगी लोजपा रामविलास और जीतन राम मांझी की हम जिस प्रकार से बिल पर मौन है उससे यह बात साबित हो गई है कि सत्ता के मोह में इन्हें मुसलमानों को धोखा देने से भी परहेज नहीं।

लालू ने की थी वक्फ के कड़े कानून की मांग: मांझी

हम के संरक्षक एवं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध सिर्फ इसलिए किया जा रहा है, क्योंकि यह कानून मोदी सरकार ला रही है। 2010 में लालू प्रसाद ने वक्फ के कड़े कानून बनाए जाने की बात कही थी।

एक्स पर इससे जुड़ा वीडियो जारी करते हुए लिखा है कि मेरा आइएनडीआइए वालों से आग्रह है कि लालू की बातों को ध्यान से सुनें और संशोधन बिल के पक्ष में मतदान करें।

Categories: Bihar News

Bihar News: बिहार के युवाओं को बड़ी सौगात, खोले जाएंगे 18 मेडिकल कॉलेज; स्वास्थ्य मंत्री ने किया एलान

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 8:03am

जागरण संवाददाता, पटना सिटी। अगमकुआं स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को आयोजित कॉलेज के 56वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बड़ा एलान किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 4-5 साल में प्रदेश में 18 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

बिहार में बढ़ेगी मेडिकल कॉलेजों की संख्या

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आजादी के 58 वर्षों बाद 2005 तक बिहार में केवल 9 मेडिकल कॉलेज थे। इसके बाद महज बीस सालों में 24 मेडिकल कॉलेज खोले गए।

अगले चार-पांच सालों में पांच प्राइवेट और 13 सरकारी समेत कुल 18 मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। तब बिहार में कॉलेजों की संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी। इन सभी कॉलेजों के संचालन के लिए बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है।

4.5 करोड़ की लागत से विकसित होगा नालंदा मेडिकल कॉलेज का सभागार

स्वास्थ्य मंत्री ने 4.5 करोड़ रुपये से नालंदा मेडिकल कॉलेज के सभागार को अत्याधुनिक रूप से विकसित करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार स्वस्थ बिहार समृद्ध बिहार बनाने को वचनबद्ध है। नियमित टीकाकरण, सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की उपलब्धता में बिहार देशभर में नंबर एक पर है।

आयुष्मान योजना के तहत एक हजार करोड़ लोगों को मिला लाभ

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के तहत गत वर्ष एक हजार करोड़ रुपए का लाभ मरीजों को दिया गया। एक हजार करोड़ रुपए से अधिक की दवाइयां मरीजों में बांटी गई। बिहार के स्वास्थ्य विभाग का बजट बीस हजार करोड़ रुपये से अधिक का है।

स्वास्थ्य मंत्री ने नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध चिकित्सकीय व्यवस्था का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 30 बेड की नशामुक्ति इकाई बनी।

सेंटर आफ एक्सीलेंस, सभागार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल, बीएससी नर्सिंग कॉलेज, छात्रावास, यूजी व पीजी का चार सौ बेड का छात्रावास, स्किल लैब, दीदी की रसोई समेत अन्य उपलब्धियां गिनाईं।

उन्होंने एनएमसीएच को पूर्ववर्ती छात्र सम्मेलन करने के लिए कहा। स्वास्थ्य मंत्री ने कॉलेज की स्मारिका का विमोचन किया। उन्होंने एनएमसीएच के मौजूदा और पूर्व प्राचार्य व अधीक्षक को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।

प्राचार्य ने अस्पताल के लिए नये भवन की मांग की

एनएमसीएच की प्राचार्य डॉ. प्रो. उषा कुमारी ने कहा कि मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या के आगे अस्पताल की व्यवस्था छोटी पड़ती जा रही है। 30 बेड की ही इमरजेंसी है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से कहा कि एनएमसीएच के लिए नये भवन का निर्माण किया जाना बेहद जरूरी है।

लेक्चर हाल, कॉलेज के भवन में लिफ्ट, कैथ लैब, कैंसर मरीजों के लिए मशीन आदि की आवश्यकता है। अधीक्षक डॉ. प्रो. रश्मि प्रसाद, डॉ. बी पी जायसवाल, डॉ. राजीव रंजन दास, डॉ. मोती लाल दास, डॉ. संजय कुमार समेत अन्य ने अपने विचार रखे।

कुलपति ने शोध पर दिया जोर

बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. प्रो. एस एन सिन्हा ने स्थापना दिवस समारोह में शिक्षकों एवं विद्यार्थियों से शोध पर ध्यान देने को कहा ताकि नई नई बीमारियों का बेहतर इलाज हो सके। यह भी कहा कि एक डाक्टर अपने सेवा के साथ सहयोगपूर्ण अच्छे व्यवहार, वेशभूषा, बोली से पहचाने जाते हैं। मेडिकल विद्यार्थियों को अभी से ही इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत है।

32 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक

एनएमसीएच के 16 एमबीबीएस और 16 पीजी के मेधावी छात्र-छात्राओं को बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति, एनएमसीएच की प्राचार्य, अधीक्षक एवं अन्य शिक्षकों ने स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।

छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक देकर किया गया सम्मानित।

ये भी पढ़ें

'मस्जिदों और दरगाहों पर...', वक्फ संशोधन बिल पर क्या बोले सम्राट चौधरी; लालू यादव पर साधा निशाना

Bihar News: बिहार में पुल गिरने का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका को पटना हाई कोर्ट में किया ट्रांसफर

Categories: Bihar News

Bihar Weather Today: बिहार में फिर बदलेगा मौसम, गोपालगंज सहित 4 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 7:28am

जागरण संवाददाता, पटना। Bihar Weather Today: पछुआ के कारण प्रदेश का मौसम शुष्क व सामान्य बना रहेगा। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार प्रदेश के चार जिलों के गोपालगंज, बक्सर, कैमूर, रोहतास जिले के कुछ स्थानों पर गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा की संभावना है। इन जगहों पर 30-40 किमी प्रतिघंटा की गति से हवा चलने को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।

पटना में छाए रहेंगे बादल

पटना सहित आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कुछ जगहों पर बूंदाबांदी की संभावना है। 72 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री की वृद्धि की संभावना है।

खगड़िया और गोपालगंज रहा सबसे ज्यादा गर्म

बुधवार को राजधानी व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौसम सामान्य बना रहा। राजधानी के अधिकतम तापमान में बुधवार को सामान्य से 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।

पटना का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि 37.5 डिग्री सेल्सियस के साथ खगड़िया व गोपालगंज में प्रदेश का सर्वाधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।

अधिकतम तापमान में इजाफा

प्रदेश का अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस से 38.9 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। अनेक स्थानों के अधिकतम तापमान में सामान्य से एक से दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। भोजपुर में तेज हवा का प्रभाव बना रहा। पटना व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के कारण मौसम सामान्य बना रहा।

प्रमुख शहरों का तापमान शहर
अधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में) पटना 34.7 21.2 गया 37.0 21.0 भागलपुर 36.6 19.2 मुजफ्फरपुर 34.7 19.0 सिवान : आसमान में बादल देख किसानों में छाई मायूसी

अप्रैल महीने की शुरुआत होते की मौसम में बदलाव दिखने लगा है, दिन का अधिकतम तापमान 37 डिग्री के पार पहुंच चुका है। साथ ही आसमान में बादल घिरे देख किसानों के चेहरे पर घबराहट स्पष्ट दिखाई देने लगी है, क्योंकि गेंहू कटनी शुरू हो चुकी है।

किसानों की मानें तो अक्सर इस मौसम में देखा जाता है कि वर्षा के साथ ओलावृष्टि भी होती है। ऐसे में ओलावृष्टि होती है तो गेहूं की फसलों का काफी नुकसान हो जाएगा।

इसके साथ परवल, करेला, भिंडी, लौकी, तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे नकदी फसल भी काफी प्रभावित होंगे। ऐसे में हरी साग-सब्जियों का दाम आसमान छूने लगेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तीन अप्रैल तक तापमान में गिरावट के साथ आसमान में बादल छाए रहने की अनुमान है।

ये भी पढ़ें

Bihar Weather: बिहार में अगले 3 महीने 'लू' चलेगी, बारिश को लेकर IMD का अनुमान बढ़ा रहा टेंशन

Delhi Weather: दिल्ली में आज से बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले छह दिन में कितना चढ़ेगा पारा?

Categories: Bihar News

Chaiti Chhath Puja: खरना के साथ व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू, आयुष्मान योग में सायंकालीन अर्घ्य आज

Dainik Jagran - April 3, 2025 - 7:00am

जागरण संवाददाता, पटना। लोकआस्था के महापर्व चैती छठ के चार दिवसीय अनुष्ठान के दूसरे दिन चैत्र शुक्ल पंचमी में बुधवार को खरना (लोहंडा) में दिनभर उपवास के बाद व्रतियों ने सायंकाल में भगवान भास्कर की पूजा कर निष्ठा व पवित्रता से निर्मित प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला उपवास का संकल्प लिया। खरना के दिन व्रतियों ने शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाई और साथ में गंगाजल घर लाए।

कई व्रतियों ने घाट पर ही पूजा अर्चना कर खरना का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया। छठ के पारंपरिक गीतों के साथ छठ व्रतियों में उत्साह व उल्लास बना रहा। खरना के दिन व्रतियों पर सूर्यदेव की कृपा बनी रही। आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ मौसम सामान्य बना रहा। यह पर्व पारिवारिक सुख समृद्धि और मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए व्रती पुरे विधि-विधान से करती है।

इस पर्व को करने से रोग, शोक, भय आदि से मुक्ति मिलती है। छठ व्रत करने की परंपरा ऋग्वैदिक काल से ही चली आ रही है। विष्णु पुराण के अनुसार, तिथियों के बंटवारे के समय सूर्यदेव को सप्तमी तिथि प्राप्त हुई थी, इसलिए उन्हें इस तिथि का स्वामी भी कहा जाता है।

चार दिवसीय अनुष्ठान के अंतर्गत आज गुरुवार को रोहिणी नक्षत्र व आयुष्मान योग में सायंकालीन सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। शुक्रवार को चैत्र शुक्ल सप्तमी में उदीयमान सूर्य को मृगशिरा नक्षत्र, शोभन योग व रवि योग के सुयोग में अर्घ्य देकर व्रती इस महापर्व को पूर्ण करेंगी।

सायंकालीन अर्घ्य से शांति-उन्नति:

शाम को भगवान भास्कर को जल से अर्घ्य देने से मानसिक शांति और जीवन में उन्नति होती है। लाल चंदन, फूल के साथ अर्घ्य से यश की प्राप्ति होती है। कलयुग के प्रत्यक्ष देवता सूर्य को जल में गुड़ मिलाकर अर्घ्य देने से पुत्र और सौभाग्य का वरदान मिलता है। सूर्योदय के समय जल में रक्त चंदन, लाल फूल, इत्र के साथ ताम्र पात्र में आरोग्य के देवता सूर्य को अर्घ्य देने से आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होती है।

स्थिर एवं महालक्ष्मी की प्राप्ति के लिए सूर्य को दूध का अर्घ्य देना चाहिए। भगवान भास्कर को अर्घ्य देने से कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं। देवताओं में सूर्य ऐसे देवता हैं जिनको प्रत्यक्ष देखा जा सकता है। सूर्य की शक्ति का मुख्य स्त्रोत उनकी पत्नी उषा और प्रत्युषा है।

छठ में सूर्य के साथ दोनों शक्तियों की संयुक्त आराधना होती है। पहले सायंकालीन अर्घ्य में सूर्य की अंतिम किरण प्रत्युषा और फिर उदीयमान सूर्य की पहली किरण उषा को अर्घ्य देकर नमन किया जाता है।

भगवान सूर्य की मानस बहन है षष्ठी देवी

अथर्वेद के अनुसार, पंडित राकेश झा ने बताया कि षष्ठी देवी भगवान सूर्य की मानस बहन हैं । इसीलिए भगवान भास्कर के साथ उनकी बहन षष्ठी देवी (छठी मैया) की पूजा होती है। प्रकृति के षष्टम अंश से षष्ठी माता उत्पन्न हुई हैं। उन्हें बालकों की रक्षा करने वाले भगवान विष्णु द्वारा रची माया भी माना जाता है। बालक के जन्म के छठे दिन भी षष्ठी मइया की पूजा की जाती है, ताकि बच्चे के दीर्घायु और निरोग रहे।

एक अन्य आख्यान के अनुसार, कार्तिकेय की शक्ति हैं षष्ठी देवी। षष्ठी देवी को देवसेना भी कहा गया है। सूर्योपासना के महापर्व में भगवान भास्कर को पीतल के पात्र में दूध तथा तांबे के पात्र में जल से अर्घ्य देने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। चांदी, स्टील, शीशा व प्लास्टिक के पात्र में सूर्य को अर्घ्य नहीं देना चाहिए।

  • अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य : शाम 06:10 बजे तक
  • प्रातः कालीन सूर्य को अर्घ्य: सुबह 05:49 बजे के बाद दिया जाएगा

ये भी पढ़ें- Yamuna Chhath 2025: चैती छठ पर इस तरह प्राप्त करें यमुना जी की कृपा, जानें अर्घ्य देने का सही समय

ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri: अष्टमी और नवमी तिथि पर कैसे करें कन्या पूजन, यहां जानिए पूरी विधि

Categories: Bihar News

'मस्जिदों और दरगाहों पर...', वक्फ संशोधन बिल पर क्या बोले सम्राट चौधरी; लालू यादव पर साधा निशाना

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 9:44pm

राज्य ब्यूरो, पटना। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकसभा में पेश वक्फ संशोधन बिल गरीब एवं पिछड़े मुसलमानों के पक्ष में है, लेकिन लालू यादव सहित विपक्ष के कई नेता वोट बैंक की राजनीति के तहत बिल पर देश को गुमराह कर रहे हैं।

सम्राट ने कहा कि लालू यादव ने यूपीए सरकार के समय 2010 में स्वीकार किया था कि वक्फ के नाम पर लोगों की कीमती जमीन हड़पी जा रही है, इसलिए इस तरह की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए वक्फ कानून में संशोधन कर कड़े प्रावधान करने चाहिए।

'15 साल बाद जब पीएम मोदी...'

उन्होंने कहा कि 15 साल बाद जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने व्यापक विचार-विमर्श के साथ वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया है, तब लालू इसका विरोध कर रहे हैं। कानून का पालन करते हुए बनी मस्जिदों-दरगाहों पर वक्फ संशोधन बिल का कोई असर नहीं पड़ेगा, इसलिए मुस्लिम समाज के जागरूक लोग बिल के समर्थन में आगे आने लगे हैं। इस बदलाव से विपक्ष के पेट में दर्द हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वक्फ कानून की विसंगति दूर कर यह बिल वक्फ बोर्ड को अधिक संवैधानिक बनाने वाला हैं। अब किसी जमीन पर वक्फ के दावे को एकतरफा लागू नहीं किया जा सकेगा, बल्कि उसे अदालत में चुनौती दी जा सकेगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि देश संविधान से चलेगा, वही लोग वक्फ बोर्ड को असंवैधानिक तरीके से चलाते रहना चाहते हैं।

विपक्ष व मुस्लिम संगठनों का विरोध राजनीति से प्रेरित: मंगल पांडेय

स्वास्थ्य व विधि मंत्री मंगल पांडेय ने वक्फ संशोधन बिल-2024 को बुधवार को संसद में पेश किए जाने का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक पहल बताया है।

उन्होंने कहा कि इस बिल को पारित करने के पीछे सरकार का उद्देश्य पुराने वक्फ कानून को पारदर्शी व न्यायसंगत बनाना है। विपक्ष व मुस्लिम संगठनों का विरोध तुष्टिकरण की राजनीति से प्रेरित है। 2022 से अब तक देश के अलग-अलग हाईकोर्ट में वक्फ एक्ट से जुड़ी करीब 120 याचिकाएं दायर कर मौजूदा कानून में कई खामियां बताई गईं।

पांडेय ने कहा कि पुराने वक्फ कानून की खामियों की वजह से आम लोगों के लिए वक्फ जैसी ताकतवर संस्था के फैसले को कोर्ट में चौलेंज करना आसान नहीं है। इन याचिकाकर्ताओं की सबसे महत्वपूर्ण मांग है कि धार्मिक आधार पर कोई ट्रिब्यूनल नहीं होना चाहिए। वक्फ संपत्तियों पर फैसला सिविल कानून से हो, न कि वक्फ ट्रिब्यूनल से।

संशोधित वक्फ कानून के पारित होने व अस्तित्व में आने के बाद न केवल कई पेचीदगियों का समाधान होगा बल्कि पारदर्शी तरीके से आम व गरीब मुसलमानों के कल्याणार्थ वक्फ परिसम्पतियों का प्रबंधन भी संभव होगा। विभिन्न तबकों की मुस्लिम महिलाओं व गरीबों को उनका वाजिब हक मिल सकेगा।

वक्फ संशोधन विधेयक अन्याय के जड़ पर प्रहार: दानिश इकबाल

भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने वक्फ संशोधन विधेयक की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वक्फ संशोधन विधेयक अन्याय के जड़ पर प्रहार है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड आज सिर्फ कुछ लोगों के हाथ में है, जबकि इस विधेयक के पास हो जाने के बाद यह बोर्ड पारदर्शी और जवाबदेह बन जाएगा।

इकबाल ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग इसे असंवैधानिक व मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं। जबकि सच्चाई यह है कि यह विधेयक किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध है। वक्फ बोर्ड आज कुछ सीमित लोगों के हाथ में है। यह संशोधन पहले ही पास हो जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा, सही अर्थों में वक्फ की संपत्ति गरीब मुस्लिमों के लिए थी, लेकिन आज कुछ भू-माफिया इन संपत्तियों के ठेकेदार बने हुए हैं। इस विधेयक का विरोध करने वालों को यह बताना चाहिए कि किसी गरीब मुस्लिम को वक्फ से फायदा हुआ। कितने अस्पताल खुले, कितने स्कूल खुले।

ये भी पढ़ें- 'लालू ने कहा था चोरी करने वालों को जेल भेजो', अमित शाह ने संसद में पढ़ा RJD सुप्रीमो का पुराना बयान

ये भी पढ़ें- 'अगर नरेंद्र मोदी का चेहरा पसंद नहीं है तो...', ललन सिंह ने संसद में विपक्ष से कह दी तीखी बात

Categories: Bihar News

Bihar Politics: तीसरे दांव में भी प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी चित, फिर भी पराजय धमकदार

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 8:53pm

विकाश चन्द्र पाण्डेय, पटना। प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) तो बिहार में काफी पहले से सक्रिय थे, जबकि पिछले वर्ष दो अक्टूबर से उनकी जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj Party) भी अस्तित्व में आ गई। उससे पहले पीके का आंदोलन पदयात्रा और संवाद तक सीमित था, फिर भी उसका राजनीतिक रंग उभर ही आता था।

अलबत्ता जसुपा के साथ पीके की चुनावी यात्रा की शुरुआत हुई, जो अभी तक कांटों से  ही रही है। आगे विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) है, जिसके लिए जीत का हौसला बनाए रखने की चुनौती तीन अलग-अलग चुनावों में मिली हार के बाद बढ़ गई है।

पहली हार विधानसभा के उपचुनाव में हुई थी और दूसरी विधान परिषद के लिए तिरहुत (स्नातक) क्षेत्र के उपचुनाव में। तीसरी हार पटना विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में हुई है, जो ताजातरीन है। नि:संदेह इन तीनों चुनावों में जसुपा की पराजय हुई, लेकिन मिलने वाले वोट बता रहे कि मैदान में उसकी उपस्थिति कमजोर भी नहीं कही जा सकती।

तीनों चुनाव क्यों हारी जसुपा?

इन तीनों चुनावों से जसुपा को एक सीख समान रूप से मिल रही। वह प्रत्याशियों के चयन में सूझबूझ है। हड़बड़ी के कारण या पूर्व तैयारी नहीं होने से वह तीनों चुनावों में इस मोर्चे पर गच्चा खा चुकी है। दिसंबर, 2024 मेंं हुए विधानसभा उपचुनाव में उसे कुल चार में से अपने दो प्रत्याशी बदलने पड़े थे। फिर भी उसे 10 प्रतिशत से कुछ अधिक मत मिले थे।

इतना वोट कम नहीं होता, जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव मेंं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से मात्र 0.3 प्रतिशत कम मत पाकर महागठबंधन सत्ता से वंचित रह गया था। तब दोनों गठबंधनों के बीच 15 सीटों का अंतर रहा था। लगभग तीन दर्जन सीटों पर जदयू की संभावना मात्र 5.66 प्रतिशत मत पाने वाली लोजपा के कारण प्रभावित हुई थी।

विधान परिषद उपचुनाव में क्या हुआ?

विधान परिषद के उपचुनाव में निर्दलीय वंशीधर बृजवासी विजयी हुए थे। वे जसुपा के अघोषित प्रत्याशी थे, लेकिन खर्च आदि के मुद्दे पर बात नहीं बनी। अंतत: जसुपा विनायक गौतम को ले आई। बृजवासी को मिले 23003 मतों की तुलना में 10195 मत लेकर विनायक दूसरे स्थान पर रहे। राजद और जदयू को क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था।

छात्र संघ चुनाव

छात्र संघ के चुनाव में तो जदयू मैदान में ही नहीं था, जबकि राजद समर्थित सभी प्रत्याशियों की करारी हार हुई। जसुपा ने लगभग सभी सीटों पर विरोधियों को करारी टक्कर दी। हालांकि, उसका एक भी प्रत्याशी विजयी नहीं रहा, लेकिन युवाओं का उसे अच्छा समर्थन मिला है। कोषाध्यक्ष पद पर उसके प्रत्याशी ब्रजेश 1528 मत लेकर तीसरे स्थान पर रहे, जबकि एनएसयूआइ 901 मतों के अंतर से विजयी रहा था।

महासचिव के पद पर उसकी प्रत्याशी ऋतंभरा राय 753 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहीं। इस चुनाव में जसुपा की सर्वोत्तम उपलब्धि अनु कुमारी के नाम संयुक्त सचिव के पद पर रही। यहां जीत-हार का निर्णय मात्र 182 वोटों से हुआ, जबकि अनु 2091 मत पाकर दूसरे स्थान पर रहीं।

हालांकि, प्रत्याशियों के चयन की सीख यहां भी मिली। दिवेश दीनू अध्यक्ष पद के प्रत्याशी थे। विद्यार्थी परिषद से मिलीभगत के कारण उनसे हाथ पीछे खींच जसुपा को एनएसयूआइ को समर्थन देना पड़ा था।

ये भी पढ़ें- Prashant Kishor: चुनाव से पहले पीके ने फिर लिया पीएम मोदी का नाम, बिहार के लोगों से कर दी बड़ी अपील

ये भी पढ़ें- Prashant Kishor: 'भ्रष्टाचार चरम पर; शराबबंदी फेल', प्रशांत किशोर का नीतीश सरकार पर फिर अटैक

Categories: Bihar News

Bihar Bhumi: लैंड म्यूटेशन को लेकर सरकार सख्त, इन अफसरों पर गिरेगी गाज; अंचलों की बन गई लिस्ट

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 8:01pm

राज्य ब्यूरो, पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री संजय सरावगी ने सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह तथा सचिव जय सिंह भी मौजूद थे।

दाखिल-खारिज मामलों में विगत छह महीनों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए मंत्री ने कार्रवाई का आदेश दिया।

मंत्री ने कहा कि कई छोटे-मोटे कारणों की वजह से अंचलाधिकारियों द्वारा दाखिल-खारिज के मामलों को अस्वीकृत कर दिया जाता है।

खराब प्रदर्शन में लखीसराय का पिपरिया अंचल सबसे ऊपर

बैठक में बताया गया कि प्राप्त आवेदनों को अस्वीकृत करने के आधार पर खराब प्रदर्शन करने वाले अंचलों में लखीसराय का पिपरिया अंचल पहले स्थान पर है।

इस अंचल में अंचलाधिकारी द्वारा विगत वर्ष में दाखिल खारिज के कुल प्राप्त आवेदनों में से 65.12% आवेदनों को अस्वीकृत कर दिया गया है। दूसरे स्थान पर दरभंगा का जाले है, जहां दाखिल खारिज आवेदनों को अस्वीकृत करने का प्रतिशत 62.96 है।

तीसरे स्थान पर भोजपुर का अगियांव (55.21%), चौथे स्थान पर किशनगंज का ठाकुरगंज (55.15%), पांचवें स्थान पर जहानाबाद का मोदनगंज (53.91%), छठे स्थान पर भोजपुर का बरहरा (53.52%), सातवें पर अररिया का जोकीहाट (52.38%), आठवें पर मधुबनी का जयनगर (50.30%), नौवें पर खगड़िया का बेलदौर (50.09%) तथा दसवें स्थान पर दरभंगा का कुशेश्वर स्थान पूर्वी (49.62%) है।

सबसे अच्छा प्रदर्शन

कैमूर के नुआंव अंचल का प्रदर्शन सबसे अच्छा है। यहां कुल प्राप्त आवेदनों में से मात्र 6.74% आवेदनों को ही अस्वीकृत किया गया है। दूसरे स्थान पर नालंदा का एकंगरसराय (7.44%), तीसरे स्थान पर लखीसराय का हलसी (8.93%), चौथे स्थान पर कैमूर का मोहनियां (9.24%), पांचवें स्थान पर मुजफ्फरपुर का मुरौल अंचल (9.54%)।

छठे स्थान पर वैशाली का पातेपुर (9.60%), सातवें स्थान पर पूर्णिया का श्रीनगर अंचल (9.71%), आठवें पर सीतामढ़ी का बाजपट्टी (10.26%), नौवें पर लखीसराय का बरहिया (10.53%) तथा दसवें स्थान पर कैमूर का रामपुर अंचल (11.06%) है।

अपना नम्बर डालें

मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान यह भी कहा कि आमजनों को दाखिल खारिज हेतु आवेदन करते समय अपना ही मोबाइल नंबर डालना चाहिये। सीएससी सेंटर या साइबर कैफे से आवेदन करते वक्त भी यह ध्यान रखें कि मोबाइल नंबर कैफे वाले का न डालें, बल्कि आवेदक सजग होकर अपना फोन नंबर दें।

ये भी पढ़ें- Bihar Bhumi: जमीन मालिकों के लिए राहत की खबर, सरकार ने बेहद आसान कर दिया रजिस्ट्री का काम

ये भी पढ़ें- Bihar Bhumi: बिहार के इस जिले में जमीन की कीमत का सर्वे शुरू, 2 से 3 गुना तक बढ़ सकता है MVR

Categories: Bihar News

Bihar News: बिहार में पुल गिरने का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका को पटना हाई कोर्ट में किया ट्रांसफर

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 7:39pm

जागरण टीम, पटना/नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में पिछले वर्ष पुल गिरने की विभिन्न घटनाओं को उठाने वाली और पुलों की सुरक्षा और स्ट्रक्चरल आडिट की मांग वाली जनहित याचिका को पटना हाई कोर्ट स्थानांतरित कर दिया है।

कोर्ट ने संक्षिप्त सुनवाई में ऐसी घटनाओं पर होने वाली कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। पीठ के एक न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि तीन पुल निर्माण के दौरान गिर गए और कुछ अधिकारियों को सस्पेंड कर काम चला लिया गया।

वकील बृजेश सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में पिछले वर्ष याचिका दाखिल की थी जिसमें बिहार में एक एक बाद एक लगातार पुल गिरने की घटनाओं को उठाते हुए पुलों की मजबूती और सुरक्षा के लिए स्ट्रक्टचरल आडिट कराने की मांग की थी।

साथ ही मांग थी कि एक स्थाई समिति बनाई जाए जो पुलों का निरंतर रखरखाव देखे। इस याचिका पर कोर्ट ने पिछले वर्ष 29 जुलाई को बिहार सरकार, एनएचएआइ व अन्य को नोटिस जारी किया था।

बुधवार को संक्षिप्त सुनवाई में भारत के प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना और संजय कुमार की पीठ ने जनहित याचिका को पटना हाई कोर्ट भेजते हुए कहा कि हाई कोर्ट पुलों की सुरक्षा आडिट और मजबूती के बारे में निगरानी कर सकता है। हर महीने निगरानी कर सकता है।

शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट में सुनवाई की 14 मई की तारीख तय करते हुए याचिकाकर्ता बृजेश ¨सह, राज्य प्राधिकरणों और एनएचएआइ को 14 मई को हाई कोर्ट में पेश होने को कहा है जहां आगे की तारीख हाई कोर्ट तय करेगा।

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने कहा कि उसने राज्य में करीब 10,000 पुलों का निरीक्षण किया है। हालांकि याचिकाकर्ता बृजेश सिंह का कहना था कि पुल ढहने की घटनाएं हुईं लेकिन तीसरे पक्ष द्वारा निरीक्षण नहीं हुआ।

पीठ के न्यायाधीश संजय कुमार ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए टिप्पणी की कि तीन पुल निर्माण के दौरान ही गिर गए और कुछ अधिकारियों को सस्पेंड कर काम चला लिया गया।

कुछ दिनों में वह फिर नौकरी पर लौट आएंगे। बिहार सरकार के वकील ने कहा कि विभागीय जांच जारी है। इस पर पीठ ने हाई कोर्ट से विभागीय जांच की भी निगरानी करने को कहा।

कोर्ट ने एनएचआइ के जवाब पर जताया असंतोष
  • पीठ ने कहा कि राज्य प्राधिकरणों द्वारा दाखिल किये गए जवाब देखे हैं, उसमें बताया गया है कि वे क्या कर रहे हैं। कोर्ट ने एनएचआइ के जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि इतना बड़ा जवाब है, लेकिन उसमें कोई तथ्य नहीं हैं।
  • कोर्ट ने मामला हाई कोर्ट ट्रांसफर करते हुए रजिस्ट्री को आदेश दिया है कि तीन सप्ताह में याचिका की सभी फाइलें पटना हाई कोर्ट भेज दे।
राज्य के साढ़े तीन हजार से अधिक पुलों का बनेगा हेल्थ कार्ड: नितिन नवीन

उधर, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने कहा है कि पुलों के रख रखाव की नीति अंतिम चरण में है। इसका मुख्य उद्देश्य समय पर पुलों का रखरखाव और मजबूतीकरण पर ध्यान देना है।

इसमें हर महीने पुलों की रियल टाइम मानिटरिंग की योजना प्रस्तावित है। इस मुद्दे पर विचार करने के लिए बुधवार को मंत्री की अध्यक्षता में बैठक हुई।

इसमें विभाग के एसीएस मिहिर कुमार सिंह, राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष शीर्षित कपिल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

बताया गया कि कैबिनेट की मंजूरी के लिए जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंत्री ने कहा कि राज्य में करीब 3500 से अधिक छोटे-बड़े पुल है।

हमलोग जल्द इन पुलों का हेल्थ कार्ड बनाएंगे, जिसकी मदद से पुल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहेगी।

इस कार्ड के जरिये पुलों पर होने वाले गड्ढे, जलजमाव, क्रैक समेत सभी त्रुटियों का समय पर पता लग पायेगा। संबंधित इंजीनियरों को इनकी मरम्मत के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

इस नीति को मंजूरी मिलने के बाद डिपार्टमेंट के इंजीनियरों की ट्रेनिंग होगी, ताकि नीति का कुशलतापूर्वक क्रियान्वयन हो सके।

इस नीति को बनाने में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रूरकी, आईआईटी मद्रास और आईआईटी पटना से मदद ली जा रही है।

उन्होंने कहा कि नई नीति से पुलों की उम्र बढ़ेगी। जनता की यात्रा भी सुगम होगी। हमलोग पुलों पर भारी वाहनों के ठहराव पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बेहद सख्त हैं। इसे सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने का निर्देश दे दिया गया है।

बिहार में बन रहे सड़कों-पुलों के निर्माण से राज्य को देशभर में एक नई पहचान बन रही है। एनडीए की सरकार प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

यह भी पढ़ें-

मुजफ्फरपुर वालों के लिए खुशखबरी, 16 करोड़ की लागत से बनेंगे तीन पुल; बेहतर होगी कनेक्टिविटी

Bihar News: सीएम नीतीश का चुनावी साल में 'मास्टर स्ट्रोक', कई जिलों में बनेंगे नए पुल और आरओबी

Categories: Bihar News

Patna Mahavir Mandir: रात 2 बजे खुलेगा महावीर मंदिर का पट, रामनवमी पर भक्तों के लिए की गई स्पेशल व्यवस्था

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 7:15pm

जागरण संवाददाता, पटना। रामनवमी के दिन महावीर मन्दिर में रविवार को रात्रि दो बजे मुख्य गर्भ गृह का पट खुल जाएगा।

गर्भ गृह में विराजमान हनुमान जी दोनों विग्रहों और रामदरबार की जागरण आरती होगी। उसके बाद तड़के 2.15 बजे से पंक्तिबद्ध होकर भक्त अपने आराध्य को प्रसाद व माला अर्पित कर सकेंगे।

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के अनन्य भक्त महावीर हनुमान के दो विग्रहों वाले महावीर मन्दिर में राम जन्मोत्सव पर पुष्पवर्षा का नयनाभिराम नजारा देखने को मिलेगा।

रामनवमी के दिन मध्याह्न वेला में महावीर मन्दिर के आंगन में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जन्म के अवसर पर फूलों की बारिश त्रेतायुग में विष्णु अवतार श्रीराम के जन्म के अवसर पर देवलोक से देवी-देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा का एहसास कराया जाएगा।

पुष्प-वर्षा से लेकर मंदिर में पूजन-अर्चन, ध्वज परिवर्तन, जन्मोत्सव आरती, प्रसाद वितरण तक श्रीराम जन्मोत्सव की रिकार्डिंग होगी।

उत्तरी प्रवेश द्वार से मिलेगा प्रवेश

महावीर मन्दिर में रामनवमी के भव्य आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। महावीर मन्दिर में रविवार को रामनवमी के दिन लगभग दो से चार लाख भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

मन्दिर का पट रामनवमी की मध्य रात्रि दो बजे खुल जाएगा जबकि तड़के 2.15 बजे से भक्त प्रसाद चढ़ा सकेंगे। मध्य रात्रि दो से 2.15 बजे के बीच महावीर मंदिर में जागरण आरती होगी।

ऐसे भक्त जिनके हाथ में प्रसाद होगा, वे पंक्तिबद्ध होकर मन्दिर के उत्तरी प्रवेश द्वार से मन्दिर परिसर में आएंगे। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग पंक्तियां होगी। इसके जरिए भक्त अपने आराध्य के दर्शन करेंगे।

लगाए जाएंगे 14 एलइडी स्क्रीन

भक्तों के सहूलियत को लेकर मंदिर की ओर से जगह-जगह पर 14 बड़े एलइडी स्क्रीन लगाए जाएंगे। वीर कुवंर सिंह पार्क से महावीर मन्दिर तक पंडाल का निर्माण कराया गया है। जिसमें पंखा की व्यवस्था है।

साथ ही पानी, शर्बत और मोबाइल टायलट की व्यवस्था रखी गई है। महावीर मन्दिर के गर्भगृह में विराजमान हनुमानजी के दोनों विग्रहों और राम दरबार के लाइव दर्शन एलइडी स्क्रीन में दिखाया जाएगा।

भक्तों को वीर कुंवर सिंह पार्क तक ले जाने के लिए महावीर मन्दिर के सामने रेल इंजन के समीप और डाकबंगला चौक से मुफ्त बस फेरी सेवा का प्रबंध महावीर मन्दिर की ओर से किया गया है।

भक्तों को धूप और गर्मी से राहत के प्रबंध
  • गर्मी और धूप को देखते हुए भक्तों के लिए कई इंतजाम किए गए हैं। भक्त मार्ग को बैरिकेटिंग के साथ-साथ ऊपर में टेंट से आच्छादित किया गया है। उसमें पंखों और लाइट की पूरी व्यवस्था रहेगी।
  • रास्ते में जगह-जगह शरबत-पानी आदि के प्रबंध किए गये हैं। भक्तों की सहायता के लिए स्वयंसेवक तैनात रहेंगे। महावीर मंदिर परिसर में भी प्रवेश के बाद भक्तों को धूप से बचाने के लिए पंडाल बनाया गया है।
  • पंखे और रोशनी के प्रबंध किए गये हैं। रामनवमी के दिन महावीर मन्दिर की ओर से पुलिसकर्मी के अलावा लगभग 200 निजी सुरक्षा कर्मी और 600 स्वयंसेवक श्रद्धालुओं की सहायता में लगाए गए हैं।
  • भक्तों के लिए निकास द्वार के पास महावीर मन्दिर द्वारा संचालित अस्पतालों की ओर से मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।
दोपहर 12 बजे से पूजन होगा आरंभ

रामनवमी के दिन रविवार को महावीर मंदिर परिसर में स्थित मुख्य ध्वज स्थल पर दोपहर 12 बजे से पूजन प्रारंभ होगा। पूजा के बाद हनुमानजी की आरती और उसके बाद होगी पुष्प वर्षा।

पूजन के बाद महावीर मंदिर में स्थित सभी हनुमान ध्वज बदले जाएंगे। मध्याह्न 11.50 से 12 तक भगवान राम का जन्मोत्सव होगा। इस दौरान भक्त कतारों में अपनी जगह बने रहेंगे।

जन्मोत्सव आरती के बाद भक्तों के प्रसाद चढ़ाने और दर्शन का क्रम रात्रि 12 बजे तक जारी रहेगा। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रामलला के विग्रह पर पुष्पवर्षा होगी।

इसका लाइव प्रसारण मन्दिर के यू -ट्यूब चैनल @mahavirmandirpatna और फेसबुक पेज PatnaMahavirMandir पर दिखाया जाएगा। महावीर मन्दिर द्वारा प्रकाशित हनुमान चालिसा की दो लाख प्रतियां भक्तों के बीच वितरित की जाएंगी।

प्रसाद के लिए बनेगा अतिरिक्त काउंटर

रामनवमी के दिन भक्तों की सुविधा के लिए महावीर मन्दिर से जीपीओ तक 10 नैवेद्यम के काउंटर लगाए जाएंगे। इसके अलावा वीर कुंवर सिंह पार्क के पास एक और पार्क के अंदर दो काउंटर की व्यवस्था होगी।

कुल नैवेद्यम के 13 काउंटर होंगे। महावीर मन्दिर के सामने, ऑटो स्टैंड, डाकबंगला चौराहा, जीपीओ गोलंबर, वीर कुंवर सिंह पार्क समेत प्रमुख स्थानों आदि पर महावीर मंदिर के नैवेद्यम उपलब्ध रहेंगे।

इस बार 20 हजार किलो नैवेद्यम तैयार करने के लिए तिरुपति के कारीगर रात-दिन जुटे हैं। शुद्धता और पवित्रता के साथ नैवेद्यम तैयार किया जाता है।

यह भी पढ़ें-

पूरा किया 10 करोड़ देने का वचन, पटना के महावीर मंदिर के सचिव ने राम मंदिर निर्माण में दी आखिरी किस्त

Patna Mahavir Mandir: पटना का महावीर मंदिर इतना क्यों है खास, जानिए इससे जुड़ी दिलचस्प बातें

Categories: Bihar News

Lalu Yadav Health Update : लालू यादव दिल्ली रवाना, RJD सुप्रीमो की हेल्थ का पटना के डॉक्टर ने दिया अपडेट

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 7:14pm

राज्य ब्यूरो, पटना। Lalu Prasad Yadav health: पिछले 10 वर्षों में तीन आपरेशन करा चुके राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद का ब्लड शुगर बढ़ गया है। सोमवार से ही वे कुछ असहज महसूस कर रहे थे। बुधवार पूर्वाह्न जांच के लिए वे दिल्ली प्रस्थान करने वाले थे कि उसी बीच अधिक असहज हो गए। उन्हें पटना में ही पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पूरे दिन चिकित्सकों की सघन निगरानी में रहने के बाद देर शाम वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। वहां एम्स में उनकी जांच संभावित है।

दिल्ली में वे अपनी सांसद पुत्री मीसा भारती के सरकारी आवास पर ठहरेंगे। उनके साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी जा रहे हैं।

लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे लालू

76 वर्षीय लालू लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे। 2024 में मुंबई में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी। हृदय में तीन मिलीमीटर के छेद को भरा गया था और एक स्टेंट लगाया गया था। 2022 में सिंगापुर में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था। बेटी रोहिणी आचार्य ने उन्हें किडनी दान की थी।

उसके बाद लालू की सक्रियता कुछ बढ़ी भी थीं, लेकिन बढ़ती उम्र उन्हें बीमारियों से उबरने नहीं दे रही। 2014 में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी भी हुई थी। उसके साथ ही खान-पान और रहन-सहन में कई तरह की परहेज बरतनी पड़ रही।

अंदरुनी सूत्र बता रहे कि परहेज में हुई कमी से समस्या बढ़ी है। बहरहाल, पारस अस्पताल में भर्ती लालू की एक तस्वीर प्रसारित हो रही है, जिसमें आक्सीजन का मास्क लगाए बेड पर लेटे हुए हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी उनकी सेवा-सुश्रुषा के लिए अस्पताल में ही थीं। अस्पताल के बाहर जुटे राजद कार्यकर्ताओं के साथ पूर्व मंत्री अब्दुल बारी सिद्दिकी और शक्ति सिंह यादव राजद सुप्रीमो के अविलंब स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे।

बीमारी के बावजूद राजनीतिक सक्रियता

बीमारी के बावजूद लालू स्वयं को राजनीतिक रूप से सक्रिय रखे हुए हैं। 26 मार्च को लालू गर्दनीबाग में वक्फ संशोधन विधेयक के विरुद्ध मुस्लिम संगठनों ने प्रदर्शन में सम्मिलित हुए थे। वहां उन्होंने कहा था कि गलत हो रहा है। जनता सब समझ रही है।

हम इस विधेयक के विरोध में हैं। उससे पहले 22 मार्च को पटना से पूर्वी चंपारण में कल्याणपुर जाते समय लालू को वैशाली जिले के भगवानपुर में समर्थकों ने रोक लिया था। इस दौरान एक समर्थक उनके लिए घर से बनी मक्के की रोटी, बथुए की साग, लिट्टी और चोखा लेकर पहुंचा था।

मन रखने के लिए उन्होंने थोड़ा चखा और चुनावी तैयारी में जुट जाने का निर्देश दे आगे बढ़ गए। कल्याणपुर में उन्होंने कहा था कि इस बार तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनने से कोई माई का लाल नहीं रोक सकता।

पारस अस्पताल ने दिया लालू यादव का हेल्थ बुलेटिन
  • पारस अस्पताल के पल्मोनरी मेडिसिन के एचओडी डॉ. प्रकाश सिन्हा ने मीडिया से बात करते हुए राजद सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का हेल्थ बुलेटिन भी जारी किया।
  • उन्होंने कहा कि लालू यादव की तबीयत बिगड़ने पर आज उन्हें पारस अस्पताल लाया गया था। उन्हें बुखार भी था और उन्हें दवा दी गई है।
  • सिन्हा ने कहा कि जब वे आए थे, तो उनका स्वास्थ्य थोड़ा कमजोर था, लेकिन जल्द ही उन पर उपचार का असर होने लगा... उन्होंने सभी से बात की। उन्हें आज दिल्ली जाना था... अभी उनका रक्तचाप ठीक हो गया है।
शाम को दिल्ली गए लालू यादव

बता दें कि बुधवार सुबह जानकारी सामने आई थी कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत बिगड़ गई है और उन्हें अचनाक दिल्ली रवाना होना पड़ रहा है। हालांकि, वह दिन में नहीं जा सके थे और उन्हें पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इसके साथ ही यह जानकारी भी सामने आई कि लालू यादव एम्स में अपना रूटीन चेकअप कराने दिल्ली जा रहे हैं। यह भी कहा गया कि वह दिल्ली में अपनी बेटी और सांसद मीसा भारती के घर पर रहेंगे।

यह वह राजद के नेताओं-कार्यकर्ताओं से मिलकर उन्हें वक्फ संशोधन बिल और दूसरे मुद्दों पर रणनीतिक टिप्स भी देंगे।

#WATCH पटना, बिहार: RJD सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव दिल्ली के लिए रवाना हुए।

तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें आज पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। pic.twitter.com/g5mFv1mBrM

— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 2, 2025 वक्फ संशोधन विधयेक लोकसभा में पेश

बता दें कि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक 2024 (Waqf Amendment Bill ) लोकसभा में पेश कर दिया गया है। कांग्रेस एवं अन्य विपक्षी दलों ने इस दौरान जमकर हंगामा किया।

सरकार जहां इस विधेयक को मुस्लिमों के हित में एक सुधारात्मक कदम बता रही तो वहीं विपक्ष पुरजोर तरीके से विरोध में उतरा है। विपक्षी दलों का कहना है कि विधेयक संविधान का उल्लघंन है और धार्मिक आजादी के खिलाफ है।

वक्फ बोर्ड का क्या काम है?

वक्फ बोर्ड संपत्तियों का पंजीकरण, प्रबंधन और संरक्षण करता है

मस्जिद, कब्रिस्तान- रैन-बसेरों का निर्माण व रखरखाव करता है

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में वक्फ बोर्ड के आठ लाख एकड़ से ज्यादा जमीन है।

वक्फ बोर्ड का विवाद क्या है?

एक बार जब कोई जमीन वक्फ के पास चली जाती है तो उसमें हस्तक्षेप करना मुश्किल

आरोप है कि पावरफुल लोगों ने वक्फ बोर्ड पर कब्जा कर लिया है

वक्फ संपत्ति का उपयोग सिर्फ मुसलमान ही कर सकते हैं

वक्फ बोर्ड में न केंद्र सरकार, राज्य सरकार और न ही कोर्ट का दखल हो सकता है

ये भी पढ़ें

Bihar Politics: 'लालू-राबड़ी के राज में 7 चीनी मिलें हो गई थीं बंद', मंगल पांडेय ने RJD को गिनवा डाले सभी के नाम

Bihar Politics: 'अपनी पार्टी के कुछ लोगों की गलती से उधर गए', CM नीतीश का किसकी ओर इशारा? नए बयान ने मचाई खलबली

Categories: Bihar News

Bihar Politics: चुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा दांव, क्या 21 नए चेहरे बिहार में कर पाएंगे कमाल? यहां समझें समीकरण

Dainik Jagran - April 2, 2025 - 7:05pm

सुनील राज, पटना। देश में मंडल की राजनीति के बाद से बिहार जैसे प्रदेश में पिछड़ी जातियों का वोट सभी राजनीतिक दलों के लिए तुरुप का इक्का रहा है।

कांग्रेस भी अल्पसंख्यक, पिछड़ा, अति पिछड़ा वोट को अपना परंपरागत वोट बताती रही है, लेकिन इस वर्ष बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के ऐन पहले पार्टी ने अपने 40 संगठनात्मक जिलों में जिन 40 अध्यक्षों की नियुक्ति की है उनमें 14 सवर्ण बिरादरी से आते हैं।

पांच दलित, सात अल्पसंख्यक, 10 ओबीसी, तीन अतिपिछड़ा समाज और एक वैश्य समाज से आते हैं। यह पहला मौका नहीं है, इसके पूर्व पार्टी के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने मई 2023 में 39 जिलों में अध्यक्ष नियुक्त किए थे, उनमें 25 जिलों की कमान सवर्ण अध्यक्षों को दी गई थी।

इनमें 11 भूमिहार, पांच राजपूत, आठ ब्राह्मण और एक कायस्थ बिरादरी के थे। इनके अलावा चार यादव, पांच मुस्लिम, तीन पासवान और एक रविदास बिरादरी से आते थे। इन जिलाध्यक्षों में दो महिलाएं भी थी। 2023 की कमेटी की अपेक्षाकृत नई कमेटी में अगड़ों की संख्या में काफी कमी आई है।

कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावारू ने 27 मार्च को जिला और प्रखंड के संगठन में बदलाव के लिए एक स्क्रीनिंग कमेटी बनाई थी।

इस कमेटी ने महज चार दिनों में जिलों का आकलन करने के बाद अपनी अनुशंसा केंद्रीय हाईकमान को भेजी थी। जिसके बाद नए 21 चेहरों को पार्टी में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि 19 पुराने चेहरों को वापस जिलाध्यक्ष पद का जिम्मा दिया गया है।

पार्टी के अंदर चल रही ये चर्चा
  • पार्टी के अंदरखाने भी जिलाध्यक्षों के 14 पद सवर्णो को देने को लेकर दबी जुबान चर्चा होनी शुरू हो गई है। हालांकि कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष राजेश राठौड़ कहते हैं।
  • नए जिलाध्यक्षों को लेकर कोई शंका, विवाद नहीं है। कांग्रेस सबको साथ लेकर चलने में विश्वास करती है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति में भी इसका ख्याल रखा गया है।
तीन दशकों के बाद काफी कमजोर हुई कमजोर

हालांकि, पार्टी के बाहर राजनीति गलियारों में इस बात की चर्चा है कि कांग्रेस मंडल की राजनीति के तीन दशकों के बाद बिहार में काफी कमजोर हुई है।

ऐसे में वह नया दांव चलकर अगड़ी जातियों के अपने पुराने वोटरों को लुभाने में जुटी है। साथ ही दलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा का हिमायती होने का दावा भी कर रही है।

बहरहाल कांग्रेस अपने इस प्रयोग में कितना सफल होगी इसका निर्णय तो विधानसभा चुनाव 2025 के बाद ही हो पाएगा।

यह भी पढ़ें-

बिहार की विधानसभा समितियों में फेरबदल, RJD के चैयरमैन JDU से ज्यादा; लिस्ट में तेज प्रताप का भी नाम

Bihar Politics: बिहार कांग्रेस में देर रात उलटफेर, विधानसभा चुनाव के पहले 40 जिलों में नए अध्यक्ष बनाए

Categories: Bihar News

Pages

Subscribe to Bihar Chamber of Commerce & Industries aggregator - Bihar News

  Udhyog Mitra, Bihar   Trade Mark Registration   Bihar : Facts & Views   Trade Fair  


  Invest Bihar